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  • दीपावली से पहले वेतन-बोनस के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों की हुंकार, 55 जिलों में 2 नवंबर को सौंपेंगे ज्ञापन

    दीपावली से पहले वेतन-बोनस के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों की हुंकार, 55 जिलों में 2 नवंबर को सौंपेंगे ज्ञापन


    जबलपुर । मध्यप्रदेश के शासकीय विभागों में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों ने दीपावली से पहले वेतन और बोनस के भुगतान की मांग तेज कर दी है। त्योहार के मद्देनजर कर्मचारियों को आर्थिक राहत दिलाने के लिए मध्य प्रदेश राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संगठन ने प्रदेशव्यापी अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत 2 नवंबर को प्रदेश के सभी 55 जिलों में श्रम आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। संगठन की प्रमुख मांग है कि सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को 5 नवंबर तक वेतन और दीपावली बोनस का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

    संगठन के जिला अध्यक्ष एवं संभाग प्रभारी रविंद्र जायसवाल और जिला महामंत्री अनुपम वर्मा ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को लंबे समय से आर्थिक और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। त्योहार के समय भी कई विभागों में वेतन और बोनस के भुगतान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में कर्मचारियों के सामने घर का खर्च चलाने और दीपावली की तैयारियां करने में परेशानी आ रही है। संगठन का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों से लगातार संपर्क किया जा रहा है ताकि कर्मचारियों को समय पर भुगतान मिल सके।

    22 अक्टूबर को भी दिया गया था ज्ञापन

    संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक इससे पहले 22 अक्टूबर को भी सहायक श्रमायुक्त को ज्ञापन सौंपकर वेतन और बोनस का भुगतान कराने की मांग की गई थी। इसके बाद जबलपुर शहर के कई विभागों में कर्मचारियों को नियमित वेतन और बोनस मिला है। संगठन ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से कुछ विभागों में भुगतान की स्थिति में सुधार हुआ है। हालांकि प्रदेश के कई अन्य जिलों और विभागों में अब भी कर्मचारियों का भुगतान बाकी है। इसी वजह से संगठन ने दोबारा प्रदेशव्यापी स्तर पर अपनी मांग उठाने का निर्णय लिया है।

    5100 रुपए बोनस का मुद्दा भी उठाया

    आउटसोर्स कर्मचारी संगठन ने 5100 रुपए बोनस राशि को लेकर भी प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और विभिन्न दिशा-निर्देशों के तहत कुछ विभागों में इस राशि का उल्लेख किया गया है। इसके बावजूद कई विभागों में बोनस को लेकर अब तक लिखित आदेश या स्पष्ट निर्देश जारी नहीं हुए हैं। संगठन चाहता है कि संबंधित विभाग इस मामले में स्पष्ट निर्णय लें और पात्र कर्मचारियों को समय पर बोनस का भुगतान किया जाए।

    ट्रेड यूनियन के रूप में पंजीकृत हुआ संगठन

    संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संगठन अब ट्रेड यूनियन के रूप में पंजीकृत हो चुका है और उसे पंजीकरण क्रमांक भी मिल गया है। संगठन का कहना है कि पंजीकरण मिलने से आउटसोर्स कर्मचारियों को अपनी समस्याएं संगठित तरीके से शासन और प्रशासन के सामने रखने में मदद मिलेगी। कर्मचारी वेतन में देरी बोनस भुगतान और अन्य कार्य संबंधी समस्याओं को लेकर एक मंच से आवाज उठा सकेंगे।

    अब 2 नवंबर को प्रदेश के सभी 55 जिलों में ज्ञापन सौंपकर संगठन प्रशासन का ध्यान कर्मचारियों की मांगों की ओर आकर्षित करेगा। कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि सरकार और संबंधित विभाग दीपावली से पहले भुगतान को लेकर क्या कदम उठाते हैं और 5 नवंबर तक वेतन तथा बोनस देने की मांग पर कितना अमल हो पाता है।

  • UP के 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी सौगात, सैलरी में 7 हजार रुपए तक बढ़ोतरी, बीमा कवर भी

    UP के 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी सौगात, सैलरी में 7 हजार रुपए तक बढ़ोतरी, बीमा कवर भी

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के करीब साढ़े तीन लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने उनकी सैलरी में 7 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकोस) की वेबसाइट और लोगो लॉन्च किया। इस दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों को चेक भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे।

    सरकार के मुताबिक, आउटसोर्स कर्मचारियों को 50 लाख रुपए तक का बीमा कवर दिया जाएगा। इसके अलावा आकस्मिक दवा के लिए 5 लाख रुपए और एयर एंबुलेंस के लिए 10 लाख रुपए तक की सहायता का प्रावधान किया गया है।

    एक ही पोर्टल पर होगा सभी आउटसोर्स कर्मचारियों का रिकॉर्ड
    यूपीकोस के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग सरकारी विभागों में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। अभी कर्मचारियों से संबंधित जानकारी अलग-अलग विभागों और आउटसोर्स एजेंसियों के स्तर पर रखी जाती है। नई व्यवस्था में इन सभी रिकॉर्ड को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इससे कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध हो सकेगी।

    भर्ती से लेकर भुगतान तक की जानकारी पोर्टल पर दर्ज होगी
    यूपीकोस के पोर्टल पर कर्मचारी की भर्ती, तैनाती, उपस्थिति और भुगतान से संबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि किस विभाग में कितने आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं और उन्हें कितना भुगतान किया जा रहा है। कर्मचारियों की सेवा से संबंधित रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा। जरूरत पड़ने पर किसी कर्मचारी की तैनाती, भुगतान या सेवा रिकॉर्ड की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म से देखी जा सकेगी।

    एजेंसियों की प्रक्रिया पर भी होगी निगरानी
    नई व्यवस्था लागू होने के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती, तैनाती और भुगतान की प्रक्रिया पर निगरानी आसान होने की उम्मीद है। अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से होने वाली प्रक्रिया में रिकॉर्ड और भुगतान से जुड़ी गड़बड़ियों की गुंजाइश कम करने में भी मदद मिलेगी। प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में कर्मचारी आउटसोर्स के माध्यम से काम कर रहे हैं। नई व्यवस्था का सीधा असर इन कर्मचारियों की भर्ती, सेवा शर्तों और भुगतान व्यवस्था से जुड़े प्रबंधन पर पड़ेगा।