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  • छिंदवाड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा, कार की टक्कर से पति-पत्नी की मौत, तीन बेटियां घायल, एक बच्ची नागपुर रेफर

    छिंदवाड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा, कार की टक्कर से पति-पत्नी की मौत, तीन बेटियां घायल, एक बच्ची नागपुर रेफर


    मध्य प्रदेश।
    के छिंदवाड़ा क्षेत्र में पांढुर्णा के तिगांव हाईवे पर रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि उनकी तीन मासूम बेटियां घायल हो गईं। परिवार देवियों के दर्शन करने के बाद बाइक से अपने गांव चाटवा लौट रहा था। इसी दौरान फोरलेन सड़क पार करते समय एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा रात करीब 12 बजे हुआ। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने पति-पत्नी को मृत घोषित कर दिया। घायल बच्चियों में से एक की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है।

    मृतकों की पहचान चाटवा गांव निवासी वासुदेव उईके, उम्र 40 वर्ष, और उनकी पत्नी सुनीता उईके, उम्र 35 वर्ष, के रूप में हुई है। दोनों अपनी तीन बेटियों के साथ बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। धार्मिक दर्शन के बाद परिवार की यात्रा उस समय हादसे में बदल गई, जब तिगांव हाईवे पर फोरलेन सड़क पार करते हुए उनकी बाइक कार की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि दंपती की जान नहीं बचाई जा सकी। तीनों बच्चियां भी दुर्घटना में घायल हो गईं।

    हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत पड़ी। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने घायल बच्चियों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने वासुदेव और सुनीता को मृत घोषित कर दिया। माता-पिता की मौत के बाद तीनों बच्चियों के इलाज की व्यवस्था की गई। परिवार पर एक साथ आई इस विपत्ति से गांव में भी दुख का माहौल है।

    दुर्घटना में घायल तीन वर्षीय वैष्णवी को गंभीर चोट आई है। उसके पैर की हड्डी टूटने की जानकारी सामने आई है। उसकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए नागपुर रेफर करने का निर्णय लिया। उसे आगे के इलाज के लिए नागपुर भेजा गया है। वहीं, पांच वर्षीय राखी और सात वर्षीय सोनू को पांढुर्णा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों बच्चियों का उपचार जारी है। चिकित्सक उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। परिवार के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता घायल बच्चियों के स्वास्थ्य और इलाज की है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब परिवार बाइक से फोरलेन सड़क पार कर रहा था। सड़क पर कार की टक्कर से बाइक सवार दंपती और उनकी बेटियां गिरकर घायल हो गईं। हालांकि, दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और कार की गति कितनी थी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

    थाना प्रभारी अमित दानी के अनुसार, दुर्घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने संबंधित कार की पहचान कर ली है और फरार चालक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई के लिए जांच की जा रही है। चालक की तलाश और हादसे के कारणों का पता लगाना जांच का अहम हिस्सा है।

    यह हादसा एक परिवार के लिए बेहद दुखद साबित हुआ है। देवियों के दर्शन कर घर लौट रहे माता-पिता की मौत के बाद उनकी तीनों बेटियां घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचीं। एक बच्ची को गंभीर चोट के कारण नागपुर भेजना पड़ा, जबकि अन्य दो का पांढुर्णा में उपचार जारी है। पुलिस की जांच के बाद दुर्घटना से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में और जानकारी सामने आ सकेगी।

  • पांढुर्णा में तीन दिन तक 350 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठा रहा युवक, SDRF और पुलिस ने सुरक्षित उतारा

    पांढुर्णा में तीन दिन तक 350 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठा रहा युवक, SDRF और पुलिस ने सुरक्षित उतारा


    पांढुर्णा। मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले में पिछले तीन दिनों से चल रहा हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन बुधवार शाम सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। करीब 350 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़े एक युवक को पुलिस और SDRF की टीम ने लगभग 51 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित नीचे उतार लिया। इस दौरान प्रशासन, पुलिस और बचाव दल लगातार मौके पर तैनात रहे।

    जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम एक युवक हाथ में शराब की बोतल लेकर अचानक मोबाइल टावर पर चढ़ने लगा। स्थानीय लोगों ने उसे रोकने और नीचे आने के लिए आवाज लगाई, लेकिन उसने किसी की बात नहीं सुनी और टावर के सबसे ऊपरी व संकरे हिस्से पर जाकर बैठ गया। घटना की सूचना मिलते ही पांढुर्णा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई।

    थाना प्रभारी अमित दाणी ने बताया कि युवक अत्यधिक शराब के नशे में था। पुलिस ने लाउडस्पीकर के माध्यम से कई बार उसे नीचे उतरने की अपील की, लेकिन उसने किसी भी प्रयास का जवाब नहीं दिया।

    सुरक्षा के लिए किए गए विशेष इंतजाम
    संभावित हादसे को देखते हुए प्रशासन ने टावर के चारों ओर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। यदि युवक नीचे गिर जाए तो उसकी जान बचाई जा सके, इसके लिए टावर के नीचे गद्दे बिछाए गए और सुरक्षा जाल (नेट) लगाया गया। स्थानीय स्तर पर प्रयास सफल नहीं होने पर तत्काल SDRF की टीम को बुलाया गया।

    चुनौतीपूर्ण रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
    टावर की ऊंचाई और युवक की अस्थिर स्थिति के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। रात के समय अंधेरा और तेज ऊंचाई के बीच युवक लगातार खतरनाक हरकतें करता रहा, जिससे उसके गिरने का खतरा बना हुआ था। पुलिस और SDRF की टीम ने लगातार धैर्य के साथ बातचीत कर उसे शांत रखने की कोशिश की और पूरी रणनीति के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा।

    बुधवार शाम सुरक्षित उतारा गया युवक
    करीब 51 घंटे तक चले अभियान के बाद बुधवार शाम लगभग 7 बजे SDRF और पुलिस की टीम ने तकनीकी कौशल और सतर्कता के साथ युवक को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और नीचे उतार लिया। उसके सुरक्षित जमीन पर पहुंचते ही मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और बड़ी संख्या में एकत्र लोगों ने राहत की सांस ली।

    फिलहाल युवक की चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है। पुलिस उसके पूरी तरह होश में आने का इंतजार कर रही है, ताकि उसकी पहचान और मोबाइल टावर पर चढ़ने के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।