Tag: panic

  • यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट में मजाक में भेजे मैसेज से मचा हड़कंप, लिखा- ‘प्लेन हाईजैक कर क्रैश कर दूंगा’

    यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट में मजाक में भेजे मैसेज से मचा हड़कंप, लिखा- ‘प्लेन हाईजैक कर क्रैश कर दूंगा’


    नई दिल्ली। अमेरिका में एक यात्री के कथित मजाक ने विमान में सुरक्षा को लेकर हड़कंप मचा दिया। लास वेगास से न्यू जर्सी के नेवार्क जा रही यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट में एक यात्री ने टेक्स्ट मैसेज में विमान को हाईजैक करने और क्रैश करने की बात लिख दी। मैसेज पर संदेह होने के बाद फ्लाइट अटेंडेंट ने इसकी सूचना पायलट को दी। इसके बाद विमान को वापस लास वेगास लौटाने का फैसला किया गया। वहां पहुंचने पर 25 वर्षीय यात्री डांटे मिल्न को हिरासत में ले लिया गया। आरोपी का कहना है कि वह अपने सहकर्मी के साथ मजाक कर रहा था और उसका किसी को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं था।

    फ्लाइट अटेंडेंट ने देखा हाईजैक की धमकी वाला मैसेज
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान में सवार होने के दौरान एक फ्लाइट अटेंडेंट ने दो यात्रियों को टेक्स्ट मैसेज के जरिए बातचीत करते देखा था। उनकी बातचीत में अन्य यात्रियों और फ्लाइट अटेंडेंट को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी शामिल थीं।

    बाद में फ्लाइट अटेंडेंट की नजर एक ऐसे मैसेज पर पड़ी, जिसकी शुरुआत ‘I’m gonna hijack’ यानी ‘मैं हाईजैक करने जा रहा हूं’ शब्दों से हुई थी। मैसेज में विमान को हाईजैक करने और आगे की सीटों की कतार से टकराकर उसे क्रैश करने जैसी बात लिखी गई थी। फ्लाइट अटेंडेंट ने तुरंत इसकी जानकारी लीड फ्लाइट अटेंडेंट को दी। बाद में मैसेज भेजने वाले की पहचान डांटे मिल्न के रूप में हुई।

    10 हजार फीट की ऊंचाई पार करने के बाद पायलट को मिली सूचना
    पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, विमान के करीब 10,000 फीट यानी लगभग 3,050 मीटर की ऊंचाई पार करने के बाद कैप्टन को धमकी वाले मैसेज की जानकारी दी गई। इसके बाद पायलट ने विमान को वापस लास वेगास ले जाने का फैसला किया।

    एयर ट्रैफिक कंट्रोल के रिकॉर्ड किए गए संदेश में पायलट को यह बताते सुना गया कि फ्लाइट अटेंडेंट ने हाईजैक की धमकी वाले मैसेज की सूचना दी थी। सुरक्षा संबंधी आशंका को देखते हुए विमान को वापस लौटाया गया। लास वेगास पहुंचने के बाद पुलिस ने मिल्न को हिरासत में ले लिया।

    आरोपी बोला- सहकर्मी के साथ कर रहा था मजाक
    पुलिस के मुताबिक, डांटे मिल्न न्यू जर्सी के वुडरिज का रहने वाला है। वह काम से जुड़े तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लास वेगास आया था और अंडरवॉटर वेल्डिंग का काम करता है।

    मिल्न ने अधिकारियों को बताया कि उसने एयरपोर्ट के एक बार में बीयर और शराब पी थी। विमान में बैठने के बाद वह सोने वाला था। उसकी नींद खुली तो उसे पता चला कि फ्लाइट वापस लास वेगास लौट रही है।

    उसने दूसरे यात्री के साथ टेक्स्ट मैसेज पर बातचीत करने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, दोनों की मुलाकात प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हुई थी। हाईजैक वाले मैसेज के बारे में पूछे जाने पर मिल्न ने कथित तौर पर कहा कि बातचीत में शब्दों का इस्तेमाल सही तरीके से नहीं हुआ और यह सहकर्मियों के बीच मजाक का हिस्सा था। उसने विमान को हाईजैक करने, क्रैश करने या किसी को नुकसान पहुंचाने का इरादा होने से इनकार किया।

    धमकी देने या गलत सूचना फैलाने का आरोप
    मिल्न पर आतंकवादी घटना से जुड़ी धमकी देने या गलत सूचना देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, आरोप लगना अपराध साबित होने के बराबर नहीं है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान तथ्यों की जांच होगी। आरोपी के वकील जेम्स गैलो ने बताया कि वह मामले की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिल्न अदालत में खुद को दोषी नहीं मानेगा।

    पहले भी मजाक में दी गई धमकियों से लौटे विमान
    विमान में बम या हाईजैक से जुड़ी धमकी को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से लेती हैं। ऐसे संदेशों के कारण यात्रियों को हिरासत में लेने और उड़ानों का मार्ग बदलने जैसी कार्रवाई पहले भी हो चुकी है।

    2022, शिकागो: एक यात्री ने अपना बैग चेक कराते समय उसमें बम होने की बात कही थी।

    2017, तुर्किश एयरलाइंस: एक विमान को उस समय वापस लौटाना पड़ा था, जब किसी ने अपने वाई-फाई हॉटस्पॉट का नाम ‘बम ऑन बोर्ड’ रख दिया था।

    पिछले साल, Allegiant Air: एक उड़ान को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। बताया गया कि एक यात्री ने दूसरे व्यक्ति से उसके लैपटॉप में बम होने की बात कही थी।

  • चुनौतियों से जूझ रहा भारतीय इक्विटी बाजार, घबराएं नहीं… योजना बनाकर करें निवेश!

    चुनौतियों से जूझ रहा भारतीय इक्विटी बाजार, घबराएं नहीं… योजना बनाकर करें निवेश!


    नई दिल्ली।
    नोएडा (Noida) में रहने वाले आलोक ने कुछ साल पहले म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) में एसआईपी (SIP) शुरू की थी। शुरुआत में पोर्टफोलियो (Portfolio) संतुलित था। लेकिन इक्विटी स्कीमों के शानदार रिटर्न की वजह से संतुलित पोर्टफोलियो देखते-देखते 90% इक्विटी-हेवी हो गया। अब जब बाजार बेचैन है, निफ्टी गोते खा रहा है। पोर्टफोलियो लाल देखकर आलोक की सांसें अटक गईं।

    तुरंत दोस्त को फोन लगाया और पूछा- क्या मुझे एसआईपी बंद कर देनी चाहिए? क्या म्यूचुअल फंड रिडीम कर लेने चाहिए? क्या मुझे सब कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट में ट्रांसफर कर देना चाहिए? ये सवाल स्वाभाविक हैं। लेकिन बाजार के हर उतार-चढ़ाव पर प्रतिक्रिया देना ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण सवाल यह है: क्या आपका पोर्टफोलियो उतना जोखिम भरा हो गया है, जितना आपने सोचा भी नहीं था? यदि इसका उत्तर हां है, तो इसका समाधान बाजार छोड़कर जाना नहीं हो सकता। इसका समाधान है अपने पोर्टफोलियो को फिर से संतुलित करना।


    बाजार असहज है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि निवेशक घबरा जाएं

    भारतीय इक्विटी बाजार (Indian Equity Market) वर्तमान में कई चुनौतियों से जूझ रहा है। सितंबर में निफ्टी-50 में भारी गिरावट देखी गई, जबकि विदेशी निवेशक लगातार बेच कर बाहर जा रहे हैं। ऊंचे क्रूड ऑयल के दाम, भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और रुपये पर दबाव ने अनिश्चितता और बढ़ा दी है। यह सिक्के का सिर्फ एक पहलू है।

    भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था लचीलापन दिखाना जारी रखे हुए है, अप्रैल-जून 2026 की विकास दर लगभग 8% दर्ज की गई। घरेलू निवेशक भी एसआईपी के जरिये म्यूचुअल फंड में लगातार पैसे लगा रहे हैं। एम्फी के अनुसार, अगस्त 2026 में एसआईपी का कुल योगदान 32,297 करोड़ रुपये रहा। इससे पता चलता है कि निवेशक चिंतित जरूर हैं, लेकिन उन्होंने निवेश करना बंद नहीं किया है। और शायद ऐसा करना भी नहीं चाहिए- बशर्ते उनके निवेश उनके लक्ष्यों और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुकूल हों।

    असली बीमारी बाजार की गिरावट नहीं, पोर्टफोलियो ड्रिफ्ट है। आलोक की तरह ज्यादातर निवेशक तब तक जोखिम के बारे में नहीं सोचते, जब तक बाजार ऊपर चढ़ रहा होता है। जब अनजाने में आपका 90% पैसा सिर्फ इक्विटी में फंस जाए, इसे पोर्टफोलियो ड्रिफ्ट कहा जाता है। इसलिए, समस्या बाजार गिरना नहीं है। समस्या यह है कि पोर्टफोलियो को कभी ऐसे डिजाइन ही नहीं किया गया था कि वह ऐसी गिरावट को झेल सके।


    पोर्टफोलियो कैसा दिखना चाहिए?

    – ऐसा कोई जादुई प्रतिशत नहीं है, जो हर किसी के लिए काम करे।
    – अधिक जोखिम उठाने की क्षमता और लंबे समय का नजरिया रखने वाला व्यक्ति अधिक इक्विटी चुन सकता है।
    – रिटायरमेंट के करीब पहुंच रहे या किसी अन्य बड़े वित्तीय लक्ष्य वाले निवेशक को काफी कम इक्विटी की आवश्यकता हो सकती है।


    भावनाएं नहीं, पोर्टफोलियो को रोटेट करें

    सबसे पहले सारी इक्विटी होल्डिंग्स को अचानक बेचने की जरूरत नहीं है। अब अपनी नई एसआईपी के योगदान को डेट या अन्य कम हिस्सेदारी वाली एसेट क्लास की तरफ मोड़ें।


    बाजार से भागें नहीं, योजना सुधारें

    सिर्फ इसलिए एसआईपी या निवेश बंद न करें, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव है। अपने फंड्स की जांच करें कि वे एक ही तरह के शेयरों में तो पैसा नहीं लगा रहे हैं। अपने निवेश के फैसले बाजार के मूड के बजाय अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर लें। …सिद्धार्थ शर्मा, को-फाउंडर, मनीट्री पार्टनर्स


    किस कैटेगरी से पैसा निकालकर कहां लगाएं?

    यदि छोटे शेयरों ने आपके पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा हथिया लिया है, तो मुनाफे का कुछ हिस्सा निकालकर बड़े-कैप या फ्लेक्सी-कैप फंड्स में शिफ्ट किया जा सकता है।
    यदि पोर्टफोलियो में इक्विटी के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है, तो संकट के समय स्थिरता के लिए डेट फंड या सोने को जगह दें।
    यदि कोई वित्तीय लक्ष्य पास आ रहा है, तो जोखिम भरे इक्विटी से पैसा निकालकर सुरक्षित और अधिक तरल विकल्पों में लगाना चाहिए।

  • पीथमपुर की रामकी एनवायरो कंपनी में हुए 3 धमाके, 1 किमी तक गूंजी आवाज, आसपास के इलाके में दहशत

    पीथमपुर की रामकी एनवायरो कंपनी में हुए 3 धमाके, 1 किमी तक गूंजी आवाज, आसपास के इलाके में दहशत


    धार। मध्य प्रदेश के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित रामकी एनवायरो कंपनी में मंगलवार को लगातार तीन धमाके होने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाकों की आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और हालात को नियंत्रण में लिया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    तीन जोरदार विस्फोट हुए
    यह घटना पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-2 स्थित तारपुरा इलाके में हुई। जानकारी के मुताबिक, कंपनी परिसर में अचानक एक के बाद एक तीन जोरदार विस्फोट हुए। धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि पास के तारपुरा और बजरंगपुरा गांवों में लोगों ने झटके महसूस किए। ग्रामीणों ने बताया कि धमाकों के कारण उनके घरों में रखे बर्तन, टीवी और अन्य सामान तक हिल गए और कई चीजें स्टैंड से नीचे गिर गईं। तेज आवाज से लोग घबरा गए और घरों से बाहर निकल आए। कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया।

    पुलिस बल मौके पर पहुंचा
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। सीएसपी रवि सोनेर ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि धमाकों के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। थाना प्रभारी ओम प्रकाश अहीर ने भी बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया गया। कंपनी प्रबंधन की ओर से भी किसी प्रकार की जनहानि से इनकार किया गया है।

    गौरतलब है कि यह वही कंपनी है, जहां पहले भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निपटान का काम किया गया था। इस कारण यह कंपनी पहले भी चर्चा में रह चुकी है। ताजा घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम कंपनी परिसर में मौजूद है और खबर लिखे जाने तक धमाकों के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हुई है।

  • चेतावनी…. KYC सस्पेंड का मैसेज देख घबराएं नहीं BSNL यूजर्स…. फर्जी नोटिस हो रहा वायरल

    चेतावनी…. KYC सस्पेंड का मैसेज देख घबराएं नहीं BSNL यूजर्स…. फर्जी नोटिस हो रहा वायरल


    नई दिल्ली।
    ऑनलाइन फ्रॉड (Online Fraud) के तरीके तेजी से बदल रहे हैं और ठग नए-नए तरीके से लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें BSNL के नाम पर एक फर्जी नोटिस (Fake Notice) सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस नोटिस में दावा किया जा रहा है कि यूजर का KYC सस्पेंड कर दिया गया है और अगर 24 घंटे के अंदर अपडेट नहीं किया गया, तो उनका SIM कार्ड बंद कर दिया जाएगा। इस तरह के मैसेज देखकर ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं और बिना सोचे-समझे अपनी पर्सनल डिटेल्स शेयर कर देते हैं।

    लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने साफ कर दिया है कि यह नोटिस पूरी तरह फर्जी है और BSNL या TRAI की तरफ से ऐसा कोई मैसेज जारी नहीं किया गया है। ऐसे में जरूरी है कि आप सतर्क रहें और किसी भी अनजान लिंक या कॉल पर अपनी जानकारी शेयर करने से बचें।


    जानें क्या है पूरा मामला

    सोशल मीडिया पर एक नोटिस तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें BSNL का लोगो और TRAI का नाम इस्तेमाल किया गया है। इस नोटिस में लिखा है कि “आपका SIM KYC सस्पेंड कर दिया गया है और 24 घंटे के अंदर आपका SIM ब्लॉक कर दिया जाएगा, तुरंत कॉल करें।” यही लाइन लोगों को डराने के लिए इस्तेमाल की जा रही है, ताकि वे जल्दबाजी में ठगों के जाल में फंस जाएं।

    वहीं BSNL ने साफ कर दिया है कि वह इस तरह के KYC नोटिस नहीं भेजता। अगर कोई अपडेट करना होता है, तो यूजर को ऑफिशियल चैनल के जरिए जानकारी दी जाती है, न कि ऐसे डराने वाले मैसेज के जरिए।


    सरकार ने बताया फर्जी

    सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी ने साफ किया है कि यह नोटिस पूरी तरह फेक है। BSNL कभी भी इस तरह के नोटिस नहीं भेजता है। TRAI किसी भी यूजर को सीधे कॉल या मैसेज नहीं करता है। यह पूरी तरह से एक फ्रॉड ट्रिक है। इसलिए अगर आपको भी ऐसा कोई मैसेज या नोटिस मिला है, तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें।


    ऐसे देते हैं ठग फ्रॉड को अंजाम

    इस तरह के फेक नोटिस का मकसद यूजर को डराकर उसकी पर्सनल जानकारी लेना होता है। जैसे ही आप दिए गए नंबर पर कॉल करते हैं या लिंक पर क्लिक करते हैं, आपसे ये जानकारी मांगी जाती है जैसे आधार नंबर, बैंक डिटेल, OTP, डेबिट/क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांगी जाती है। और यहीं से आपका डेटा गलत हाथों में चला जाता है। इसीलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी कॉल पर अपनी पर्सनल या बैंक डिटेल शेयर करने से बचें।

  • ग्वालियर में PM आवास की पानी की टंकी में मरी छिपकलियां, 1300 परिवारों में दहशत में

    ग्वालियर में PM आवास की पानी की टंकी में मरी छिपकलियां, 1300 परिवारों में दहशत में


    ग्वालियर। मानपुर क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने फ्लैटों की पानी की टंकी में मरी हुई पांच छिपकलियां मिलने से 1300 परिवारों में दहशत का माहौल बन गया है। टंकी से सीधे फ्लैटों में पानी सप्लाई होता है, जिससे रहवासियों को डर है कि कई दिन तक वे अनजाने में दूषित पानी पी चुके हैं।
    स्थानीय लोगों ने बताया कि फेस-वन के ब्लॉक ई-52 की पानी की टंकी में बदबू और गंदगी की शिकायत के बाद टंकी का ढक्कन खोला गया, तो अंदर मरी हुई छिपकलियां पाई गईं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे परिसर में भय का माहौल बन गया। अधिकांश परिवारों ने फिलहाल टंकी का पानी पीना बंद कर दिया है और बाहर से कैन या आरओ का पानी मंगाना शुरू कर दिया है।

    रहवासियों का आरोप है कि पिछले दो साल से टंकी की नियमित सफाई नहीं कराई गई।

    हाल ही में कॉलोनी के प्रतिनिधियों ने नगर निगम से मुलाकात कर सफाई और व्यवस्था सुधारने की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिया ने कहा कि ठेकेदार का ठेका समाप्त हो चुका है और जल्द ही टंकियों की देखभाल के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाएगी।
    इस घटना ने न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि नगर निगम की लापरवाही और निगरानी की कमी को भी उजागर किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पानी की टंकियों की नियमित सफाई और ढक्कन की स्थिति पर ध्यान न देने से गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है।