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  • इंदौर एयरपोर्ट की रेटिंग में बढ़ोतरी लेकिन रैंकिंग में झटका, पिछली तिमाही में था 80वां स्थान, अब 79वें नंबर पर

    इंदौर एयरपोर्ट की रेटिंग में बढ़ोतरी लेकिन रैंकिंग में झटका, पिछली तिमाही में था 80वां स्थान, अब 79वें नंबर पर


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की यात्री सुविधाओं की रेटिंग में सुधार दर्ज किया गया है लेकिन इसके बावजूद रैंकिंग में एयरपोर्ट को अपेक्षित बढ़त नहीं मिली। एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल के एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी सर्वे के मुताबिक जुलाई से सितंबर 2026 की तीसरी तिमाही में इंदौर एयरपोर्ट को पांच में से 4.90 अंक मिले हैं। इससे पहले अप्रैल से जून की दूसरी तिमाही में एयरपोर्ट की रेटिंग 4.88 अंक थी। यानी रेटिंग में 0.02 अंक का सुधार हुआ है। इसके बावजूद इंदौर की रैंकिंग में मामूली बदलाव हुआ और वह 79वें स्थान पर पहुंच गया। पिछली तिमाही में इंदौर एयरपोर्ट 80वें स्थान पर था।

    यात्री सुविधाओं के आकलन में इंदौर एयरपोर्ट की रेटिंग देश के चुनिंदा 16 एयरपोर्ट की औसत रेटिंग के बराबर रही। तीसरी तिमाही में इन एयरपोर्ट की औसत रेटिंग भी 4.90 अंक दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि इंदौर एयरपोर्ट का प्रदर्शन औसत के अनुरूप रहा है। हालांकि दूसरे एयरपोर्ट की रेटिंग में हुए बदलाव के कारण इंदौर को रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाने का मौका नहीं मिला। रेटिंग और रैंकिंग के बीच का यह अंतर बताता है कि किसी एयरपोर्ट के अंक बढ़ने के बावजूद दूसरे एयरपोर्ट के प्रदर्शन में ज्यादा सुधार होने पर उसकी रैंकिंग प्रभावित हो सकती है।

    तीसरी तिमाही की सूची में पुणे एयरपोर्ट ने 4.98 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। चेन्नई और पटना एयरपोर्ट 4.94-4.94 अंकों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। कालीकट और वाराणसी एयरपोर्ट की रेटिंग 4.93 अंक रही। इस सूची में पुणे का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा जबकि चेन्नई और पटना ने भी ऊंची रेटिंग हासिल की। इन एयरपोर्ट की रेटिंग से पता चलता है कि यात्री सुविधाओं के मामले में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।

    चेन्नई एयरपोर्ट की रेटिंग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। दूसरी तिमाही में उसे 4.85 अंक मिले थे जो तीसरी तिमाही में बढ़कर 4.94 हो गए। इसके साथ ही उसकी रैंकिंग 87वें स्थान से सुधरकर 66वें स्थान पर पहुंच गई। इसी तरह कालीकट एयरपोर्ट की रेटिंग 4.82 से बढ़कर 4.93 हो गई और उसकी रैंकिंग 90वें स्थान से सुधरकर 69वें स्थान पर पहुंच गई। दूसरी ओर रायपुर एयरपोर्ट की रेटिंग में गिरावट दर्ज की गई। उसकी रेटिंग 4.93 से घटकर 4.90 रह गई और रैंकिंग 66वें स्थान से फिसलकर 78वें स्थान पर आ गई।

    रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की औसत एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी रेटिंग भी इस अवधि में कम हुई है। दूसरी तिमाही में विश्व औसत 4.38 अंक था जो तीसरी तिमाही में घटकर 4.36 अंक रह गया। इसके मुकाबले इंदौर एयरपोर्ट की 4.90 अंक की रेटिंग काफी बेहतर है। देश के चुनिंदा एयरपोर्ट की औसत रेटिंग भी 4.88 से बढ़कर 4.90 अंक हो गई है।

    इंदौर एयरपोर्ट के लिए एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि उसकी रेटिंग समझौता ज्ञापन में निर्धारित लक्ष्य से अधिक रही। रिपोर्ट के अनुसार उत्कृष्ट रेटिंग का लक्ष्य पांच में से 4.68 अंक तय किया गया है जबकि इंदौर को 4.90 अंक मिले हैं। इस तरह एयरपोर्ट ने निर्धारित लक्ष्य से 0.22 अंक अधिक हासिल किए हैं। रेटिंग में सुधार के बावजूद रैंकिंग में बड़ी बढ़त नहीं मिलने से यात्री सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाने की जरूरत सामने आती है। आने वाली तिमाहियों में इंदौर एयरपोर्ट का प्रदर्शन किस दिशा में जाता है इस पर यात्रियों और विमानन क्षेत्र की नजर रहेगी।

  • इंदौर के ट्रैफिक को राहत देने की तैयारी, कुमेड़ी ISBT से शुरू होगा बसों का ट्रायल; पहले राजस्थान-गुजरात के रूट पर संचालन

    इंदौर के ट्रैफिक को राहत देने की तैयारी, कुमेड़ी ISBT से शुरू होगा बसों का ट्रायल; पहले राजस्थान-गुजरात के रूट पर संचालन


    इंदौर । इंदौर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और लंबी दूरी की बसों के संचालन को व्यवस्थित करने की दिशा में अहम कदम उठाया जा रहा है। एमआर-10 स्थित कुमेड़ी अंतरराज्यीय बस टर्मिनल यानी ISBT से 28 अक्टूबर से बसों का ट्रायल रन शुरू करने की तैयारी है। शुरुआती चरण में राजस्थान और गुजरात के विभिन्न शहरों के लिए चलने वाली लंबी दूरी की बसों को नए टर्मिनल से रवाना किया जाएगा। इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य टर्मिनल की संचालन व्यवस्था को परखना और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है। ट्रायल के दौरान बसों की आवाजाही से लेकर यात्रियों के आवागमन और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी ताकि नियमित संचालन शुरू होने से पहले जरूरी कमियों को दूर किया जा सके।

    कुमेड़ी ISBT से बसों का संचालन शुरू होने से इंदौर में लंबी दूरी की बस सेवाओं को एक व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। फिलहाल पहले चरण में चुनिंदा मार्गों की बसों को ही नए टर्मिनल से संचालित करने की योजना है। इसके जरिए प्रशासन यह समझने का प्रयास करेगा कि टर्मिनल पर बसों के आने और रवाना होने की व्यवस्था कितनी सुचारु है और यात्रियों को किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है। ट्रायल के दौरान सामने आने वाली समस्याओं के आधार पर व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा। इसके बाद नियमित संचालन को लेकर आगे की योजना बनाई जा सकेगी।

    नए टर्मिनल की तैयारियों में बसों की आवाजाही के साथ यात्रियों की सुविधाओं को भी प्रमुखता दी जा रही है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बसों तक पहुंचने और टर्मिनल से बाहर निकलने की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। इसके अलावा बस संचालकों के लिए संचालन संबंधी सुविधाओं और यातायात प्रबंधन की स्थिति का भी आकलन किया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि ट्रायल के दौरान सभी जरूरी पहलुओं की जांच हो जाए ताकि नियमित बस संचालन के समय किसी बड़ी समस्या का सामना न करना पड़े।

    इस संबंध में कलेक्टर शिवम वर्मा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और लंबी दूरी की बसों के संचालकों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। बैठक में इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप केरकेट्टा स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्थ जैन क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा यातायात पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एआईसीटीएसएल के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में टर्मिनल के संचालन यातायात प्रबंधन और यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार किया गया।

    बस संचालकों के प्रतिनिधियों ने भी प्रस्तावित ट्रायल रन के लिए मौखिक सहमति दी है। इससे निर्धारित तारीख पर परीक्षण शुरू करने की तैयारियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। ट्रायल के दौरान अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की नजर इस बात पर रहेगी कि बसों का संचालन निर्धारित तरीके से हो रहा है या नहीं और यात्रियों को टर्मिनल पर किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं।

    कुमेड़ी ISBT से राजस्थान और गुजरात के लिए बसों का ट्रायल रन इंदौर की परिवहन व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परीक्षण के परिणामों के आधार पर आगे की व्यवस्थाएं तय होंगी। यदि संचालन सुचारु रहता है और जरूरी सुधार समय पर पूरे हो जाते हैं तो नए टर्मिनल से लंबी दूरी की बस सेवाओं को व्यवस्थित रूप से चलाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा। हालांकि शुरुआत में किन मार्गों पर कितनी बसें चलेंगी और नियमित संचालन का विस्तार कब होगा इस बारे में आगे की जानकारी का इंतजार रहेगा।