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  • स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, जनता से सुझाव लेने के लिए जल्द शुरू होगा पोर्टल

    स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, जनता से सुझाव लेने के लिए जल्द शुरू होगा पोर्टल

    उज्जैन। मध्यप्रदेश के पंचायत और नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। छठे मध्यप्रदेश वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने बताया कि जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से आम नागरिक भी स्थानीय निकायों के विकास और वित्तीय मजबूती के लिए अपने सुझाव दे सकेंगे। फिलहाल आयोग संभाग स्तर पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सुझाव जुटा रहा है।

    उज्जैन प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए पवैया ने बताया कि आयोग अब तक छह संभागों का दौरा कर चुका है। पहले चरण में सांसदों, विधायकों, नगरीय निकायों और पंचायतों के प्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों से सुझाव लिए जा रहे हैं। सभी नौ संभागों से प्राप्त सुझावों के आधार पर आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसे राज्यपाल को सौंपा जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार स्थानीय निकायों को वित्तीय आवंटन करेगी।

    उन्होंने बताया कि अब तक कई उपयोगी सुझाव मिले हैं। इनमें प्रत्येक पंचायत और नगरीय निकाय में सोलर एनर्जी प्लांट स्थापित करने का सुझाव विशेष रूप से प्रभावी माना गया है। उनका कहना है कि वर्तमान में स्थानीय निकायों की बड़ी राशि स्ट्रीट लाइट और नल-जल योजनाओं के बिजली बिल पर खर्च होती है। यदि निकाय स्वयं बिजली उत्पादन करें तो न केवल उनका खर्च कम होगा, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी अर्जित कर सकेंगे। उन्होंने इंदौर नगर निगम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सोलर ऊर्जा और कचरे से बायोगैस बनाकर आय बढ़ाने की दिशा में सफल प्रयास किए जा रहे हैं।

    केंद्रीय वित्त आयोग की अनुदान राशि में कटौती के सवाल पर पवैया ने स्पष्ट किया कि फंड में कमी नहीं की गई है। बल्कि पहले की तुलना में अधिक राशि उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि अब अनुदान प्राप्त करने के लिए निकायों के कार्यों की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

    उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सुझाव लेने के बाद पंचायत और जनपद स्तर पर भी संवाद किया जाएगा। इसके बाद आम नागरिकों के सुझाव प्राप्त करने के लिए पोर्टल शुरू किया जाएगा। साथ ही आर्थिक विशेषज्ञों से भी परामर्श लिया जाएगा, ताकि स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने और विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाली प्रभावी सिफारिशें तैयार की जा सकें।

    बैठक के दौरान कई अन्य सुझाव भी सामने आए। नागदा-खाचरौद विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान ने ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के दौरान आवश्यक कच्चे कार्यों, जैसे मुरम और चूरी डालने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा। वहीं कांग्रेस विधायक दिनेश जैन बोस और महेश परमार ने भी आयोग के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

  • गांवों के विकास से मजबूत होगा विकसित भारत का सपना, केशव मौर्य ने पंचायतों को बनाया भविष्य की प्रगति का आधार

    गांवों के विकास से मजबूत होगा विकसित भारत का सपना, केशव मौर्य ने पंचायतों को बनाया भविष्य की प्रगति का आधार

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि गांवों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है और मजबूत एवं विकसित पंचायतों के बिना विकसित भारत की कल्पना पूरी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि आने वाला समय भारत, उत्तर प्रदेश और पूरे उत्तर भारत के विकास का है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।

    वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पंच सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास को देश की प्रगति का आधार बताया। यह सम्मेलन ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग की ओर से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकारियों को गांवों को आत्मनिर्भर और सुविधाओं से संपन्न बनाने की दिशा में काम करने का संदेश दिया गया।

    केशव मौर्य ने कहा कि सरकार की ग्रामीण विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाना, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि विकसित पंचायतों की अवधारणा के तहत योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास को गति मिल सके।

    उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, मुफ्त राशन व्यवस्था, सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों से बड़ी संख्या में लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों के कारण करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकलने का अवसर मिला है और ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार हुआ है।

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश ही विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगा। उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति, नक्सलवाद पर नियंत्रण और अन्य बड़े फैसलों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि विकास के साथ-साथ सुरक्षा और सुशासन भी किसी भी क्षेत्र की प्रगति के लिए जरूरी है।

    सम्मेलन में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने भी ग्रामीण विकास को देश के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि भारत की बड़ी आबादी गांवों में निवास करती है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों का विकास राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विकसित पंचायतों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

    कमलेश पासवान ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय देश के प्रमुख मंत्रालयों में शामिल है और आने वाले 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने, ग्रामीण उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और सरस मेलों जैसे आयोजनों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

    कार्यक्रम के दौरान काशी के विकास का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वाराणसी में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिला है। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, बेहतर सड़क सुविधाओं और हवाई संपर्क में सुधार के कारण यहां पर्यटन और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि शहरों के साथ-साथ गांवों का विकास भी समान गति से होना जरूरी है, तभी प्रदेश और देश समग्र विकास के लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे।

  • झारखंडः गुमला में पंचायत ने बच्ची से दुष्कर्म का मामला दबाकर आरोपी से वसूला जुर्माना और कर ली शराब-मटन की पार्टी

    झारखंडः गुमला में पंचायत ने बच्ची से दुष्कर्म का मामला दबाकर आरोपी से वसूला जुर्माना और कर ली शराब-मटन की पार्टी


    नई दिल्ली । झारखंड के गुमला जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जिले के घाघरा थाना क्षेत्र स्थित पलमा गांव में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की शर्मनाक घटना के बाद गांव की पंचायत ने मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपी से तत्काल 20 हजार का जुर्माना वसूला और इससे शराब एवं मटन पार्टी की।

    इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार किया। अब गैरकानूनी पंचायत बुलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है। घटना बीते शनिवार, 11 जुलाई 2026 की है, जब पलमा गांव के ही रहने वाले दरिंदे सुनील लोहरा ने तीन वर्षीय मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया और उसके साथ बर्बरता की।

    जब इस घटना की जानकारी गांव के कुछ रसूखदारों को लगी, तो उन्होंने पुलिस को सूचना देने या पीड़ित परिवार को कानूनी न्याय दिलाने के बजाय, रविवार को गांव में ही एक गुपचुप पंचायत बुला ली। इस पंचायत का मुख्य उद्देश्य पीड़ित को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि पूरे मामले को रफा-दफा करना था। पंचायत में बैठे दबंगों ने अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए मासूम के जख्मों की कीमत लगा दी और आरोपी सुनील लोहरा पर एक लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना ठोकने का फरमान सुना दिया।

    दबंगों ने आरोपी से मौके पर ही 20 हजार रुपये नकद वसूल लिए और शेष 80 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि एक सप्ताह के भीतर हर हाल में चुकाने की सख्त मोहलत दे दी। लेकिन, संवेदनहीनता का सबसे वीभत्स रूप इसके बाद देखने को मिला। पीड़ित परिवार और तड़पती हुई मासूम बच्ची के चीख-पुकार को पूरी तरह दरकिनार कर, पंचायत के इन कथित पंचों ने आरोपी से मौके पर वसूले गए उसी 20 हजार रुपये से गांव में ही मटन और शराब का बंदोबस्त किया।

    इसके बाद दुष्कर्म के पैसों से इन रसूखदारों ने जमकर जश्न मनाया और मटन-शराब की पार्टी की। इस बीच, गांव के ही एक सजग नागरिक ने हिम्मत दिखाई और गुप्त रूप से घाघरा थाना पुलिस को पूरे घटनाक्रम की सटीक सूचना दे दी। पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और आनन-फानन में घाघरा थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने पलमा गांव में भारी दबिश देकर छापेमारी की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुनील लोहरा को उसके ठिकाने से धर दबोचा और उसे सलाखों के पीछे भेज दिया।

    आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की अत्यंत गंभीर व गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस पीड़ित परिवार पर केस दबाने का दबाव बनाने, साक्ष्यों को नष्ट करने और जघन्य सामाजिक अपराध को छुपाने का षड्यंत्र रचने के आरोप में पंचायत के आयोजकों, उसमें शामिल दबंगों और शराब पार्टी करने वालों की पहचान में जुटी है।

  • ‘रामायण’ में ‘पंचायत’ के प्रह्लाद चा की एंट्री? कुंभकर्ण के रोल में नजर आ सकते हैं फैसल मलिक

    ‘रामायण’ में ‘पंचायत’ के प्रह्लाद चा की एंट्री? कुंभकर्ण के रोल में नजर आ सकते हैं फैसल मलिक


    मुंबई। निर्देशक नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) की मेगा बजट फिल्म रामायण (Ramayana) को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही इसके बजट, तकनीक और स्टार कास्ट को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं।

    फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभाते नजर आएंगे, जबकि Sai Pallavi माता सीता का किरदार निभाएंगी। वहीं Yash रावण और Sunny Deol हनुमान की भूमिका में दिखाई देंगे।

    कुंभकर्ण के रोल में फैसल मलिक!

    रिपोर्ट्स के मुताबिक लोकप्रिय वेब सीरीज Panchayat में ‘प्रह्लाद चा’ का किरदार निभाने वाले अभिनेता Faisal Malik को फिल्म में रावण के भाई कुंभकर्ण की भूमिका के लिए चुना गया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस किरदार के लिए फिल्म का पहला शेड्यूल भी पूरा कर लिया है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई के प्राइम फोकस स्टूडियो में कुंभकर्ण के इंट्रोडक्शन सीन की शूटिंग की गई, जिसमें रावण की भूमिका निभा रहे यश भी मौजूद थे। सूत्रों का कहना है कि फैसल मलिक की लंबाई और व्यक्तित्व इस किरदार के लिए बिल्कुल फिट बैठते हैं।

    इंटरनेशनल टीम के साथ शूटिंग

    बताया जा रहा है कि फिल्म के कई हिस्सों की शूटिंग एक इंटरनेशनल तकनीकी टीम के साथ की जा रही है। हाई-एंड वीएफएक्स और ग्राफिक्स के जरिए इसे बड़े पैमाने पर तैयार किया जा रहा है, जिसकी तुलना James Cameron की फिल्म Avatar जैसी भव्य फिल्मों से की जा रही है। हालांकि दूसरे भाग के बड़े युद्ध दृश्यों की शूटिंग अभी बाकी है।

    दिवाली 2026 पर रिलीज की तैयारी

    रिपोर्ट्स के अनुसार ‘रामायण’ का पहला भाग Diwali 2026 के आसपास रिलीज किया जा सकता है, जिसे लेकर फैंस के बीच काफी उत्सुकता है।

    हालांकि अब तक फैसल मलिक की कास्टिंग को लेकर फिल्म की टीम की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में Raghav Juyal के रावण के बेटे मेघनाद की भूमिका निभाने की भी चर्चा है, लेकिन इसकी भी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

    फिल्म में Ravi Dubey, Kajal Aggarwal, Arun Govil, Rakul Preet Singh और Lara Dutta जैसे कलाकारों के भी शामिल होने की खबरें सामने आ चुकी हैं।