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  • पटना में ब्लैकआउट ड्रिल के बीच कारोबारी की हत्या, बदमाशों ने अंधेरे का फायदा उठाकर मारी गोली

    पटना में ब्लैकआउट ड्रिल के बीच कारोबारी की हत्या, बदमाशों ने अंधेरे का फायदा उठाकर मारी गोली


    पटना। बिहार की राजधानी पटना में आयोजित ‘ब्लैकआउट मॉक ड्रिल’ के दौरान एक सनसनीखेज हत्या की वारदात सामने आई है। शहर में सुरक्षा अभ्यास के तहत 15 मिनट के लिए बिजली बंद की गई थी, इसी दौरान सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में 25 वर्षीय मसाला कारोबारी पिंटू उर्फ बड़का की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

    मृतक मुसल्लहपुर हाट के पीछे का निवासी था और मसालों का कारोबार करता था। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने पहले से घात लगाकर पिंटू को निशाना बनाया। जैसे ही मॉक ड्रिल के तहत इलाके की लाइटें बंद हुईं, बदमाशों ने उसके सिर में गोली मार दी।

    गोली चलते ही मची अफरा-तफरी
    वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गोली की आवाज सुनते ही मंडी क्षेत्र में भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों ने गंभीर रूप से घायल पिंटू को तुरंत पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी अंधेरे और सन्नाटे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।

    पुलिस और एफएसएल टीम जांच में जुटी
    सूचना मिलते ही सुल्तानगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुलाया गया है, जो घटनास्थल से सबूत जुटाने में लगी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल आरोपियों की तलाश जारी है।

    प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
    इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जिस ब्लैकआउट ड्रिल को आपात स्थिति से निपटने की तैयारी के तौर पर आयोजित किया गया था, उसी दौरान अपराधियों ने हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा और गश्त के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे। घटना के बाद इलाके में लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

  • नीट छात्रा हत्याकांड की CBI जांच, नीतीश सरकार ने सिफारिश भेजी, गृह मंत्री सम्राट चौधरी का ट्वीट

    नीट छात्रा हत्याकांड की CBI जांच, नीतीश सरकार ने सिफारिश भेजी, गृह मंत्री सम्राट चौधरी का ट्वीट


    नई दिल्ली । बिहार सरकार ने पटना के चित्रगुप्त नगर में नीट छात्रा से हुई दरिंदगी मामले की जांच सीबीआई से करने का आग्रह किया है। शनिवार को उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से पटना में हुए नीट छात्रा की हत्या के मामले कांड संख्या- 14/26 को सीबीआई से जांच का आग्रह किया है। घटना का पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से उद्भेदन निश्चित किया जाए।

    इस मामले में 17 दिनों की जांच के बाद बिहार पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। इधर मृत छात्रा के परिजनों ने एसआईटी की जांच पर सवाल उठाया है। कहा है कि पुलिस सही दिशा में जांच नहीं कर रही है। शुक्रवार को पीड़िता की मां की डीजीपी विनय कुमार के साथ मुलाकात हुई थी। डीजीपी आवास से निकलने के बाद वे काफी गुस्से में दिखीं। यहां तक कह दिया कि पुलिस बिक गई है। यहां उनकी बेटी को न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है।

    मीडिया कर्मियों से मां, भाई और मामा ने बताया कि डीजीपी ने कहा है कि रेप नहीं हुआ था, छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी, यह बात मान जाइए। उन्हें गृह मंत्री सम्राट चौधरी से मिलने के लिए कहा गया। पीड़ित परिवार के वकील ने भी बताया कि पुलिस की जांच से परिवार के लोग संतुष्ट नहीं है। ये बातें तब सामने आईं जब एफएसएल की जांच रिपोर्ट में मृत छात्रा के अंतःवस्त्र से पुरुष स्पर्म के अवशेष पाए गए। एसआईटी बड़े पैमाने पर डीएनए टेस्ट की कार्रवाई कर रही है। परिजनों समेत 30 से अधिक लोगों के ब्लड सैंपल अबतक लिए जा चुके हैं। छात्रा के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की संभावना से इनकार नहीं किया गया। उसके शरीर पर खरोंच के भी निशान पाए गए।

    शुक्रवार की शाम सम्राट चौधरी ने डीजीपी और मुख्य सचिव को आवास पर तलब किया और जांच से संबधित जानकारी ली। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को जांच में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया। उसके बाद यह मामला जांच के लिए सीबीआई को सुपुर्द कर देने का निर्णय लिया गया। अब सीबीआई फ्रेश केस दर्ज कर मामले की जांच करेगी। हालांकि, परिजनों ने कभी सीबीआई जांच की लिखित मांग नहीं किया।

  • पटना हिजाब विवाद: PDP ने नीतीश कुमार के खिलाफ FIR की मांग की, महिला सम्मान मुद्दा बना राजनीति का केंद्र

    पटना हिजाब विवाद: PDP ने नीतीश कुमार के खिलाफ FIR की मांग की, महिला सम्मान मुद्दा बना राजनीति का केंद्र


    नई दिल्ली
    ।पटना में हिजाब विवाद ने एक बार फिर राजनीति और सामाजिक चर्चा में उबाल ला दिया है। हाल ही में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर के चेहरे से हिजाब हटाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। विपक्षी दलों ने इसे महिला सम्मान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है।

    जम्मू-कश्मीर की प्रमुख विपक्षी पार्टी पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी PDP ने इस घटना को गंभीर मानते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ FIR दर्ज कराने का फैसला किया है। PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने श्रीनगर पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की। PDP का कहना है कि यह केवल धार्मिक पहचान का मामला नहीं है बल्कि महिलाओं के सम्मान, गरिमा और निजता से जुड़ा है।

    दरअसल, विवाद तब शुरू हुआ जब पटना में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र वितरित कर रहे थे। इसी दौरान एक मुस्लिम महिला डॉक्टर जब मंच पर पहुंचीं, तो मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया। यह पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद देशभर में इस पर प्रतिक्रियाएं आईं और विपक्ष ने इसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करार दिया।इस मामले पर PDP की इल्तिजा मुफ्ती ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि क्या बिहार सरकार महिलाओं के सम्मान और अपमान में फर्क नहीं समझती। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री का यह व्यवहार सत्ता के अहंकार का परिचायक है और महिलाओं की निजता पर चोट पहुंचाता है। PDP का यह भी कहना है कि संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति से इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है।

    हिजाब विवाद तब और बढ़ गया जब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार का समर्थन करते हुए बयान दिया कि नियुक्ति पत्र लेने के लिए चेहरा दिखाना अनिवार्य है और मुख्यमंत्री ने अभिभावक की तरह व्यवहार किया। इस बयान के बाद इल्तिजा मुफ्ती ने प्रतिक्रिया दी कि गिरिराज सिंह का बयान अपमानजनक और असंवेदनशील है।PDP का कहना है कि यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर उठाया जाएगा। FIR दर्ज होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस विवाद ने एक बार फिर से राजनीति, धर्म और महिला सम्मान के सवाल को केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर सियासी हलचल तेज रहने की संभावना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला बिहार में आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों को भी प्रभावित कर सकता है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला अधिकार संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि महिलाओं की निजता और धार्मिक पहचान का सम्मान करना हर नागरिक और पदाधिकारी की जिम्मेदारी है।इस विवाद ने साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया और वायरल वीडियो अब किसी भी राजनीतिक घटना को राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा बना सकते हैं। PDP का कहना है कि वह कानून के दायरे में रहते हुए सभी आवश्यक कार्रवाई करेगी और इस मामले को न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंचाएगी।