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  • महिला से मारपीट मामले को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला: पीसी शर्मा बोले आरोपी बीजेपी के, सच छुपाने की कोशिश

    महिला से मारपीट मामले को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला: पीसी शर्मा बोले आरोपी बीजेपी के, सच छुपाने की कोशिश


    भोपाल । मध्यप्रदेश के सीधी जिले में महिला के साथ मारपीट की घटना को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री श्री पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी इस मामले में झूठ फैला रही है और वास्तविक आरोपियों को कांग्रेसी बताकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।

    श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। एक महिला को डंडों से पीटा जा रहा है और मौके पर मौजूद लोग ‘मारो-मारो’ के नारे लगा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की घटनाओं में शामिल लोग भाजपा से जुड़े हुए हैं, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए उन्हें जबरन कांग्रेस से जोड़ा जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि ‘लाड़ली बहन’ और ‘लाड़ला भैया’ जैसी योजनाओं के दावे करने वाली सरकार में महिलाओं के साथ खुलेआम मारपीट हो रही है, जो बेहद शर्मनाक है। कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग की कि दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाए और जेल भेजा जाए।

    पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में बलात्कार, मारपीट और अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। भाजपा केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि ऐसे अहंकारी और हिंसक नेता उसी पार्टी से जुड़े हुए हैं।

    नकल माफिया पर गंभीर आरोप

    पीसी शर्मा ने बोर्ड परीक्षाओं और नकल माफिया का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में वर्षों से संगठित रूप से नकल कराई जा रही है। हर साल पेपर लीक होते हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने ग्वालियर-चंबल, विंध्य और निमाड़ अंचल को नकल माफिया का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि इसका खामियाजा प्रदेश के छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।

    निगम-मंडल नियुक्तियों पर सवाल
    उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में निगम और मंडल के पद भ्रष्टाचार की राजनीति के लिए भरे जाते हैं। बिना लेन-देन के कोई नियुक्ति नहीं होती। जिला प्रभारियों की नियुक्ति भी संभावित नुकसान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की गई है। पार्टी के भीतर पदों को लेकर गुटबाजी और टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिसमें असली कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है।

    विजय शाह प्रकरण पर बयान
    विजय शाह मामले को लेकर पीसी शर्मा ने कहा कि उन्हें न्यायालय से बड़ी उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है और उन्हें विश्वास है कि न्याय होगा। उन्होंने कहा कि चार बार माफी मांगने के बावजूद विजय शाह को अपने पद से हाथ धोना ही पड़ेगा।

    संघ और जनसंख्या बयान पर प्रतिक्रिया

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख के तीन बच्चों वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है, रोजगार के अवसर नहीं हैं और ऐसे समय में जनसंख्या बढ़ाने की बात करना चिंताजनक है। उन्होंने संघ की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए इसे असंवेदनशील बताया।

    BLO और SIR को लेकर आरोप

    पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी की जा रही है। जबरन नाम काटे और जोड़े जा रहे हैं। BLO पर दबाव बनाया जा रहा है और उनका वेतन भी रोका जा रहा है। उन्होंने इसे भाजपा की सुनियोजित साजिश करार दिया। कांग्रेस ने इन सभी मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है।

  • हिंदुत्व मामले पर कांग्रेस का उपवास पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का बीजेपी पर हमला रोशनपुरा में शंकराचार्य की पूजा करेंगे

    हिंदुत्व मामले पर कांग्रेस का उपवास पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का बीजेपी पर हमला रोशनपुरा में शंकराचार्य की पूजा करेंगे

    भोपाल से शिखिल ब्यौहार की रिपोर्ट मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के रोशनपुरा उपवास और शंकराचार्य पूजा कार्यक्रम का ऐलान किया उन्होंने कहा कि 24 जनवरी को कांग्रेस एक दिन उपवास रखेगी और शंकराचार्य की पूजा करेगी इस अवसर पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता साधु संत सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी मौजूद रहेंगे पीसी शर्मा ने कहा कि अंग्रेजों ने कभी यह नहीं पूछा कि शंकराचार्य कौन हैं लेकिन बीजेपी की सरकार ने ऐसा अपमान किया शिष्यों के साथ मारपीट की गई और हिंदुओं की भावनाओं का ठेस पहुंचाई गई उन्होंने आरोप लगाया कि वाराणसी के मणिकर्णिका घाट को भी तहस नहस किया गया और मोक्ष की जगह को भी उजाड़ दिया गया उन्होंने कहा कि भोपाल में गौ माता का अपमान हुआ और गौमाता काटी जा रही है

    पूर्व मंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार रावणी तत्वों की तरह कार्य कर रही है और यह लोग कभी राम के पदचिन्हों पर नहीं चल सकते उन्होंने अयोध्या की प्राण प्रतिष्ठा के दो साल पूरे होने पर कहा कि मुझे वहां जाना पड़ा और सरकार को सद्बुद्धि की जरूरत है उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार व्याप्त है सड़क धसने के मामलों में ठेकेदारों पर कार्रवाई होती है लेकिन अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती और सीएम हेल्पलाइन भी पूरी तरह असहाय हो गई है उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में हर जगह भ्रष्टाचार और मनमानी फैली हुई है

    पीसी शर्मा ने SIR में कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल की कार्रवाई का जिक्र किया उन्होंने कहा कि 7 नंबर फॉर्म हटा रहे हैं और बीजेपी कार्यालय से फर्म के जरिए अल्पसंख्यकों को जबरन फॉर्म दिए जा रहे हैं आदिवासी के नाम काटे जा रहे हैं उन्होंने आरोप लगाया कि पहले फर्जीवाड़े से चुनाव जीते गए अब नाम जबरन काटने का काम किया जा रहा है कांग्रेस इस मामले में कड़ा एक्शन लेगीइसके अलावा उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ जारी जमानती वारंट का भी जिक्र किया और कहा कि पुलिस को उनका पता नहीं मिल रहा है उन्होंने यह संकेत दिया कि बीजेपी की सरकार राजनीतिक एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए सभी तरह के हथकंडे अपना रही है पीसी शर्मा ने कहा कि हार जीत राजनीति में होती है लेकिन हिंदुओं की भावनाओं का अपमान किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है

    पूर्व मंत्री ने प्रेस वार्ता में प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार और सरकारी लापरवाही की ओर भी ध्यान आकर्षित किया उन्होंने कहा कि प्रशासनिक ढांचा और कानून व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है और आम जनता को सरकारी मदद नहीं मिल रहीकांग्रेस के उपवास और शंकराचार्य पूजा कार्यक्रम को लेकर शहर भर में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है और नेताओं और साधु संतों के शामिल होने से इसे और अधिक जोर मिलने की संभावना है

  • भोपाल स्लॉटर हाउस विवाद: कांग्रेस का भाजपा पर तीखा प्रहार, पीसी शर्मा ने 'हिंदू हृदय सम्राटों' की चुप्पी पर उठाए सवाल

    भोपाल स्लॉटर हाउस विवाद: कांग्रेस का भाजपा पर तीखा प्रहार, पीसी शर्मा ने 'हिंदू हृदय सम्राटों' की चुप्पी पर उठाए सवाल


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के नगर निगम स्लॉटर हाउस में कथित तौर पर गौमांस मिलने का मामला अब एक बड़े राजनीतिक संग्राम में तब्दील हो गया है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने इस मामले में भाजपा के हिंदूवादी दावों पर कड़ा प्रहार करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया है।

    पीसी शर्मा ने मीडिया से चर्चा के दौरान तीखे लहजे में कहा कि जो भाजपा नेता खुद को ‘हिंदू हृदय सम्राट’ कहलाना पसंद करते हैं, वे आज इस गंभीर मामले पर खामोश क्यों हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति दोहरे मापदंडों पर टिकी है। शर्मा ने कहा एक तरफ माइनॉरिटी और मुस्लिम समाज से हर छोटी बात पर नफरत जताई जाती है, लेकिन जब पैसे लेने की बात आती है, तो वहां कोई परहेज नहीं दिखता। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसकी शह पर नगर निगम के स्लॉटर हाउस में इस तरह की गतिविधियां संचालित हो रही थीं?

    कांग्रेस नेता ने इस पूरे प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की है कि भोपाल की महापौर, नगर निगम आयुक्त और एमआईसी मेयर-इन-काउंसिल के सदस्यों की भूमिका की बारीकी से जांच होनी चाहिए। शर्मा ने मांग उठाई कि इन सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। मध्यप्रदेश में ‘बुलडोजर न्याय’ का जिक्र करते हुए पूर्व मंत्री ने सरकार को उन्हीं के अंदाज में घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गायों की हत्या के मामले में भाजपा सरकार का एक्शन कहीं नजर नहीं आ रहा है। शर्मा ने मांग की कि जिन लोगों ने इस स्लॉटर हाउस की अनुमति दी है और जो इसके संचालन के लिए जिम्मेदार हैं, उनके घरों पर भी सरकार को बुलडोजर चलाना चाहिए। उन्होंने वर्तमान सांसद और पूर्व महापौर द्वारा उठाए गए सवालों का हवाला देते हुए कहा कि जब भाजपा के अपने ही लोग सवाल उठा रहे हैं, तो मुख्यमंत्री को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

    केवल भोपाल ही नहीं, पीसी शर्मा ने इंदौर में हुई हालिया हिंसक घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चाहे भोपाल में गौ माता की हत्या का मामला हो या इंदौर में कानून-व्यवस्था की विफलता के कारण हो रही नागरिकों की हत्याएं, सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन बनी हुई है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा केवल चुनावी लाभ के लिए हिंदुत्व का कार्ड खेलती है, लेकिन जब वास्तविक रूप से आस्था और कानून के संरक्षण की बात आती है, तो वह पीछे हट जाती है। फिलहाल, राजधानी का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। कांग्रेस इस मुद्दे को सदन से लेकर सड़क तक ले जाने की तैयारी में है, वहीं भाजपा की ओर से इस पर रक्षात्मक रुख देखने को मिल रहा है। जनता की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार इस मामले में कोई कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करती है या यह मुद्दा भी केवल सियासी बयानबाजी की भेंट चढ़ जाएगा।