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  • 'मन की बात' के 136वें एपिसोड की एनडीए नेताओं ने की सराहना, बोले- समाज के सकारात्मक प्रयासों को मिलती है राष्ट्रीय पहचान

    'मन की बात' के 136वें एपिसोड की एनडीए नेताओं ने की सराहना, बोले- समाज के सकारात्मक प्रयासों को मिलती है राष्ट्रीय पहचान

    नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस कार्यक्रम को जनभागीदारी, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण को प्रोत्साहित करने वाला प्रभावी मंच बताया। नेताओं का कहना है कि यह कार्यक्रम राजनीति से अलग समाज के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों और प्रेरणादायी कहानियों को राष्ट्रीय पहचान देने का कार्य करता है।

    भाजपा नेताओं ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे उल्लेखनीय कार्यों को व्यापक स्तर पर सामने लाया जाता है। उनका मानना है कि इस कार्यक्रम से आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय स्तर पर काम कर रहे लोगों के प्रयासों को सम्मान मिलता है, जिससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है। उन्होंने इसे समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का माध्यम बताया।

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में राज्य से जुड़े विभिन्न प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में बस्तर ओलंपिक्स, बस्तर पांडुम, मल्हार से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भ और इस बार जल संरक्षण अभियान के तहत कोरबा की पहल का जिक्र राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने स्थानीय मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील को भी महत्वपूर्ण बताया।

    त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि ‘मन की बात’ की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सकारात्मक सोच और जनता से लगातार संवाद बनाए रखना है। उनके अनुसार, कार्यक्रम में त्रिपुरा में स्वदेशी रूप से तैयार किए गए पहले संगीत वाद्ययंत्र का उल्लेख होने से राज्य के कारीगरों और कलाकारों का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने इसे स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला प्रयास बताया।

    केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कार्यक्रम में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर वीर सैनिकों को दी गई श्रद्धांजलि, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के योगदान के स्मरण और राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के संदर्भ को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय हस्तशिल्प, हथकरघा और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संदेश देश के कारीगरों के लिए उत्साहवर्धक है।

    केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि कार्यक्रम में राजनीतिक विषयों के बजाय समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा किए जा रहे प्रेरक कार्यों को प्रमुखता दी जाती है। उन्होंने जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक हस्तशिल्प जैसे विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने को इस कार्यक्रम की विशेषता बताया। वहीं भाजपा सांसद राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि कार्यक्रम नागरिकों के योगदान को महत्व देता है और वर्षों से देशभर की प्रेरक कहानियों को लोगों तक पहुंचा रहा है।

    उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने ‘मन की बात’ को दुनिया के लोकप्रिय मासिक कार्यक्रमों में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से ऐसे लोगों की प्रेरक कहानियां सामने आती हैं, जिनकी मेहनत और उपलब्धियां सामान्यतः चर्चा में नहीं आ पातीं। वहीं बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने इसे देश के विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को जोड़ने वाला मंच बताया। पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने कारगिल विजय दिवस पर वीर सैनिकों के साहस और बलिदान को याद करने को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी संदेश बताया।

  • आरएसएस के शताब्दी वर्ष में वैश्विक पहुंच बढ़ाने की तैयारी, मोहन भागवत का अमेरिका और ब्रिटेन दौरा जल्द संभव

    आरएसएस के शताब्दी वर्ष में वैश्विक पहुंच बढ़ाने की तैयारी, मोहन भागवत का अमेरिका और ब्रिटेन दौरा जल्द संभव

    नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर संगठन अपने सामाजिक और वैचारिक संपर्क को राष्ट्रीय सीमाओं से आगे बढ़ाने की दिशा में सक्रिय दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका और ब्रिटेन के प्रस्तावित दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि अगले दो महीनों के भीतर होने वाली इस यात्रा के दौरान वे विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और भारतीय मूल के लोगों से जुड़े कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं।

    संघ इस समय अपने 100वें वर्ष के कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। संगठन देशभर के साथ-साथ विदेशों में भी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपने कार्य, विचार और सामाजिक अभियानों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। ऐसे समय में संघ प्रमुख की संभावित विदेश यात्रा को संगठन की वैश्विक पहुंच बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार अमेरिका और ब्रिटेन में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल सकती है। इन आयोजनों में भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों, सामुदायिक सहयोग और प्रवासी भारतीयों की भूमिका जैसे विषय प्रमुख रह सकते हैं। यात्रा का उद्देश्य विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना बताया जा रहा है।

    सूत्रों के अनुसार अमेरिका के प्रमुख शहरों में कई कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। विशेष रूप से न्यूयॉर्क में एक बड़े सामुदायिक कार्यक्रम की संभावना व्यक्त की जा रही है, जहां भारतीय समुदाय की उल्लेखनीय उपस्थिति हो सकती है। हालांकि कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा और आधिकारिक कार्यक्रम सूची अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

    इस प्रस्तावित यात्रा में हिंदू स्वयंसेवक संघ की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहने की संभावना है। यह संगठन विभिन्न देशों में भारतीय संस्कृति, योग, सेवा कार्यों और पारिवारिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार से जुड़ी गतिविधियां संचालित करता है। विदेशों में भारतीय समुदाय के बीच सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने के लिए यह संगठन लंबे समय से सक्रिय है।

    मोहन भागवत इससे पहले भी विदेश यात्राएं कर चुके हैं। पूर्व में ब्रिटेन में आयोजित कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी रही है, जहां उन्होंने भारतीय मूल के लोगों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया था। ऐसे अनुभवों के आधार पर इस बार के प्रस्तावित दौरे को भी व्यापक जनसंपर्क और सांस्कृतिक संवाद के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में प्रवासी भारतीय समुदाय की भूमिका लगातार बढ़ रही है। विभिन्न देशों में बसे भारतीय मूल के लोग आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में प्रभावशाली योगदान दे रहे हैं। ऐसे में भारत से जुड़े संगठनों द्वारा उनके साथ नियमित संवाद स्थापित करना रणनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जाता है।

    संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित हो रहे कार्यक्रमों का उद्देश्य संगठन के कार्यों, सेवा गतिविधियों और सामाजिक योगदान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करना भी है। इसी कारण विदेशों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय समुदाय के साथ संबंधों को मजबूत करने के एक अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

    यदि यह यात्रा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होती है तो इससे प्रवासी भारतीयों के साथ संवाद को नई गति मिल सकती है। साथ ही भारत और विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव तथा सामाजिक सहयोग को और अधिक मजबूती मिलने की संभावना भी व्यक्त की जा रही है।

  • मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर भाजपा का राष्ट्रव्यापी अभियान, उपलब्धियों का लेखा-जोखा लेकर जनता के बीच उतरेंगे नेता

    मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर भाजपा का राष्ट्रव्यापी अभियान, उपलब्धियों का लेखा-जोखा लेकर जनता के बीच उतरेंगे नेता

    नई दिल्ली । केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने व्यापक स्तर पर जनसंपर्क और जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी पूरी कर ली है। पार्टी आगामी दिनों में देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जनता के सामने प्रस्तुत करेगी। इस अभियान का उद्देश्य पिछले बारह वर्षों के शासनकाल के दौरान हुए प्रमुख बदलावों और नीतिगत निर्णयों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाना है।

    पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस विशेष अभियान के तहत सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत विवरण पांच अलग-अलग बुकलेट में प्रकाशित किया जाएगा। इन बुकलेटों को विभिन्न विषयों के आधार पर तैयार किया गया है, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों में किए गए कार्यों और उपलब्धियों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया जा सके। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा, आधारभूत संरचना विकास, सामाजिक कल्याण, आर्थिक सुधार और जनहित से जुड़े प्रमुख फैसलों का उल्लेख किया जाएगा।

    बताया गया है कि “राष्ट्र प्रथम” शीर्षक वाली बुकलेट में उन महत्वपूर्ण निर्णयों को शामिल किया जाएगा, जिन्हें राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लागू किया गया। वहीं “राष्ट्र निर्माण” में देशभर में सड़कों, रेल, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का विवरण दिया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य क्षमता से जुड़े विषयों को भी अलग श्रेणी में शामिल किया गया है, जिसमें सशस्त्र बलों की उपलब्धियों और सुरक्षा अभियानों का उल्लेख रहेगा।

    भाजपा इस पूरे अभियान को “बारह साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के” थीम के साथ आयोजित करेगी। पार्टी का दावा है कि पिछले एक दशक से अधिक समय में गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गईं, जिनका व्यापक सामाजिक और आर्थिक प्रभाव देखने को मिला है। इसी उपलब्धि को जनता तक पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रमों की श्रृंखला तैयार की गई है।

    कार्यक्रमों के तहत 8 जून से 12 जून तक देशभर में मीडिया संवाद आयोजित किए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता इन संवादों में सरकार की नीतियों और उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी देंगे। इसी अवधि में विशेष बुकलेटों का भी औपचारिक विमोचन किया जाएगा। पार्टी का मानना है कि इससे सरकार के कार्यों की जानकारी अधिक संगठित और प्रभावी तरीके से आम जनता तक पहुंचेगी।

    8 जून से 14 जून के बीच विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, जिसके अंतर्गत सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिकों से सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और स्थानीय उपलब्धियों की जानकारी साझा की जाएगी। साथ ही वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, प्रगति पथ यात्राएं और “विकसित भारत संकल्प सम्मेलन” जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

    पार्टी ने प्रत्येक जिले में कम से कम 500 प्रमुख व्यक्तियों से संपर्क स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इसके माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों, पेशेवर संगठनों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं तक सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का संदेश पहुंचाने की रणनीति बनाई गई है।

    12 जून से 20 जून के बीच देशभर में जनकल्याण शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में आयुष्मान भारत, पीएम स्वनिधि, पीएम सूर्य घर और अन्य प्रमुख योजनाओं के लाभार्थियों का पंजीकरण कराया जाएगा। भाजपा संगठन को निर्देश दिया गया है कि पात्र लोगों को शिविरों तक पहुंचाने और योजनाओं से जोड़ने में सक्रिय सहयोग दिया जाए।

    अभियान के दौरान पर्यावरण दिवस पर “एक पेड़ मां के नाम” कार्यक्रम तथा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मंडल स्तर तक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यह अभियान केवल उपलब्धियों के प्रचार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर जनभागीदारी बढ़ाने का माध्यम भी बनेगा।