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  • “परवीन बाबी को लगता था अमिताभ बच्चन उनकी हत्या करना चाहते हैं” – पूजा भट्ट का बड़ा खुलासा

    “परवीन बाबी को लगता था अमिताभ बच्चन उनकी हत्या करना चाहते हैं” – पूजा भट्ट का बड़ा खुलासा


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की सबसे ग्लैमरस और चर्चित अभिनेत्रियों में गिनी जाने वाली परवीन बाबी की जिंदगी जितनी चमकदार पर्दे पर नजर आती थी उतनी ही दर्द और अकेलेपन से भरी हुई असल जिंदगी में थी। अब अभिनेत्री पूजा भट्ट ने परवीन बाबी को लेकर कुछ ऐसे खुलासे किए हैं जिन्होंने एक बार फिर बॉलीवुड के उस दर्दनाक दौर की याद दिला दी है।

    महेश भट्ट की बेटी और अभिनेत्री पूजा भट्ट ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में परवीन बाबी के आखिरी दिनों को याद करते हुए कहा कि वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थीं। पूजा ने बताया कि उन्हें आज भी वह समय याद है जब परवीन बाबी को यह डर सताने लगा था कि अमिताभ बच्चन उन्हें मारना चाहते हैं।

    पूजा भट्ट ने पत्रकार विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में कहा कि जब परवीन बाबी विदेश से लौटकर आई थीं तब वह स्टारडस्ट मैगजीन के ऑफिस में बैठकर लगातार जेरॉक्स मशीन का इस्तेमाल कर रही थीं और अमिताभ बच्चन के खिलाफ इंटरव्यू दे रही थीं। पूजा के मुताबिक परवीन बाबी को लगता था कि अमिताभ बच्चन अभी भी उनकी हत्या करना चाहते हैं।

    इतना ही नहीं पूजा ने यह भी खुलासा किया कि परवीन बाबी खाने-पीने की चीजों को लेकर बेहद डरी हुई रहती थीं। उन्हें शक था कि फिल्म इंडस्ट्री के लोग उनके खाने में जहर मिला रहे हैं। यही वजह थी कि वह सिर्फ अंडे खाती थीं क्योंकि उन्हें वही सुरक्षित लगता था।

    हालांकि पूजा भट्ट ने यह भी साफ कहा कि वह डॉक्टर नहीं हैं इसलिए किसी बीमारी को लेकर दावा नहीं कर सकतीं लेकिन इतना जरूर था कि परवीन बाबी मानसिक रूप से ठीक नहीं थीं। बाद में जांच में सामने आया था कि वह सिजोफ्रेनिया जैसी मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं।

    परवीन बाबी और अमिताभ बच्चन ने साथ में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया था जिनमें दीवार अमर अकबर एंथोनी काला पत्थर शान और नमक हलाल जैसी फिल्में शामिल हैं। दोनों की ऑनस्क्रीन जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। एक समय उनके अफेयर की अफवाहें भी उड़ी थीं लेकिन दोनों कलाकारों ने इन खबरों को कभी स्वीकार नहीं किया।

    1980 के दशक में परवीन बाबी ने अमिताभ बच्चन के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि अमिताभ बच्चन एक अंतरराष्ट्रीय गैंग का हिस्सा हैं और उनका अपहरण कर उनके कान में माइक्रोचिप लगाने की कोशिश की गई है। हालांकि जांच के दौरान अमिताभ बच्चन के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला।

    पूजा भट्ट ने परवीन बाबी के व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि वह बेहद खूबसूरत और दिलदार इंसान थीं। पूजा ने बताया कि जब उनके पिता महेश भट्ट उन्हें परवीन बाबी के घर लेकर जाते थे तब वह हमेशा उन्हें प्यार से मिलती थीं और गिफ्ट दिया करती थीं। पूजा आज भी वह परफ्यूम नहीं भूल पाईं जो परवीन बाबी ने उन्हें दिया था।

    जनवरी 2005 में परवीन बाबी का निधन हो गया था। वह सिर्फ 50 साल की थीं। उनकी मौत ने पूरे फिल्म जगत को झकझोर दिया था। बताया जाता है कि उनका शव कई दिनों तक मुंबई के कूपर अस्पताल के मुर्दाघर में लावारिस पड़ा रहा था। बाद में महेश भट्ट आगे आए और उन्होंने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई।

    परवीन बाबी की कहानी आज भी बॉलीवुड की सबसे दर्दनाक कहानियों में गिनी जाती है जहां शोहरत के पीछे छिपा अकेलापन और मानसिक संघर्ष साफ दिखाई देता है।

  • एक तस्वीर ने बदली जिंदगी परवीन बाबी से मिलने आया शख्स बना 80s का खतरनाक विलेन

    एक तस्वीर ने बदली जिंदगी परवीन बाबी से मिलने आया शख्स बना 80s का खतरनाक विलेन

    नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के 80 और 90 के दशक को याद किया जाए तो जहां एक तरफ दमदार हीरो का दौर था, वहीं दूसरी तरफ खतरनाक विलेन भी फिल्मों की जान हुआ करते थे. इसी दौर में एक ऐसा विदेशी चेहरा बार-बार बड़े पर्दे पर दिखाई देता था, जिसने अपनी मजबूत कद-काठी और डरावने अंदाज से दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली. यह अभिनेता थे बॉब क्रिस्टो, जिनकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है.

    20 मार्च 1938 को सिडनी में जन्मे बॉब क्रिस्टो का असली नाम रॉबर्ट जॉन क्रिस्टो था. वह पेशे से सिविल इंजीनियर थे और पढ़ाई के साथ-साथ थिएटर में भी रुचि रखते थे. उनकी जिंदगी सामान्य ढंग से चल रही थी, लेकिन एक दुखद घटना ने सबकुछ बदल दिया. उनकी पत्नी का एक सड़क हादसे में निधन हो गया, जिससे वह पूरी तरह टूट गए और उनकी जिंदगी एक नए मोड़ की ओर मुड़ गई.

    उनकी जिंदगी का सबसे दिलचस्प अध्याय तब शुरू हुआ जब उन्होंने एक मैगजीन के कवर पर मशहूर अभिनेत्री परवीन बाबी की तस्वीर देखी. इस एक तस्वीर ने उन पर ऐसा असर डाला कि वह उनसे मिलने भारत चले आए. मुंबई पहुंचकर उन्होंने परवीन बाबी को ढूंढ निकाला और उनसे मुलाकात की. यही मुलाकात उनकी किस्मत बदलने वाली साबित हुई.

    परवीन बाबी की मदद से उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री मिली और फिल्म अब्दुल्ला के जरिए उन्हें पहला बड़ा मौका मिला. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. 80 और 90 के दशक में वह बॉलीवुड के सबसे चर्चित विदेशी विलेन बन गए. उनकी दमदार पर्सनैलिटी और एक्शन सीन ने उन्हें बाकी कलाकारों से अलग पहचान दिलाई.

    उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में काम किया, जिनमें कालिया, नमक हलाल, मर्द और मिस्टर इंडिया शामिल हैं. खास बात यह रही कि उनकी भिड़ंत अक्सर महानायक अमिताभ बच्चन और सुपरस्टार धर्मेंद्र जैसे सितारों के साथ होती थी. जब भी वह स्क्रीन पर इन बड़े सितारों के सामने आते, तो थिएटर में सीटियां और तालियां गूंज उठती थीं.

    बॉब क्रिस्टो की लंबी-चौड़ी काया और रौबदार व्यक्तित्व उन्हें परफेक्ट विलेन बनाता था. उन्होंने अपने करियर में करीब 200 फिल्मों में काम किया और हिंदी के साथ-साथ साउथ सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई. उनकी मौजूदगी ही किसी भी फिल्म में खतरे का एहसास पैदा कर देती थी.

    हालांकि समय के साथ उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और बेंगलुरु में बस गए. वहां उन्होंने योगा इंस्ट्रक्टर के रूप में एक नई जिंदगी शुरू की. ग्लैमर की दुनिया से दूर वह एक साधारण जीवन जीने लगे.

    20 मार्च 2011 को 72 साल की उम्र में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी यादें आज भी फिल्मों के जरिए जिंदा हैं. बॉब क्रिस्टो की कहानी यह साबित करती है कि कभी-कभी एक छोटा सा पल या एक तस्वीर भी किसी इंसान की पूरी जिंदगी बदल सकती है.

  • परवीन बाबी: बॉलीवुड की चमकती हसीना, अकेलेपन और बीमारी के बीच डूब गई जिंदगी

    परवीन बाबी: बॉलीवुड की चमकती हसीना, अकेलेपन और बीमारी के बीच डूब गई जिंदगी


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में शोहरत जितनी तेजी से मिलती है उतनी ही बेरहमी से छिन भी जाती है। इस बात का सबसे दर्दनाक उदाहरण हैं 70 और 80 के दशक की ग्लैमरस और बोल्ड अभिनेत्री परवीन बाबी। पर्दे पर आत्मविश्वास और ग्लैमर की नई परिभाषा गढ़ने वाली परवीन असल जिंदगी में अकेलेपन मानसिक बीमारी और गुमनामी से जूझती रहीं।

    परवीन बाबी का जन्म 4 अप्रैल 1954 को गुजरात के जूनागढ़ में हुआ। एक नवाबी परिवार में जन्मी परवीन ने कम उम्र में ही पिता का साथ खो दिया लेकिन उनका पालन-पोषण अच्छे माहौल में हुआ। 18 साल की उम्र में उन्होंने मॉडलिंग शुरू की। अहमदाबाद में एक शूटिंग के दौरान फिल्ममेकर बी.आर. इशारा की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने परवीन को फिल्मों में कदम रखने का मौका दिया।

    साल 1974 में परवीन नेमजबूर फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखा और अमिताभ बच्चन के साथ उनकी जोड़ी बेहद सफल रही। इसके बाद उन्होंनेदीवारअमर अकबर एंथनीनमक हलाल जैसी सुपरहिट और कल्ट फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई।परवीन की निजी जिंदगी भी हमेशा सुर्खियों में रही। उनका नाम अभिनेता डैनी डेन्जोंगपा कबीर बेदी और फिल्ममेकर महेश भट्ट से जुड़ा। महेश भट्ट के साथ उनका रिश्ता सबसे चर्चित रहा लेकिन समय के साथ यह रिश्ता टूट गया और परवीन की मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी।

    परवीन पैरानॉइड सिज़ोफ्रेनिया जैसी गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं। इस बीमारी में व्यक्ति को भ्रम होने लगता है कि उसके आसपास के लोग उसे नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कई बार अपने करीबियों और फिल्मी हस्तियों पर गंभीर आरोप लगाए और धीरे-धीरे उन्होंने खुद को दुनिया से अलग कर लिया।22 जनवरी 2005 को परवीन बाबी की मौत हुई। उनके फ्लैट में 2-3 दिन तक दूध और अखबार पड़े रहने के कारण पड़ोसियों को शक हुआ। पुलिस ने जब दरवाजा खोला तो उनका शव बिस्तर पर पड़ा मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत मल्टीपल ऑर्गन फेलियर से हुई थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि उनके पेट में खाने का एक निवाला तक नहीं था यानी वह भूख से भी जूझ रही थीं।

    उनका अंतिम संस्कार मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ क्योंकि उस समय उन्हें पहचानने वाला कोई नहीं था।परवीन बाबी की कहानी केवल एक अभिनेत्री की नहीं है बल्कि यह ग्लैमर और शोहरत के पीछे छिपे अकेलेपन और मानसिक संघर्ष की कड़वी सच्चाई की याद दिलाती है। चमकते सितारे की यह जिंदगी अंत में गुमनामी बीमारी और तन्हाई में समाप्त हुई।