इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार सुबह कांग्रेस की ओर से CJP से संपर्क करने और उसके नेताओं को राहुल गांधी की हाई टी में आमंत्रित करने का फैसला किया गया। इसके लिए प्रशांत भूषण से मध्यस्थ की भूमिका निभाने का अनुरोध किया गया था। प्रशांत भूषण के करीबी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस की ओर से उनसे संपर्क किया गया था। उस समय अभिजीत दीपके महाराष्ट्र में थे जबकि CJP के कुछ प्रमुख नेता जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस हिरासत में थे। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का दावा है कि दीपके तक पहुंचने की कोशिश की गई लेकिन वह निमंत्रण को लेकर विशेष उत्साहित नहीं थे। ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस संपर्क से दोनों पक्षों के बीच आगे कोई औपचारिक बातचीत होगी या नहीं।
CJP मई में सोशल मीडिया पर चर्चा में आई थी। इसके बाद जून और जुलाई में संगठन ने परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन के चलते संगठन को व्यापक पहचान मिली। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व का एक वर्ग शुरुआत से ही CJP को लेकर संदेह जताता रहा है। पार्टी के कुछ नेताओं की राय रही है कि यह संगठन आम आदमी पार्टी के प्रभाव में काम करता है या उसके राजनीतिक विस्तार के रूप में देखा जा सकता है। दूसरी ओर CJP खुद को स्वतंत्र संगठन बताती रही है। अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को रद्द करने की मांग को लेकर चल रहे अभियान ने दोनों पक्षों के बीच संभावित संवाद की चर्चा को बढ़ा दिया है।
राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले सभी समूह एक व्यापक आंदोलन का हिस्सा हैं। उनका कहना था कि संगठन और झंडे अलग हो सकते हैं लेकिन संविधान की रक्षा और नागरिक अधिकारों की मांग करने वालों के उद्देश्य समान हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई समूह संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज उठा रहा है तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी। इस बयान को विपक्षी दलों और अन्य संगठनों को साथ लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
CJP नेताओं की गिरफ्तारी के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराने को अपराध मानने पर सवाल उठाया और युवाओं को जेल भेजे जाने की आलोचना की। राहुल गांधी के बयान पर अभिजीत दीपके ने उनका आभार जताया था। इससे दोनों पक्षों के बीच संवाद की संभावनाओं को लेकर चर्चा और तेज हो गई। हालांकि CJP सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए इंडिया गठबंधन के मार्च में शामिल नहीं हुई थी। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि समान मुद्दों पर समर्थन के बावजूद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक तालमेल पूरी तरह स्थापित नहीं हुआ है।
इसी बीच अभिजीत दीपके ने शुक्रवार 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च का आह्वान किया है। उन्होंने समर्थकों से शाम पांच बजे राष्ट्रीय ध्वज के साथ पहुंचने की अपील की है। दूसरे शहरों में भी तिरंगा फहराने का आग्रह किया गया है। अब राजनीतिक नजर इस बात पर रहेगी कि प्रस्तावित मार्च में कितने लोग शामिल होते हैं और कांग्रेस तथा CJP के बीच आगे कोई संवाद होता है या नहीं। फिलहाल हाई टी के निमंत्रण की कोशिश को विपक्षी एकजुटता के संदर्भ में एक घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है लेकिन इसे दोनों के बीच नई राजनीतिक दोस्ती का पक्का संकेत नहीं माना जा सकता।

