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  • MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर समेत 52 जिलों में बूंदाबांदी के आसार

    MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर समेत 52 जिलों में बूंदाबांदी के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की बेरुखी के बीच शनिवार को पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन तीनों जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के 52 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने का अनुमान है।

    IMD के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 16.8 इंच (426.6 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 21 इंच (533.6 मिमी) पानी गिरना चाहिए था। इस तरह प्रदेश में 4.2 इंच यानी 20% बारिश कम हुई है। सीजन में अब तक हुई बारिश सामान्य कोटे की आधी भी नहीं है। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है।

    दतिया में 24 घंटे में 3.5 इंच बारिश
    शुक्रवार को दतिया में बारिश ने जोरदार दस्तक दी। यहां सुबह महज 4 घंटे में करीब 1.57 इंच (40 मिमी) बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि 24 घंटे में कुल 3.5 इंच पानी बरसा। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिसके बाद स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी।

    भांडेर और सेवढ़ा ब्लॉक में कक्षा 8वीं से ऊपर के स्कूलों को लेकर फैसला स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर संस्था प्रमुखों पर छोड़ दिया गया है। रायसेन में भी शुक्रवार सुबह करीब 15 मिनट तेज बारिश हुई। इसके बाद रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा, जिससे कई सड़कों पर पानी भर गया।

    सीधी में सोन नदी के पुल पर पानी, 40 गांवों का संपर्क प्रभावित
    सीधी जिले के भंवरसेन घाट पर शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद सोन नदी के पुल पर पानी भर गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुल को बंद कर दिया गया, जिससे करीब 40 गांवों का मुख्यालय से संपर्क कट गया।

    भंवरसेन पहाड़ी से मिट्टी और पत्थर भी खिसककर सड़क पर आ रहे हैं। इससे मार्ग पर हादसे का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा खरगोन, सतना, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा और रायसेन समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

    पूर्वी MP में 23% कम बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में अब तक 23% कम बारिश हुई है। इन संभागों का कोई भी जिला औसत से आगे नहीं है।

    अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5% से 48% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से में भी बारिश का आंकड़ा माइनस में
    भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग वाले पश्चिमी हिस्से में भी औसत से 17% कम बारिश हुई है। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, बड़वानी और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन 6 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिस्से के सिर्फ ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन में अब तक औसत से ज्यादा बारिश हुई है। बाकी अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।

  • MP: पन्ना के जिला अस्पताल में एक माह में 22 बच्चों की मौत! स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

    MP: पन्ना के जिला अस्पताल में एक माह में 22 बच्चों की मौत! स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप


    पन्ना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पन्ना जिला अस्पताल (Panna District Hospital) एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। यहां नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई यानी एसएनसीयू (Special Newborn Care Unit – SNCU) में पिछले एक महीने के दौरान जन्म से लेकर एक वर्ष तक की उम्र के 22 मासूम बच्चों की मौत ने हड़कंप मचा दिया है। लगातार हो रही इन मौतों के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं, इलाज की गुणवत्ता और जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे और एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया।

    पन्ना जिला चिकित्सालय की एसएनसीयू यूनिट, जहां गंभीर रूप से बीमार नवजात और छोटे बच्चों का इलाज किया जाता है, इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक माह में यहां 22 बच्चों की मौत हुई है। यह संख्या सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। लगातार हो रही मौतों ने परिजनों की चिंता भी बढ़ा दी है।


    सीएमएचओ खुद पहुंचे

    स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजेश प्रसाद तिवारी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया और डॉक्टरों व स्टाफ से उपचार व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों, दवाइयों, उपकरणों तथा स्टाफ की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही सभी मामलों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश भी दिए।


    स्वास्थ्य विभाग की अलग दलील

    सीएमएचओ राजेश प्रसाद तिवारी का कहना है कि एसएनसीयू में भर्ती होने वाले अधिकांश बच्चे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के साथ रेफर होकर आते हैं। सभी मामलों की जांच की जा रही है और प्रत्येक मौत के कारणों की विस्तृत समीक्षा के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर परिजनों का कहना है कि अस्पताल में बेहतर इलाज और पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


    वो सवाल जिनके जवाब का हर किसी को इंतजार

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक महीने में 22 मासूमों की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं? क्या सभी मौतें केवल गंभीर चिकित्सकीय स्थितियों के कारण हुईं या फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं में भी कहीं कोई कमी रही? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की समीक्षा शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

  • पन्ना की एनएमडीसी खदान में मिला 13.16 कैरेट का दुर्लभ हीरा, कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई

    पन्ना की एनएमडीसी खदान में मिला 13.16 कैरेट का दुर्लभ हीरा, कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई


    पन्ना।
    मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की रत्नगर्भा धरती ने एक बार फिर अपनी समृद्ध खनिज संपदा का प्रमाण दिया है। मझगवां स्थित एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खदान से 13.16 कैरेट का उच्च गुणवत्ता वाला प्राकृतिक जेम श्रेणी का हीरा मिला है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये हो सकती है, हालांकि इसका वास्तविक मूल्य आगामी खुली नीलामी में तय होगा।

    यह वर्ष 2024 में खदान का संचालन दोबारा शुरू होने के बाद अब तक का सबसे बड़ा हीरा माना जा रहा है। इससे पहले मार्च 2024 में इसी परियोजना से 10.04 कैरेट का हीरा मिला था, लेकिन 13.16 कैरेट का यह नया रत्न उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ गया है।

    नीलामी में तय होगी वास्तविक कीमत

    एनएमडीसी अधिकारियों के अनुसार हीरे की अंतिम कीमत उसकी गुणवत्ता, चमक, शुद्धता और नीलामी के दौरान मिलने वाली बोली पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च गुणवत्ता के कारण इस हीरे को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अच्छी मांग मिल सकती है।

    एशिया की प्रमुख यंत्रीकृत हीरा खदान

    पन्ना की मझगवां हीरा खदान भारत ही नहीं, बल्कि एशिया की एकमात्र संगठित और पूर्णतः यंत्रीकृत हीरा खदानों में शामिल है। यह खदान वर्षों से कई दुर्लभ और बहुमूल्य हीरे देने के लिए जानी जाती रही है और देश के हीरा उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

    एनएमडीसी में खुशी का माहौल

    इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद पन्ना स्थित माइनिंग प्रोजेक्ट से लेकर हैदराबाद स्थित एनएमडीसी मुख्यालय तक उत्साह का माहौल है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की खोज से खदान की संभावनाओं को नया बल मिला है और भविष्य में भी उच्च गुणवत्ता वाले हीरे मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

  • एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, जिला अस्पताल में भरा पानी, दुल्हन को गोद में उठाकर ले गया दूल्हा

    एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, जिला अस्पताल में भरा पानी, दुल्हन को गोद में उठाकर ले गया दूल्हा


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और लगातार हो रही बारिश अब जनजीवन पर भारी पड़ने लगी है। पिछले चौबीस घंटे के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में सड़कें धंस गईं, नदी-नाले उफान पर आ गए, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों में पानी भर गया, जबकि कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया। बारिश के बीच इंदौर में एक शादी समारोह का अनोखा दृश्य भी सामने आया, जहां पानी से लबालब मैरिज गार्डन में दूल्हे ने अपनी दुल्हन को गोद में उठाकर विवाह स्थल तक पहुंचाया।

    इंदौर से करीब तीस किलोमीटर दूर जेतकारण गांव में तेज बारिश के कारण सड़क धंस गई। सड़क टूटने से स्कूली बच्चों का रास्ता बंद हो गया। ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर उफनते नाले के बीच से बच्चों को सुरक्षित पार कराया। वहीं शहर के कैट रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में पानी भर जाने से शादी समारोह प्रभावित हुआ। पानी से भरे रास्ते को पार कराने के लिए दूल्हे ने दुल्हन को गोद में उठाया। इस दौरान गार्डन में जूते और चप्पल पानी में तैरते नजर आए, जिसका वीडियो भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना।

    पन्ना जिले में लगातार बारिश के चलते जिला अस्पताल के सर्जिकल और डिलीवरी वार्ड की गैलरी में घुटनों तक पानी भर गया। मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं हरसा-बागोहा नाला उफान पर होने के बावजूद लोग पुल के ऊपर बहते पानी के बीच जान जोखिम में डालकर आवागमन करते रहे। खजुराहो में चौबीस घंटे के दौरान सबसे अधिक 4.4 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार वर्षा से खूडर नदी का जलस्तर बढ़ने पर खजुराहो-जटकरा मार्ग एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया, जबकि बमीठा स्थित नेशनल हाईवे पर करीब तीन फीट तक पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा।

    रायसेन जिले के बापौली धाम आश्रम में एक घंटे की तेज बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए। आश्रम परिसर, संस्कृत पाठशाला, शिव मंदिर और गोशाला में पानी घुस गया। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से वहां रह रहे करीब साठ छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उधर प्रदेश के एक अन्य इलाके में निदान वॉटरफॉल पर पिकनिक मनाने गए दो युवक अचानक जलस्तर बढ़ने से बीच धारा में फंस गए। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    लगातार बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला। सुक्ता नदी उफान पर आने से हापला और दीपला गांव का संपर्क टूट गया तथा तेज बहाव में दो भैंसें बह गईं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और कमजोर पुलों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

  • मिट्टी धंसने से हुई दर्दनाक मौतें, पन्ना में मृत मजदूरों को आज दी जाएगी अंतिम विदाई

    मिट्टी धंसने से हुई दर्दनाक मौतें, पन्ना में मृत मजदूरों को आज दी जाएगी अंतिम विदाई


    पन्ना । पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में निर्माणाधीन कुएं की मिट्टी धंसने से हुई दर्दनाक दुर्घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों का पोस्टमार्टम कराने के बाद आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    यह हादसा अजयगढ़ जनपद की ग्राम पंचायत बीहरपुरवा के नयापुरवा गांव में हुआ था, जहां निर्माणाधीन कुएं में काम के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई थी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और गांव में मातम फैल गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    सभी मृत मजदूरों का पोस्टमार्टम अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए, जिनका आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव में इस दर्दनाक घटना के बाद लोगों में गहरा दुख और आक्रोश दोनों देखा जा रहा है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी और पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश कुमार शुक्ला अजयगढ़ पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल और अस्पताल का निरीक्षण किया तथा पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।

    अधिकारियों ने परिजनों को शासन और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को पीड़ित परिवारों की मांगों के समाधान और राहत कार्यों को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और ग्रामीण लगातार पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।

  • पन्ना में स्वास्थ्य व्यवस्था फेल प्रसव पीड़ा में तड़पती महिला को अस्पताल में मिला ताला

    पन्ना में स्वास्थ्य व्यवस्था फेल प्रसव पीड़ा में तड़पती महिला को अस्पताल में मिला ताला

    पन्ना । मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान बंद अस्पताल के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह घटना न केवल सिस्टम की कमजोरी को उजागर करती है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत भी सामने लाती है।

    जानकारी के अनुसार घटना कल्दा क्षेत्र की है जहां ग्राम सकतरा निवासी वंदना वर्मा को सोमवार रात अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी और भारी बारिश व तेज हवाओं के बीच महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कल्दा पहुंचाया गया। लेकिन वहां पहुंचने के बाद जो दृश्य सामने आया उसने सभी को हैरान कर दिया।

    अस्पताल के मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ था और वहां कोई डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। तेज बारिश और असहनीय दर्द के बीच परिजन अस्पताल के बाहर खड़े होकर मदद की गुहार लगाते रहे। उन्होंने बार बार डॉक्टरों और स्टाफ को फोन किया लेकिन किसी ने कॉल उठाना तक जरूरी नहीं समझा।

    इस बीच महिला की हालत बिगड़ती जा रही थी और हर मिनट की देरी जोखिम बढ़ा रही थी। ऐसे में मजबूरी में परिजनों को बड़ा फैसला लेना पड़ा और गर्भवती महिला को करीब 27 किलोमीटर दूर सलेहा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। गनीमत रही कि एम्बुलेंस समय रहते वहां पहुंच गई और महिला को इलाज मिल सका।

    पीड़िता के परिजनों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया है। उनका कहना है कि वे अस्पताल इस उम्मीद से पहुंचे थे कि समय पर इलाज मिलेगा लेकिन वहां ताला लटका मिला जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। उनका कहना है कि अगर समय पर दूसरे अस्पताल नहीं ले जाते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

    यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है खासकर उन क्षेत्रों में जहां लोगों की निर्भरता पूरी तरह सरकारी अस्पतालों पर होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी लापरवाही न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों की जान से जुड़ा मामला है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।

  • मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”

    मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”



    नई दिल्ली। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कई जिलों में कलेक्टरों के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताई है और स्पष्ट किया है कि अधिकारियों को यह नहीं समझना चाहिए कि उनकी गतिविधियां छुपी रहती हैं। उन्होंने कहा कि “किसके यहां क्या पक रहा है, सब मालूम है”, इसलिए सभी अधिकारियों को करप्शन से दूर रहकर सरकार की प्राथमिकताओं और जनता के हितों के अनुरूप काम करना चाहिए।
    सीएस जैन ने यह भी कहा कि कुछ जिलों की शिकायतें उनके और मुख्यमंत्री के पास भी पहुंची हैं, इसलिए बेहतर यही होगा कि अधिकारी जल्द ही अपनी कार्यशैली सुधारें।

    यह चेतावनी उन्होंने सात और आठ अक्टूबर को हुई दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की दूसरी समीक्षा बैठक में दी। इस बैठक में सीएस जैन ने कॉन्फ्रेंस के 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा की और टॉप थ्री तथा बॉटम थ्री जिलों की जानकारी साझा करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधारने का निर्देश दिया। बैठक में पुलिस और अन्य विभागों के साथ मिलकर महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए किए गए कार्यों की भी समीक्षा की गई।

    साथ ही नाबालिग बालिकाओं के गुम होने पर उनकी तलाश के लिए चलाए जा रहे मुस्कान अभियान की प्रगति भी ली गई, जिसमें बताया गया कि अब तक 1900 से अधिक बालिकाओं को बरामद किया गया है। जन जागरूकता अभियान में टीकमगढ़, धार और सिंगरौली टॉप थ्री जिलों में शामिल रहे, जबकि पन्ना, मुरैना और भिंड बॉटम थ्री जिलों में रहे।

    कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की तारीखों को लेकर भी चर्चा हुई, क्योंकि इसे आयोजित करने के लिए कई बार तारीख बदलती रही। सीएस अनुराग जैन ने पिछले माह 31 दिसंबर को बैठक की तारीख तय की थी, फिर इसे 5 जनवरी कर दिया गया। फिर भी कॉन्फ्रेंस समय पर नहीं हो सकी और 15 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक करने का निर्णय लिया गया, लेकिन प्रशासनिक कारणों से यह भी संभव नहीं हो पाया। अंततः यह बैठक चौथी बार तय तारीख पर ही हो सकी।

  • MP: पन्ना में गरीबी की मार झेल रहे दो युवकों की किस्मत चमकी…मिला 50 लाख का हीरा

    MP: पन्ना में गरीबी की मार झेल रहे दो युवकों की किस्मत चमकी…मिला 50 लाख का हीरा


    पन्ना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पन्ना में 24 वर्षीय सतीश खटीक और 23 वर्षीय साजिद मोहम्मद की किस्मत तब एकाएक चमक (Suddenly Luck Shines) गई, जब उनको खदान से 50 लाख रुपये कीमत का हीरा (Diamond worth Rs 50 lakh) मिला। दोनों ही युवा आर्थिक परेशानियों को लेकर भारी दबाव में थे और इसे बाहर निकलने की उम्मीद में 20 दिन पहले खदान को लीज पर लेने का दांव खेला था। हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि यह कीमत रत्न 15.34 कैरेट का हीरा है, जिसे दोनों युवाओं ने पन्ना हीरा कार्यालय में जमा कराया है। इसकी कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पन्ना के रानीगंज मोहल्ला निवासी सतीश खटीक (24) और साजिद मोहम्मद (23) ने करीब 20 दिन पहले हीरा कार्यालय से कृष्णा कल्याणपुर क्षेत्र की उथली खदान का पट्टा लिया था। दोनों गरीबी की मार झेल रहे थे। दोनों अपने परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने और बहनों की शादी के लिए पैसों की जरूरत के चलते किस्मत आजमा रहे थे।

    परिवार की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साजिद ने दोस्त सतीश के साथ खदान खोदी और महज 20 दिन में बड़ी सफलता हासिल कर ली। सतीश एक मीट शॉप चलाता है जबकि साजिद फलों के ठेले पर काम करके अपना गुजारा करता है। साजिद के दादा और पिता ने भी दशकों तक अपनी किस्मत आजमाई लेकिन उन्हें कभी बड़ी सफलता नहीं मिली। दोनों दोस्त अपनी बहनों की शादी करना चाहते हैं।

    दोनों युवकों ने हीरा मिलने के बाद उसे तुरंत हीरा कार्यालय पन्ना में जमा करा दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह हीरा ‘जैम क्वालिटी’ का है। इसकी कीमत नीलामी में 50 लाख से भी अधिक तक पहुंच सकती है। हीरा आगामी नीलामी में रखा जाएगा। इसके बाद मिलने वाली राशि दोनों में बराबर बांटी जाएगी।

    दोनों ने बताया कि नीलामी से मिली रकम से वे सबसे पहले अपनी बहनों की शादी करेंगे। बाकी रकम अपने छोटे कारोबार को बढ़ाने में लगाएंगे। हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि हीरे का वजन आकार और चमक बेहतरीन स्तर की है। विशेषज्ञ अनुपम सिंह ने इसे साल का अब तक का सबसे उम्दा हीरा बताया है। दो युवाओं को मिली इस कामयाबी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पन्ना जिले की धरती मेहनतकश लोगों की किस्मत पलटने की क्षमता रखती है। सतीश और साजिद की सफलता पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।