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  • भारतीय छात्रों के लिए न्यूजीलैंड ने खोले दरवाजे…. पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा नियमों में किया बदलाव

    भारतीय छात्रों के लिए न्यूजीलैंड ने खोले दरवाजे…. पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा नियमों में किया बदलाव


    वेलिंगटन।
    न्यूजीलैंड (New Zealand) ने भारतीय छात्रों (Indian Students) के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा नियमों (Post-Study Work Visa Rules) में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। न्यूजीलैंड के आव्रजन मंत्रालय ने 15 सितंबर 2026 को नए अल्पकालिक स्नातक कार्य वीजा की घोषणा की है। यह वीजा 16 नवंबर 2026 से लागू होगा। इसके तहत पात्र अंतरराष्ट्रीय स्नातकों को छह महीने तक खुले तौर पर काम करने का अधिकार मिलेगा।

    यह नया वीजा उन छात्रों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा जो पढ़ाई पूरी करने के बाद तत्काल लंबे समय के पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा के पात्र नहीं होते। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे छात्रों को नौकरी तलाशने और रोजगार हासिल करने के लिए छह महीने का समय देना है।

    इस अवधि में वे मान्यता प्राप्त नियोक्ता कार्य वीजा जैसे दीर्घकालिक विकल्पों की ओर बढ़ सकेंगे। 16 नवंबर से एक और महत्वपूर्ण बदलाव भी लागू होगा। इसके तहत न्यूजीलैंड में योग्यता और प्रमाणन ढांचे के सातवें स्तर का पात्र स्नातक डिप्लोमा पूरा करने वाले छात्र पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा के पात्र हो सकेंगे। इन छात्रों के पास पहले से स्नातक डिग्री होनी चाहिए।


    पात्र योग्यता पूरी करनी होगी

    छह महीने के खुले कार्य वीजा के लिए छात्र को न्यूजीलैंड योग्यता और प्रमाणन ढांचे के पांचवें, छठे या सातवें स्तर की पात्र योग्यता पूरी करनी होगी। पढ़ाई पूर्णकालिक होनी चाहिए और न्यूजीलैंड में कम से कम 24 सप्ताह की होनी जरूरी है। अंग्रेजी भाषा, आधारभूत और सहभागी योग्यताएं इसके दायरे में नहीं होंगी। आवेदक के पास न्यूजीलैंड में रहने के दौरान अपने खर्च के लिए कम से कम 5,000 न्यूजीलैंड डॉलर होने चाहिए।

  • भारत-चिली एफटीए जल्द होगा, महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र के खुलेंगे रास्ते : गोयल

    भारत-चिली एफटीए जल्द होगा, महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र के खुलेंगे रास्ते : गोयल


    नई दिल्‍ली।
    केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने शुक्रवार को कहा कि भारत और चिली (India and Chile) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) (Free Trade Agreements – FTAs) के लिए बातचीत जल्द ही पूरी हो जाएगी। इस समझौते से घरेलू व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच आसान हो जाएगी।

    ग्रेटर नोएडा में भारतीय सनदी लेखागार संस्थान (आईसीएआई) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि हम कई विकसित देशों के साथ सक्रिय बातचीत कर रहे हैं और जल्द ही चिली के साथ एफटीए को अंतिम रूप देंगे। यह हमारे लिए महत्वपूर्ण खनिजों के रास्ते खोल देगा।भारत और चिली ने 2006 में एक तरजीही व्यापार समझौते (पीटीए) को लागू किया था और अब इसे एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) में बदलने के लिए बातचीत कर रहे हैं। इस नए समझौते का उद्देश्य डिजिटल सेवाओं, निवेश प्रोत्साहन, एमएसएमई और महत्वपूर्ण खनिजों सहित विभिन्न क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला को शामिल करना है।

    वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले चार वर्षों में भारत ने मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, न्यूजीलैंड, ओमान, ईएफटीए (ईएफटीए), ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (ईयू) सहित आठ विकसित राष्ट्रों और समूहों के साथ व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से 32 प्रमुख यूरोपीय देशों के साथ सहयोग बढ़ाया है। गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्‍त व्‍यापार समझौते (एफटीए) के असर के बारे में बात करते हुए कहा कि इससे ‘मेक इन इंडिया’ को बहुत बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

    दक्षिण अमेरिकी देश चिली के पास लिथियम, तांबा, रेनियम, मोलिब्डेनम और कोबाल्ट जैसे प्रमुख खनिजों का विशाल भंडार है। ये इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन और सौर ऊर्जा क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारत और चिली के बीच द्विपक्षीय व्यापार अभी मध्यम स्तर पर है। वित्त वर्ष 2024-25 में चिली को भारत का निर्यात 2.46 फीसदी घटकर 1.15 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 72 फीसदी बढ़कर 2.60 अरब डॉलर हो गया।