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  • सरकारी कर्मचारियों को मिल सकती है खुशखबरी: 8वें वेतन आयोग पर नया अपडेट

    सरकारी कर्मचारियों को मिल सकती है खुशखबरी: 8वें वेतन आयोग पर नया अपडेट


    नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से नए वेतन आयोग का इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों को अब संशोधित वेतन और पेंशन के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ सकता। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें अप्रैल 2027 से लागू हो सकती हैं, जिससे कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।

    रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉयीज फेडरेशन और नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल ने कहा है कि यदि आयोग समय पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देता है, तो नए वित्तीय वर्ष यानी अप्रैल 2027 से संशोधित वेतन लागू किया जा सकता है। हालांकि, प्रशासनिक प्रक्रिया के चलते इसमें एक-दो महीने की देरी की संभावना भी जताई जा रही है।

    गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। सरकार का तर्क था कि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 2026 में समाप्त हो रहा है, इसलिए नए आयोग की प्रक्रिया पहले से शुरू की जा रही है ताकि कर्मचारियों को समय पर लाभ मिल सके।

    इस बार कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इनमें फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने, महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मर्ज करने और वेतन संरचना में व्यापक बदलाव शामिल हैं। माना जा रहा है कि यदि सरकार इन मांगों को स्वीकार करती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल आ सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर का भी लाभ मिल सकता है। यदि आयोग की रिपोर्ट लागू होने में देरी होती है, तो जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाने वाली तारीख के आधार पर बकाया राशि दी जा सकती है। इससे लाखों कर्मचारियों को एकमुश्त बड़ी रकम मिलने की संभावना भी बन सकती है।

    फिलहाल सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा जारी है। आयोग की बैठकों में फिटमेंट फैक्टर, वेतन संरचना और पेंशन संशोधन जैसे विषयों पर मंथन किया जा रहा है। आने वाले महीनों में सरकार की ओर से इस संबंध में और बड़े अपडेट सामने आने की उम्मीद है।

    केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर अब सरकार की अगली घोषणा पर टिकी हुई है, क्योंकि 8वें वेतन आयोग को लेकर हर नया अपडेट उनकी आर्थिक स्थिति और भविष्य की योजनाओं से सीधे जुड़ा हुआ है।

  • अटल पेंशन योजना में हो सकती है बढ़ोत्‍तरी, ₹10,000 तक करने पर सरकार कर रही विचार

    अटल पेंशन योजना में हो सकती है बढ़ोत्‍तरी, ₹10,000 तक करने पर सरकार कर रही विचार

    नई दिल्ली । भारत सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रही है। बढ़ती महंगाई और रिटायरमेंट के बाद बढ़ते खर्चों को देखते हुए, सरकार अटल पेंशन योजना (APY) के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन की ऊपरी सीमा को बढ़ाकर ₹10,000 प्रति माह तक करने की संभावना पर मंथन कर रही है। यह जानकारी मिंट ने तीन सरकारी अधिकारियों के हवाले से दी है, जिन्होंने नाम सार्वजनिक नहीं किया।

    असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर फोकस
    भारत में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की हिस्सेदारी करीब 90% है। इनमें रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, दिहाड़ी मजदूर और स्वरोजगार करने वाले लोग शामिल हैं। इस वर्ग के लिए नौकरी की सुरक्षा, नियमित वेतन और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं सीमित होती हैं, जिससे बुढ़ापे में आर्थिक असुरक्षा बढ़ जाती है।

    क्या है अटल पेंशन योजना?
    अटल पेंशन योजना की शुरुआत मई 2015 में की गई थी, जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के लोगों को वृद्धावस्था में आर्थिक सहारा देना है। फिलहाल इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद ₹1,000 से ₹5,000 प्रति माह तक की गारंटीड पेंशन दी जाती है। हालांकि, बढ़ती महंगाई के कारण यह राशि अब पर्याप्त नहीं मानी जा रही है।

    सदस्यता तो बढ़ी, लेकिन नियमित योगदान में कमी
    अब तक इस योजना से 9 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। हालांकि इनमें से लगभग आधे सदस्य समय पर नियमित योगदान नहीं कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 1.35 करोड़ नए सदस्य जुड़े हैं, जो योजना के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है। सरकार का मानना है कि पेंशन राशि बढ़ाने से न केवल नए लोग जुड़ेंगे, बल्कि पुराने सदस्य भी योजना में बने रहेंगे।

    पेंशन बढ़ाने पर चल रहा मंथन
    वित्त मंत्रालय और पेंशन फंड नियामक प्राधिकरण (PFRDA) मिलकर इस प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं। विचार यह है कि वर्तमान अधिकतम पेंशन सीमा को ₹8,000 से बढ़ाकर ₹10,000 प्रति माह तक किया जाए। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम योजना को मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप बनाएगा और इसे अधिक आकर्षक भी करेगा।

    सरकारी योगदान और विस्तार की योजना
    शुरुआती वर्षों में सरकार ने कुछ लाभार्थियों को सह-योगदान (co-contribution) भी दिया था। अब सरकार इस योजना को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए ‘पेंशन सखी’ और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट नेटवर्क का विस्तार करने की तैयारी में है। योजना को वित्त वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है।

    खजाने पर सीमित असर की संभावना
    विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रस्ताव से सरकारी वित्त पर बड़ा बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह योजना मुख्य रूप से लाभार्थियों के अपने योगदान पर आधारित है। ऐसे में पेंशन राशि बढ़ने के बावजूद राजकोष पर सीमित प्रभाव ही पड़ेगा।