Tag: Panna

  • मिट्टी धंसने से हुई दर्दनाक मौतें, पन्ना में मृत मजदूरों को आज दी जाएगी अंतिम विदाई

    मिट्टी धंसने से हुई दर्दनाक मौतें, पन्ना में मृत मजदूरों को आज दी जाएगी अंतिम विदाई


    पन्ना । पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में निर्माणाधीन कुएं की मिट्टी धंसने से हुई दर्दनाक दुर्घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों का पोस्टमार्टम कराने के बाद आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    यह हादसा अजयगढ़ जनपद की ग्राम पंचायत बीहरपुरवा के नयापुरवा गांव में हुआ था, जहां निर्माणाधीन कुएं में काम के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई थी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और गांव में मातम फैल गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    सभी मृत मजदूरों का पोस्टमार्टम अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए, जिनका आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव में इस दर्दनाक घटना के बाद लोगों में गहरा दुख और आक्रोश दोनों देखा जा रहा है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी और पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश कुमार शुक्ला अजयगढ़ पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल और अस्पताल का निरीक्षण किया तथा पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।

    अधिकारियों ने परिजनों को शासन और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को पीड़ित परिवारों की मांगों के समाधान और राहत कार्यों को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और ग्रामीण लगातार पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।

  • पन्ना में स्वास्थ्य व्यवस्था फेल प्रसव पीड़ा में तड़पती महिला को अस्पताल में मिला ताला

    पन्ना में स्वास्थ्य व्यवस्था फेल प्रसव पीड़ा में तड़पती महिला को अस्पताल में मिला ताला

    पन्ना । मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान बंद अस्पताल के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह घटना न केवल सिस्टम की कमजोरी को उजागर करती है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत भी सामने लाती है।

    जानकारी के अनुसार घटना कल्दा क्षेत्र की है जहां ग्राम सकतरा निवासी वंदना वर्मा को सोमवार रात अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी और भारी बारिश व तेज हवाओं के बीच महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कल्दा पहुंचाया गया। लेकिन वहां पहुंचने के बाद जो दृश्य सामने आया उसने सभी को हैरान कर दिया।

    अस्पताल के मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ था और वहां कोई डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। तेज बारिश और असहनीय दर्द के बीच परिजन अस्पताल के बाहर खड़े होकर मदद की गुहार लगाते रहे। उन्होंने बार बार डॉक्टरों और स्टाफ को फोन किया लेकिन किसी ने कॉल उठाना तक जरूरी नहीं समझा।

    इस बीच महिला की हालत बिगड़ती जा रही थी और हर मिनट की देरी जोखिम बढ़ा रही थी। ऐसे में मजबूरी में परिजनों को बड़ा फैसला लेना पड़ा और गर्भवती महिला को करीब 27 किलोमीटर दूर सलेहा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। गनीमत रही कि एम्बुलेंस समय रहते वहां पहुंच गई और महिला को इलाज मिल सका।

    पीड़िता के परिजनों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया है। उनका कहना है कि वे अस्पताल इस उम्मीद से पहुंचे थे कि समय पर इलाज मिलेगा लेकिन वहां ताला लटका मिला जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। उनका कहना है कि अगर समय पर दूसरे अस्पताल नहीं ले जाते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

    यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है खासकर उन क्षेत्रों में जहां लोगों की निर्भरता पूरी तरह सरकारी अस्पतालों पर होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी लापरवाही न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों की जान से जुड़ा मामला है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।

  • मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”

    मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”



    नई दिल्ली। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कई जिलों में कलेक्टरों के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताई है और स्पष्ट किया है कि अधिकारियों को यह नहीं समझना चाहिए कि उनकी गतिविधियां छुपी रहती हैं। उन्होंने कहा कि “किसके यहां क्या पक रहा है, सब मालूम है”, इसलिए सभी अधिकारियों को करप्शन से दूर रहकर सरकार की प्राथमिकताओं और जनता के हितों के अनुरूप काम करना चाहिए।
    सीएस जैन ने यह भी कहा कि कुछ जिलों की शिकायतें उनके और मुख्यमंत्री के पास भी पहुंची हैं, इसलिए बेहतर यही होगा कि अधिकारी जल्द ही अपनी कार्यशैली सुधारें।

    यह चेतावनी उन्होंने सात और आठ अक्टूबर को हुई दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की दूसरी समीक्षा बैठक में दी। इस बैठक में सीएस जैन ने कॉन्फ्रेंस के 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा की और टॉप थ्री तथा बॉटम थ्री जिलों की जानकारी साझा करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधारने का निर्देश दिया। बैठक में पुलिस और अन्य विभागों के साथ मिलकर महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए किए गए कार्यों की भी समीक्षा की गई।

    साथ ही नाबालिग बालिकाओं के गुम होने पर उनकी तलाश के लिए चलाए जा रहे मुस्कान अभियान की प्रगति भी ली गई, जिसमें बताया गया कि अब तक 1900 से अधिक बालिकाओं को बरामद किया गया है। जन जागरूकता अभियान में टीकमगढ़, धार और सिंगरौली टॉप थ्री जिलों में शामिल रहे, जबकि पन्ना, मुरैना और भिंड बॉटम थ्री जिलों में रहे।

    कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की तारीखों को लेकर भी चर्चा हुई, क्योंकि इसे आयोजित करने के लिए कई बार तारीख बदलती रही। सीएस अनुराग जैन ने पिछले माह 31 दिसंबर को बैठक की तारीख तय की थी, फिर इसे 5 जनवरी कर दिया गया। फिर भी कॉन्फ्रेंस समय पर नहीं हो सकी और 15 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक करने का निर्णय लिया गया, लेकिन प्रशासनिक कारणों से यह भी संभव नहीं हो पाया। अंततः यह बैठक चौथी बार तय तारीख पर ही हो सकी।

  • MP: पन्ना में गरीबी की मार झेल रहे दो युवकों की किस्मत चमकी…मिला 50 लाख का हीरा

    MP: पन्ना में गरीबी की मार झेल रहे दो युवकों की किस्मत चमकी…मिला 50 लाख का हीरा


    पन्ना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पन्ना में 24 वर्षीय सतीश खटीक और 23 वर्षीय साजिद मोहम्मद की किस्मत तब एकाएक चमक (Suddenly Luck Shines) गई, जब उनको खदान से 50 लाख रुपये कीमत का हीरा (Diamond worth Rs 50 lakh) मिला। दोनों ही युवा आर्थिक परेशानियों को लेकर भारी दबाव में थे और इसे बाहर निकलने की उम्मीद में 20 दिन पहले खदान को लीज पर लेने का दांव खेला था। हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि यह कीमत रत्न 15.34 कैरेट का हीरा है, जिसे दोनों युवाओं ने पन्ना हीरा कार्यालय में जमा कराया है। इसकी कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पन्ना के रानीगंज मोहल्ला निवासी सतीश खटीक (24) और साजिद मोहम्मद (23) ने करीब 20 दिन पहले हीरा कार्यालय से कृष्णा कल्याणपुर क्षेत्र की उथली खदान का पट्टा लिया था। दोनों गरीबी की मार झेल रहे थे। दोनों अपने परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने और बहनों की शादी के लिए पैसों की जरूरत के चलते किस्मत आजमा रहे थे।

    परिवार की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साजिद ने दोस्त सतीश के साथ खदान खोदी और महज 20 दिन में बड़ी सफलता हासिल कर ली। सतीश एक मीट शॉप चलाता है जबकि साजिद फलों के ठेले पर काम करके अपना गुजारा करता है। साजिद के दादा और पिता ने भी दशकों तक अपनी किस्मत आजमाई लेकिन उन्हें कभी बड़ी सफलता नहीं मिली। दोनों दोस्त अपनी बहनों की शादी करना चाहते हैं।

    दोनों युवकों ने हीरा मिलने के बाद उसे तुरंत हीरा कार्यालय पन्ना में जमा करा दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह हीरा ‘जैम क्वालिटी’ का है। इसकी कीमत नीलामी में 50 लाख से भी अधिक तक पहुंच सकती है। हीरा आगामी नीलामी में रखा जाएगा। इसके बाद मिलने वाली राशि दोनों में बराबर बांटी जाएगी।

    दोनों ने बताया कि नीलामी से मिली रकम से वे सबसे पहले अपनी बहनों की शादी करेंगे। बाकी रकम अपने छोटे कारोबार को बढ़ाने में लगाएंगे। हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि हीरे का वजन आकार और चमक बेहतरीन स्तर की है। विशेषज्ञ अनुपम सिंह ने इसे साल का अब तक का सबसे उम्दा हीरा बताया है। दो युवाओं को मिली इस कामयाबी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पन्ना जिले की धरती मेहनतकश लोगों की किस्मत पलटने की क्षमता रखती है। सतीश और साजिद की सफलता पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।