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  • इजराइल-ईरान जंग: तेल डिपो पर मिसाइल, 5 देशों पर हमला, 6 महीने तक संघर्ष का एलान

    इजराइल-ईरान जंग: तेल डिपो पर मिसाइल, 5 देशों पर हमला, 6 महीने तक संघर्ष का एलान


    नई दिल्ली। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जंग का नौवां दिन जारी है। इस बीच इजराइल ने ईरान में तेल भंडार और रिफाइनरी फैसिलिटी को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए। इजराइली मीडिया वाइनेट के मुताबिक, ईरान के 3 तेल डिपो और 30 फ्यूल टैंक तबाह हुए हैं।

    वहीं, ईरान ने पलटवार किया और इजराइल के अलावा कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर भी हमले किए। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि वे अमेरिका और इजराइल के खिलाफ छह महीने तक जंग लड़ने में सक्षम हैं। IRGC प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने बताया कि ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड दोनों लंबे समय तक संघर्ष कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजराइल से जुड़े 200 से अधिक सैन्य ठिकानों और फैसिलिटी को निशाना बनाया गया है।

    जंग के पांच बड़े अपडेट
    ईरान में अब तक 6,668 सिविल इलाकों को निशाना बनाया गया।

    5,535 घर और 1,041 दुकानें नुकसान में।

    14 मेडिकल सेंटर्स और 65 स्कूल प्रभावित।

    अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग में अब तक 1,483 मौतें।

    इजराइल में 1,765 लोग घायल।

    पाकिस्तान नागरिकों की वापसी
    दुबई में मिसाइल हमले में मारे गए दो पाकिस्तानी नागरिकों के शव स्वदेश भेजे जाएंगे। पाकिस्तान सरकार UAE अधिकारियों के साथ इस प्रक्रिया में लगातार संपर्क में है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि पाकिस्तान का राजनयिक मिशन दुबई प्रशासन के साथ मिलकर मृतकों की जल्दी और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर रहा है।

    ईरान में नए सुप्रीम लीडर का चयन
    ईरान में नए सुप्रीम लीडर के चयन को लेकर अहम फैसला हो गया है। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने उम्मीदवार तय कर लिया है, हालांकि अभी तक नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ। फार्स न्यूज एजेंसी और आईएसएनए के अनुसार, बहुमत की राय से उम्मीदवार का चयन किया गया है और जल्द ही नाम सामने आने की संभावना है।

    जंग और राजनीतिक हलचल के बीच मिडिल ईस्ट की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष पर कड़ी नजर बनाए हुए है।

  • ईरान के तेल भंडार पर इज़राइल का बड़ा हमला, ट्रम्प बोले- “ईरान लड़ने लायक नहीं बचेगा”

    ईरान के तेल भंडार पर इज़राइल का बड़ा हमला, ट्रम्प बोले- “ईरान लड़ने लायक नहीं बचेगा”



    नई दिल्ली। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जारी जंग का नौवां दिन बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इज़राइल ने ईरान में तेल भंडार से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इज़राइली मीडिया के अनुसार, ईरान के 30 फ्यूल टैंकों और कई तेल डिपो को निशाना बनाया गया है।

    अमेरिकी रुख:
    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान पूरी तरह हार मान ले। उनका कहना है कि या तो ईरान खुद आत्मसमर्पण करे या उसकी सैन्य ताकत इतनी कमजोर कर दी जाए कि वह लड़ने लायक ही न बचे। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान अब मिडिल ईस्ट का दबंग नहीं, बल्कि ‘लूजर’ बन गया है।

    ईरान की चेतावनी:
    ईरानी सेना ने भी धमकी दी है कि अगर अमेरिकी जहाज फारस की खाड़ी में आए, तो उन्हें समुद्र में डुबो दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने खाड़ी में ऑयल टैंकर भेजने की बात कही थी, जो आमतौर पर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हैं।

    जंग के आँकड़े:

    सिविल इलाकों पर हमला: 6,668

    घर और दुकानें नष्ट: 5,535 घर और 1,041 दुकानें

    मेडिकल सेंटर और स्कूल: 14 मेडिकल सेंटर और 65 स्कूल

    मृत्यु: 1,483

    इज़राइल में घायल: 1,765 लोग

    रेड क्रिसेंट सेंटर: 13 हमले का शिकार

    अंतरराष्ट्रीय दबाव और ईरान की प्रतिक्रिया:
    ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी है और कहा कि अब सिर्फ तब हमला होगा जब उन देशों की जमीन से ईरान पर हमला किया जाए। ट्रम्प ने इसे अमेरिका और इज़राइल के लगातार हमलों का नतीजा बताया।

    संक्षेप में:
    इज़राइल के हमलों ने ईरान के तेल भंडारों को बुरी तरह नुकसान पहुँचाया है। अमेरिका की धमकियों और ट्रम्प के बयान ने ईरान की स्थिति को कमजोर कर दिया है। अब युद्ध का रुख सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तेल और ऊर्जा ढांचे पर भी असर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल की आशंका बढ़ गई है।