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  • हॉकी विश्व कप में भारत-पाकिस्तान आमने सामने 16 साल बाद वर्ल्ड कप में टक्कर जीत के साथ इतिहास दोहराना चाहेगा भारत

    हॉकी विश्व कप में भारत-पाकिस्तान आमने सामने 16 साल बाद वर्ल्ड कप में टक्कर जीत के साथ इतिहास दोहराना चाहेगा भारत


    नई दिल्ली। हॉकी विश्व कप 2026 में बुधवार को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला सिर्फ दो चिर प्रतिद्वंद्वी टीमों की भिड़ंत नहीं बल्कि अगले दौर में पहुंचने की जंग भी है। एम्सटेलवीन के वैगनर स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले पर दुनियाभर के हॉकी प्रशंसकों की नजरें टिकी हैं। दोनों पड़ोसी देशों के बीच हॉकी की प्रतिद्वंद्विता लंबे समय से बेहद खास रही है और विश्व कप जैसे बड़े मंच पर दोनों का आमना सामना इस मुकाबले को और रोमांचक बना देता है। भारत और पाकिस्तान की यह भिड़ंत 19 अगस्त को शाम 6:30 बजे भारतीय समयानुसार शुरू होगी।

    भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्रुप डी में टीम ने अब तक एक मुकाबला जीता है और एक में हार का सामना किया है। भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत वेल्स के खिलाफ 3-1 की शानदार जीत के साथ की थी। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ उसे 2-4 से हार झेलनी पड़ी। ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला आखिरी ग्रुप मुकाबला टीम इंडिया के लिए आगे की राह तय करने वाला है। भारत की कोशिश होगी कि मजबूत प्रदर्शन के साथ अगले चरण में अपनी जगह पक्की करे।

    दूसरी तरफ पाकिस्तान के लिए मुकाबले की चुनौती और भी बड़ी है। पाकिस्तान ने ग्रुप चरण में अब तक जीत दर्ज नहीं की है और उसकी स्थिति बेहद दबाव वाली है। चार टीमों वाले ग्रुप में भारत के साथ इंग्लैंड वेल्स और पाकिस्तान शामिल हैं। टूर्नामेंट के प्रारूप के मुताबिक ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली टीम सीधे अगले चरण में जाएगी जबकि अन्य टीमों को आगे बढ़ने के लिए क्रॉसओवर मुकाबलों का रास्ता अपनाना होगा। इसलिए दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम माना जा रहा है।

    भारत और पाकिस्तान के बीच हॉकी मुकाबलों का इतिहास बेहद पुराना और रोमांचक रहा है। दोनों टीमें जब भी मैदान पर उतरती हैं तो मुकाबले में खेल के साथ भावनाओं का भी खास रंग देखने को मिलता है। पिछले कुछ वर्षों में भारत का प्रदर्शन पाकिस्तान के खिलाफ काफी मजबूत रहा है। विश्व कप के इतिहास में दोनों टीमें पांच बार आमने सामने आई हैं जिनमें भारत ने तीन मुकाबले जीते हैं जबकि पाकिस्तान को दो मैचों में सफलता मिली है। दोनों टीमों की पिछली विश्व कप भिड़ंत 2010 में हुई थी और उस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 4-1 से हराया था।

    भारतीय टीम इस बार भी उसी दबदबे को कायम रखना चाहेगी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत जीत के साथ की थी और कप्तान ने वेल्स के खिलाफ दो गोल कर अहम भूमिका निभाई थी। इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद भारतीय टीम अब अपनी गलतियों को सुधारते हुए पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक और संतुलित हॉकी खेलने के इरादे से मैदान में उतर सकती है।

    मुकाबले की खास बात यह भी है कि पाकिस्तान लंबे अंतराल के बाद हॉकी विश्व कप में लौटा है। चार बार का विश्व चैंपियन पाकिस्तान हाल के वर्षों में मुश्किल दौर से गुजरा है लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर उसकी मौजूदगी भारत के मुकाबले को और खास बनाती है। दूसरी ओर भारत लंबे समय से विश्व कप खिताब का इंतजार कर रहा है और 1975 के बाद दूसरी बार ट्रॉफी जीतने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरा है।

    भारत-पाकिस्तान की इस भिड़ंत में सिर्फ तीन अंक या अगले दौर की स्थिति ही दांव पर नहीं होगी बल्कि दोनों टीमों के लिए प्रतिष्ठा भी महत्वपूर्ण होगी। भारत जहां पिछले प्रदर्शन की लय वापस हासिल करना चाहेगा वहीं पाकिस्तान विश्व कप में अपनी वापसी को यादगार बनाने के लिए बड़ा उलटफेर करने की कोशिश करेगा। ऐसे में वैगनर स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला हॉकी प्रशंसकों के लिए रोमांच और दबाव से भरपूर रहने की उम्मीद है।

  • हॉकी में भारत का जलवा बरकरार: पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फिर लहराया तिरंगा

    हॉकी में भारत का जलवा बरकरार: पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फिर लहराया तिरंगा


    नई दिल्ली ।एफआईएच प्रो लीग 2025-26 में भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया मुकाबला एक बार फिर हॉकी प्रेमियों के लिए यादगार बन गया। लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 4-3 से शिकस्त दी। कप्तान Harmanpreet Singh की अगुवाई में टीम इंडिया ने न केवल जीत दर्ज की बल्कि पिछले एक दशक से जारी अपने दबदबे को भी बरकरार रखा।

    ओलंपिक चैंपियन Netherlands पर जीत के बाद आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम मैदान में उतरी थी। हालांकि मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पहले क्वार्टर के आठवें मिनट में पाकिस्तान के नदीम अहमद ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलते हुए अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती झटके के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने संयम नहीं खोया और लगातार पाकिस्तानी गोलपोस्ट पर दबाव बनाए रखा।

    दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। 22वें मिनट में अभिषेक ने रिबाउंड पर गोल दागकर भारत को बराबरी दिलाई। इसके केवल दो मिनट बाद नीलकांत शर्मा ने शानदार फील्ड गोल करते हुए भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी। हाफटाइम तक भारतीय टीम पूरी तरह लय में दिखाई दी और पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाती रही।

    तीसरे क्वार्टर में भी भारत का आक्रमण जारी रहा। 40वें मिनट में सुखजीत सिंह ने बेहतरीन कौशल का प्रदर्शन करते हुए शानदार गोल दागा। उन्होंने गेंद को हवा में उछालकर ऐसा शॉट लगाया जिसे रोक पाना पाकिस्तानी गोलकीपर के लिए संभव नहीं था। इस गोल ने भारत की बढ़त 3-1 कर दी और मैच पर उसकी पकड़ मजबूत हो गई।

    चौथे क्वार्टर में मुकाबला और रोमांचक हो गया। 52वें मिनट में राजिंदर सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार गोल करते हुए भारत को 4-1 की मजबूत बढ़त दिलाई। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के सटीक पास का राजिंदर ने शानदार तरीके से फायदा उठाया। हालांकि पाकिस्तान ने हार नहीं मानी और अबू महमूद तथा मोइन शकील के गोलों की बदौलत स्कोर 4-3 तक पहुंचा दिया। अंतिम मिनटों में पाकिस्तान ने बराबरी की भरपूर कोशिश की लेकिन भारतीय डिफेंस ने मजबूती दिखाते हुए जीत सुनिश्चित कर ली।

    इस मुकाबले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हाल के वर्षों में भारत हॉकी में पाकिस्तान पर लगातार हावी रहा है। दोनों देशों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों में पाकिस्तान ने कुल 82 और भारत ने 68 जीत दर्ज की हैं लेकिन पिछले दस वर्षों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। इस दौरान भारत पाकिस्तान के खिलाफ 18 मुकाबलों में अपराजित रहा है जिसमें 16 जीत और दो ड्रॉ शामिल हैं।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम ने एफआईएच प्रो लीग अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की है। 13 मुकाबलों में तीन जीत के साथ भारत सातवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं पाकिस्तान की टीम लगातार 13 हार के साथ तालिका में सबसे नीचे बनी हुई है। अब भारतीय टीम की नजर अगले मुकाबलों पर होगी जहां उसे पाकिस्तान के खिलाफ एक और मैच तथा इंग्लैंड के खिलाफ दो महत्वपूर्ण मुकाबले खेलने हैं।

    यह जीत केवल अंक तालिका के लिहाज से ही नहीं बल्कि मनोबल के स्तर पर भी भारतीय टीम के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। हरमनप्रीत ब्रिगेड ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में दबाव को कैसे अवसर में बदला जाता है।