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  • पचमढ़ी घूमने का बना रहे हैं प्लान तो ये जगहें जरूर देखें झरनों पहाड़ों और मंदिरों के बीच यादगार होगा सफर

    पचमढ़ी घूमने का बना रहे हैं प्लान तो ये जगहें जरूर देखें झरनों पहाड़ों और मंदिरों के बीच यादगार होगा सफर


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में अगर आप ऐसी जगह घूमने का प्लान बना रहे हैं जहां पहाड़ों की खूबसूरती के साथ हरियाली झरने और शांत वातावरण का आनंद लिया जा सके तो पचमढ़ी आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है। सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच बसा पचमढ़ी प्रदेश का प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। यहां का प्राकृतिक वातावरण शहर की भागदौड़ से दूर कुछ समय सुकून के साथ बिताने का मौका देता है। परिवार दोस्तों या पार्टनर के साथ घूमने के लिए भी पचमढ़ी की यात्रा यादगार हो सकती है।

    पचमढ़ी की सबसे खास बात यहां का प्राकृतिक सौंदर्य है। चारों तरफ फैली हरियाली ऊंची पहाड़ियां और जंगल इस जगह को अलग पहचान देते हैं। बारिश के मौसम में यहां का नजारा और भी आकर्षक हो जाता है। पहाड़ियों से गिरते झरने और बादलों से ढके रास्ते पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं। सर्दियों में मौसम सुहावना रहता है और सुबह तथा शाम के समय हल्की ठंड के बीच घूमने का अलग आनंद मिलता है।

    पचमढ़ी में घूमने के लिए कई प्रसिद्ध स्थान हैं। बी फॉल यहां के लोकप्रिय झरनों में शामिल है जहां ऊंचाई से गिरता पानी और आसपास का हराभरा वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करता है। झरने तक पहुंचने का रास्ता भी यात्रा को रोमांचक बनाता है। इसके अलावा अप्सरा विहार भी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां पानी और चट्टानों के बीच कुछ समय बिताकर प्रकृति को करीब से महसूस किया जा सकता है।

    धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखने वाले स्थानों में पांडव गुफाएं भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। इन गुफाओं से जुड़ी पौराणिक मान्यताएं इन्हें खास बनाती हैं। यहां आने वाले लोग प्राकृतिक वातावरण के साथ इस स्थान से जुड़ी धार्मिक परंपराओं को भी करीब से देखते हैं। चौरागढ़ और जटाशंकर जैसे स्थान भी पचमढ़ी यात्रा को खास बना सकते हैं। जटाशंकर मंदिर प्राकृतिक चट्टानों के बीच स्थित है और भगवान शिव से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के कारण श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

    अगर आपको सूर्योदय और सूर्यास्त के खूबसूरत नजारे पसंद हैं तो पचमढ़ी में सनसेट प्वाइंट और अन्य ऊंचे स्थानों का रुख किया जा सकता है। ऊंचाई से आसपास की पहाड़ियों और जंगलों का दृश्य बेहद आकर्षक दिखाई देता है। शाम के समय आसमान के बदलते रंगों के बीच पहाड़ियों का नजारा पर्यटकों को काफी पसंद आता है।

    पचमढ़ी जाने से पहले मौसम की जानकारी लेना जरूरी है। मानसून के दौरान बारिश के कारण कुछ रास्तों और प्राकृतिक स्थानों पर सावधानी की जरूरत पड़ सकती है। आरामदायक जूते पहनना और जरूरी सामान साथ रखना बेहतर रहता है। झरनों या पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा नियमों का पालन करना भी जरूरी है। प्रकृति के बीच घूमते समय प्लास्टिक या कचरा फैलाने से बचना चाहिए ताकि इस खूबसूरत पर्यटन स्थल की प्राकृतिक सुंदरता बनी रहे।

    रुकने के लिए पचमढ़ी में अलग अलग बजट के अनुसार होटल और अन्य ठहरने के विकल्प मिल जाते हैं। स्थानीय भोजन का स्वाद लेने के साथ आसपास के बाजारों में खरीदारी भी की जा सकती है। यहां की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए कम से कम दो दिन का समय रखा जा सकता है ताकि प्रमुख पर्यटन स्थलों को जल्दबाजी के बिना देखा जा सके।

    कुल मिलाकर पचमढ़ी उन लोगों के लिए खास जगह है जो पहाड़ों और प्रकृति के बीच कुछ समय बिताना चाहते हैं। यहां झरनों की आवाज हरियाली से घिरी पहाड़ियां धार्मिक स्थल और शांत वातावरण एक साथ देखने को मिलता है। यही वजह है कि पचमढ़ी मध्यप्रदेश में घूमने के लिए लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान रखता है।

  • बारिश में पचमढ़ी बन जाती है स्वर्ग की तस्वीर घूमने से पहले जान लें मौसम से लेकर जरूरी सावधानियां तक पूरी जानकारी

    बारिश में पचमढ़ी बन जाती है स्वर्ग की तस्वीर घूमने से पहले जान लें मौसम से लेकर जरूरी सावधानियां तक पूरी जानकारी


    नई दिल्ली ।
     मध्यप्रदेश की सतपुड़ा पहाड़ियों के बीच बसा पचमढ़ी बारिश के मौसम में अपनी खूबसूरती के चरम पर पहुंच जाता है। चारों तरफ फैली हरियाली पहाड़ियों से उतरते झरने बादलों से ढकी चोटियां और जंगलों के बीच छाई धुंध यहां आने वाले पर्यटकों को अलग ही अनुभव देती है। पचमढ़ी को मानसून में घूमने की खास वजह यहां के झरने और प्राकृतिक नजारे हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन भी बारिश के मौसम में पचमढ़ी के धूपगढ़ और आसपास के प्राकृतिक स्थलों को खास आकर्षण के तौर पर बताता है।

    बारिश के मौसम में पचमढ़ी की सबसे खास बात यहां कऔर ठंडा मौसम है। सितंबर की शुरुआत में भी मौसम विभाग के पर्यटन पूर्वानुमान में पचमढ़ी में बादल और बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना दर्ज की गई है। 3 सितंबर को यहां अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जबकि पिछले 24 घंटे में 9 मिलीमीटर बारिश हुई थी। आने वाले दिनों में भी बादलों और बारिश का दौर बने रहने के संकेत मिले हैं।

    मानसून में पचमढ़ी घूमने वालों के लिए बी फॉल्स राजत प्रपात और अप्सरा विहार खास आकर्षण बने रहते हैं। बारिश के बाद इन झरनों में पानी का प्रवाह बढ़ जाता है जिससे इनका नजारा बेहद शानदार दिखाई देता है। राजत प्रपात करीब 350 फीट की ऊंचाई से गिरता है और धूप पड़ने पर पानी की धार चांदी की पट्टी जैसी नजर आती है। अप्सरा विहार भी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है और यहां तक पहुंचने के लिए छोटा पैदल रास्ता तय करना पड़ता है।

    इसके अलावा धूपगढ़ मानसून में पचमढ़ी की यात्रा का सबसे यादगार पड़ाव बन सकता है। बारिश के बाद पहाड़ों पर छाई धुंध और बादलों के बीच से दिखाई देने वाला नजारा पर्यटकों को आकर्षित करता है। सतपुड़ा की पहाड़ियों पर हरियाली की चादर बिछ जाती है और कई जगहों पर बादल इतने नीचे नजर आते हैं कि ऐसा लगता है जैसे पर्यटक बादलों के बीच खड़े हों। पचमढ़ी समुद्र तल से करीब 1067 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसी वजह से बारिश के दौरान यहां का वातावरण मैदानी इलाकों की तुलना में काफी ठंडा और खुशनुमा रहता है।

    हालांकि बारिश के मौसम में पचमढ़ी घूमने का अपना रोमांच है लेकिन यात्रा के दौरान सावधानी भी बेहद जरूरी है। लगातार बारिश के बाद पहाड़ी रास्ते और ट्रैक फिसलन भरे हो सकते हैं इसलिए मजबूत ग्रिप वाले जूते पहनना बेहतर रहेगा। झरनों और गहरी घाटियों के आसपास सुरक्षा घेरा पार करने से बचना चाहिए। मौसम अचानक खराब होने पर ऊंचे और खुले स्थानों पर जाने से भी बचना जरूरी है। जंगल या ट्रैकिंग वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और गाइड के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

    बारिश में पचमढ़ी जाने वालों को छाता या रेनकोट के साथ अतिरिक्त कपड़े और मोबाइल को सुरक्षित रखने के लिए वाटरप्रूफ कवर भी रखना चाहिए। अगर यात्रा का उद्देश्य झरनों और हरियाली का आनंद लेना है तो सुबह का समय बेहतर रह सकता है क्योंकि बाद में बारिश तेज होने पर कुछ रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान देखकर ही दिन की यात्रा तय करना समझदारी होगी।

    कुल मिलाकर बारिश के मौसम में पचमढ़ी उन लोगों के लिए शानदार पर्यटन स्थल है जो भीड़भाड़ से दूर पहाड़ हरियाली झरने और बादलों के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं। मानसून में यहां की प्रकृति का रंग पूरी तरह बदल जाता है और यही वजह है कि बारिश के दिनों में पचमढ़ी की यात्रा सामान्य पर्यटन से कहीं ज्यादा यादगार बन जाती है।