Tag: PakistanCricket

  • पाकिस्तान ने भारत में खेलने से किया इनकार, इंटरनेशनल मास्टर्स वर्ल्ड कप से हटे डिफेंडिंग चैंपियन

    पाकिस्तान ने भारत में खेलने से किया इनकार, इंटरनेशनल मास्टर्स वर्ल्ड कप से हटे डिफेंडिंग चैंपियन

    नई दिल्ली । पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अपनी ओवर-50 क्रिकेट टीम को भारत में होने वाले इंटरनेशनल मास्टर्स क्रिकेट वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। यह टूर्नामेंट जनवरी 2027 में भारत में आयोजित होना है। पाकिस्तान के इस फैसले के बाद उसकी टीम प्रतियोगिता से हट गई है।

    खास बात यह है कि पाकिस्तानी टीम पिछले साल श्रीलंका में आयोजित इस टूर्नामेंट की विजेता रही थी और अब उसे अपने खिताब का बचाव करने का मौका नहीं मिलेगा। बुधवार, 21 अक्टूबर को पाकिस्तान की ओर से इस फैसले की जानकारी साझा की गई। टीम के हटने के बाद आयोजकों को प्रतियोगिता में उसकी जगह किसी दूसरी टीम को शामिल करने की व्यवस्था करनी होगी।

    पाकिस्तान की टीम की भागीदारी को लेकर पहले भारतीय आयोजकों और टूर्नामेंट प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिए गए थे। पाकिस्तान वेटरंस क्रिकेट एसोसिएशन (पीवीसीए) को भरोसा दिलाया गया था कि टीम के खिलाड़ियों को समय पर वीजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही भारत में खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए उच्च स्तर के इंतजाम करने की बात भी कही गई थी।

    इन आश्वासनों के बाद पीवीसीए ने अपनी सरकार और क्रिकेट बोर्ड से भारत जाकर टूर्नामेंट खेलने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, तमाम तैयारियों और आश्वासनों के बावजूद पाकिस्तान की टीम को भारत आने की मंजूरी नहीं मिल सकी। इस फैसले के कारण टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी समाप्त हो गई है।

    पाकिस्तान वेटरंस क्रिकेट एसोसिएशन के प्रमुख फवाद एजाज ने बुधवार को बताया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उनकी टीम को भारत जाकर खेलने की अनुमति देने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि आयोजकों को पहले ही टीम के हटने की सूचना दे दी गई है, ताकि वे समय रहते किसी दूसरी टीम को शामिल करने की व्यवस्था कर सकें।

    फवाद एजाज के मुताबिक, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी इस संबंध में स्पष्ट कर दिया था कि टीम को भारत में खेलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख भी हैं। बोर्ड और संबंधित मंत्रालयों से हरी झंडी नहीं मिलने के कारण पिछले संस्करण की विजेता टीम को टूर्नामेंट से पीछे हटना पड़ा। इस तरह खिलाड़ियों की भागीदारी का फैसला अंततः बोर्ड और सरकार की अनुमति पर निर्भर रहा।

    भारत में किसी प्रतियोगिता में भाग लेने से पाकिस्तान की किसी टीम के इनकार का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने भी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में खेलने के लिए भारत आने से मना कर दिया था। उस समय पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश की टीम को प्रतियोगिता में शामिल किया गया था।

    अब इंटरनेशनल मास्टर्स क्रिकेट वर्ल्ड कप से पाकिस्तान की ओवर-50 टीम के हटने के बाद आयोजकों को फिर से वैकल्पिक टीम की व्यवस्था करनी होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की जगह किस टीम को शामिल किया जाएगा, इसका नाम सामने नहीं आया है। आयोजकों को टूर्नामेंट की तैयारियों के बीच इस खाली स्थान को भरने की व्यवस्था करनी होगी, ताकि प्रतियोगिता का कार्यक्रम प्रभावित न हो।

    भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से राजनीतिक तनाव और खराब संबंधों का असर खेल आयोजनों पर भी दिखाई देता रहा है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज लंबे समय से नहीं खेली जा रही हैं। ऐसे में भारतीय और पाकिस्तानी टीमें आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) या एशियाई स्तर के बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में ही एक-दूसरे के खिलाफ खेलती हैं।

    इंटरनेशनल मास्टर्स क्रिकेट वर्ल्ड कप से पाकिस्तान की टीम के हटने का फैसला भी इसी व्यापक पृष्ठभूमि में चर्चा का विषय बना है। हालांकि, इस मामले में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से टीम को भारत आने की अनुमति नहीं दिए जाने की बात सामने आई है। टूर्नामेंट में पाकिस्तान की अनुपस्थिति के बाद अब आयोजकों के सामने उसकी जगह दूसरी टीम को शामिल करने की जिम्मेदारी है।

  • PSL 11 पर मंडराया युद्ध का साया? अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक के बाद विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा पर PCB ने तोड़ी चुप्पी

    PSL 11 पर मंडराया युद्ध का साया? अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक के बाद विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा पर PCB ने तोड़ी चुप्पी

    नई दिल्ली। पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के 11वें सीजन के आगाज से ठीक पहले पड़ोसी देश अफगानिस्तान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव ने टूर्नामेंट के आयोजन पर संशय के बादल मंडरा दिए हैं। हाल ही में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में की गई एयरस्ट्राइक, जिसमें भारी संख्या में लोगों के मारे जाने की खबरें हैं, के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट गलियारों में विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं तेज हो गई हैं। विशेष रूप से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड और वहां की सरकार द्वारा अपने खिलाड़ियों को पेशावर जैसे सीमावर्ती शहरों की यात्रा न करने की सलाह देने की खबरों ने पीसीबी (PCB) की मुश्किलों को बढ़ा दिया है।

    हालाँकि, इन तमाम आशंकाओं के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए सुरक्षा चिंताओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पीसीबी के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र और पड़ोसी देशों के साथ चल रहे संघर्ष के बावजूद, पीएसएल के आगामी सीजन में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या में कोई कमी नहीं आएगी। बोर्ड ने दावा किया है कि इस बार ऑस्ट्रेलिया से रिकॉर्ड संख्या में खिलाड़ी पाकिस्तान पहुंच रहे हैं। पीसीबी के एक सूत्र ने पीटीआई (PTI) को बताया कि यात्रा के सभी इंतजाम और सुरक्षा प्लान तैयार हैं और खिलाड़ी अगले हफ्ते से पाकिस्तान आना शुरू कर देंगे।

    विवाद की मुख्य जड़ पेशावर में होने वाला मैच है, जो अफगानिस्तान सीमा के बेहद करीब स्थित है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने सुरक्षा कारणों से अपने खिलाड़ियों को इस क्षेत्र से दूर रहने की हिदायत दी है। लेकिन पीसीबी का कहना है कि बोर्ड स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है और अतीत में भी ऐसी चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक किया गया है।

    गौरतलब है कि 26 मार्च से शुरू होने वाले पीएसएल के इस सीजन में स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर, एडम जैम्पा, मार्नस लाबुशेन और जैक फ्रेजर मैकगर्क जैसे बड़े ऑस्ट्रेलियाई सितारे शामिल होने वाले हैं। अब देखना यह होगा कि क्या ये खिलाड़ी वर्तमान तनावपूर्ण माहौल में पाकिस्तान की धरती पर कदम रखते हैं या सुरक्षा चिंताओं के चलते अपना नाम वापस लेते हैं। फिलहाल, पीसीबी इस टूर्नामेंट को ऐतिहासिक बनाने के अपने दावे पर अडिग है।

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026: क्या बारिश बुझा देगी पाकिस्तान की सेमीफाइनल की उम्मीदें? समझिए समीकरण

    टी20 वर्ल्ड कप 2026: क्या बारिश बुझा देगी पाकिस्तान की सेमीफाइनल की उम्मीदें? समझिए समीकरण


    नई दिल्ली ।कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में शनिवार को कुदरत का करिश्मा कुछ ऐसा रहा कि मैदान पर खिलाड़ियों के बजाय सिर्फ बारिश की बूंदें नजर आईं। पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला टी20 वर्ल्ड कप का अहम मुकाबला बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो गया। इस मैच के रद्द होने और दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलने के बाद, ग्रुप की स्थिति अब बेहद रोमांचक और साथ ही पेचीदा हो गई है। खास तौर पर पाकिस्तान के लिए, जिसका नेट रन रेट फिलहाल चिंता का विषय है, अब सेमीफाइनल की डगर कांटों भरी नजर आ रही है।

    चूंकि इन मैचों के लिए कोई ‘रिजर्व डे’ नहीं रखा गया है, इसलिए अंक साझा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। अब पाकिस्तान के पास कुल एक अंक है और आगे की राह बिल्कुल साफ है: “करो या मरो”। पाकिस्तान को अब 24 फरवरी को इंग्लैंड और 28 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ अपने दोनों बचे हुए मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे। यदि पाकिस्तान ये दोनों मैच जीत लेता है, तो उसके पास कुल पांच अंक हो जाएंगे, जो उसे सेमीफाइनल के दरवाजे तक ले जाने के लिए पर्याप्त होंगे। तीन मैचों के ग्रुप में पांच अंक एक ऐसा ‘सेफ स्कोर’ है, जिसे पार करना किसी भी दूसरी टीम के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा।

    असली पेंच तब फंसेगा जब पाकिस्तान एक मैच जीते और एक हार जाए। ऐसी स्थिति में टीम के पास केवल तीन अंक होंगे और फिर बात “नेट रन रेट” और दूसरी टीमों के नतीजों पर टिक जाएगी। पाकिस्तान का इतिहास गवाह है कि नेट रन रेट के मामले में वह अक्सर पिछड़ जाता है, इसलिए एक भी हार या एक और मैच का बारिश में धुलना सीधे तौर पर टीम को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा सकता है। प्रशंसकों की दुआएं अब सिर्फ जीत के लिए नहीं, बल्कि साफ मौसम के लिए भी होंगी।

    दिलचस्प बात यह है कि सांख्यिकीय दृष्टि से इस मैच के धुलने का पाकिस्तान और न्यूजीलैंड को थोड़ा फायदा भी हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सभी चारों टीमों को बराबर शक्तिशाली माना जाए, तो मैच रद्द होने से दोनों टीमों के खाते में एक गारंटीड अंक जुड़ गया है और हार का खतरा टल गया है। आंकड़ों के लिहाज से अब पाकिस्तान और न्यूजीलैंड की सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना लगभग 56.25% हो गई है, जबकि इंग्लैंड और श्रीलंका, जिन्हें अभी जोखिम भरे मैच खेलने हैं, उनकी संभावना 43.75% के आसपास है। हालांकि, यह गणित केवल तभी काम करेगा जब पाकिस्तान मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करे। फिलहाल, पाकिस्तान के लिए टूर्नामेंट का हर ओवर एक ‘फाइनल’ की तरह है।