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  • खंडवा में प्रशासन का बड़ा अभियान: होटल एप्पल और हरिओम दूध भंडार से 22 घरेलू गैस सिलेंडर और 5 गैस भट्टी जब्त, अवैध भंडारण पर सख्त कार्रवाई

    खंडवा में प्रशासन का बड़ा अभियान: होटल एप्पल और हरिओम दूध भंडार से 22 घरेलू गैस सिलेंडर और 5 गैस भट्टी जब्त, अवैध भंडारण पर सख्त कार्रवाई


    नई दिल्ली। खंडवा जिले के पंधाना क्षेत्र में प्रशासन ने शनिवार देर शाम से रविवार सुबह तक घरेलू गैस के अवैध भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ बड़ा छापा मारा। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने बोरगांव बुजुर्ग स्थित होटल एप्पल और हरिओम दूध भंडार पर कार्रवाई करते हुए कुल 22 घरेलू गैस सिलेंडर और 5 गैस भट्टी जब्त की। इस कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस बल भी मौजूद रहे।

    टीम के मुताबिक, होटल एप्पल में सिलेंडरों को इस तरह जमा किया गया था जैसे किसी गोदाम में रखा गया हो। ये सिलेंडर आरुद स्थित सुमन एचपी गैस एजेंसी से जुड़े हुए पाए गए। पंधाना तहसील प्रशासन ने बताया कि नियमों के अनुसार किसी भी परिसर में 100 किलोग्राम से अधिक गैस भंडारण करना प्रतिबंधित है, लेकिन यहां 20 से अधिक सिलेंडर रखे गए थे, जो गंभीर अनियमितता मानी जा रही है।

    हरिओम दूध भंडार पर भी इसी तरह की जांच की गई। यहां घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया। खाद्य विभाग के अधिकारी रोहित देवल ने कहा कि प्रशासन ऐसे मामलों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रखेगा ताकि उपभोक्ताओं को गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

    पंधाना तहसीलदार दिवाकर सुल्या, नायब तहसीलदार वैशाली बघेल और पटवारी अजय रघुवंशी के साथ पुलिस बल कार्रवाई में शामिल था। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल अवैध भंडारण रोकना है, बल्कि कालाबाजारी और अनियमित वितरण पर भी सख्त नजर रखना है।

    यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के हित में प्रशासन की सजगता और कानून व्यवस्था में कड़े कदम का प्रतीक है, जिससे यह संदेश भी जाता है कि किसी भी व्यवसायिक प्रतिष्ठान में घरेलू गैस का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • पंधाना एसडीएम दीक्षा भगोरे हटाई गई, 1400 जाति प्रमाण-पत्र रिजेक्ट और सरकारी जमीनों पर कब्जे के आरोप

    पंधाना एसडीएम दीक्षा भगोरे हटाई गई, 1400 जाति प्रमाण-पत्र रिजेक्ट और सरकारी जमीनों पर कब्जे के आरोप


    खंडवा। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बुधवार को डिप्टी कलेक्टर दीक्षा भगोरे को पंधाना एसडीएम पद से हटा दिया है। उन्हें अब कलेक्ट्रेट कार्यालय में निर्वाचन शाखा सहित अन्य जिम्मेदारियां दी गई हैं। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, भगोरे के खिलाफ शिकायतों की लंबी फेहरिस्त है, जिसमें सरकारी जमीनों पर कब्जा कराना, जाति प्रमाण-पत्र आवेदन रिजेक्ट करना और प्रशासनिक लापरवाही शामिल हैं।

    स्थानीय नेताओं ने कहा कि दीक्षा भगोरे के एसडीएम कार्यकाल की पूरी जांच होना चाहिए। इसके लिए वे भोपाल जाकर मुख्य सचिव से मिलकर औपचारिक जांच की मांग करेंगे।

    जानकारी के अनुसार, भगोरे के रहते हुए बोरगांव बुजुर्ग और आसपास की बेशकीमती सरकारी जमीनों पर कब्जे हुए। आरोप है कि इसमें पूर्व विधायक के करीबी शामिल थे। शिकायतों के बावजूद एसडीएम ने कोई कार्रवाई नहीं की।

    साथ ही, जाति प्रमाण-पत्र के लगभग 1400 आवेदन बिना किसी वजह रिजेक्ट किए गए। जिन्होंने इसके खिलाफ अपील की, उनके प्रमाण-पत्र जारी किए गए। कई आवेदकों से कहा गया कि विधायक की अनुशंसा लेकर आएं, तभी प्रमाण-पत्र बनेगा। यह प्रक्रिया प्रशासनिक अनियमितता और लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है।

    स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि दीक्षा भगोरे ने धारा 151 के अपराधियों को जमानत देने में धांधली की। स्टाफ ने कथित रूप से अपराधियों से पैसे लेकर जमानत दी और कहा कि यह एसडीएम के निर्देशानुसार किया गया।

    पंधाना विधायक छाया मोरे की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। उनकी जगह अब पूर्व डिप्टी कलेक्टर दिनेश सांवले को एसडीएम का चार्ज दिया गया है।

    इस पूरे कार्यकाल के दौरान दीक्षा भगोरे की प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी जमीनों की सुरक्षा पर सवाल उठते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका प्रशासनिक दृष्टिकोण कमजोर रहा और जनहित के मामलों में उन्होंने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।

    सूत्रों के अनुसार, जब मीडिया ने एसडीएम दीक्षा भगोरे से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। अब इस मामले की जांच के लिए मुख्य सचिव से शिकायत कर औपचारिक जांच की मांग की जाएगी।

    यह कदम प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।