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  • महाराष्ट्र TET पेपर लीक: परीक्षा से एक दिन पहले स्थगित, 4.28 लाख अभ्यर्थियों को झटका

    महाराष्ट्र TET पेपर लीक: परीक्षा से एक दिन पहले स्थगित, 4.28 लाख अभ्यर्थियों को झटका


    मुंबई। महाराष्ट्र में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। 28 जून 2025 को आयोजित होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को परीक्षा से ठीक एक दिन पहले स्थगित कर दिया गया। यह फैसला ठाणे जिले के भिवंडी में छापेमारी के दौरान संदिग्ध प्रश्नपत्र मिलने के बाद लिया गया।

    महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE), पुणे ने बताया कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फिलहाल परीक्षा स्थगित की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही नई परीक्षा तिथि घोषित की जाएगी।

    भिवंडी में छापेमारी के दौरान मिला संदिग्ध प्रश्नपत्र

    परीक्षा परिषद के अनुसार, पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका है। इसके आधार पर 27 जून को भिवंडी में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान बरामद दस्तावेजों में मौजूद कुछ प्रश्न TET परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए।

    इसके बाद भिवंडी पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। फिलहाल अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि बरामद सामग्री असली प्रश्नपत्र है या केवल अभ्यास (मॉक टेस्ट) से जुड़ी सामग्री।

    4.28 लाख अभ्यर्थी हुए प्रभावित

    इस वर्ष महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा में लगभग 4.28 लाख अभ्यर्थियों को शामिल होना था। परीक्षा स्थगित होने से सभी उम्मीदवारों को नई तारीख का इंतजार करना होगा।

    परीक्षा परिषद ने भरोसा दिलाया है कि परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था के तहत दोबारा आयोजित की जाएगी, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।

    दोबारा आवेदन या फीस देने की जरूरत नहीं

    परीक्षा परिषद की उपायुक्त प्रिया शिंदे ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन करने या अतिरिक्त परीक्षा शुल्क जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले से किया गया पंजीकरण और आवेदन पूरी तरह वैध रहेगा।

    उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के बाद ही नई तारीख घोषित की जाएगी।

    तीन आरोपियों पर केस, पूरे नेटवर्क की जांच

    अब तक इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। पुलिस और शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित पेपर लीक के पीछे कौन लोग शामिल हैं।

    अधिकारियों के अनुसार, शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने की पूरी प्रक्रिया में लगभग तीन सप्ताह का समय लगता है। ऐसे में नई परीक्षा तिथि उचित तैयारियों के बाद घोषित की जाएगी। परिषद ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और किसी भी अफवाह से बचें।

  • पेपर लीक बवाल के बीच तमिलनाडु के CM विजय बोले- 'NEET बंद हो… 12वीं के नंबर पर मिले एडमिशन

    पेपर लीक बवाल के बीच तमिलनाडु के CM विजय बोले- 'NEET बंद हो… 12वीं के नंबर पर मिले एडमिशन


    नई दिल्ली।
    नीट (NEET-UG 2026) परीक्षा को लेकर देशभर में बवाल मचा है. पेपर लीक (Paper Leak) के आरोपों ने सबको परेशान कर दिया है. इसी बीच तमिलनाडु (Tamil Nadu) के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (Chief Minister C. Joseph Vijay) ने बुधवार को अपनी बात मजबूती से रखी है. विजय ने साफ कहा है कि ‘मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए नीट परीक्षा बंद होनी चाहिए’. उनका कहना है कि ‘छात्रों को 12वीं के नंबरों के आधार पर ही मेडिकल में एडमिशन मिले’. इससे हर बच्चे को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिलेगा।

    मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया (X) पर परीक्षा के पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि पेपर लीक की खबरों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. विजय ने याद दिलाया कि साल 2024 में भी पेपर लीक हुआ था और 6 राज्यों में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसकी जांच बाद में सीबीआई को सौंपी गई. उन्होंने आगे कहा कि इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णन की कमेटी ने सुधार के लिए 95 सुझाव भी दिए थे, लेकिन हैरानी की बात है कि महज दो साल के भीतर ही फिर से पेपर लीक हो गया और परीक्षा रद्द करनी पड़ी. ऐसे में सीएम विजय का मानना है कि इस तरह की घटनाएं उन लाखों बच्चों का भरोसा तोड़ देती हैं, जो डॉक्टर बनने का सपना लिए दिन-रात मेहनत में जुटे रहते हैं।

    तमिलनाडु काफी समय से नीट का विरोध कर रहा है. मुख्यमंत्री का कहना है कि जब इतने सुधारों के बाद भी सिस्टम सुरक्षित नहीं हो पा रहा, तो राज्यों को यह छूट मिलनी चाहिए कि वे 12वीं की मेरिट के आधार पर अपने यहां की सीटें भर सकें. साफ है कि अगर परीक्षा का सिस्टम ही सुरक्षित नहीं होगा, तो छात्रों का भविष्य खतरे में बना रहेगा।


    पेपर लीक मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई?

    नीट परीक्षा को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब धांधली की खबरों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर दी. अब इस पूरे मामले की जांच CBI कर रही है. सीबीआई और राजस्थान पुलिस ने मिलकर कई राज्यों में छापेमारी की है. इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच में पता चला है कि परीक्षा से पहले ही एक ‘गेस पेपर’ सोशल मीडिया और कोचिंग सेंटरों के जरिए छात्रों तक पहुंच गया था.

    जांच एजेंसियों ने जयपुर, गुरुग्राम और नासिक जैसे शहरों में एक्शन लेते हुए आरोपियों को पकड़ा है.आरोपियों को पकड़ने के साथ ही पुलिस ने उनके ठिकानों से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस भी अपने कब्जे में लिए हैं. कोशिश यह है कि इस पूरे नेटवर्क और पेपर लीक की जड़ तक पहुंचा जा सके. जांच टीम अब इन डिवाइसों की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक का यह खेल कहां से शुरू हुआ और इसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं. मकसद सिर्फ आरोपियों को पकड़ना नहीं, बल्कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है, ताकि आगे चलकर किसी भी परीक्षा में ऐसी धांधली न हो और बच्चों का भरोसा बना रहे.

    इस पूरे घोटाले को लेकर देशभर के छात्रों में भारी गुस्सा है. कई शहरों में छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि परीक्षा के इस सिस्टम को सुधारा जाए. छात्रों का कहना है कि ऐसी धांधली से मेहनत करने वाले बच्चों का करियर बर्बाद होता है. फिलहाल 22 लाख से ज्यादा मेडिकल छात्र इस विवाद की वजह से परेशान हैं. वे बस इस इंतजार में हैं कि आगे क्या होगा और उन्हें इंसाफ कब मिलेगा।

  • नीट यूजी परीक्षा रद्द, सीबीआई जांच के आदेश से हड़कंप, जल्द घोषित होगी नई परीक्षा तिथि

    नीट यूजी परीक्षा रद्द, सीबीआई जांच के आदेश से हड़कंप, जल्द घोषित होगी नई परीक्षा तिथि


    नई दिल्ली । देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक नीट यूजी को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है, जिसने लाखों छात्रों और अभिभावकों को प्रभावित किया है। परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था ने 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की है। इस निर्णय के बाद अब परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, हालांकि नई तारीखों का ऐलान अभी नहीं किया गया है।

    यह परीक्षा देशभर में एमबीबीएस और अन्य मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 23 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा रद्द किए जाने का मुख्य कारण पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े गंभीर आरोप बताए जा रहे हैं, जिनकी पुष्टि के लिए विस्तृत जांच शुरू की गई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, परीक्षा के कुछ प्रश्नों और सामग्री के लीक होने की शिकायतें सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद जांच एजेंसियों को मामले की जानकारी भेजी गई और सभी तथ्यों की समीक्षा की गई। जांच रिपोर्ट और शुरुआती निष्कर्षों के आधार पर यह पाया गया कि वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है, जिससे इसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती थी।

    इसी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया है और अब पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी गई है। इसके साथ ही परीक्षा से जुड़े सभी दस्तावेज, रिकॉर्ड और जानकारी जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा सके।

    इस फैसले के बाद छात्रों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां एक तरफ परीक्षा रद्द होने से निराशा है, वहीं दूसरी ओर यह उम्मीद भी जताई जा रही है कि दोबारा परीक्षा अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएगी।

    परीक्षा प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने पहले आवेदन किया था, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। उनके आवेदन विवरण और परीक्षा केंद्र मान्य रहेंगे। इसके अलावा किसी भी अभ्यर्थी से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और पहले जमा की गई फीस से जुड़े नियमों पर भी विचार किया जा रहा है।

    नई परीक्षा की तिथियों की घोषणा जल्द ही आधिकारिक रूप से की जाएगी। साथ ही एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी सूचनाएं भी नए शेड्यूल के अनुसार जारी की जाएंगी। प्राधिकरण ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी अफवाह से दूर रहें।

    इस पूरे घटनाक्रम ने देश की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि यह कदम लंबे समय में परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी था।

    अब सभी की नजरें आगामी जांच और नई परीक्षा कार्यक्रम पर टिकी हुई हैं, जो इस पूरे विवाद के बाद एक नई शुरुआत साबित हो सकती है।