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  • नानी ने बताया बेटे अर्जुन का उनकी फिल्मों के चुनाव पर कितना असर, ‘द पैराडाइज’ को लेकर भी किया खुलासा

    नानी ने बताया बेटे अर्जुन का उनकी फिल्मों के चुनाव पर कितना असर, ‘द पैराडाइज’ को लेकर भी किया खुलासा


    नई दिल्ली । साउथ सिनेमा के अभिनेता नानी इन दिनों अपनी फिल्म ‘द पैराडाइज’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में उन्होंने पहले से अलग और ज्यादा इंटेंस अंदाज में किरदार निभाया है। इसी बीच एक प्रमोशनल बातचीत में नानी ने अपने करियर, फिल्मों के चुनाव और बेटे अर्जुन के उनकी पसंद पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में खुलकर बात की। अभिनेता ने बताया कि पिता बनने के बाद फिल्मों को लेकर उनका नजरिया पहले की तुलना में काफी बदला है।

    नानी लंबे समय से अलग-अलग तरह के किरदारों और पारिवारिक दर्शकों के बीच लोकप्रिय फिल्मों के लिए पहचाने जाते हैं। हालांकि, उन्होंने अपने करियर में लगातार अलग तरह के प्रयोग भी किए हैं। साल 2020 में रिलीज हुई फिल्म ‘वी’ में उन्होंने सीरियल किलर का किरदार निभाकर अपनी सामान्य छवि से हटकर भूमिका निभाई थी। इसके बाद भी वह एक्शन और गंभीर विषयों वाली फिल्मों का हिस्सा बने।

    फिल्मों के चुनाव पर बात करते हुए नानी ने बताया कि उनके बेटे अर्जुन के बड़े होने का असर भी उनके फैसलों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि अब वह इस बात के बारे में सोचते हैं कि जब उनका बेटा बड़ा होकर उनकी फिल्में देखेगा, तब वह उन दृश्यों को किस नजर से देखेगा। अभिनेता के मुताबिक, वह ऐसा कोई मौका नहीं चाहते जब उनका बेटा उनकी फिल्म देखते हुए असहज महसूस करे और उन्हें खुद भी उस स्थिति में शर्मिंदगी महसूस हो।

    नानी ने मजाकिया अंदाज में यह सवाल भी रखा कि जब उनका बेटा 15 साल का होगा और उनकी फिल्म देखेगा, तब क्या उन्हें कुछ दृश्यों के दौरान चैनल बदलना पड़ेगा। उन्होंने माना कि बेटे के जीवन में आने के बाद उनकी फिल्में चुनने की प्रक्रिया पर सकारात्मक असर पड़ा है। अब किसी प्रोजेक्ट को स्वीकार करते समय वह उसके कंटेंट और परिवार के नजरिए से भी विचार करते हैं।

    हालांकि, नानी ने यह भी स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि वह सिर्फ पारिवारिक फिल्मों तक सीमित रहना चाहते हैं। ‘द पैराडाइज’ जैसी फिल्म में उन्होंने एक्शन और इंटेंसिटी से भरी भूमिका निभाई है। फिल्म को ए सर्टिफिकेट मिला है, इसलिए उनका बेटा अभी इसे नहीं देख सकता।

    नानी ने बताया कि उनका बेटा उनसे पूछ चुका है कि क्या वह ‘द पैराडाइज’ देख सकता है। अभिनेता ने उसे समझाया कि फिल्म रिलीज होते ही इसे देखना संभव नहीं है। जब उन्हें लगेगा कि अर्जुन इस तरह की फिल्म देखने के लिए सही उम्र और मानसिक तैयारी में है, तब वह इसे देख सकेगा।

    जब नानी से पूछा गया कि इस तरह की इंटेंस फिल्में करने से क्या वह पारिवारिक दर्शकों से दूर हो सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि एक अभिनेता के तौर पर अलग-अलग तरह के जॉनर और किरदारों को तलाशना जरूरी है। उनके अनुसार, कुछ कहानियों और किरदारों को खास तरह की तीव्रता और प्रदर्शन की जरूरत होती है और कलाकार के लिए ऐसे अनुभव भी महत्वपूर्ण हैं।

    ‘द पैराडाइज’ का निर्देशन श्रीकांत ओडेला ने किया है। फिल्म में नानी के साथ राघव जुयाल, मोहनलाल, सोनाली बेंद्रे और संपत राज अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म को कई भाषाओं में रिलीज किया गया है और इसका संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने तैयार किया है। नानी के लिए यह फिल्म उनके करियर में एक और अलग तरह का प्रयोग मानी जा रही है।

  • नानी की द पैराडाइज ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर पकड़ी रफ्तार, 3:30 बजे तक 19.56 करोड़ रुपये का कलेक्शन

    नानी की द पैराडाइज ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर पकड़ी रफ्तार, 3:30 बजे तक 19.56 करोड़ रुपये का कलेक्शन

    नई दिल्ली ।नानी और राघव जुयाल की एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘द पैराडाइज’ 24 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। रिलीज के पहले ही दिन फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता दिखाई दे रहा है और शुरुआती बॉक्स ऑफिस आंकड़ों में तेज कमाई दर्ज की गई है। फिल्म ने दोपहर तक अलग-अलग भाषाओं में करोड़ों रुपये का कलेक्शन कर लिया था।

    शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, ‘द पैराडाइज’ ने रिलीज के दिन दोपहर 2 बजे तक तेलुगु भाषा में 17.77 करोड़ रुपये की कमाई की। इस दौरान तेलुगु वर्जन की ऑक्यूपेंसी 58 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं हिंदी भाषा में फिल्म ने 1.11 करोड़ रुपये और तमिल भाषा में 0.68 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया।

    इसके बाद शाम 3:30 बजे तक फिल्म का कुल कलेक्शन बढ़कर 19.56 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस समय तक फिल्म की कुल ऑक्यूपेंसी 46.8 प्रतिशत दर्ज की गई। हालांकि, ये आंकड़े दिन के अंतिम आंकड़े नहीं हैं। पहले दिन की पूरी कमाई का अंतिम आंकड़ा रात 10:30 बजे के बाद सामने आने की उम्मीद है।

    फिल्म की रिलीज से पहले भी इसकी कमाई को लेकर मजबूत शुरुआत देखने को मिली थी। नियमित मॉर्निंग शो शुरू होने से पहले ही एडवांस बुकिंग और पेड प्रीमियर शो के जरिए फिल्म ने दुनिया भर में 40 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया था। इस आधार पर यह नानी के करियर की एडवांस बुकिंग के लिहाज से सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्मों में शामिल हो गई।

    फिल्म ने नानी की पिछली बड़ी ओपनिंग फिल्म ‘HIT: द थर्ड केस’ के शुरुआती प्रदर्शन को भी पीछे छोड़ दिया। साल 2025 में रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले दिन दुनिया भर में 37.80 करोड़ रुपये की कमाई की थी। ‘द पैराडाइज’ की प्री-रिलीज कमाई ने रिलीज से पहले ही इसके प्रति दर्शकों की दिलचस्पी को सामने रखा था।

    ‘द पैराडाइज’ नानी और निर्देशक श्रीकांत ओडेला की दूसरी साथ काम करने वाली फिल्म है। इससे पहले दोनों ‘दसारा’ में साथ काम कर चुके हैं। नई फिल्म की कहानी 1980 के दशक के सिकंदराबाद की पृष्ठभूमि में रखी गई है। इसमें एक हाशिए पर रहने वाले समुदाय के संघर्ष को दिखाया गया है, जो भेदभाव का सामना करते हुए एक व्यक्ति के नेतृत्व में नागरिकता हासिल करने की कोशिश करता है।

    फिल्म में नानी मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ राघव जुयाल, सोनाली कुलकर्णी और कायादु लोहार भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। ‘द पैराडाइज’ तमिल, तेलुगु और हिंदी समेत कुल आठ भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट मिला है। इसकी अवधि करीब 2 घंटे 54 मिनट बताई गई है।

  • साउथ सिनेमा में बॉलीवुड सितारों का दबदबा, राघव जुयाल से इमरान हाशमी तक बने खतरनाक विलेन

    साउथ सिनेमा में बॉलीवुड सितारों का दबदबा, राघव जुयाल से इमरान हाशमी तक बने खतरनाक विलेन

    नई दिल्ली ।बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बीच कलाकारों का आदान-प्रदान लंबे समय से देखने को मिलता रहा है। हिंदी फिल्मों के कई कलाकार दक्षिण भारतीय फिल्मों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। खास तौर पर पिछले कुछ वर्षों में बॉलीवुड सितारों के साउथ फिल्मों में खलनायक के किरदार निभाने का चलन तेजी से बढ़ा है। अब इस सूची में अभिनेता और डांसर राघव जुयाल का नाम भी जुड़ गया है।

    राघव जुयाल साउथ की चर्चित फिल्म ‘द पैराडाइज’ में खलनायक की भूमिका में दिखाई देंगे। नानी अभिनीत इस फिल्म में राघव के किरदार को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता है। बताया गया है कि वह फिल्म में विक्रम मालिक नाम के मुख्य खलनायक का किरदार निभा रहे हैं। उनका यह किरदार पहले निभाई गई भूमिकाओं से अलग और अधिक आक्रामक अंदाज में नजर आने वाला है।

    राघव ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत हिंदी फिल्म ‘सोनाली केबल’ से की थी। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों में काम किया। अब साउथ सिनेमा में उनकी एंट्री बतौर विलेन हुई है। ‘द पैराडाइज’ में उनकी भूमिका फिल्म की कहानी में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ भी दक्षिण भारतीय फिल्मों में नकारात्मक भूमिकाएं निभा चुके हैं। उन्होंने ‘साहो’ में रॉय का किरदार निभाया था। इसके बाद वह रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर’ में वर्मन के रूप में नजर आए। दोनों फिल्मों में उनके किरदारों का अंदाज हिंदी फिल्मों में निभाई गई उनकी पारंपरिक भूमिकाओं से अलग रहा।

    बॉबी देओल ने भी साउथ सिनेमा में खलनायक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने सूर्या की फिल्म ‘कंगुवा’ में उधीरन की भूमिका निभाई थी। इसके बाद वह विजय की फिल्म ‘जन नायगन’ में महादेव के किरदार में दिखाई दिए। साउथ की फिल्मों में बॉबी के नकारात्मक किरदारों ने उनके अभिनय के एक अलग पक्ष को दर्शकों के सामने रखा।

    संजय दत्त भी दक्षिण भारतीय फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभा चुके हैं। यश अभिनीत ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ में उन्होंने अधीरा का किरदार निभाया था। फिल्म में उनका लुक और किरदार काफी अलग अंदाज में पेश किया गया था। यह फिल्म व्यावसायिक रूप से भी बड़ी सफलता हासिल करने में कामयाब रही।

    इमरान हाशमी का नाम भी इस सूची में शामिल है। उन्होंने पवन कल्याण की फिल्म ‘दे कॉल हिम ओजी’ में ओमी भाई नाम के खलनायक की भूमिका निभाई। इस फिल्म के जरिए इमरान ने दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी अलग मौजूदगी दर्ज कराई। उनके किरदार को लेकर भी दर्शकों के बीच काफी चर्चा रही।

    सैफ अली खान ने भी साउथ फिल्म ‘देवरा पार्ट 1’ में नकारात्मक भूमिका निभाई। उन्होंने फिल्म में भैरा का किरदार निभाया था। फिल्म में उनके साथ जूनियर एनटीआर और जान्हवी कपूर नजर आए थे। सैफ का यह किरदार भी उनके अब तक के कई हिंदी फिल्म किरदारों से अलग था।

    इस तरह राघव जुयाल के ‘द पैराडाइज’ में खलनायक बनने के साथ बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बीच कलाकारों का यह सिलसिला एक बार फिर चर्चा में है। अलग-अलग भाषाओं और फिल्म उद्योगों के कलाकारों के साथ आने से दर्शकों को भी नए तरह के किरदार और अभिनय देखने को मिल रहे हैं।

  • स्विट्जरलैंड भी लगेगा फीका! भारत के इन 5 रेलवे रूट्स पर दिखती है 'जन्नत' खिड़की से दिखेंगी बर्फीली वादियों का नजारा

    स्विट्जरलैंड भी लगेगा फीका! भारत के इन 5 रेलवे रूट्स पर दिखती है 'जन्नत' खिड़की से दिखेंगी बर्फीली वादियों का नजारा


    नई दिल्ली । भारत में ट्रेन यात्राओं का अपना ही एक जादू हैपहियों की लयबद्ध खड़खड़ाहट खिड़की के बाहर लगातार बदलते नज़ारे और हर मील के साथ रोमांच का बढ़ता एहसास. विस्टाडोम कोच इस अनुभव को एक नए लेवल पर ले जाते हैं. घूमने वाली रिक्लाइनिंग सीटों कांच की छतों और बड़ी पैनोरमिक खिड़कियों के साथ ये कोच यात्रियों को प्रकृति की भव्यता में डूबने का मौका देते हैं. बर्फ से ढके पहाड़ों से लेकर हरी-भरी घाटियों और झरनों तक यहां भारत भर के कुछ सबसे खूबसूरत विस्टाडोम ट्रेन रूट दिए गए हैं. आइए जानते इन 5 रेलवे रूट्स के बारे में विस्तार से ।
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    जम्मू और कश्मीर विस्टाडोम स्पेशल कोच बडगाम से बनिहाल तक की यह 90 किलोमीटर की यात्रा यात्रियों को कश्मीर घाटी की लुभावनी सुंदरता में डुबो देती है. श्रीनगर अवंतीपोरा अनंतनाग और काजीगुंड से गुज़रते हुए ट्रेन बर्फ से ढकी चोटियों चमकती धाराओं और हरे-भरे घास के मैदानों के मनोरम दृश्य दिखाती है. 2023 में लॉन्च किया गया यह कांच की छत वाला कोच यात्रियों को प्रकृति का एक अभिन्न हिस्सा होने का एहसास कराता है जिससे यात्रा उतनी ही मनमोहक हो जाती है जितनी कि मंज़िल  ।
    डूअर्स न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस ​​यह ट्रेन न्यू जलपाईगुड़ी से अलीपुरद्वार जंक्शन तक 169 किलोमीटर की दूरी तय करती है और पश्चिम बंगाल के डूअर्स इलाके से गुज़रती है. खिड़कियों के बाहर घने जंगल फैले हुए चाय के बागान और पूर्वी हिमालय की खूबसूरत पहाड़ियाँ दिखाई देती हैं. वन्यजीवों को देखने से अनुभव और भी बेहतर हो जाता है और यह यात्रा भूटान का रास्ता जैसी लगती है. विस्टाडोम कोच हर मोड़ पर एक नया मनमोहक नज़ारा दिखाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं ।
    हिमाचल प्रदेश कालका-शिमला NG एक्सप्रेस ​​यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट कालका-शिमला लाइन इंजीनियरिंग और प्राकृतिक सुंदरता का एक शानदार उदाहरण है. 90 किलोमीटर से ज़्यादा की दूरी में ट्रेन 103 सुरंगों 800 पुलों और लगभग हज़ार मोड़ों से गुज़रती है. चीड़ के जंगल गहरी घाटियाँ और शानदार पहाड़ों के नज़ारे पूरे रास्ते की शोभा बढ़ाते हैं. विस्टाडोम कोच की चौड़ी कांच की छत और खिड़कियाँ इस ऐतिहासिक यात्रा को हिमाचली पहाड़ियों का एक शानदार पैनोरमिक अनुभव बना देती हैं
    गुजरात अहमदाबाद-केवडिया जन शताब्दी एक्सप्रेस ​​यह रूट अहमदाबाद को एकता नगर से जोड़ता है जो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का गेटवे है. यात्री नर्मदा नदी और आसपास के नज़ारों का शानदार व्यू देख सकते हैं. विस्टाडोम कोच इस अनुभव को और भी खास बनाते हैं जिससे एक आम ट्रेन यात्रा एक खूबसूरत एडवेंचर में बदल जाती है. भारत की सबसे ऊंची मूर्ति देखने जाने वालों के लिए यह यात्रा अपने आप में एक बड़ा आकर्षण बन जाती है ।
    असम न्यू हाफलोंग स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन गुवाहाटी से न्यू हाफलोंग तक की यह 269 किलोमीटर की यात्रा असम की प्राकृतिक सुंदरता के शानदार नज़ारे दिखाती है. पूरी यात्रा के दौरान यात्रियों को घुमावदार पहाड़ियाँ हरी-भरी घाटियाँ और शांत नदियाँ देखने को मिलती हैं. माइबोंग में रुकने से यात्रा में सांस्कृतिक अनुभव जुड़ जाता है जबकि विस्टाडोम कोच की बड़ी खिड़कियाँ इस क्षेत्र की अनछुई सुंदरता को दिखाती हैं. यह सिर्फ़ यात्रा का एक ज़रिया नहीं है; यह नॉर्थ-ईस्ट इंडिया के नज़ारों का एक चलता-फिरता कैनवस है ।