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  • 6 एपिसोड की इस हॉरर सीरीज में है रहस्यमयी मौतों का राज, पहली 3 बहुओं की कहानी जानकर खड़े हो जाएंगे रोंगटे

    6 एपिसोड की इस हॉरर सीरीज में है रहस्यमयी मौतों का राज, पहली 3 बहुओं की कहानी जानकर खड़े हो जाएंगे रोंगटे


    नई दिल्ली। अगर आपको हॉरर के साथ सस्पेंस और थ्रिलर से भरपूर कहानियां देखना पसंद है तो ओटीटी पर मौजूद अय्याना माने आपके लिए दिलचस्प सीरीज साबित हो सकती है। साल 2025 में आई यह कन्नड़ हॉरर मिस्ट्री थ्रिलर सीरीज अपनी रहस्यमयी कहानी और लगातार आने वाले ट्विस्ट के कारण दर्शकों का ध्यान खींचती है। कहानी जैसे जैसे आगे बढ़ती है वैसे वैसे घर से जुड़े कई ऐसे राज सामने आते हैं जो पूरी कहानी को और ज्यादा रहस्यमय बना देते हैं। खास बात यह है कि पूरी सीरीज सिर्फ 6 एपिसोड की है और हर एपिसोड करीब 18 से 20 मिनट का है।

    अय्याना माने की कहानी जाजी नाम की एक लड़की से शुरू होती है जिसकी शादी दुष्यंत नाम के युवक से होती है। शादी के बाद जब जाजी अपने नए ससुराल पहुंचती है तो उसे वहां के माहौल में कुछ अलग महसूस होता है। जाजी के ससुराल का नाम अय्याना माने है और परिवार ने उससे दुष्यंत की पिछली शादी से जुड़ी एक अहम बात छिपाई होती है। दुष्यंत की पहले भी शादी हो चुकी थी और उसकी पहली पत्नी की मौत हो गई थी। जाजी के लिए यह जानकारी पहले से ही हैरान करने वाली होती है लेकिन ससुराल पहुंचने के बाद हालात और भी डरावने हो जाते हैं।

    जाजी जिस दिन शादी के बाद घर आती है उसी दिन उसके ससुर की मौत हो जाती है। इस घटना के बाद घर का माहौल बदल जाता है और जाजी को परिवार के लोगों का व्यवहार भी सामान्य नहीं लगता। वह खुद को इस बड़े से घर में काफी अकेला महसूस करने लगती है। इसी दौरान घर की नौकरानी उसके लिए सहारे का काम करती है। नौकरानी जाजी को घर से जुड़ी एक ऐसी बात बताती है जिसे सुनकर उसके होश उड़ जाते हैं।

    जाजी को पता चलता है कि इस घर की पहले की तीन बहुओं की भी रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। यह जानकारी मिलने के बाद उसके मन में कई सवाल खड़े हो जाते हैं। आखिर इस घर की बहुओं के साथ ऐसा क्या हुआ था। क्या इन मौतों के पीछे कोई गहरा राज छिपा है और क्या जाजी भी किसी खतरे में है। इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जाजी खुद इस रहस्य की तह तक जाने की कोशिश करती है।

    जाजी की पड़ताल जैसे जैसे आगे बढ़ती है वैसे वैसे कहानी में नए राज खुलते जाते हैं। उसे पता चलता है कि इन घटनाओं का संबंध उसके ससुराल के परिवार से है और कहानी का एक अहम कनेक्शन उसकी सास से जुड़ा हुआ है। यहीं से सीरीज का सस्पेंस और ज्यादा गहरा हो जाता है। दर्शकों को हर एपिसोड में कहानी के नए पहलू देखने को मिलते हैं और कई घटनाएं ऐसी हैं जो डर का माहौल पैदा करती हैं।

    सीरीज की कहानी में हॉरर के साथ मिस्ट्री और थ्रिलर का मेल देखने को मिलता है। यही वजह है कि कहानी सिर्फ डराने पर निर्भर नहीं रहती बल्कि दर्शकों को यह सोचने पर भी मजबूर करती है कि आखिर घर के अंदर चल क्या रहा है। हर नए एपिसोड के साथ पुराने सवालों के साथ नए सवाल भी सामने आते हैं।

    अय्याना माने में खुशी रवि अक्षय नायक मानसी सुधीर अनिरुद्ध आचार्य रमेश इंदिरा हिथा चंद्रशेखर और विजय सोभराज जैसे कलाकार नजर आते हैं। सीरीज का निर्देशन रमेश इंदिरा ने किया है जबकि इसका निर्माण श्रुति नायडू प्रोडक्शन्स ने किया है। बैकग्राउंड स्कोर एल वी मुत्थु ने गणेश के साथ तैयार किया है।

    अगर आप हॉरर मिस्ट्री और थ्रिलर कंटेंट पसंद करते हैं तो यह 6 एपिसोड की सीरीज कम समय में एक रहस्यमय कहानी देखने का विकल्प देती है। अय्याना माने को जी5 पर देखा जा सकता है। सीरीज की IMDb रेटिंग 6.8 बताई गई है।

  • 9 एपिसोड की इस क्राइम सीरीज में है बदले की खतरनाक कहानी क्लाइमेक्स तक नहीं हटेगी नजर

    9 एपिसोड की इस क्राइम सीरीज में है बदले की खतरनाक कहानी क्लाइमेक्स तक नहीं हटेगी नजर


    नई दिल्ली। ओटीटी पर क्राइम और थ्रिलर कंटेंट पसंद करने वालों के लिए ऐसी कई सीरीज मौजूद हैं जिनकी कहानी धीरे धीरे आगे बढ़ते हुए दर्शकों को लगातार बांधे रखती है। अगर आपको अपराध रहस्य बदला और सस्पेंस से भरपूर कहानियां पसंद हैं तो जी5 की बिच्छू का खेल आपके लिए एक विकल्प हो सकती है। साल 2020 में रिलीज हुई इस क्राइम थ्रिलर सीरीज में कहानी एक ऐसे युवक के इर्द गिर्द घूमती है जो अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रखता है।

    सीरीज की कहानी अखिल श्रीवास्तव नाम के युवक से शुरू होती है। बनारस का रहने वाला अखिल एक उभरता हुआ लेखक है लेकिन उसकी जिंदगी उस समय पूरी तरह बदल जाती है जब उसके पिता पर गंभीर आरोप लगाए जाते हैं। इसके बाद उनके साथ ऐसी घटना होती है जो अखिल को भीतर तक झकझोर देती है। पिता की मौत के पीछे जिम्मेदार लोगों को तलाशना और उन्हें सजा दिलाना ही उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद बन जाता है।

    अखिल का किरदार दिव्येंदु शर्मा ने निभाया है। कहानी की शुरुआत ही एक दिलचस्प स्थिति से होती है जहां अखिल पुलिस के सामने अपना अपराध कबूल करता दिखाई देता है। इसके बाद कहानी फ्लैशबैक में जाती है और दर्शकों को धीरे धीरे पता चलता है कि आखिर वह इस स्थिति तक कैसे पहुंचा। यही तरीका सीरीज के रहस्य को बनाए रखता है और दर्शकों को अगले एपिसोड तक पहुंचने के लिए उत्सुक करता है।

    बिच्छू का खेल में बदले की कहानी के साथ अपराध की दुनिया के कई पहलू देखने को मिलते हैं। कहानी में ऐसे मोड़ आते हैं जहां दर्शक यह समझने की कोशिश करते रहते हैं कि कौन सही है और कौन गलत। जैसे जैसे अखिल अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ता है वैसे वैसे उसके सामने नई मुश्किलें भी खड़ी होती जाती हैं। सीरीज की कहानी में सस्पेंस और क्राइम के साथ बनारस का माहौल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    इस सीरीज का पहला पार्ट कुल 9 एपिसोड का है। इसे जी5 पर देखा जा सकता है। सीरीज के रिलीज होने के बाद इसके दूसरे सीजन को लेकर दर्शकों के बीच दिलचस्पी बनी रही है। हालांकि इसकी अगली कहानी को लेकर दर्शकों को लंबे समय से इंतजार है।

    सीरीज का निर्देशन आशीष शुक्ला ने किया है जबकि बलजीत सिंह चड्ढा और सौरभ अरोड़ा ने भी निर्देशन में योगदान दिया है। कलाकारों की बात करें तो दिव्येंदु शर्मा के साथ अंशुल चौहान और सैयद जीशान कादरी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। दिव्येंदु को इससे पहले अलग तरह के किरदारों में देखा गया है लेकिन इस सीरीज में उनका अंदाज दर्शकों को अलग अनुभव देता है।

    बिच्छू का खेल को IMDb पर करीब 7 की रेटिंग मिली हुई है। सीरीज की कहानी लोकप्रिय हिंदी क्राइम फिक्शन की परंपरा से प्रभावित नजर आती है और इसमें बदले के साथ लगातार आने वाले ट्विस्ट कहानी को आगे बढ़ाते हैं। खासतौर पर उन दर्शकों को इसका फॉर्मेट पसंद आ सकता है जो तेज घटनाक्रम के बजाय धीरे धीरे खुलने वाले रहस्य और अपराध की कहानियां देखना पसंद करते हैं।

    अगर आप ओटीटी पर ऐसी क्राइम थ्रिलर तलाश रहे हैं जिसमें मुख्य किरदार के सामने निजी बदला सबसे बड़ी चुनौती बन जाए और कहानी फ्लैशबैक के जरिए धीरे धीरे रहस्य खोलती जाए तो बिच्छू का खेल आपकी वॉचलिस्ट में शामिल हो सकती है। इसके 9 एपिसोड एक साथ देखने पर कहानी का पूरा घटनाक्रम ज्यादा आसानी से समझ में आता है और क्लाइमेक्स तक पहुंचते पहुंचते कई सवालों के जवाब सामने आते हैं।

  • सच बनाम सनसनी की जंग दिखाती है ये OTT सीरीज! जयदीप अहलावत और सोनाली बेंद्रे की एक्टिंग ने जीता दिल

    सच बनाम सनसनी की जंग दिखाती है ये OTT सीरीज! जयदीप अहलावत और सोनाली बेंद्रे की एक्टिंग ने जीता दिल


    नई दिल्ली। अगर आपको क्राइम सस्पेंस और थ्रिलर से भरपूर सीरीज देखना पसंद है तो ओटीटी पर मौजूद द ब्रोकन न्यूज आपके लिए एक अलग अनुभव लेकर आती है। पत्रकारिता की दुनिया को केंद्र में रखकर बनाई गई यह सीरीज न्यूज रूम के भीतर चलने वाली प्रतिस्पर्धा टीआरपी की दौड़ और सच दिखाने की कोशिश के बीच पैदा होने वाले तनाव को सामने लाती है। सीरीज को दर्शकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और इसकी IMDb रेटिंग 7.6 बताई गई है।

    द ब्रोकन न्यूज की कहानी मुंबई के दो न्यूज नेटवर्क के बीच की प्रतिस्पर्धा पर आधारित है। एक तरफ आवाज भारती नाम का न्यूज चैनल है जिसकी एडिटर अमीना कुरैशी का किरदार सोनाली बेंद्रे ने निभाया है। अमीना पत्रकारिता में सच्चाई और जिम्मेदारी को प्राथमिकता देती हैं लेकिन उनका चैनल आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है। दूसरी तरफ जोश 24/7 नाम का चैनल है जो टीआरपी और सनसनीखेज खबरों की दौड़ में आगे निकलना चाहता है।

    जोश 24/7 के प्रमुख एंकर दिपांकर सान्याल का किरदार जयदीप अहलावत ने निभाया है। उनका किरदार पत्रकारिता के उस रूप को दिखाता है जहां खबर की प्रस्तुति और टीआरपी का दबाव कई बार खबर की प्राथमिकताओं पर भारी पड़ जाता है। दोनों चैनलों की अलग सोच के बीच एक युवा और प्रतिभाशाली पत्रकार की कहानी भी आगे बढ़ती है। श्रिया पिलगांवकर ने इस पत्रकार का किरदार निभाया है और कहानी में उनके सामने पत्रकारिता के दो अलग रास्ते दिखाई देते हैं।

    सीरीज की कहानी केवल दो न्यूज चैनलों की प्रतिद्वंद्विता तक सीमित नहीं रहती। जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ती है वैसे वैसे दर्शकों को न्यूज रूम के भीतर की राजनीति दबाव फैसलों और पत्रकारिता की नैतिक चुनौतियों की झलक मिलती है। एक तरफ सच्चाई के साथ खबर दिखाने की कोशिश है तो दूसरी तरफ ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचने के लिए सनसनी का सहारा लेने की होड़ है। यही टकराव सीरीज को दिलचस्प बनाता है।

    द ब्रोकन न्यूज के दो सीजन हैं। पहले सीजन में सच्चाई और सनसनी के बीच की लड़ाई को प्रमुखता से दिखाया गया है। कहानी में कई ऐसे मोड़ आते हैं जो दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखते हैं। दूसरे सीजन में कहानी आगे बढ़ती है और पहले सीजन के घटनाक्रम के बाद किरदारों की जिंदगी में आए बदलावों को दिखाया जाता है।

    इस सीरीज का निर्देशन विनय वायकुल ने किया है। सोनाली बेंद्रे जयदीप अहलावत और श्रिया पिलगांवकर प्रमुख भूमिकाओं में नजर आते हैं। जयदीप अहलावत ने दिपांकर सान्याल के किरदार में खास प्रभाव छोड़ा है। वहीं सोनाली बेंद्रे ने अमीना कुरैशी के किरदार को गंभीरता के साथ निभाया है। श्रिया पिलगांवकर की एक्टिंग भी कहानी के युवा पत्रकार वाले हिस्से को मजबूती देती है।

    द ब्रोकन न्यूज वर्ष 2018 की ब्रिटिश ड्रामा सीरीज प्रेस का हिंदी रूपांतरण है। अगर आप पत्रकारिता की पृष्ठभूमि वाली कहानी के साथ सस्पेंस और ड्रामा देखना चाहते हैं तो यह सीरीज एक विकल्प हो सकती है। इसे ZEE5 पर हिंदी तमिल और तेलुगु भाषाओं में देखा जा सकता है। इसकी IMDb रेटिंग 7.6 है।

  • पीरियड्स आए तो छूट जाता था स्कूल और कर दी जाती थी शादी, इस 8 एपिसोड की सीरीज की कहानी और क्लाइमेक्स कर देंगे हैरान

    पीरियड्स आए तो छूट जाता था स्कूल और कर दी जाती थी शादी, इस 8 एपिसोड की सीरीज की कहानी और क्लाइमेक्स कर देंगे हैरान


    नई दिल्ली। ओटीटी की दुनिया में एक से बढ़कर एक फिल्में और वेब सीरीज मौजूद हैं लेकिन कुछ कहानियां केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहतीं बल्कि समाज की उन सच्चाइयों को सामने लाती हैं जिन पर अक्सर खुलकर बात नहीं की जाती। ऐसी ही एक चर्चित सीरीज है अयाली। आठ एपिसोड की यह सीरीज एक युवा लड़की की कहानी के माध्यम से पीरियड्स से जुड़े सामाजिक भेदभाव और पुरानी परंपराओं की कड़वी तस्वीर दिखाती है। दमदार कहानी और भावनात्मक उतार चढ़ाव के कारण इस सीरीज को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और IMDb पर इसे 8.5 की शानदार रेटिंग भी मिली है।

    अयाली की कहानी सेल्वी नाम की एक लड़की के इर्द गिर्द घूमती है जिसका सपना डॉक्टर बनने का है। वह पढ़ लिखकर अपनी जिंदगी को बेहतर बनाना चाहती है लेकिन जिस गांव में वह रहती है वहां लड़कियों के लिए एक बेहद सख्त और पुरानी परंपरा चली आ रही है। गांव में अयाली देवी की पूजा होती है और वहां यह मान्यता है कि जैसे ही किसी लड़की को पहली बार पीरियड्स आते हैं उसके लिए स्कूल जाना बंद कर दिया जाता है और इसके बाद उसकी शादी कर दी जाती है। ऐसे माहौल में सेल्वी के डॉक्टर बनने का सपना उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है।

    सेल्वी यह सोचकर डर जाती है कि अगर उसे पीरियड्स आ गए तो उसकी पढ़ाई छूट जाएगी और डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह जाएगा। वह चाहती है कि किसी तरह यह दिन कभी उसकी जिंदगी में न आए लेकिन प्रकृति के नियम से कोई बच नहीं सकता। जब उसे पहली बार पीरियड्स आते हैं तो उसके सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है कि वह इस बात को अपने परिवार और गांव के लोगों से कैसे छिपाए। वह अपनी पढ़ाई और अपने भविष्य को बचाने के लिए इस सच्चाई को छिपाने की कोशिश करती है।

    कहानी में बड़ा मोड़ तब आता है जब सेल्वी की मां को उसकी इस स्थिति के बारे में पता चल जाता है। इसके बाद सेल्वी अपनी मां से विनती करती है कि वह यह बात उसके पिता और परिवार के अन्य लोगों को न बताए। एक तरफ बेटी का सपना और दूसरी तरफ समाज की वर्षों पुरानी परंपराएं मां को भी कठिन स्थिति में खड़ा कर देती हैं। यहीं से कहानी में भावनात्मक तनाव और सस्पेंस बढ़ता चला जाता है।

    सीरीज केवल एक लड़की की निजी परेशानी नहीं दिखाती बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि आखिर पीरियड्स जैसी प्राकृतिक प्रक्रिया को शर्म और बंदिशों से क्यों जोड़ा जाता है। अयाली उस सामाजिक सोच को चुनौती देती है जिसमें लड़कियों की शिक्षा और उनके सपनों पर परंपराओं का बोझ डाल दिया जाता है। सेल्वी का संघर्ष दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि एक लड़की के जीवन के फैसले उसके सपनों के आधार पर होने चाहिए या फिर सदियों पुरानी रूढ़ियों के आधार पर।

    सीरीज का क्लाइमेक्स भी इसकी सबसे बड़ी खासियत बताया जाता है। कहानी आगे बढ़ने के साथ कई ऐसे मोड़ सामने आते हैं जो दर्शकों की उत्सुकता बनाए रखते हैं। यही कारण है कि कम बजट में बनी इस तमिल सीरीज ने अपनी कहानी के दम पर अलग पहचान बनाई। इसमें सेल्वी का किरदार अभी नक्षत्रा ने निभाया है जबकि अन्य कलाकारों ने भी कहानी को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसे मुत्थुकुमार ने लिखा और निर्देशित किया है।

    तमिल में बनी अयाली को हिंदी सहित कई भाषाओं में देखा जा सकता है। यह सीरीज उन दर्शकों के लिए खास है जो केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक मुद्दों पर बनी प्रभावशाली और सोच बदलने वाली कहानियां देखना पसंद करते हैं। आठ एपिसोड की यह कहानी शिक्षा सपनों परंपराओं और महिलाओं की आजादी से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल उठाती है और अंत तक दर्शकों को बांधे रखने की कोशिश करती है।

  • वीकेंड पर OTT का पूरा मजा लें, 'आश्रम' जैसी 7 हिंदी वेब सीरीज जो आपको स्क्रीन से नजर नहीं हटाने देंगी

    वीकेंड पर OTT का पूरा मजा लें, 'आश्रम' जैसी 7 हिंदी वेब सीरीज जो आपको स्क्रीन से नजर नहीं हटाने देंगी


    नई दिल्ली। अगर आपको बॉबी देओल की चर्चित वेब सीरीज आश्रम पसंद आई थी और अब आप उसी तरह की डार्क थ्रिलर, क्राइम और सस्पेंस से भरपूर कहानियां देखना चाहते हैं तो ओटीटी पर आपके लिए शानदार विकल्प मौजूद हैं। इन सीरीज में सत्ता का खेल, अपराध, अंधविश्वास, राजनीति और समाज की कड़वी सच्चाइयों को बेहद रोमांचक अंदाज में दिखाया गया है। यही वजह है कि ये सीरीज दर्शकों के बीच लगातार लोकप्रिय बनी हुई हैं और वीकेंड बिंज वॉच के लिए बेहतरीन मानी जाती हैं।

    इस सूची में सबसे पहले अनदेखी का नाम आता है। यह सीरीज एक रसूखदार परिवार की कहानी है जो अपने प्रभाव के दम पर अपराध को दबाने की कोशिश करता है। जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ती है वैसे वैसे रहस्य और सस्पेंस गहराता जाता है। अगर आपको सत्ता और अपराध का खेल पसंद है तो यह सीरीज जरूर देखनी चाहिए।

    दूसरी सीरीज दहन राकन का रहस्य है। इसमें अंधविश्वास और आधुनिक सोच के टकराव को बेहद दिलचस्प तरीके से पेश किया गया है। एक छोटे से गांव में छिपे रहस्य और डरावनी घटनाएं दर्शकों को अंत तक बांधे रखती हैं। इसकी कहानी रहस्य और थ्रिल का बेहतरीन मिश्रण है।

    द रेलवे मेन इस सूची की सबसे अलग सीरीज है। भोपाल गैस त्रासदी की पृष्ठभूमि पर बनी यह कहानी केवल एक हादसे की नहीं बल्कि उन लोगों की बहादुरी की भी है जिन्होंने हजारों लोगों की जान बचाने की कोशिश की। इसमें सिस्टम की लापरवाही और मानवीय संघर्ष दोनों को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है।

    अगर आपको सामाजिक मुद्दों के साथ क्राइम थ्रिलर पसंद है तो पाताल लोक बेहतरीन विकल्प है। एक साधारण पुलिस जांच के जरिए यह सीरीज समाज, राजनीति, मीडिया और अपराध की कई परतों को सामने लाती है। दमदार अभिनय और मजबूत कहानी इसे भारतीय ओटीटी की सबसे चर्चित सीरीज में शामिल करते हैं।

    रंगबाज भी दर्शकों की पसंदीदा क्राइम ड्रामा सीरीज है। इसके हर सीजन में उत्तर प्रदेश और बिहार की पृष्ठभूमि पर गैंगस्टर और राजनीति के गठजोड़ की नई कहानी देखने को मिलती है। वास्तविक घटनाओं से प्रेरित यह सीरीज अपराध की दुनिया का अलग ही चेहरा दिखाती है।

    सस्पेंस और माइथोलॉजी का अनोखा मेल देखने के लिए असुर शानदार विकल्प है। इसमें पौराणिक कथाओं को आधुनिक साइकोलॉजिकल क्राइम के साथ जोड़ा गया है। हर एपिसोड के साथ नए रहस्य सामने आते हैं और दर्शक आखिरी पल तक कहानी से जुड़े रहते हैं। यही वजह है कि इसे भारतीय ओटीटी की सबसे बेहतरीन थ्रिलर सीरीज में गिना जाता है।

    अगर पावर, राजनीति और गैंगवार की कहानी पसंद है तो मिर्जापुर आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना त्रिपाठी जैसे किरदारों ने इस सीरीज को नई पहचान दी है। पूर्वांचल की राजनीति, अपराध और सत्ता की लड़ाई पर आधारित यह सीरीज आज भी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली हिंदी वेब सीरीज में शामिल है।

    अगर इस वीकेंड कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो रोमांच, रहस्य और दमदार कहानी से भरपूर हो तो ये सातों वेब सीरीज शानदार विकल्प हैं। इनमें हर सीरीज अपनी अलग कहानी और मजबूत किरदारों के दम पर दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है। क्राइम, सस्पेंस और डार्क थ्रिल पसंद करने वालों के लिए ये सभी सीरीज एक यादगार ओटीटी अनुभव साबित हो सकती हैं।

  • अगर सस्पेंस थ्रिलर पसंद है तो मिस न करें 'जुबली', 8.3 IMDb रेटिंग वाली दमदार सीरीज

    अगर सस्पेंस थ्रिलर पसंद है तो मिस न करें 'जुबली', 8.3 IMDb रेटिंग वाली दमदार सीरीज


    नई दिल्ली । अगर आप ऐसी वेब सीरीज की तलाश में हैं जिसमें सिर्फ एक्शन या गोलीबारी नहीं, बल्कि दमदार कहानी, शानदार अभिनय और लगातार बना रहने वाला सस्पेंस हो, तो ‘जुबली’ आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। साल 2023 में रिलीज हुई यह पीरियड ड्रामा-सस्पेंस सीरीज दर्शकों और समीक्षकों दोनों की सराहना बटोर चुकी है।

    अमेजन प्राइम वीडियो पर उपलब्ध इस 10 एपिसोड की सीरीज की कहानी भारत की आजादी से ठीक पहले और उसके बाद के दौर की फिल्म इंडस्ट्री के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें 1940 और 50 के दशक की मुंबई, फिल्म स्टूडियो, पुरानी कारें और उस दौर की चमक-दमक को बेहद बारीकी से पर्दे पर उतारा गया है।

    क्या है कहानी?

    कहानी की शुरुआत मशहूर रॉय टॉकीज स्टूडियो से होती है, जहां एक नए हीरो की तलाश चल रही है। इसी दौरान फिल्मी दुनिया के रिश्ते, महत्वाकांक्षा, प्यार, विश्वासघात और सत्ता की राजनीति कहानी को अप्रत्याशित मोड़ों तक पहुंचा देती है।

    एक तरफ स्टूडियो का मालिक अपनी प्रतिष्ठा बचाने की कोशिश करता है, तो दूसरी ओर एक साधारण लैब असिस्टेंट हालात के चलते अपनी पहचान बदलने का सपना देखने लगता है। इसी के समानांतर कराची से आया एक शरणार्थी युवक फिल्म निर्देशक बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचता है, जबकि लखनऊ से आई एक डांसर भी अपनी किस्मत बदलने की जद्दोजहद में जुट जाती है।

    इन सभी किरदारों की किस्मत एक-दूसरे से इस तरह जुड़ती है कि साजिश, धोखा और महत्वाकांक्षा की परतें धीरे-धीरे खुलती जाती हैं। सीरीज का क्लाइमेक्स कई दर्शकों के लिए अप्रत्याशित साबित होता है।

    क्यों देखें यह सीरीज?

    ‘जुबली’ सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री की कहानी नहीं है, बल्कि यह बताती है कि सफलता पाने की चाह इंसान को किस हद तक बदल सकती है। इसकी सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड म्यूजिक और पीरियड सेट डिजाइन इसकी सबसे बड़ी खूबियों में शामिल हैं। कहानी धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और हर एपिसोड के साथ रोमांच बढ़ता जाता है।

    स्टारकास्ट और रेटिंग

    सीरीज में प्रोसेनजीत चटर्जी, अपारशक्ति खुराना, सिद्धांत गुप्ता, अदिति राव हैदरी, वामिका गब्बी और राम कपूर ने दमदार अभिनय किया है। IMDb पर इसे 8.3/10 की रेटिंग मिली है, जो इसे हाल के वर्षों की चर्चित भारतीय वेब सीरीज में शामिल करती है।

    ओटीटी प्लेटफॉर्म: अमेजन प्राइम वीडियो

  • माधुरी दीक्षित की बहू दीक्षा जुनेजा के बोल्ड सीन से मचा तहलका वेब सीरीज ने उड़ाई रातों की नींद

    माधुरी दीक्षित की बहू दीक्षा जुनेजा के बोल्ड सीन से मचा तहलका वेब सीरीज ने उड़ाई रातों की नींद


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की लिजेंड माधुरी दीक्षित इन दिनों अपनी नई वेब सीरीज मिसेज देशपांडे को लेकर चर्चा में हैं। इस सीरीज में माधुरी ने एक अलग तरह की भूमिका निभाई है लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रही हैं उनकी ऑन-स्क्रीन बहू तन्वी का किरदार निभा रही अभिनेत्री दीक्षा जुनेजा।

    दीक्षा जुनेजा की एक्टिंग और स्क्रीन पर उनकी केमिस्ट्री ने इस सीरीज को और भी खास बना दिया है। खासकर पहले एपिसोड में दीक्षा और अभिनेता सिद्धार्थ चंदेकर के बीच फिल्माया गया एक बोल्ड सीन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह सीन दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है और दीक्षा जुनेजा की लोकप्रियता में जबरदस्त इजाफा हुआ है।

    दीक्षा का करियर भी काफी दिलचस्प रहा है। वह पहले एक महिला पत्रकार थीं लेकिन बाद में उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपनी पहचान बनाने के बाद उन्होंने मिसेज देशपांडे में अपनी एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत लिया। इससे पहले वह सारे जहां से अच्छा सीरीज में भी नसीमा के किरदार में नजर आ चुकी हैं।

    दीक्षा जुनेजा अपनी स्टाइल और ग्लैमरस अंदाज के लिए भी सोशल मीडिया पर फेमस हैं। उनकी तस्वीरें और अपडेट्स हमेशा वायरल होते रहते हैं और उनके फैंस उन्हें बेहद पसंद करते हैं। यदि आप भी इस सीरीज को देखना चाहते हैं तो मिसेज देशपांडे जियो हॉटस्टार पर उपलब्ध है। छह एपिसोड की यह सस्पेंस और इमोशन से भरपूर सीरीज आपको अंत तक बांधे रखेगी।