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  • छाले मुंह में और दर्द कान में आखिर ऐसा क्यों होता है शरीर की नसों का ये कनेक्शन आपको हैरान कर देगा

    छाले मुंह में और दर्द कान में आखिर ऐसा क्यों होता है शरीर की नसों का ये कनेक्शन आपको हैरान कर देगा


    नई दिल्ली । मुंह में छाले होना एक आम समस्या है और ज्यादातर लोग इसे कुछ दिनों में अपने आप ठीक होने वाली परेशानी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार मुंह में छाले होने के साथ कान में भी दर्द महसूस होने लगता है। ऐसी स्थिति में लोगों के मन में सवाल उठता है कि जब परेशानी मुंह के अंदर है तो कान में दर्द आखिर क्यों हो रहा है। दरअसल मुंह कान गले और चेहरे के आसपास के हिस्सों के बीच नसों का जटिल नेटवर्क मौजूद होता है। इसी वजह से एक जगह होने वाली परेशानी का असर दूसरी जगह दर्द के रूप में महसूस हो सकता है।

    मुंह में मौजूद छाले खासतौर पर जीभ के पीछे या मुंह के ऐसे हिस्से में हों जहां नसों की संवेदनशीलता अधिक हो तो उनका दर्द आसपास के हिस्सों तक महसूस हो सकता है। इसे referred pain यानी दूसरी जगह महसूस होने वाला दर्द कहा जाता है। ऐसे मामलों में दर्द का वास्तविक स्रोत मुंह में हो सकता है लेकिन व्यक्ति को उसका असर कान के आसपास महसूस होता है। यह स्थिति हर व्यक्ति में एक जैसी नहीं होती और दर्द की तीव्रता भी अलग हो सकती है।

    कान में दर्द के पीछे केवल मुंह के छाले ही जिम्मेदार नहीं होते। दांतों में संक्रमण मसूड़ों की परेशानी गले में सूजन टॉन्सिल की समस्या या जबड़े के आसपास होने वाली दिक्कत भी कान तक दर्द पहुंचा सकती है। कई बार कान में संक्रमण होने पर भी दर्द आसपास के चेहरे और जबड़े के हिस्से में महसूस होता है। इसलिए केवल कान में दर्द होने के आधार पर इसका कारण तय करना सही नहीं है।

    मुंह के छाले कई वजहों से हो सकते हैं। तनाव नींद की कमी मुंह में चोट बहुत ज्यादा मसालेदार भोजन या पोषण संबंधी कमी कुछ लोगों में छालों की समस्या से जुड़ी हो सकती है। आमतौर पर छोटे छाले कुछ समय में ठीक हो जाते हैं। इस दौरान बहुत ज्यादा तीखा या खट्टा भोजन खाने से बचना राहत दे सकता है। पर्याप्त पानी पीना और मुंह की साफ सफाई बनाए रखना भी जरूरी है।

    अगर छाले के साथ कान में हल्का दर्द है और कुछ दिनों में दोनों समस्याएं कम हो रही हैं तो आमतौर पर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर दर्द लगातार बढ़ रहा है या छाला बार बार हो रहा है तो इसकी वजह समझना जरूरी है। खासतौर पर यदि छाला लंबे समय तक ठीक न हो मुंह में लगातार सूजन या खून आए निगलने में परेशानी हो तेज बुखार हो या कान से संबंधित अन्य लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

    बार बार होने वाले मुंह के छालों को भी केवल सामान्य समस्या मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ मामलों में डॉक्टर जांच के बाद पोषण संबंधी कमी संक्रमण या किसी अन्य कारण की पहचान कर सकते हैं। इसी तरह लगातार कान दर्द होने पर ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराना उपयोगी हो सकता है।

    कुल मिलाकर मुंह के छाले और कान के दर्द के बीच सीधा संबंध हर मामले में नहीं होता लेकिन शरीर में नसों और आसपास के अंगों के आपसी कनेक्शन के कारण एक जगह की समस्या का दर्द दूसरी जगह महसूस हो सकता है। इसलिए दर्द की सही वजह समझना सबसे जरूरी है। घरेलू उपायों से राहत न मिले या लक्षण लगातार बने रहें तो विशेषज्ञ की सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।

  • मुंह के छालों से हैं परेशान तो अपनाएं ये असरदार घरेलू उपाय दर्द जलन और खाने की तकलीफ से मिलेगी राहत

    मुंह के छालों से हैं परेशान तो अपनाएं ये असरदार घरेलू उपाय दर्द जलन और खाने की तकलीफ से मिलेगी राहत


    नई दिल्ली । मुंह के छाले देखने में छोटे होते हैं लेकिन इनकी वजह से होने वाली तकलीफ काफी बड़ी हो सकती है। छाले होने पर खाना खाना पानी पीना और यहां तक कि सामान्य बातचीत करना भी दर्दनाक हो जाता है। कई बार यह समस्या कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है लेकिन इस दौरान जलन और दर्द व्यक्ति की दिनचर्या को प्रभावित कर देते हैं। ऐसे में कुछ आसान घरेलू उपाय राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं। हालांकि यदि छाले लंबे समय तक बने रहें या बार बार होने लगें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और चिकित्सकीय सलाह जरूर लेनी चाहिए।

    विशेषज्ञों के अनुसार मुंह के छालों के पीछे कई कारण हो सकते हैं। शरीर में विटामिन बी 12 आयरन या फोलिक एसिड की कमी तनाव हार्मोनल बदलाव मुंह के अंदर चोट लगना या रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। कई बार अत्यधिक मसालेदार भोजन या दांतों की तेज धार भी छालों की वजह बन सकती है। इसलिए केवल घरेलू उपचार ही नहीं बल्कि सही खानपान और संतुलित जीवनशैली भी जरूरी है।

    मुंह के छालों में सबसे आसान और प्रभावी घरेलू उपाय नमक वाले गुनगुने पानी से कुल्ला करना माना जाता है। नमक में मौजूद प्राकृतिक गुण मुंह के बैक्टीरिया को कम करने में मदद करते हैं और सूजन को घटाने में सहायक होते हैं। नियमित कुल्ला करने से छाले वाली जगह साफ रहती है और संक्रमण का खतरा भी कम हो सकता है।

    शहद भी मुंह के छालों में राहत देने वाला प्राकृतिक उपाय माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और सूजन कम करने वाले गुण छाले पर सुरक्षात्मक परत बनाते हैं जिससे जलन कम महसूस होती है। इसके अलावा शहद घाव भरने की प्रक्रिया को भी तेज करने में मदद कर सकता है। दिन में दो से तीन बार साफ उंगली या कॉटन की सहायता से शहद लगाने से आराम मिल सकता है।

    नारियल तेल भी इस समस्या में उपयोगी माना जाता है। इसमें पाया जाने वाला लॉरिक एसिड बैक्टीरिया और सूजन से लड़ने में सहायक होता है। यह छाले वाली जगह को नम बनाए रखता है जिससे दर्द और जलन कम महसूस होती है। हालांकि यदि किसी व्यक्ति को नारियल तेल से एलर्जी हो या लगाने के बाद परेशानी बढ़े तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए।

    बेकिंग सोडा का उपयोग भी कई लोग घरेलू उपचार के रूप में करते हैं। यह मुंह के अम्लीय वातावरण को संतुलित करने में मदद करता है जिससे जलन कम हो सकती है। इसके अलावा ठंडा पानी पीना या बर्फ की हल्की सिकाई भी कुछ समय के लिए दर्द से राहत देती है लेकिन बर्फ को सीधे लंबे समय तक छाले पर नहीं रखना चाहिए।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि छाले दो सप्ताह से अधिक समय तक बने रहें बार बार निकलें तेज दर्द हो बुखार आए या खून निकलने जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। साथ ही पर्याप्त पानी पीना हरी सब्जियां फल और विटामिन युक्त भोजन लेना तथा तनाव कम करना भी इस समस्या से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सही देखभाल और समय पर उपचार से मुंह के छालों की परेशानी से जल्दी राहत पाई जा सकती है।