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  • अगस्त में शुरू होगी मध्य प्रदेश के ‘अमरनाथ’ नागद्वारी की ऐतिहासिक यात्रा, कलेक्टर ने दुर्गम पहाड़ियों पर पैदल पहुंचकर परखी तैयारियां

    अगस्त में शुरू होगी मध्य प्रदेश के ‘अमरनाथ’ नागद्वारी की ऐतिहासिक यात्रा, कलेक्टर ने दुर्गम पहाड़ियों पर पैदल पहुंचकर परखी तैयारियां


     मध्य प्रदेश: के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल नागद्वारी यात्रा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। सतपुड़ा की पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच स्थित प्रसिद्ध नागद्वारी गुफा में हर वर्ष आयोजित होने वाली यह यात्रा इस बार अगस्त माह में नागपंचमी के अवसर पर शुरू होगी। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित आमद को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारी आरंभ कर दी है। इसी क्रम में वरिष्ठ अधिकारियों ने दुर्गम पहाड़ी मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा और सुविधाओं का जायजा लिया।

    नर्मदापुरम जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने यात्रा मार्ग का पैदल भ्रमण कर उन सभी स्थानों का निरीक्षण किया जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक रहती है। पहाड़ी रास्तों, संकरे ट्रैक और वन क्षेत्र से गुजरने वाले मार्गों की स्थिति का बारीकी से अध्ययन किया गया ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा या सुरक्षा संबंधी समस्या उत्पन्न न हो। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

    नागद्वारी गुफा पचमढ़ी क्षेत्र के घने जंगलों और प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थान भगवान नागदेव से जुड़ी विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है। हर वर्ष नागपंचमी के दौरान यहां विशाल मेला आयोजित होता है, जिसमें मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था इस यात्रा को प्रदेश के महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में शामिल करती है।

    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जलगली, नागफनी, कालाझाड़, चिंतामन और स्वर्गद्वार जैसे प्रमुख मार्गों की स्थिति का मूल्यांकन किया। ये सभी क्षेत्र ऊबड़-खाबड़ और चुनौतीपूर्ण ट्रैकिंग मार्गों के लिए जाने जाते हैं। यात्रा के दौरान इन्हीं रास्तों से होकर श्रद्धालुओं को गुजरना पड़ता है। इसलिए प्रशासन इन मार्गों को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए विशेष योजना पर कार्य कर रहा है।

    यात्रा की तैयारियों के तहत संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क और ट्रैकिंग मार्गों के सुधार, आवश्यक संकेतक बोर्डों की स्थापना, विश्राम स्थलों के विकास, विद्युत व्यवस्था तथा पेयजल सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

    प्रशासन का मानना है कि धार्मिक आयोजन के सफल संचालन के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से सभी जिम्मेदार विभागों को स्पष्ट दायित्व सौंपे गए हैं ताकि यात्रा शुरू होने से पहले आवश्यक कार्य पूरे किए जा सकें। सुरक्षा व्यवस्था को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

    नागद्वारी यात्रा केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन से स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और अन्य सेवाओं को बढ़ावा मिलता है। यही कारण है कि प्रशासन इस आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुटा हुआ है।

    आगामी अगस्त में शुरू होने वाली यह यात्रा एक बार फिर आस्था, प्रकृति और सांस्कृतिक विरासत के संगम का प्रतीक बनेगी। प्रशासनिक तैयारियों की गति को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

  • कम खर्च, बड़ा असर,पचमढ़ी में सफाई की नई क्रांति: अब एक हाई-टेक गाड़ी करेगी 20 मजदूरों का काम

    कम खर्च, बड़ा असर,पचमढ़ी में सफाई की नई क्रांति: अब एक हाई-टेक गाड़ी करेगी 20 मजदूरों का काम

    मध्यप्रदेश/नर्मदापुरम  के पचमढ़ी में स्वच्छता को लेकर एक ऐसा बदलाव शुरू हुआ है, जिसने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में काम करने के तरीके को ही बदल दिया है। पहाड़ों और संकरे रास्तों के बीच जहां कचरा प्रबंधन लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बना हुआ था, वहीं अब एक नई तकनीकी पहल ने इस समस्या का प्रभावी समाधान पेश किया है।

    यह बदलाव एक विशेष रूप से तैयार की गई 4×4 कचरा गाड़ी के जरिए संभव हुआ है। इस गाड़ी को ऐसे इलाकों के लिए डिजाइन किया गया है, जहां सामान्य वाहन पहुंचने में असमर्थ रहते हैं। पचमढ़ी के ऊंचे-नीचे रास्ते, पथरीली जमीन और संकरी गलियां अब इस गाड़ी के लिए बाधा नहीं रहीं। यह वाहन उन स्थानों तक आसानी से पहुंच जाता है, जहां पहले सफाई करना बेहद कठिन होता था।

    इस गाड़ी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसका हाइड्रोलिक सिस्टम है। इसकी मदद से कचरे को उठाना और खाली करना बेहद आसान हो गया है। पहले जहां सफाई कर्मियों को भारी मात्रा में कचरा अपने हाथों से उठाकर दूर तक ले जाना पड़ता था, वहीं अब यह प्रक्रिया काफी हद तक मशीन पर निर्भर हो गई है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि श्रमिकों को शारीरिक मेहनत से भी राहत मिल रही है।

    पचमढ़ी जैसे पर्यटन और धार्मिक महत्व वाले स्थान पर बड़े आयोजनों के दौरान सफाई एक गंभीर चुनौती बन जाती थी। नागद्वारी जैसे मेलों में हजारों लोग जुटते हैं, जिससे भारी मात्रा में कचरा इकट्ठा हो जाता है। पहले सफाई कर्मियों को कई किलोमीटर दूर से कचरा ढोकर लाना पड़ता था, जो बेहद कठिन और समय लेने वाला काम था। लेकिन अब यह नई गाड़ी एक ही चक्कर में बड़ी मात्रा में कचरा उठाकर ले जाने में सक्षम है।

    बताया जा रहा है कि यह गाड़ी अकेले ही 15 से 20 लोगों के काम के बराबर कार्य कर सकती है। इससे सफाई व्यवस्था में तेजी आई है और काम अधिक व्यवस्थित तरीके से होने लगा है। सबसे अहम बात यह है कि इससे सफाई कर्मियों का बोझ काफी कम हो गया है, जिससे उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ी है।

    इस पहल की एक और खासियत इसकी लागत है। सीमित बजट में तैयार की गई यह गाड़ी यह दर्शाती है कि बड़े बदलाव के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती। सही योजना और नवाचार के जरिए कम लागत में भी प्रभावी समाधान निकाले जा सकते हैं।

    अब पचमढ़ी में यह गाड़ी केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि एक मॉडल बन गई है, जिसे अन्य दुर्गम क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है। यह पहल दिखाती है कि तकनीक का सही उपयोग न केवल समस्याओं को हल कर सकता है, बल्कि काम करने के तरीके को भी पूरी तरह बदल सकता है।

    इस तरह पचमढ़ी ने यह साबित कर दिया है कि इच्छाशक्ति और नवाचार के साथ किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है, और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी नई दिशा दी जा सकती है।

  • मप्र के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी प्रतिष्ठित 'ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज' सर्टिफिकेट से सम्मानित

    मप्र के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी प्रतिष्ठित 'ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज' सर्टिफिकेट से सम्मानित


    भोपाल।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व और प्रदेश में ‘रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म’ को बढ़ावा देने के प्रयासों के फलस्वरूप मध्य प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। जर्मनी के बर्लिन में आयोजित ‘आईटीबी बर्लिन ट्रैवल मार्ट’ में प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी को प्रतिष्ठित ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज’ सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया है।

    इसके साथ ही पचमढ़ी यह अंतरराष्ट्रीय गौरव हासिल करने वाला देश का पहला हिल स्टेशन बन गया है। मप्र टूरिज्म बोर्ड की ओर से उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह ने यह सम्मान प्राप्त किया। यह प्रमाणन नीदरलैंड स्थित ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस फाउंडेशन’ द्वारा प्रदान किया जाता है, जो ‘ग्लोबल सस्टेनेबल टूरिज्म काउंसिल’ से मान्यता प्राप्त संस्था है।

    मप्र के पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने गुरुवार को उक्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश पर्यटन नित नई ऊँचाइयों को छू रहा है। पचमढ़ी को मिला यह ‘ग्रीन डेस्टिनेशन ब्रॉन्ज’ सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण है कि हम पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति को सहेजने में भी अग्रणी हैं। यह उपलब्धि पचमढ़ी को वैश्विक स्तर पर एक ‘सस्टेनेबल टूरिज्म डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित करेगी, जिससे यहाँ अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।

    मप्र टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी ने कहा कि यह सम्मान पचमढ़ी में विरासत संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन ऊर्जा और जलवायु संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की वैश्विक पहचान है। इस उपलब्धि के साथ ही अब पचमढ़ी देश के अन्य पहाड़ी पर्यटन स्थलों और इको-टूरिज्म साइट्स के लिए एक ‘रेप्लिकेबल मॉडल’ (अनुकरणीय मॉडल) के रूप में उभरा है। यह मान्यता प्रदेश में ‘रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म’ को और अधिक सशक्त बनाएगी।

    स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक मानक

    ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस’ अंतर्राष्ट्रीय स्तर का एक प्रतिष्ठित प्रमाणन कार्यक्रम है, जो आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक-सांस्कृतिक स्थिरता के 3 मुख्य स्तंभों पर केंद्रित है।

    कठोर परीक्षण में मिली सफलता

    पचमढ़ी का चयन अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित एक अत्यंत जटिल और सूक्ष्म मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद किया गया। इसके तहत डेस्टिनेशन मैनेजमेंट, प्रकृति एवं परिदृश्य, पर्यावरण और जलवायु, संस्कृति एवं परंपरा, सामाजिक कल्याण और व्यापारिक संचार जैसे 6 प्रमुख विषयों के 75 कड़े मापदंडों पर पचमढ़ी का परीक्षण किया गया। मूल्यांकन में पचमढ़ी ने 10 में से 6.5 का स्कोर और 40% का GSTC अनुपालन स्तर हासिल किया।

    पर्यटन बोर्ड के प्रयासों का परिणाम

    मप्र टूरिज्म बोर्ड द्वारा इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे थे। इस परियोजना के तहत नवंबर 2025 में पचमढ़ी में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसके बाद व्यापक फील्ड वर्क, डेटा कलेक्शन और दस्तावेजीकरण किया गया। फरवरी 2026 में अंतरराष्ट्रीय ऑडिटर द्वारा ऑन-साइट ऑडिट के बाद इस उपलब्धि पर मुहर लगी।

  • एलपीजी सिलेंडर फटने से होटल में भयंकर धमाका, हड़कंप मचा..

    एलपीजी सिलेंडर फटने से होटल में भयंकर धमाका, हड़कंप मचा..


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में एक होटल में अचानक ब्लास्ट होने से हड़कंप मच गया जानकारी के अनुसार घटना पचमढ़ी थाना क्षेत्र के सिनेरिटी होटल में सुबह करीब 8.30 बजे हुई धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग डर गएघटना में महाराष्ट्र के बुलढाना जिले के एक ही परिवार के चार पर्यटक घायल हो गए वहीं होटल का एक कुक भी आग में झुलस गया सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनका इलाज जारी है

    धमाका इतना भयंकर था कि होटल से लगभग 20 मीटर दूर स्थित पांडव रिट्रीट तक इसका असर महसूस किया गया होटल को भी काफी नुकसान हुआ है सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दीबताया जा रहा है कि सिनेरिटी होटल किराये पर चल रहा था इस होटल का मालिक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक संजीव शर्मा हैं जबकि इसे कांग्रेस नेता के भाई तुषार जायसवाल ने किराये पर लेकर संचालन किया था होटल से एक कमर्शियल सिलेंडर भी बरामद हुआ है जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ब्लास्ट शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से हुआ या इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई है पुलिस और फॉरेंसिक टीम दोनों ने होटल के अंदर और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कियाघटना के बाद होटल में ठहरे अन्य पर्यटक भी हड़बड़ाए और होटल परिसर खाली कराया गया स्थानीय प्रशासन ने होटल की सुरक्षा और आसपास के इलाके में सावधानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की दूसरी घटना से बचा जा सके

    इस घटना ने हिल स्टेशन पचमढ़ी में पर्यटकों की सुरक्षा और होटल संचालन में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता पर सवाल खड़ा कर दिया है होटल मालिक और संचालक दोनों पुलिस के संपर्क में हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैंघायलों के स्वास्थ्य की लगातार जानकारी ली जा रही है और अस्पताल में उनके इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई है पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों या लापरवाही करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है

  • पचमढ़ी में बढ़ी पर्यटकों की संख्या विंटर वेकेशन से पहले होटल 60% तक फुल जिप्सी सफारी किराए में भी बढ़ोतरी

    पचमढ़ी में बढ़ी पर्यटकों की संख्या विंटर वेकेशन से पहले होटल 60% तक फुल जिप्सी सफारी किराए में भी बढ़ोतरी


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में इस साल विंटर वेकेशन के दौरान पर्यटकों की भारी संख्या आने की संभावना है। 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक का समय पचमढ़ी में पीक सीजन के रूप में घोषित किया गया है। इस दौरान पर्यटकों के लिए कई नई घोषणाएं की गई हैं जिनमें जिप्सी सफारी और होटल किराए में बढ़ोतरी प्रमुख हैं।

    जिप्सी सफारी किराए में वृद्धि
    पचमढ़ी में पर्यटकों को अब जिप्सी सफारी के लिए पहले से अधिक किराया चुकाना होगा। अब प्रत्येक पर्यटन स्थल के लिए जिप्सी सफारी का किराया पुराने किराए से एक हजार रुपए अधिक होगा। यह बढ़ा हुआ किराया 2 जनवरी तक लागू रहेगा। इसी तरह टैक्सी किराए में भी बढ़ोतरी की गई है। टैक्सी संचालकों के अनुसार पीक सीजन के दौरान पर्यटकों को किसी भी पर्यटन स्थल पर जाने के लिए अतिरिक्त 1000 रुपए चुकाने होंगे।

    होटलों के किराए में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी

    पचमढ़ी में होटलों के कमरों के किराए में भी बढ़ोतरी की गई है। होटल संचालकों का कहना है कि 12 से 14 दिन पहले की गई एडवांस बुकिंग के चलते कई होटल पहले ही 60% तक बुक हो चुके हैं। पचमढ़ी में कुल 100 से अधिक छोटे-बड़े होटल हैं लेकिन बढ़ती भीड़ के कारण कमरों की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। इस समय होटलों में कमरे 2000 रुपए से शुरू हो रहे हैं और पीक सीजन के दौरान इनकी कीमत में और वृद्धि की संभावना है।

    नए साल की बुकिंग में तेजी

    नए साल के मौके पर पचमढ़ी में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। होटल और रिसॉर्ट्स में 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए 60% से अधिक बुकिंग पहले ही हो चुकी है। शनिवार और रविवार को भी बड़ी संख्या में पर्यटक पचमढ़ी का रुख कर रहे हैं। नए साल के जश्न को लेकर पचमढ़ी में हलचल बढ़ गई है और पर्यटकों के बीच इस समय को मनाने का जोश है।

    सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
    पचमढ़ी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पिपरिया एसडीओपी को पचमढ़ी की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और रात में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। जाम से निपटने के लिए विशेष पॉइंट चिन्हित किए जा रहे हैं जहां पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा पचमढ़ी और पिपरिया थाना स्टाफ भी गश्त करता रहेगा।

    पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थल

    पचमढ़ी में पर्यटकों को आकर्षित करने वाले कई प्रमुख स्थल हैं जिनमें प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थल शामिल हैं पांडव गुफाएं यह स्थल पचमढ़ी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को दर्शाता है मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां समय बिताया।प्राकृतिक झरने पचमढ़ी में बी-फॉल रजत प्रपात करीब 350 फीट ऊंचा और अप्सरा विहार जैसे खूबसूरत झरने पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। धूपगढ़ पचमढ़ी का सबसे ऊंचा बिंदु है जहां से सूर्यास्त का दृश्य बेहद आकर्षक होता है। धार्मिक स्थल पचमढ़ी में स्थित चौरागढ़ और जटाशंकर मंदिर प्रमुख शिव मंदिर हैं जहां महाशिवरात्रि के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है।
    इन प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ पचमढ़ी में शांति ठंडा मौसम और हरे-भरे जंगल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। पचमढ़ी में विंटर वेकेशन से पहले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है और पीक सीजन के दौरान होटल और सफारी के किराए में भी वृद्धि की गई है। पर्यटकों के लिए सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि वे अपनी छुट्टियां बिना किसी समस्या के अच्छे से मना सकें। पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सुंदरता और शांति इसे मध्य प्रदेश का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाती है जहां हर साल सैलानियों का तांता लगा रहता है।