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  • अमेरिकी नाकाबंदी के बीच होर्मुज से गुजरा माल्टा का ध्वज लगा जहाज…

    अमेरिकी नाकाबंदी के बीच होर्मुज से गुजरा माल्टा का ध्वज लगा जहाज…


    दुबई।
    माल्टा (Malta.) का ध्वज लगे एक जहाज (Ship) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz.) से पश्चिम की ओर यात्रा शुरू की। यह पहला कच्चा तेल (Crude oil.) ले जाने वाला टैंकर बताया जा रहा है, जब से अमेरिका (America.) ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लगाई है। यह जानकारी दुनिया भर में जहाजों की निगरानी करने वाले शिपिंग ट्रैकिंग मॉनिटर के हवाले से दी गई है।

    माल्टा का ध्वज लगा तेल टैंकर अगियोस फैनोरियोस-I के गुरुवार को इराक के बसरा बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है, जहां अमेरिका की नाकेबंदी लागू नहीं है। मरीन ट्रैफिक के अनुसार, यह जहाज ओमान की खाड़ी में लगभग दो दिन तक रुका रहा और फिर उसने दोबारा मार्ग तय किया।

    इस बीच, अमेरिका की नौसेना ने कहा कि वह ईरान के आसपास व्यापारिक जहाजों पर कार्रवाई करने के लिए तैयार है। अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों ने क्षेत्र में मौजूद व्यापारिक जहाजों को चेतावनी दी है कि वे जहाजों को रोक सकते हैं और नाकेबंदी लागू करने के लिए बल प्रयोग कर सकते हैं।

    नौसेना के रेडियो संदेश में कहा, ईरानी बंदरगाहों की ओर या वहां से आने-जाने वाले जहाजों को रोका जा सकता है और जब्त किया जा सकता है। यह संदेश अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) की ओर से सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया है। एक सैन्य अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर पुष्टि की कि यह संदेश इस समय क्षेत्र के सभी जहाजों को प्रसारित किया जा रहा है। रेडियो संदेश में आगे कहा गया, अगर आप नाकेबंदी का पालन नहीं करेंगे, तो बल प्रयोग किया जाएगा।

  • गुजरात विधानसभा में UCC बिल पारित…. शादी-तलाक जैसे मामलों में सभी के लिए समान कानून

    गुजरात विधानसभा में UCC बिल पारित…. शादी-तलाक जैसे मामलों में सभी के लिए समान कानून


    अहमदाबाद।
    गुजरात सरकार (Gujarat Government.) ने विधानसभा (Assembly) से समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code.- UCC) बिल 2026 पास हो गया है। इस विधेयक का मकसद शादी, तलाक और विरासत जैसे विषयों के लिए सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून की व्यवस्था करना है। उत्तराखंड के बाद गुजरात ऐसा करने वाला दूसरा राज्य बनेगा। यह कानून राज्य के निवासियों और बाहर रह रहे गुजरातियों पर लागू होगा लेकिन अनुसूचित जनजातियों को इससे बाहर रखा गया है। बिल की मुख्य बातों में बहुविवाह पर रोक और लिव-इन संबंधों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन शामिल है।


    यूसीसी वाला दूसरा राज्य होगा गुजरात

    मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को गुजरात समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक, 2026 विधानसभा में पेश किया। इस विधेयक विधानसभा से पारित होने के साथ ही गुजरात, उत्तराखंड के बाद समान नागरिक संहिता विधेयक पारित करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है। उत्तराखंड ने फरवरी 2024 में यूसीसी विधेयक पारित किया था।


    एक हफ्ते पहले सौंपी थी रिपोर्ट

    गुजरात सरकार की ओर से नियुक्त एक विशेषज्ञ समिति ने यूसीसी के क्रियान्वयन पर एक हफ्ते पहले अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। ‘गुजरात समान नागरिक संहिता, 2026’ नामक यह प्रस्तावित कानून पूरे राज्य में लागू होगा। यही नहीं गुजरात की सीमा से बाहर रहने वाले राज्य के निवासियों पर भी यह कानून प्रभावी होगा।


    समान कानूनी ढांचा तैयार करना है मकसद

    यह प्रस्तावित कानून अनुसूचित जनजातियों और कुछ ऐसे समूहों पर लागू नहीं होगा जिनके पारंपरिक अधिकार संविधान के तहत संरक्षित हैं। विधेयक का मकसद राज्य में समान कानूनी ढांचा तैयार करना है।


    एक से अधिक शादियां करने पर भी रोक

    इस विधेयक में लिव-इन के रजिस्ट्रेशन और औपचारिक घोषणा के माध्यम से उनके समापन का प्रावधान किया गया है। यह बिल एक से अधिक शादियां करने पर भी रोक लगाता है। इस विधेयक के मुताबिक, इस कोड के तहत शादी तभी मान्य मानी जाएगी जब शादी के समय दोनों में से किसी भी पक्ष का कोई जीवित जीवनसाथी ना हो।


    अहमदाबाद में विरोध प्रदर्शन

    इस विधेयक का सड़कों पर विरोध भी शुरू हो गया है। यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल के विरोध में अहमदाबाद के लाल दरवाजे पर सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया। इस कानून के विरोध में AIMIM भी है। AIMIM के कार्यकर्ता भी इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं।