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  • दतिया में साइबर ठगी का मामला: महिला को नौकरी और इलाज का बहाना देकर ठगे गए लाखों

    दतिया में साइबर ठगी का मामला: महिला को नौकरी और इलाज का बहाना देकर ठगे गए लाखों


    दतिया । दतिया के कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार को साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया। फेसबुक पर दोस्ती कर महिला सुमन भटनागर (57) से आरोपियों ने इलाज और नौकरी का झांसा देकर करीब 18 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    सुमन भटनागर ने बताया कि 1 मार्च 2025 को उनकी फेसबुक आईडी पर शिवम वीरेंद्र सिंह नामक व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी ने अपनी मां के इलाज का बहाना बनाकर पहले 20 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। इसके बाद अलग-अलग बहानों से लगातार रकम मांगते रहे।

    आरोपी ने कभी मां के इलाज, कभी एक्सीडेंट और कभी बहन की बीमारी का बहाना बनाकर महिला से पैसे लिए। अगस्त 2025 से महिला को बिजली विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा भी दिया गया और करीब साढ़े तीन लाख रुपये ठगे गए। आरोपियों ने ‘टीना मैम’ नाम की महिला और किसी ‘सर’ से भी बात कराई ताकि महिला को भरोसे में लिया जा सके और पैसे ट्रांसफर कराए जा सकें।

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। महिला ने मोबाइल नंबर और लेनदेन के स्क्रीनशॉट के साथ शिकायत दी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान और लोकेशन ट्रेस कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से सतर्क रहें और किसी भी तरह के लालच में आकर पैसे न भेजें। यह घटना साइबर ठगी और सोशल मीडिया पर धोखाधड़ी की गंभीरता को उजागर करती है।

  • रतलाम ऑनलाइन फ्रॉड: सेना का फर्जी अधिकारी बताकर महिला से ठगी, एडवांस किराए का झांसा देकर उड़ाए 93,888 रुपये।

    रतलाम ऑनलाइन फ्रॉड: सेना का फर्जी अधिकारी बताकर महिला से ठगी, एडवांस किराए का झांसा देकर उड़ाए 93,888 रुपये।


    रतलाम /मध्य प्रदेश के रतलाम में ऑनलाइन ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। यहाँ साइबर अपराधियों ने देशभक्ति और सेना के प्रति लोगों के सम्मान का फायदा उठाते हुए एक महिला को अपना शिकार बनाया। स्टेशन रोड थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपना मकान किराये पर देने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन दिया था, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह विज्ञापन उनके लिए मुसीबत बन जाएगा। 5 नवंबर को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया, जिसने खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताया। आरोपी ने बड़ी चालाकी से महिला को झांसा दिया कि उसकी पोस्टिंग रतलाम में होने वाली है और उसे जल्द से जल्द एक अच्छे किराये के मकान की जरूरत है।

    ठग ने बातचीत के दौरान महिला का विश्वास जीतने के लिए मकान का किराया 9 हजार रुपये तय किया और बिना किसी आना-कानी के दो महीने का एडवांस किराया देने पर भी सहमति जता दी। जब भरोसा पूरी तरह कायम हो गया, तो शातिर ठग ने भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के बहाने महिला से उनके बैंक खाते का विवरण मांग लिया। जैसे ही महिला ने अपना बैंक अकाउंट नंबर साझा किया, उनके मोबाइल पर धड़ाधड़ मैसेज आने शुरू हो गए। आरोपी ने एक के बाद एक तीन किस्तों में महिला के खाते से कुल 93,888 रुपये पार कर दिए। पहली बार में 27 हजार, फिर 26,999 और अंत में 39,889 रुपये कटते ही महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई।

    ठगी का अहसास होते ही पीड़िता ने बिना देर किए साइबर सेल और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री व मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी तलाश शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि इन दिनों “आर्मी ऑफिसर” बनकर ठगी करना अपराधियों का एक प्रचलित तरीका बन गया है, क्योंकि लोग सेना के नाम पर आसानी से भरोसा कर लेते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक विवरण, ओटीपी या पिन साझा न करें, चाहे वह खुद को किसी भी बड़े पद का अधिकारी क्यों न बताए।