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  • पाकिस्तान ने भारत में होने वाले मास्टर्स क्रिकेट विश्व कप से बनाई दूरी, हॉकी टीम को भेजने की अनुमति भी नहीं

    पाकिस्तान ने भारत में होने वाले मास्टर्स क्रिकेट विश्व कप से बनाई दूरी, हॉकी टीम को भेजने की अनुमति भी नहीं

    नई दिल्ली । भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों का असर एक बार फिर खेल आयोजनों पर दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और वहां के गृह मंत्रालय ने जनवरी 2027 में भारत में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल मास्टर्स क्रिकेट विश्व कप में अपनी 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की टीम को भेजने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इस फैसले के कारण पाकिस्तान की वेटरंस क्रिकेट टीम टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकेगी। इससे पहले पाकिस्तान की पुरुष राष्ट्रीय हॉकी टीम को भी भारत में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट में भेजने से इनकार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

    इंटरनेशनल मास्टर्स क्रिकेट विश्व कप में भाग लेने के लिए पाकिस्तान वेटरंस क्रिकेट संघ ने अपनी टीम भेजने की तैयारी की थी। संघ के प्रमुख फवाद एजाज के अनुसार, आयोजकों को टीम का नाम वापस लेने की आधिकारिक जानकारी दे दी गई है, ताकि वे टूर्नामेंट के लिए किसी दूसरी टीम की व्यवस्था कर सकें। पाकिस्तान की टीम को अनुमति नहीं मिलने से आयोजकों को अब भाग लेने वाली टीमों की योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।

    फवाद एजाज ने बताया कि भारतीय आयोजकों और मेजबान देश की ओर से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वीजा तथा उच्चस्तरीय सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद पाकिस्तान वेटरंस क्रिकेट संघ ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी मांगा था। हालांकि, अनुमति नहीं मिलने के कारण टीम भारत आने की तैयारी आगे नहीं बढ़ा सकी।

    बताई गई जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के गृह मंत्री और क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी ने दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों का हवाला देते हुए टीम को भारत जाने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया। इसके चलते पाकिस्तान की टीम अगले साल होने वाले इस टूर्नामेंट में अपने खिताब का बचाव नहीं कर सकेगी। पाकिस्तान ने पिछला वेटरंस विश्व कप श्रीलंका में जीता था। ऐसे में आगामी प्रतियोगिता से उसका बाहर रहना टीम के लिए महत्वपूर्ण बदलाव है।

    क्रिकेट के अलावा हॉकी में भी इसी तरह की स्थिति सामने आई है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने हाल ही में संवेदनशील द्विपक्षीय परिस्थितियों का हवाला देते हुए अपनी पुरुष राष्ट्रीय टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया था। इसके बाद एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के लिए बांग्लादेश को शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई। इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि भारत-पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव का प्रभाव केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर भी पड़ रहा है।

    पाकिस्तान पहले भी भारत में आयोजित कुछ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से हट चुका है। सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए उसने तमिलनाडु में आयोजित जूनियर विश्व कप और जूनियर एशिया कप से भी अपना नाम वापस लिया था। हालांकि, अलग-अलग प्रतियोगिताओं में फैसलों के पीछे परिस्थितियां और आधिकारिक कारण अलग हो सकते हैं।

    भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय खेल संबंध लंबे समय से प्रभावित हैं। वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों में बड़ा बदलाव आया। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने जुलाई 2008 में एशिया कप के लिए पाकिस्तान का दौरा किया था। वहीं, द्विपक्षीय श्रृंखला खेलने के लिए भारतीय टीम वर्ष 2005-06 में पाकिस्तान गई थी।

    वर्तमान परिस्थितियों में दोनों देशों की क्रिकेट टीमें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और एशियाई क्रिकेट परिषद के बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में आमने-सामने आती हैं। ऐसे मुकाबले भी अक्सर संयुक्त अरब अमीरात या श्रीलंका जैसे तटस्थ स्थानों पर आयोजित किए जाते हैं। द्विपक्षीय तनाव के कारण नियमित घरेलू दौरे और श्रृंखलाएं बहाल नहीं हो पाई हैं।

    जनवरी 2027 के मास्टर्स क्रिकेट विश्व कप में पाकिस्तान की अनुपस्थिति और हॉकी टीम को भारत नहीं भेजने के फैसले से दोनों देशों के खेल संबंधों में जारी चुनौतियां फिर सामने आई हैं। अब आयोजकों को क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए वैकल्पिक टीम की व्यवस्था करनी होगी, जबकि दोनों देशों के बीच भविष्य में खेल आयोजनों में भागीदारी की स्थिति राजनीतिक और प्रशासनिक फैसलों पर निर्भर करेगी।

  • पाकिस्तान ने भारत में खेलने से किया इनकार, इंटरनेशनल मास्टर्स वर्ल्ड कप से हटे डिफेंडिंग चैंपियन

    पाकिस्तान ने भारत में खेलने से किया इनकार, इंटरनेशनल मास्टर्स वर्ल्ड कप से हटे डिफेंडिंग चैंपियन

    नई दिल्ली । पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अपनी ओवर-50 क्रिकेट टीम को भारत में होने वाले इंटरनेशनल मास्टर्स क्रिकेट वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। यह टूर्नामेंट जनवरी 2027 में भारत में आयोजित होना है। पाकिस्तान के इस फैसले के बाद उसकी टीम प्रतियोगिता से हट गई है।

    खास बात यह है कि पाकिस्तानी टीम पिछले साल श्रीलंका में आयोजित इस टूर्नामेंट की विजेता रही थी और अब उसे अपने खिताब का बचाव करने का मौका नहीं मिलेगा। बुधवार, 21 अक्टूबर को पाकिस्तान की ओर से इस फैसले की जानकारी साझा की गई। टीम के हटने के बाद आयोजकों को प्रतियोगिता में उसकी जगह किसी दूसरी टीम को शामिल करने की व्यवस्था करनी होगी।

    पाकिस्तान की टीम की भागीदारी को लेकर पहले भारतीय आयोजकों और टूर्नामेंट प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिए गए थे। पाकिस्तान वेटरंस क्रिकेट एसोसिएशन (पीवीसीए) को भरोसा दिलाया गया था कि टीम के खिलाड़ियों को समय पर वीजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही भारत में खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए उच्च स्तर के इंतजाम करने की बात भी कही गई थी।

    इन आश्वासनों के बाद पीवीसीए ने अपनी सरकार और क्रिकेट बोर्ड से भारत जाकर टूर्नामेंट खेलने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, तमाम तैयारियों और आश्वासनों के बावजूद पाकिस्तान की टीम को भारत आने की मंजूरी नहीं मिल सकी। इस फैसले के कारण टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी समाप्त हो गई है।

    पाकिस्तान वेटरंस क्रिकेट एसोसिएशन के प्रमुख फवाद एजाज ने बुधवार को बताया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उनकी टीम को भारत जाकर खेलने की अनुमति देने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि आयोजकों को पहले ही टीम के हटने की सूचना दे दी गई है, ताकि वे समय रहते किसी दूसरी टीम को शामिल करने की व्यवस्था कर सकें।

    फवाद एजाज के मुताबिक, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी इस संबंध में स्पष्ट कर दिया था कि टीम को भारत में खेलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख भी हैं। बोर्ड और संबंधित मंत्रालयों से हरी झंडी नहीं मिलने के कारण पिछले संस्करण की विजेता टीम को टूर्नामेंट से पीछे हटना पड़ा। इस तरह खिलाड़ियों की भागीदारी का फैसला अंततः बोर्ड और सरकार की अनुमति पर निर्भर रहा।

    भारत में किसी प्रतियोगिता में भाग लेने से पाकिस्तान की किसी टीम के इनकार का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने भी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में खेलने के लिए भारत आने से मना कर दिया था। उस समय पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश की टीम को प्रतियोगिता में शामिल किया गया था।

    अब इंटरनेशनल मास्टर्स क्रिकेट वर्ल्ड कप से पाकिस्तान की ओवर-50 टीम के हटने के बाद आयोजकों को फिर से वैकल्पिक टीम की व्यवस्था करनी होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की जगह किस टीम को शामिल किया जाएगा, इसका नाम सामने नहीं आया है। आयोजकों को टूर्नामेंट की तैयारियों के बीच इस खाली स्थान को भरने की व्यवस्था करनी होगी, ताकि प्रतियोगिता का कार्यक्रम प्रभावित न हो।

    भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से राजनीतिक तनाव और खराब संबंधों का असर खेल आयोजनों पर भी दिखाई देता रहा है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज लंबे समय से नहीं खेली जा रही हैं। ऐसे में भारतीय और पाकिस्तानी टीमें आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) या एशियाई स्तर के बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में ही एक-दूसरे के खिलाफ खेलती हैं।

    इंटरनेशनल मास्टर्स क्रिकेट वर्ल्ड कप से पाकिस्तान की टीम के हटने का फैसला भी इसी व्यापक पृष्ठभूमि में चर्चा का विषय बना है। हालांकि, इस मामले में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से टीम को भारत आने की अनुमति नहीं दिए जाने की बात सामने आई है। टूर्नामेंट में पाकिस्तान की अनुपस्थिति के बाद अब आयोजकों के सामने उसकी जगह दूसरी टीम को शामिल करने की जिम्मेदारी है।

  • PSL 11 पर मंडराया युद्ध का साया? अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक के बाद विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा पर PCB ने तोड़ी चुप्पी

    PSL 11 पर मंडराया युद्ध का साया? अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक के बाद विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा पर PCB ने तोड़ी चुप्पी

    नई दिल्ली। पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के 11वें सीजन के आगाज से ठीक पहले पड़ोसी देश अफगानिस्तान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव ने टूर्नामेंट के आयोजन पर संशय के बादल मंडरा दिए हैं। हाल ही में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में की गई एयरस्ट्राइक, जिसमें भारी संख्या में लोगों के मारे जाने की खबरें हैं, के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट गलियारों में विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं तेज हो गई हैं। विशेष रूप से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड और वहां की सरकार द्वारा अपने खिलाड़ियों को पेशावर जैसे सीमावर्ती शहरों की यात्रा न करने की सलाह देने की खबरों ने पीसीबी (PCB) की मुश्किलों को बढ़ा दिया है।

    हालाँकि, इन तमाम आशंकाओं के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए सुरक्षा चिंताओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पीसीबी के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र और पड़ोसी देशों के साथ चल रहे संघर्ष के बावजूद, पीएसएल के आगामी सीजन में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या में कोई कमी नहीं आएगी। बोर्ड ने दावा किया है कि इस बार ऑस्ट्रेलिया से रिकॉर्ड संख्या में खिलाड़ी पाकिस्तान पहुंच रहे हैं। पीसीबी के एक सूत्र ने पीटीआई (PTI) को बताया कि यात्रा के सभी इंतजाम और सुरक्षा प्लान तैयार हैं और खिलाड़ी अगले हफ्ते से पाकिस्तान आना शुरू कर देंगे।

    विवाद की मुख्य जड़ पेशावर में होने वाला मैच है, जो अफगानिस्तान सीमा के बेहद करीब स्थित है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने सुरक्षा कारणों से अपने खिलाड़ियों को इस क्षेत्र से दूर रहने की हिदायत दी है। लेकिन पीसीबी का कहना है कि बोर्ड स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है और अतीत में भी ऐसी चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक किया गया है।

    गौरतलब है कि 26 मार्च से शुरू होने वाले पीएसएल के इस सीजन में स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर, एडम जैम्पा, मार्नस लाबुशेन और जैक फ्रेजर मैकगर्क जैसे बड़े ऑस्ट्रेलियाई सितारे शामिल होने वाले हैं। अब देखना यह होगा कि क्या ये खिलाड़ी वर्तमान तनावपूर्ण माहौल में पाकिस्तान की धरती पर कदम रखते हैं या सुरक्षा चिंताओं के चलते अपना नाम वापस लेते हैं। फिलहाल, पीसीबी इस टूर्नामेंट को ऐतिहासिक बनाने के अपने दावे पर अडिग है।

  • टी20 विश्वकप से पहले भारत-पाक मैच पर टकराव: आईसीसी ने पीसीबी की तीन बड़ी मांगें ठुकराईं

    टी20 विश्वकप से पहले भारत-पाक मैच पर टकराव: आईसीसी ने पीसीबी की तीन बड़ी मांगें ठुकराईं


    नई दिल्ली।
    टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) में भारत (India) के खिलाफ मैच खेलने से पाकिस्तान (Pakistan) के इनकार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) (Pakistan Cricket Board – PCB) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) (International Cricket Council – ICC) के बीच तनातनी बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आईसीसी ने पीसीबी की तीन प्रमुख मांगों को खारिज कर दिया है।

    बताया जा रहा है कि पीसीबी ने आईसीसी से भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज कराने की मांग रखी, लेकिन आईसीसी ने साफ किया कि द्विपक्षीय सीरीज उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आतीं, भले ही वह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र का हिस्सा क्यों न हों।

    इसके अलावा पीसीबी ने भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच त्रिकोणीय सीरीज का प्रस्ताव भी रखा, जिसे आईसीसी ने अस्वीकार कर दिया। पीसीबी ने यह भी आग्रह किया कि भारत इस वर्ष बांग्लादेश दौरे पर जाए, जो पिछली बार टल गया था, मगर आईसीसी ने इसमें हस्तक्षेप से इनकार किया।

    हालांकि बांग्लादेश से जुड़े कुछ मुद्दों पर आईसीसी ने नरम रुख दिखाया है। महिलाओं के टी20 विश्व कप की मेजबानी स्थानांतरित होने के बाद बांग्लादेश को भविष्य में किसी आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी मिल सकती है, जैसे अंडर-19 विश्व कप। साथ ही आईसीसी ने बांग्लादेश की राजस्व हिस्सेदारी पर कोई दंडात्मक कदम न उठाने का फैसला किया है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार आईसीसी ने पीसीबी को अंतिम फैसला लेने के लिए 24 घंटे का समय दिया है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के स्तर पर होगा। मैदान पर दोनों टीमों ने अपने अभियान की जीत से शुरुआत की है। पाकिस्तान ने नीदरलैंड्स को करीबी मुकाबले में हराया, जबकि भारत ने अमेरिका को 29 रन से मात दी। अब सबकी नजर इस पर है कि भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर अंतिम फैसला क्या होता है।

  • T20 वर्ल्ड कप 2026: IND vs PAK मैच को लेकर पाकिस्तान की तीन शर्तें, क्‍या भारत मानेगा?

    T20 वर्ल्ड कप 2026: IND vs PAK मैच को लेकर पाकिस्तान की तीन शर्तें, क्‍या भारत मानेगा?


    नई दिल्ली। आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को लेकर विवाद अभी भी जारी है। पाकिस्तान ने फिलहाल मैच में हिस्सा लेने से इनकार किया है, हालांकि यह अब तक आईसीसी को आधिकारिक रूप से लिखित नहीं बताया गया।

    आईसीसी इस हाईवोल्टेज मुकाबले को कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। 8 फरवरी को आईसीसी अधिकारियों और PCB चीफ मोहसिन नकवी की बैठक हुई, जिसमें बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष भी मौजूद थे।

    पाकिस्तान की तीन डिमांड

    जानकारों के अनुसार, पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच में हिस्सा लेने के लिए तीन बड़ी डिमांड आईसीसी के सामने रखीं:अधिक रेवेन्यू शेयर: टूर्नामेंट में होने वाली कमाई में पाकिस्तान को अधिक हिस्सा चाहिए।बाइलेटरल क्रिकेट बहाली: भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज फिर से शुरू की जाए।खिलाड़ियों का हाथ मिलाना: टूर्नामेंट के दौरान भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ियों को एक-दूसरे से हाथ मिलाना होगा।

    भारत नहीं मानेगा ये मांग

    इन तीन डिमांड्स में से दूसरी शर्त, यानी बाइलेटरल क्रिकेट शुरू करने की मांग, भारत कभी स्वीकार नहीं करेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय सीरीज 2012 में खेली गई थी। राजनीतिक तनाव और पिछले साल पहलगाम हमला के बाद भारत का पाकिस्तान के प्रति रुख और भी सख्त हो गया है। इसी वजह से एशिया कप 2025 से टीम इंडिया ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाना भी बंद कर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान की बाकी दो डिमांड रेवेन्यू शेयर बढ़ाना और हाथ मिलाना पूरी की जा सकती हैं, लेकिन द्विपक्षीय सीरीज का फिर से शुरू होना फिलहाल असंभव लगता है।

  • IPL में नहीं मिला खरीदार तो स्टीव स्मिथ ने थामा पाकिस्तान का हाथ: अब PSL में दिखाएंगे अपना दम, इस नई टीम से जुड़ने की तैयारी!

    IPL में नहीं मिला खरीदार तो स्टीव स्मिथ ने थामा पाकिस्तान का हाथ: अब PSL में दिखाएंगे अपना दम, इस नई टीम से जुड़ने की तैयारी!


    नई दिल्ली । क्रिकेट जगत के आधुनिक ‘फैब फोर’ में शुमार ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज स्टीव स्मिथ ने खेल के मैदान पर एक नया रास्ता चुना है। इंडियन प्रीमियर लीग की मेगा नीलामी में किसी भी टीम द्वारा खरीदे न जाने के बाद अब स्मिथ ने पहली बार पाकिस्तान सुपर लीग  में खेलने की प्रबल इच्छा जताई है। क्रिकबज की ताजा रिपोर्ट के अनुसार स्मिथ पीएसएल के आगामी 10वें सीजन में नई फ्रेंचाइजी सियालकोट स्टैलियंस की ओर से खेलते हुए नजर आ सकते हैं।

    सियालकोट स्टैलियंस की रिटेंशन लिस्ट पर टिकी निगाहें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पीएसएल-10 के लिए अपनी रिटेंशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंगलवार 3 फरवरी को 8 में से 6 टीमों ने अपने रिटेन किए गए खिलाड़ियों की सूची साझा की है। हालांकि नई टीम सियालकोट स्टैलियंस और हैदराबाद की फ्रेंचाइजी ने फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोले हैं। संभावना जताई जा रही है कि 7 फरवरी को जब सियालकोट अपनी पहली आधिकारिक लिस्ट जारी करेगी तो उसमें विदेशी खिलाड़ी के तौर पर स्टीव स्मिथ का नाम सबसे ऊपर हो सकता है।

    आईपीएल का ‘कम्फर्ट’ और पीएसएल की ‘चुनौती’ स्टीव स्मिथ आईपीएल का एक बड़ा चेहरा रहे हैं। उन्होंने न केवल राजस्थान रॉयल्स और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स जैसी टीमों की कप्तानी की है बल्कि लीग में शतक भी जड़े हैं। लेकिन हालिया नीलामी में उन्हें अनसोल्ड रहने का झटका लगा। अब पीएसएल में जाना उनके लिए एक बड़ा बदलाव होगा। हालांकि इसमें एक ट्विस्ट भी है यदि आईपीएल के दौरान कोई खिलाड़ी चोटिल होता है और कोई फ्रेंचाइजी स्मिथ को रिप्लेसमेंट बदलाव के तौर पर बुलाती है तो वे पीएसएल छोड़कर आईपीएल का रुख कर सकते हैं। यह कोई नई बात नहीं है इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अनुबंधों के बीच स्विच करते रहे हैं।

    पीएसएल 10 रिटेंशन का गणित इस बार पीएसएल में 8 टीमें हिस्सा ले रही हैं। मुल्तान सुल्तांस ने सबको चौंकाते हुए ‘जीरो रिटेंशन’ की नीति अपनाई है यानी वे नीलामी में पूरी नई टीम बनाएंगे। वहीं अन्य टीमों ने अपने मुख्य खिलाड़ियों को सुरक्षित कर लिया है। पेशावर जाल्मी ने उम्मीद के मुताबिक पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम को प्लैटिनम कैटेगरी में बरकरार रखा है जबकि लाहौर कलंदर्स ने स्टार गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी पर भरोसा जताया है।

    इस्लामाबाद यूनाइटेड ने कप्तान शादाब खान को रिटेन किया है जबकि क्वेटा ग्लैडिएटर्स ने मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को अपने साथ जोड़े रखा है। कराची किंग्स की ओर से तेज गेंदबाज हसन अली अपनी टीम के प्रमुख खिलाड़ी बने रहेंगे।अब पूरी दुनिया की नजरें 7 फरवरी पर टिकी हैं जब सियालकोट स्टैलियंस की आधिकारिक घोषणा यह साफ करेगी कि क्या स्टीव स्मिथ वाकई में पाकिस्तान की पिचों पर अपना जादू बिखेरेंगे या नहीं। यह स्मिथ के लिए अपनी टी-20 उपयोगिता साबित करने का एक बेहतरीन मंच हो सकता है।