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  • आतंकी मॉड्यूल का खुलासा: MP के युवकों पर ISI के लिए काम करने का आरोप

    आतंकी मॉड्यूल का खुलासा: MP के युवकों पर ISI के लिए काम करने का आरोप


    नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मध्यप्रदेश के तीन युवकों को गिरफ्तार कर एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है। पुलिस का दावा है कि ये युवक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे और दिल्ली के ऐतिहासिक मंदिर, हाईवे के एक प्रसिद्ध ढाबे तथा हरियाणा के सैन्य कैंप को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टीकमगढ़ निवासी अनमोल राय (24), ग्वालियर के डबरा निवासी राजवीर (21) और विवेक बंजारा (19) के रूप में हुई है। तीनों को दिल्ली पुलिस ने मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया है।

     मोबाइल से मिले संदिग्ध ई-मेल और पाकिस्तान कनेक्श
    स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध ई-मेल, ऑडियो और वीडियो कॉल रिकॉर्ड मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया कि सोशल मीडिया के जरिए संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे गए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन युवकों को आतंकी गतिविधियों से जोड़ने के बदले क्या आर्थिक या अन्य लाभ दिए गए थे।

     ऐतिहासिक मंदिर की रेकी कर भेजी तस्वीरे
    दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर की रेकी की थी। मंदिर परिसर और वहां तैनात पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों की तस्वीरें पाकिस्तान भेजी गई थीं। जांच एजेंसियों का मानना है कि मॉड्यूल का मकसद मंदिर परिसर में हमला कर दहशत फैलाना था।

    हाईवे के ढाबे पर ग्रेनेड हमले की साजि
    जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर स्थित एक प्रसिद्ध ढाबे को भी निशाना बनाया गया था। आरोपियों को वहां ग्रेनेड हमला करने का टास्क दिया गया था। यह ढाबा प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही वाला स्थान माना जाता है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां इस साजिश को बेहद गंभीर मान रही हैं।

     सैन्य कैंप की भी की गई रेक
    पुलिस के अनुसार, हरियाणा के हिसार स्थित सैन्य कैंप और उसके आसपास के इलाकों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई थी। इन वीडियो को पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचाया गया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिस थाने भी मॉड्यूल के निशाने पर बताए जा रहे हैं।

    ‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ में हुआ खुलासा
    यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा चलाए जा रहे “गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0” के तहत की गई। इससे पहले भी इस ऑपरेशन में कई राज्यों से संदिग्ध ऑपरेटिव्स गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब जांच एजेंसियां मॉड्यूल के नेटवर्क, फंडिंग और सीमा पार संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं।

    सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच जार
    दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सुरक्षा सफलता माना जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन जुड़े हुए हैं।

  • पंजाब-दिल्ली में बड़े हमले की साजिश नाकाम, अमृतसर में पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश

    पंजाब-दिल्ली में बड़े हमले की साजिश नाकाम, अमृतसर में पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश


    नई दिल्ली । पंजाब और दिल्ली को दहलाने की साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया है। अमृतसर में स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल ने पाकिस्तान समर्थित एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक रिमोट कंट्रोल आईईडी विदेशी निर्मित पिस्तौल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस विस्फोटक खेप का इस्तेमाल पंजाब और दिल्ली समेत अन्य राज्यों में बड़े हमलों के लिए किया जाना था।

    पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस ऑपरेशन की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जांच में स्पष्ट हुआ है कि बरामद आतंकी सामग्री सीमा पार से पाकिस्तान की ओर से भेजी गई थी। गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित अपने हैंडलर के सीधे संपर्क में था जो एक आतंकी नेटवर्क के इशारे पर काम कर रहा था।

    जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी को इंटरनेट कॉलिंग और सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए निर्देश दिए जा रहे थे। वह एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बचने की कोशिश कर रहा था। बरामद रिमोट कंट्रोल आईईडी इस बात का संकेत देता है कि किसी भीड़भाड़ वाले इलाके या महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान को निशाना बनाने की योजना थी। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से संभावित बड़ा हमला टल गया।

    पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। यह भी जांच की जा रही है कि फंडिंग लॉजिस्टिक्स और हथियारों की सप्लाई की पूरी श्रृंखला कैसे संचालित हो रही थी। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क के तार सीमा पार बैठे आकाओं से जुड़े हो सकते हैं।

    हाल के दिनों में पंजाब में हथियारों और विस्फोटकों की बरामदगी की घटनाएं बढ़ी हैं। एक दिन पहले भी आरडीएक्स से बने एक आईईडी को बरामद कर बड़ी साजिश को विफल किया गया था। उस मामले में भी एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था जिसके आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले थे। इसके अलावा अमृतसर क्षेत्र में सीमा पार से भेजे गए दो हैंड ग्रेनेड भी जब्त किए गए थे।

    सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों के जरिए ड्रोन और अन्य माध्यमों से हथियारों की तस्करी की कोशिशें की जा रही हैं। पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान चला रही हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी के नेटवर्क की परतें खोलने का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और साजिश रचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।