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  • लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण पर निशिकांत दुबे का तंज, बोले माइकल जैक्शन का डांस याद आ गया’

    लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण पर निशिकांत दुबे का तंज, बोले माइकल जैक्शन का डांस याद आ गया’


    नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल पर मतदान से पहले लोकसभा में जोरदार बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जाति जनगणना को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने उनके भाषण पर तीखा कटाक्ष किया।

    निशिकांत दुबे ने साधा निशाना

    इस पर जवाब देते हुए बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष खासकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तब जातिगत जनगणना क्यों नहीं कराई गई। साथ ही उन्होंने पुराने परिसीमन और नीतियों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पहले इसका विरोध किया था। राहुल गांधी के भाषण पर तंज कसते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि महिला मुद्दों पर गंभीर चर्चा सुनने को मिलेगी लेकिन भाषण देखकर उन्हें माइकल जैक्शन का डांस याद आ गया।

    अखिलेश यादव से हुई तीखी नोकझोंक

    बहस के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी हस्तक्षेप किया और दुबे से कहा कि वे इतिहास में ज्यादा न जाएं और मुद्दे पर बात करें। इस पर दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि वे कन्नौज में एक मंदिर गए थे और उनके लौटने के बाद मंदिर को गंगाजल से धुलवाया। निशिकांत दुबे ने कहा कि जिसने भी ऐसा किया वो गलत है और मंदिर धुलवाने वाले को कानून के हिसाब से सजा मिलनी चाहिए।

    निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि कांग्रेस लंबे समय तक जातिगत जनगणना के खिलाफ रही है। उन्होंने सोनिया गांधी और पी. चिदंबरम के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए दावा किया कि कांग्रेस नेताओं ने पहले इस मुद्दे को संविधान और सामाजिक एकता के खिलाफ बताया था।

  • महिला आरक्षण और परिसीमन बिल को लेकर संसद में आज टकराव के आसार

    महिला आरक्षण और परिसीमन बिल को लेकर संसद में आज टकराव के आसार

    नई दिल्ली। महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को गुरुवार को संसद में पेश किया गया, जिसके साथ ही सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन गई। माना जा रहा है कि 16 से 18 अप्रैल तक चलने वाला यह विशेष सत्र राजनीतिक रूप से बेहद गरम रहेगा। विपक्ष ने बिल का समर्थन तो किया है, लेकिन परिसीमन से जुड़े प्रावधानों पर कड़ा विरोध जताया है।

    नंबर गेम में NDA के लिए चुनौती
    संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, जबकि NDA के पास फिलहाल यह संख्या पूरी नहीं है। ऐसे में सरकार को विपक्षी दलों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। लोकसभा में सीटों की मौजूदा संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव भी इस विधेयक का हिस्सा है।

    पीएम मोदी ने बताया नारी सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद की विशेष बैठक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि देश नारी सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। उन्होंने इसे माताओं और बहनों के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि यह राष्ट्र के सम्मान का विषय है।

    तमिलनाडु CM स्टालिन का विरोध
    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के परिसीमन प्रस्ताव को ‘काला कानून’ करार देते हुए कड़ा विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व को प्रभावित कर सकता है और वहां की जनता के अधिकारों को नुकसान पहुंचा सकता है।

    2011 जनगणना पर आधारित होगा परिसीमन
    सूत्रों के अनुसार, परिसीमन प्रक्रिया 2011 की जनगणना के आधार पर की जा रही है क्योंकि 2026 की जनगणना के परिणाम देर से आने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य 2029 तक महिला आरक्षण को लागू करना है, जिसके लिए समयबद्ध प्रक्रिया जरूरी बताई जा रही है।

    परिसीमन आयोग के गठन की भी तैयारी
    सरकार ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’ के साथ परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक भी पेश कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इन्हें सदन में रखा। प्रस्ताव के अनुसार परिसीमन आयोग का गठन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व या वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में किया जाएगा।

    विरोध के मूड में विपक्ष
    INDIA गठबंधन ने महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए परिसीमन प्रस्ताव का विरोध करने का फैसला लिया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस प्रक्रिया के जरिए राजनीतिक संतुलन को प्रभावित करना चाहती है। इसे लेकर गठबंधन के भीतर रणनीति तैयार की जा रही है और संसद में तीखा विरोध देखने की संभावना है।