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  • ट्रेनों में अब रात 11 से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्ज नहीं कर सकेंगे यात्री… चार्जिंग पॉइंट रहेंगे बंद

    ट्रेनों में अब रात 11 से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्ज नहीं कर सकेंगे यात्री… चार्जिंग पॉइंट रहेंगे बंद


    जम्मू।
    भारतीय रेल (Indian Railways) में अब यात्रा के दौरान रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल फोन चार्जिंग पॉइंट (Mobile Phone Charging Point) की सुविधा नहीं मिलेगी। रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने यात्री सुरक्षा के मद्देनजर सभी जोनल रेलवे को इस अविध में ट्रेन के डिब्बों के मोबाइल फोन चार्जिंग पॉइंट अनिवार्य रूप से बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

    बोर्ड ने दक्षिण पूर्व रेलवे में हुए एक हादसे के बाद ये निर्देश दोबारा जारी कर उन्हें सख्ती से लागू करने की हिदायत दी है। बोर्ड ने अपने पत्र में बताया कि चार्जिंग पॉइंट बंद नहीं होने से एक यात्री का पावर बैंक फट गया था।

    रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों को निर्देशों के प्रति जागरूक करने, आवश्यक प्रशिक्षण देने और उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को औचक निरीक्षण करने को भी कहा गया है।

  • हिंगोली स्टेशन पर RPF पर मारपीट का आरोप, यात्रियों ने पटरी पर बैठकर रोकी जोधपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस

    हिंगोली स्टेशन पर RPF पर मारपीट का आरोप, यात्रियों ने पटरी पर बैठकर रोकी जोधपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के हिंगोली रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों पर मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगने के बाद यात्रियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यात्रियों ने आरोप लगाया कि आरपीएफ कर्मियों ने एक युवक के साथ मारपीट की और उसे बचाने पहुंची महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया। घटना से नाराज यात्रियों ने जोधपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस को स्टेशन पर रोक दिया। प्रदर्शन के कारण ट्रेन करीब दो घंटे तक प्रभावित रही। यात्रियों ने संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस के हस्तक्षेप और जांच का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ, जिसके बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया।

    जानकारी के अनुसार, संबंधित यात्री नागपुर में आयोजित दशहरा कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे। बताया गया है कि ये लोग डॉ. बी.आर. आंबेडकर के अनुयायी हैं और अकोला रेलवे स्टेशन से नांदेड़ जाने के लिए भगत की कोठी-काचेगुड़ा एक्सप्रेस में सवार हुए थे। यह ट्रेन संख्या 17606 है। यात्रा के दौरान वाशिम स्टेशन पार करने के बाद समूह के साथ चल रहा एक युवक गलती से सामान्य श्रेणी के डिब्बे के बजाय आरक्षित डिब्बे में पहुंच गया।

    यात्रियों का आरोप है कि युवक के आरक्षित डिब्बे में प्रवेश करने के बाद आरपीएफ कर्मियों और कुछ यात्रियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर युवक के साथ मारपीट की गई। उसके साथ यात्रा कर रही महिलाओं ने बीच-बचाव करते हुए युवक को बचाने की कोशिश की, लेकिन उनके साथ भी कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें धक्का देकर पीछे हटाया गया। समूह के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।

    इस घटना के बाद यात्रियों में नाराजगी फैल गई। जब ट्रेन हिंगोली रेलवे स्टेशन पहुंची, तो विरोध कर रहे यात्री नीचे उतर गए और रेलवे ट्रैक पर जाकर इंजन के सामने बैठ गए। उन्होंने रेलवे प्रशासन और आरपीएफ के खिलाफ नारेबाजी की तथा आरोपित कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठाई। यात्रियों के पटरी पर बैठने के कारण ट्रेन का परिचालन रुक गया। इसके चलते निर्धारित यात्रा में देरी हुई और रेल संचालन भी प्रभावित हुआ।

    प्रदर्शन की सूचना मिलने पर हिंगोली नगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने यात्रियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी अपनी शिकायत पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और शिकायत पर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।

    पुलिस के हस्तक्षेप के बाद यात्रियों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद रेलवे ट्रैक खाली कराया गया और जोधपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस को आगे नांदेड़ की ओर रवाना किया गया। हालांकि, ट्रेन के रुकने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और अन्य रेल सेवाओं पर भी असर पड़ने की बात सामने आई।

    यह पूरा मामला आरक्षित डिब्बे में गलती से प्रवेश करने के बाद शुरू हुए विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। यात्रियों ने आरपीएफ कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन घटना में शामिल सभी पक्षों के बयान और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यात्रियों की मुख्य मांग संबंधित कर्मियों के व्यवहार की जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस की ओर से जांच का आश्वासन मिलने के बाद स्थिति सामान्य हुई और रेल यातायात बहाल हो सका।

  • रेलवे टिकट पर सिर्फ 45 पैसे में 10 लाख का बीमा, जानिए किन यात्रियों को मिलेगा फायदा और कब लागू होंगे नए नियम

    रेलवे टिकट पर सिर्फ 45 पैसे में 10 लाख का बीमा, जानिए किन यात्रियों को मिलेगा फायदा और कब लागू होंगे नए नियम

    नई दिल्ली ।भारतीय रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों के लिए यात्रा बीमा से जुड़ा महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। अब तक ऑनलाइन आरक्षित टिकट बुक करने वाले यात्रियों को मामूली प्रीमियम पर यात्रा बीमा लेने का विकल्प मिलता था, लेकिन रेलवे के आरक्षण काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्री इस सुविधा से बाहर थे। अब इस अंतर को खत्म करने की तैयारी की जा रही है। दिए गए विवरण के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद रेलवे को 27 अक्टूबर 2026 से काउंटर से आरक्षित टिकट लेने वाले यात्रियों को भी इस सुविधा के दायरे में लाने के लिए व्यवस्था करने को कहा गया है।

    मौजूदा ऑनलाइन रेलवे यात्रा बीमा योजना की खास बात इसका कम प्रीमियम है। टिकट बुक करते समय यात्री केवल 45 पैसे देकर 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा टिकट बुकिंग के दौरान उपलब्ध बीमा विकल्प और संबंधित शर्तों के अनुसार मिलती है। काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों के लिए प्रीमियम, बीमा चुनने की प्रक्रिया और दावा करने के विस्तृत नियमों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश सामने आना जरूरी है। इसलिए फिलहाल यह मानना सही नहीं होगा कि प्रत्येक काउंटर टिकट पर बीमा अपने आप लागू हो चुका है।

    यात्रा बीमा का उद्देश्य ट्रेन दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों या उनके परिवारों को आर्थिक सहायता देना है। दुर्घटना में यात्री की मृत्यु होने या स्थायी रूप से पूरी तरह दिव्यांग होने पर मौजूदा योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जा सकता है। यह राशि दुर्घटना के परिणाम और बीमा पॉलिसी में निर्धारित शर्तों के आधार पर मिलती है।

    स्थायी आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 7.5 लाख रुपये तक के बीमा कवर का प्रावधान है। वहीं, गंभीर रूप से घायल होने पर दो लाख रुपये और मामूली चोट लगने की स्थिति में 10,000 रुपये तक की सहायता मिल सकती है। हालांकि, इन सभी मामलों में वास्तविक भुगतान पॉलिसी की शर्तों, चोट की प्रकृति और संबंधित पात्रता पर निर्भर करेगा। इसलिए यात्रियों को बीमा को हर प्रकार की दुर्घटना या परेशानी के लिए मिलने वाला सामान्य मुआवजा नहीं समझना चाहिए।

    काउंटर टिकट लेने वाले यात्रियों को भी बीमा सुविधा के दायरे में लाने का मुख्य उद्देश्य टिकट खरीदने के माध्यम के आधार पर होने वाले अंतर को समाप्त करना है। देश में बड़ी संख्या में यात्री अब भी रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर से टिकट लेते हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी, बुजुर्ग और ऐसे लोग शामिल हैं जो ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा का नियमित इस्तेमाल नहीं करते। नई व्यवस्था लागू होने पर इन यात्रियों को भी निर्धारित शर्तों के अनुसार यात्रा बीमा लेने का अवसर मिल सकेगा।
    इस बदलाव को लागू करने के लिए रेलवे को अपने यात्री आरक्षण सिस्टम यानी पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम में जरूरी तकनीकी और प्रक्रियागत संशोधन करने होंगे। काउंटर पर टिकट खरीदने के दौरान बीमा का विकल्प कैसे उपलब्ध कराया जाएगा, यात्रियों की सहमति किस तरह दर्ज होगी और पॉलिसी की जानकारी कैसे दी जाएगी, इन पहलुओं पर स्पष्ट व्यवस्था जरूरी होगी।

    यात्रियों के लिए यह समझना भी जरूरी है कि बीमा का लाभ लेने के लिए बुकिंग के समय नियमों और शर्तों की जानकारी रखना आवश्यक है। ऑनलाइन टिकट लेते समय बीमा का विकल्प चुनने के बाद पॉलिसी से संबंधित संदेश और दस्तावेज संभालकर रखने चाहिए। जहां लागू हो, वहां नामांकित व्यक्ति यानी नॉमिनी का विवरण भी सही भरना चाहिए। दुर्घटना की स्थिति में दावा करते समय ये जानकारियां उपयोगी हो सकती हैं।

    काउंटर से आरक्षित टिकट खरीदने वाले यात्रियों को नई व्यवस्था लागू होने के बाद रेलवे की आधिकारिक सूचना और बीमा पॉलिसी की शर्तें जांचनी चाहिए। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि बीमा लिया गया है या नहीं और उसका प्रमाण उपलब्ध है। केवल टिकट खरीद लेने से बीमा कवर मिलना जरूरी नहीं है, क्योंकि इसका लाभ संबंधित नियमों और प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

  • अगस्त में घरेलू हवाई यातायात 6.34 प्रतिशत घटा, इंडिगो और स्पाइसजेट की हिस्सेदारी में आई कमी

    अगस्त में घरेलू हवाई यातायात 6.34 प्रतिशत घटा, इंडिगो और स्पाइसजेट की हिस्सेदारी में आई कमी

    नई दिल्ली ।भारत में घरेलू हवाई यात्री यातायात में अगस्त के दौरान सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई। इस महीने घरेलू एयरलाइनों से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 6.34 प्रतिशत घटकर करीब 1.21 करोड़ रह गई। विमानन क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान प्रमुख एयरलाइनों की बाजार हिस्सेदारी में भी बदलाव देखने को मिला।

    अगस्त में इंडिगो घरेलू विमानन बाजार में सबसे बड़ी एयरलाइन बनी रही, हालांकि उसकी बाजार हिस्सेदारी जुलाई के मुकाबले कम हुई। जुलाई में इंडिगो की हिस्सेदारी 67.4 प्रतिशत थी, जो अगस्त में घटकर 65 प्रतिशत रह गई। इसके बावजूद कंपनी घरेलू हवाई यातायात में सबसे आगे रही।

    अगस्त के दौरान इंडिगो से 78.87 लाख यात्रियों ने हवाई सफर किया। घरेलू बाजार में उसकी हिस्सेदारी घटने के बावजूद यात्रियों की संख्या के लिहाज से वह अन्य प्रमुख एयरलाइनों से आगे रही।

    एयर इंडिया समूह की बाजार हिस्सेदारी में इस दौरान बढ़ोतरी दर्ज की गई। जुलाई में समूह की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत थी, जो अगस्त में बढ़कर 26.7 प्रतिशत हो गई। अगस्त में एयर इंडिया समूह के विमानों से 32.32 लाख यात्रियों ने यात्रा की।

    अकासा एयर की बाजार हिस्सेदारी अगस्त में 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रही। एयरलाइन ने इस महीने 6.68 लाख यात्रियों को यात्रा कराई। इस तरह बाजार हिस्सेदारी के मामले में अकासा एयर ने तीसरा स्थान बरकरार रखा।

    स्पाइसजेट के प्रदर्शन में अगस्त के दौरान गिरावट देखने को मिली। जुलाई में उसकी बाजार हिस्सेदारी 1.6 प्रतिशत थी, जो अगस्त में घटकर 1.2 प्रतिशत रह गई। एयरलाइन ने इस महीने करीब 1.40 लाख यात्रियों को यात्रा कराई।

    स्पाइसजेट को अगस्त में कई परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इन परिस्थितियों का असर उसकी उड़ानों पर भी पड़ा और कई उड़ानों में देरी दर्ज की गई। बाजार हिस्सेदारी में कमी के बीच एयरलाइन के परिचालन प्रदर्शन पर भी निगरानी बनी रही।

    उड़ानों के समय पर संचालन के मामले में अगस्त के दौरान इंडिगो का प्रदर्शन प्रमुख एयरलाइनों में सबसे बेहतर रहा। एयरलाइन का ऑन-टाइम परफॉरमेंस 91 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसके बाद अकासा एयर का प्रदर्शन 90.5 प्रतिशत रहा।

    एयर इंडिया समूह का ऑन-टाइम परफॉरमेंस अगस्त में 83.9 प्रतिशत रहा। वहीं, अलायंस एयर का प्रदर्शन 71.8 प्रतिशत दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से अलग-अलग एयरलाइनों के समय पर उड़ान संचालन में अंतर का पता चलता है।

    स्पाइसजेट से जुड़ी परिचालन और वित्तीय स्थिति को लेकर भी निगरानी जारी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि विमानन नियामक डीजीसीए एयरलाइन की मौजूदा चुनौतियों के बीच उसके वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन पर करीबी नजर रख रहा है।

    मंत्री के अनुसार, डीजीसीए को एयरलाइन की परिचालन और वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एयरलाइन की मौजूदा परिस्थितियों के बीच विमानन सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न हो।

    अगस्त के आंकड़ों में जहां घरेलू हवाई यातायात में सालाना गिरावट सामने आई, वहीं एयरलाइनों की बाजार हिस्सेदारी में अलग-अलग बदलाव दर्ज हुए। इंडिगो अभी भी बाजार में सबसे आगे रही, जबकि एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी बढ़ी और स्पाइसजेट की हिस्सेदारी में कमी आई।

  • एमपी में बस यात्रा हुई महंगी, परिवहन विभाग ने नई किराया दरें लागू कीं, जानिए किस श्रेणी की बस में कितना लगेगा किराया

    एमपी में बस यात्रा हुई महंगी, परिवहन विभाग ने नई किराया दरें लागू कीं, जानिए किस श्रेणी की बस में कितना लगेगा किराया


    मध्य प्रदेश।  में बस यात्रियों को अब सफर के लिए पहले की तुलना में अधिक किराया चुकाना होगा। राज्य के परिवहन विभाग ने मंजिली बसों के लिए नया अधिकतम यात्री किराया निर्धारित करते हुए संशोधित दरों की अधिसूचना जारी कर दी है। नए नियमों के अनुसार सामान्य बसों में अब अधिकतम मूल किराया 2 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर होगा, जबकि न्यूनतम टिकट मूल्य 10 रुपये तय किया गया है। इस निर्णय के बाद प्रदेशभर में बस यात्रा की लागत बढ़ जाएगी और इसका सीधा असर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा।

    परिवहन विभाग के अनुसार किराया संशोधन विभिन्न श्रेणियों की बस सेवाओं को ध्यान में रखकर किया गया है। सामान्य बसों के अलावा डीलक्स, स्लीपर, वातानुकूलित और सुपर लग्जरी बसों के लिए भी अलग-अलग अधिकतम किराया निर्धारित किया गया है। सरकार का कहना है कि संशोधित दरों का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को संतुलित बनाए रखना और बढ़ती परिचालन लागत के अनुरूप किराया संरचना तैयार करना है।

    नई व्यवस्था के तहत रात्रिकालीन सामान्य बस सेवा के लिए सामान्य किराए की तुलना में 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकेगा। वहीं नॉन-एसी डीलक्स बसों में अधिकतम 25 प्रतिशत, स्लीपर बसों में 40 प्रतिशत, एसी डीलक्स बसों में 50 प्रतिशत तथा सुपर लग्जरी एसी कोच में 75 प्रतिशत तक अधिक किराया लिया जा सकेगा। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि डीलक्स, स्लीपर और लग्जरी बसों पर अलग से नाइट चार्ज लागू नहीं होगा। इसी प्रकार एक्सप्रेस बस सेवाओं के लिए भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    राज्य में बस किराया बढ़ाने का निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब निजी बस संचालकों ने बढ़ती लागत और परिचालन संबंधी चुनौतियों का हवाला देते हुए किराया संशोधन की मांग की थी। बस ऑपरेटरों की ओर से हड़ताल की चेतावनी दिए जाने के बाद सरकार ने किराया ढांचे की समीक्षा की और संशोधित दरों को मंजूरी दी। इसके बाद परिवहन विभाग ने नई दरों का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल, रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स और अन्य परिचालन खर्चों में लगातार वृद्धि के कारण परिवहन क्षेत्र पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। ऐसे में किराया संशोधन को परिवहन सेवाओं के संचालन से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी ओर यात्रियों का मानना है कि बढ़े हुए किराए से दैनिक यात्रा का खर्च और बढ़ेगा, विशेषकर उन लोगों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ेगा जो नियमित रूप से बसों से आवागमन करते हैं।

    परिवहन विभाग ने कहा है कि नई किराया दरें निर्धारित नियमों के अनुसार लागू होंगी और बस संचालकों को इन्हीं अधिकतम दरों का पालन करना होगा। विभाग समय-समय पर किराया व्यवस्था की समीक्षा भी करता रहेगा ताकि यात्रियों और परिवहन संचालकों दोनों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके। आने वाले दिनों में नई दरों का प्रभाव प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन और यात्रियों के खर्च पर साफ दिखाई देने की संभावना है।

  • ट्रेन में RAC टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों को अब मिलेगा पूरा बेडरोल किट, रेलवे ने जारी किए निर्देश

    ट्रेन में RAC टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों को अब मिलेगा पूरा बेडरोल किट, रेलवे ने जारी किए निर्देश


    प्रयागराज।
    एसी (AC) श्रेणी में आधी सीट यानी रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (आरएसी) (Reservation Against Cancellation -RAC) टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों को अब पूरा बेडरोल किट (Bedroll kit.) उपलब्ध कराया जाएगा। रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने इस संबंध में चार अगस्त 2026 को एनसीआर समेत सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि एसी चेयर कार को छोड़कर अन्य सभी वातानुकूलित श्रेणियों में प्रत्येक आरएसी यात्री को अलग से संपूर्ण बेडरोल किट उपलब्ध कराई जाए। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है।

    रेलवे बोर्ड को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई ट्रेनों में आरएसी यात्रियों को पूरा बेडरोल नहीं दिया जा रहा है या दो यात्रियों के बीच एक ही किट साझा कराई जा रही है। यात्रियों को अलग-अलग कंबल न मिलने पर वे परेशान होते थे। कभी कंबल तो कभी तकिया न मिलने की हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत की जा रही थी। लेकिन इसके बाद भी परेशानियां बंद नहीं हुईं।

    इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बोर्ड ने दोबारा स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि प्रत्येक आरएसी सीट पर सफर करने वालों को अन्य यात्रियों की तरह अलग से चादर, कंबल और बेडरोल की पूरी सुविधा दी जाए। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस आदेश के बाद प्रयागराज होकर गुजरने वाली सभी संबंधित एसी ट्रेनों में भी आरएसी यात्रियों को पूरा बेडरोल उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इससे यात्रियों को यात्रा के दौरान बेहतर सुविधा मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही शिकायतों पर भी रोक लगेगी।

    रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया है कि इस आदेश की जानकारी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों तक तत्काल पहुंचाई जाए तथा इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आईआरसीटीसी सहित संबंधित विभागों को भी इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के लागू होने से देशभर में एसी कोचों में आरएसी टिकट पर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी। अब उन्हें बेडरोल के लिए शिकायत करने की आवश्यकता नहीं होगी और यात्रा के दौरान अन्य यात्रियों के समान सुविधाएं मिल सकेंगी।

    बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि एसी चेयर कार को छोड़कर सभी एसी श्रेणियों में यात्रा करने वाले प्रत्येक आरएसी यात्री को पूर्ण बेडरोल किट उपलब्ध कराई जाए। इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा और उन्हें अन्य वैध यात्रियों के समान सुविधा मिलेगी। इसमें परेशानी आने पर यात्री हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत भी दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए रेलवे की ओर से जानकारी साझा की जाएगी।

  • MP: रीवा एयरपोर्ट पर 72 की जगह पहुंचा 48 सीटर विमान…. यात्रियों को चढ़ने से रोका…जमकर हुआ हंगामा

    MP: रीवा एयरपोर्ट पर 72 की जगह पहुंचा 48 सीटर विमान…. यात्रियों को चढ़ने से रोका…जमकर हुआ हंगामा


    रीवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा एयरपोर्ट (Rewa Airport) से लापरवाही भरी ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर आप भी अपने सिर के बाल खींचने लग सकते हैं। दरअसल 72 सीटों वाला यात्री विमान (72-Seater Passenger Aircraft) बुक था, लेकिन एयरपोर्ट पर 48 सीटर विमान पहुंचा, तो स्टाफ ने कई यात्रियों को यात्रा करने से रोक दिया। घटना के दौरान एयरपोर्ट पर काफी हंगामा हुआ। एक युवती ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है।


    2 घंटे पहले आ गई, लेकिन फिर भी नहीं चढ़ने दिया

    वीडियो शेयर करने वाली युवती अमरपाटन निवासी है। उसने एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक वीडियो जारी किया है। युवती के अनुसार, उसने Alliance Air की फ्लाइट के लिए दिल्ली का टिकट बुक किया था। वह तय समय से लगभग 2 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंच गई। लेकिन, जब वह बोर्डिंग के लिए आगे बढ़ी, तो उसे यह कहकर रोक दिया गया कि उसके नाम का कोई टिकट उपलब्ध नहीं है।


    एयरपोर्ट पर दिखी तीखी झड़प

    युवती ने अपनी टिकट भी शेयर की, जिसमें 3 मई की हवाई यात्रा दर्ज है। फ्लाइट रात 9.05 बजे से रीवा एयरपोर्ट से उड़ान भरकर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रात 11.15 बजे पहुंचनी थी। लेकिन, एयरपोर्ट स्टाफ ने उसे यात्रा करने से रोक दिया। वीडियो में युवती के साथ मौजूद शख्स स्टाफ के साथ तीखी बहस करता हुआ नजर आया।


    72 सीटों की जगह भेज दिया 48 सीटर विमान

    हैरानी की बात ये है कि ऐसा केवल उसके साथ ही नहीं हुआ, बल्कि कई अन्य यात्रियों को भी बोर्डिंग करने से रोक दिया गया। इस कारण एयरपोर्ट पर यात्रियों में खासा गुस्सा देखने को मिला। युवती ने आरोप लगाया कि जिस फ्लाइट के लिए 72 सीटों की बुकिंग की गई थी, उसकी जगह 48 सीटों वाली छोटा विमान भेज दिया गया है।

    रीवा से दिल्ली के लिए नवंबर महीने में 72 सीटर विमान सेवा की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य लोगों को रीवा से डायरेक्ट दिल्ली की सुविधा देना था, ताकि लोगों का समय बच सके। मगर अब इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे है। फिलहाल इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

  • MP: नीमच में ट्रैक पर रखे पत्थरों से टकराई रतलाम-उदयपुर ट्रेन, जोरदार धमाके से अटकी यात्रियों की सांसें …

    MP: नीमच में ट्रैक पर रखे पत्थरों से टकराई रतलाम-उदयपुर ट्रेन, जोरदार धमाके से अटकी यात्रियों की सांसें …


    नीमच।
    शुक्रवार शाम रतलाम से उदयपुर (Ratlam to Udaipur) जा रही ट्रेन के यात्रियों की सांसें उस वक्त अटक गईं, जब साजिश के तहत ट्रैक पर रखे गए भारी पत्थरों से ट्रेन टकरा गई। तेज रफ्तार ट्रेन के पहियों के नीचे पत्थरों के आने से हुए जोरदार धमाके (Loud bangs) और झटकों से पूरी बोगियां दहल उठीं। गनीमत रही कि ट्रेन की गति अधिक होने के कारण बड़ा हादसा टल गया और इंजन सुरक्षित रहा। घटना के बाद ट्रेन 12 मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रही, जिससे यात्रियों में भारी दहशत फैल गई।


    क्या है पूरा मामला

    मिली जानकारी के अनुसार रतलाम से शाम 5:10 बजे रवाना हुई उदयपुर सिटी एक्सप्रेस (Udaipur City Express.) जैसे ही नीमच जिले (Neemuch district) के हरकिया खाल क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी किसी अज्ञात शरारती तत्व द्वारा मुख्य ट्रैक पर रखे बड़े पत्थरों के ट्रेन से टकराकर चकनाचूर होने से तेज धमाका हुआ। आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग भी सहम गए।

    ट्रेन के अचानक झटके से रुकने और तेज धमाके की आवाज सुनकर अंदर बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया। लोग अपनी सीटों से नीचे गिर गए। महिला और बच्चे घबराकर रोने-चिल्लाने लगे। यात्रियों को लगा कि ट्रेन पटरी से उतर गई है या कोई बड़ा धमाका हुआ है।

    लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। इसके बाद सुरक्षा की जांच की गई। करीब 12 मिनट की मशक्कत और पटरी के मुआयने के बाद जब सब कुछ सामान्य पाया गया, तब जाकर ट्रेन को आगे रवाना किया गया। इस दौरान यात्रियों की सांसें हलक में अटकी रहीं।

    सूचना मिलते ही आरपीएफ और स्थानीय पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। ट्रैक पर पत्थर किसने रखे और इसके पीछे मंशा क्या थी? यह जांच का विषय है। घटना ने एक बार फिर रेल सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि साजिश रचने वालों की पहचान की जा सके।

  • यात्रियों को ट्रेनों में मिलेगी मुफ्त चाय-नाश्ता, खाना व अन्य सुविधाएं… रेलवे ला रहा नई स्कीम

    यात्रियों को ट्रेनों में मिलेगी मुफ्त चाय-नाश्ता, खाना व अन्य सुविधाएं… रेलवे ला रहा नई स्कीम

    Rail

    नई दिल्ली। रेलवे (Railway) यात्रियों (Passengers) को ट्रेनों में मुफ्त चाय-नाश्ता, खाना, नीचे की बर्थ, लग्जरी लॉउंज जैसी विशेष सुविधाएं देगा। यह कदम बजट एयरलाइंस (Budget Airlines) की ओर आकर्षित हो रहे यात्रियों को अपने साथ बनाए रखने की रणानीतिक दूरगामी सोच है। रेलवे लॉयलिटी प्रोग्राम (Railway Loyalty Programme) शुरू करने जा रहा है। इसमें अक्सर ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को प्रति किमी. के हिसाब से रिवॉर्ड प्वाइंट्स दिए जाएंगे। इन्हें वह खानपान से लेकर किराये में कहीं भी कैश करा सकेंगे।

    रेलवे बोर्ड के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि आईआरसीटीसी पोर्टल को डिजिटल वॉलेट की तरह अपडेट किया जाएगा। यात्री जितनी लंबी दूरी तय करेगा, उतने अधिक रेल प्वाइंट्स उसे मिलेंगे। प्वाइंट्स यात्री के आधार-लिंक्ड आईआरसीटीसी खाते में जमा होंगे, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश शून्य रहेगी। प्वाइंट्स को कैश की तरह प्रयोग किया जा सकेगा। इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अप्रैल से वंदे भारत व तेजस एक्सप्रेस प्रीमियम ट्रेनों में शुरू किया जा सकता है। सफल होने के बाद सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू किया जाएगा।

    रेलवे का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा लॉयल्टी प्रोग्राम होगा। इसमें 7000 से अधिक रेलवे स्टेशन, साढ़े तीन हजार किमी. दूरी की ट्रेनें और प्रतिदिन तीन करोड़ यात्रियों को शामिल किया जाएगा।


    रिवॉर्ड प्वाइंट्स के कई लाभ

    यात्री को टिकट बुकिंग के समय बेस किराये में छूट मिलेगी। या प्वाइंट्स के आधार पर पूरी टिकट मुफ्त में मिलेगी। सफर के दौरान रेलवे स्टेशन के लग्जरी लाउंज में भी मुफ्त आराम कर सकेंगे। ई-कैटरिंग से ऑर्डर कर ट्रेन में पसंद का मुफ्त भोजन मंगा सकेंगे। थर्ड एसी से सेकेंड एसी और सेकेंड एसी से फर्स्ट एसी में टिकट अपग्रेड करने की सुविधा मिलेगी।


    बजट एयरलाइंस चुनौती

    लॉयलिटी प्रोगाम बजट एयरलाइंस से मिल रही चुनौती के बीच रेलवे के लिए वरदान साबित होगा। छोटी दूरी की फ्लाइट्स और लग्जरी बसों की ओर बढ़ते यात्रियों को वापस ट्रेनों में लाया जा सकेगा। इसके अलावा ऑफ सीजन बुकिंग के दौरान रेलवे प्वाइंट्स की वैल्यू बढ़ा सकती है, ताकि सीटें खाली न रहें।

  • फ्लाइट रद्द होने पर यात्रियों का UAE सरकार उठाएगी ठहरने-खाने का पूरा खर्च

    फ्लाइट रद्द होने पर यात्रियों का UAE सरकार उठाएगी ठहरने-खाने का पूरा खर्च

    दुबई। संयुक्त अरब अमीरातकी सरकार और General Civil Aviation Authority (GCAA) ने यात्रियों के हक में एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। क्षेत्र में चल रहे तनाव और एयरस्पेस बंद होने की वजह से जिनकी भी फ्लाइट्स रद्द हुई हैं, उनके रहने और खाने-पीने का पूरा इंतजाम अब सरकार की तरफ से किया जाएगा।

    बता दें कि क्षेत्रीय तनाव और एयरस्पेस बंद होने से प्रभावित हवाई यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने विशेष सहायता योजना लागू की है। इस फैसले के तहत जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं, उनके रहने, खाने-पीने और जरूरी सुविधाओं का पूरा खर्च अब सरकार वहन करेगी। यह व्यवस्था 1 मार्च 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

    यह निर्णय General Civil Aviation Authority (GCAA) के साथ समन्वय में लिया गया है, ताकि एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों को असुविधा न हो और यात्रा व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

    ट्रांजिट यात्रियों को सबसे ज्यादा राहत
    नई व्यवस्था विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए मददगार साबित हो रही है जो दुबई और अबू धाबी जैसे प्रमुख हब पर ट्रांजिट के दौरान फंस गए थे। अब उन्हें होटल, भोजन और आवश्यक सेवाओं के लिए अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़ेगा।
    अब तक हजारों यात्रियों को मिली सुविधा
    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में लगभग 20,200 यात्रियों को होटल आवास और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि सहायता प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाने के लिए एयरपोर्ट-स्तर पर विशेष प्रबंधन किया गया है।

    वीज़ा ओवरस्टे पर भी राहत के संकेत
    जिन यात्रियों का वीज़ा इस दौरान समाप्त हो रहा है, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

    संबंधित अधिकारियों ने संकेत दिया है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ओवरस्टे को दंडात्मक कार्रवाई से छूट दी जा सकती है। यात्रियों को केवल अपना मूल बोर्डिंग पास सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

    यात्रियों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
    बिना कन्फर्म टिकट के एयरपोर्ट न पहुंचें। उड़ान की स्थिति पहले ऑनलाइन जांचें। जरूरत पड़ने पर संबंधित एयरलाइन के कस्टमर केयर से संपर्क करें। टर्मिनल पर भीड़ कम रखने के लिए तय प्रक्रिया का पालन करें। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य आपात स्थिति में फंसे यात्रियों को राहत देना, एयरपोर्ट संचालन को व्यवस्थित बनाए रखना और मानवीय सहायता सुनिश्चित करना है।