Tag: Participation

  • ‘इमरान खान विदेशी हैं, देश से बाहर निकालो’, CJP के प्रदर्शन में शामिल होने पर भाजपा नेता की मांग

    ‘इमरान खान विदेशी हैं, देश से बाहर निकालो’, CJP के प्रदर्शन में शामिल होने पर भाजपा नेता की मांग


    मुंबई।
    कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान विवादों में घिर गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने मुंबई पुलिस से अभिनेता के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें देश से निर्वासित करने की मांग की है। सोमैया का आरोप है कि इमरान खान विदेशी नागरिक हैं और उन्हें भारत में राजनीतिक प्रदर्शनों में हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है।

    मुंबई पुलिस को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग

    किरीट सोमैया ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुंबई पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर मनोज कुमार शर्मा को पत्र लिखा है। सोमैया ने अपने पत्र की प्रति भी सोशल मीडिया पर साझा की।

    पत्र में भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि विदेशी नागरिक होने के कारण इमरान खान को भारतीय नागरिकों के समान राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं हैं। उन्होंने अभिनेता के राजनीतिक आंदोलन में शामिल होने को गैरकानूनी बताते हुए पुलिस से कार्रवाई करने की मांग की। अपनी एक अन्य पोस्ट में सोमैया ने अभिनेता को तत्काल देश से बाहर निकालने की मांग भी की।

    अगस्त क्रांति मैदान से हिरासत में लिए गए थे इमरान खान

    यह विवाद 10 अक्टूबर को उस समय सामने आया, जब मुंबई पुलिस ने अगस्त क्रांति मैदान से अभिनेता इमरान खान को हिरासत में लिया। यहां कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था।

    हिरासत में लिए जाने के बाद अभिनेता ने पुलिस वैन के अंदर से एक सेल्फी इंस्टाग्राम पर साझा की थी। इसके साथ उन्होंने लिखा, “ऐसा लगता है कि मैं ड्राइव पर जा रहा हूं।”

    इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें इमरान खान पुलिस अधिकारियों से सवाल करते दिखाई दिए। वीडियो में उन्होंने पूछा, “मैंने क्या किया है? मेरे साथ धक्का-मुक्की क्यों की जा रही है?”

    ‘मैं एक नागरिक के तौर पर अपनी आवाज उठाने आया था’

    हिरासत की घटना के बाद शनिवार को मीडिया से बातचीत में इमरान खान ने अपने प्रदर्शन में शामिल होने की वजह बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी विशेष मांग को लेकर वहां नहीं पहुंचे थे, बल्कि एक नागरिक के तौर पर अपनी आवाज उठाने आए थे।

    अभिनेता ने कहा, “मेरी कोई मांग नहीं है। मैं यहां एक नागरिक के रूप में, इस शहर में रहने वाले व्यक्ति के रूप में आया हूं। मैं यह देखने आया हूं कि लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध क्यों लगाया जा रहा है और लोगों की आवाज क्यों दबाई जा रही है।”

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी संगठन या राजनीतिक पार्टी का हिस्सा बनकर प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे।

    400 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने का दावा

    मुंबई पुलिस के मुताबिक, अगस्त क्रांति मैदान में CJP के समर्थन में बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था।

    पुलिस ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार विरोध प्रदर्शन के लिए आजाद मैदान निर्धारित था। इसी वजह से अगस्त क्रांति मैदान में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती थी।

    इस कार्रवाई के दौरान महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी को भी हिरासत में लिया गया था, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

    इमरान खान के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद अब मामला राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। जहां अभिनेता ने इसे एक नागरिक के तौर पर अपनी आवाज उठाने का मामला बताया है, वहीं किरीट सोमैया ने उनकी नागरिकता और राजनीतिक प्रदर्शन में भागीदारी को लेकर सवाल उठाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

  • शेयर बाजार में तेजी से बढ़ रही युवाओं की भागीदारी….. हर 10वां भारतीय बना निवेशक

    शेयर बाजार में तेजी से बढ़ रही युवाओं की भागीदारी….. हर 10वां भारतीय बना निवेशक


    नई दिल्ली।
    भारतीय शेयर बाजार (Indian stock market) में युवाओं (Youth) की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) (National Stock Exchange – NSE) की मार्केट पल्स-जुलाई 2026 रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अप्रैल से जून के बीच यानी तीन माह में शेयर बाजार में आए नए निवेशकों में जेन जी (Gen Z) की हिस्सेदारी 59% रही। मार्च, 2020 से जून, 2026 तक भी हर साल नए निवेशकों में इनका हिस्सा 53-59 फीसदी रहा।


    नए निवेशकों में जेन जी की हिस्सेदारी कितनी रही?

    रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च, 2020 में देश में 3 करोड़ पंजीकृत निवेशक थे, जो जून, 2026 तक बढ़कर 13.24 करोड़ हो गए। यानी अब देश का लगभग हर 10वां व्यक्ति पंजीकृत निवेशक है। इनमें 4.40 करोड़ सक्रिय निवेशक हैं, जिन्होंने एक साल में कम से कम एक बार ट्रेडिंग की। 3.55 करोड़ कैश मार्केट में सक्रिय रहे, जबकि 85 लाख निवेशकों ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) में कारोबार किया।

    रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार में निवेश करने में महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है। देश के कुल पंजीकृत निवेशकों में महिलाओं की हिस्सेदारी 24.9 फीसदी है। यानी लगभग हर चार में एक निवेशक महिला है।


    महिलाओं की भागीदारी कितनी बढ़ी है?
    राज्य – हिस्सेदारी

    गोवा – 33.3%
    मिजोरम- 32.6%
    दिल्ली – 31.1%
    महाराष्ट्र – 29%
    तमिलनाडु- 28.7%
    गुजरात – 28.4%
    उत्तर प्रदेश – 19.2%
    बिहार – 16.5%
    एनएसई में 2020 से जून, 2026 के आंकड़ाें से निष्कर्ष


    लंबी अवधि के निवेश का रुझान क्यों बढ़ रहा है?

    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कैश मार्केट में लगातार बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि खुदरा निवेशक एफएंडओ में सिर्फ सट्टेबाजी और जल्द पैसा बनाने के बजाय लंबी अवधि के निवेश पर भी जोर दे रहे हैं। सेबी कह चुका है कि एफएंडओ में ज्यादातर नुकसान होता है।

  • 'मन की बात' के 136वें एपिसोड की एनडीए नेताओं ने की सराहना, बोले- समाज के सकारात्मक प्रयासों को मिलती है राष्ट्रीय पहचान

    'मन की बात' के 136वें एपिसोड की एनडीए नेताओं ने की सराहना, बोले- समाज के सकारात्मक प्रयासों को मिलती है राष्ट्रीय पहचान

    नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस कार्यक्रम को जनभागीदारी, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण को प्रोत्साहित करने वाला प्रभावी मंच बताया। नेताओं का कहना है कि यह कार्यक्रम राजनीति से अलग समाज के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों और प्रेरणादायी कहानियों को राष्ट्रीय पहचान देने का कार्य करता है।

    भाजपा नेताओं ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे उल्लेखनीय कार्यों को व्यापक स्तर पर सामने लाया जाता है। उनका मानना है कि इस कार्यक्रम से आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय स्तर पर काम कर रहे लोगों के प्रयासों को सम्मान मिलता है, जिससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है। उन्होंने इसे समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का माध्यम बताया।

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में राज्य से जुड़े विभिन्न प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में बस्तर ओलंपिक्स, बस्तर पांडुम, मल्हार से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भ और इस बार जल संरक्षण अभियान के तहत कोरबा की पहल का जिक्र राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने स्थानीय मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील को भी महत्वपूर्ण बताया।

    त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि ‘मन की बात’ की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सकारात्मक सोच और जनता से लगातार संवाद बनाए रखना है। उनके अनुसार, कार्यक्रम में त्रिपुरा में स्वदेशी रूप से तैयार किए गए पहले संगीत वाद्ययंत्र का उल्लेख होने से राज्य के कारीगरों और कलाकारों का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने इसे स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला प्रयास बताया।

    केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कार्यक्रम में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर वीर सैनिकों को दी गई श्रद्धांजलि, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के योगदान के स्मरण और राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के संदर्भ को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय हस्तशिल्प, हथकरघा और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संदेश देश के कारीगरों के लिए उत्साहवर्धक है।

    केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि कार्यक्रम में राजनीतिक विषयों के बजाय समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा किए जा रहे प्रेरक कार्यों को प्रमुखता दी जाती है। उन्होंने जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक हस्तशिल्प जैसे विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने को इस कार्यक्रम की विशेषता बताया। वहीं भाजपा सांसद राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि कार्यक्रम नागरिकों के योगदान को महत्व देता है और वर्षों से देशभर की प्रेरक कहानियों को लोगों तक पहुंचा रहा है।

    उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने ‘मन की बात’ को दुनिया के लोकप्रिय मासिक कार्यक्रमों में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से ऐसे लोगों की प्रेरक कहानियां सामने आती हैं, जिनकी मेहनत और उपलब्धियां सामान्यतः चर्चा में नहीं आ पातीं। वहीं बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने इसे देश के विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को जोड़ने वाला मंच बताया। पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने कारगिल विजय दिवस पर वीर सैनिकों के साहस और बलिदान को याद करने को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी संदेश बताया।