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  • 18 हजार की बेसिक सैलरी सीधे 72 हजार! 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर तेज हुई हलचल, जानिए किस प्रस्ताव से कितना बढ़ेगा वेतन

    18 हजार की बेसिक सैलरी सीधे 72 हजार! 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर तेज हुई हलचल, जानिए किस प्रस्ताव से कितना बढ़ेगा वेतन


    नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर अब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर टिकी हुई है। आयोग के गठन के बाद जैसे जैसे परामर्श की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है वैसे वैसे कर्मचारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। यही वह गुणांक है जिसके आधार पर मौजूदा मूल वेतन को संशोधित कर नया बेसिक वेतन तय किया जाता है। इस समय केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 18 हजार रुपए है और अब अलग अलग कर्मचारी संगठनों की ओर से फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.61 से 4 तक किए जाने की मांग सामने आई है। अगर इन प्रस्तावों में से किसी को मंजूरी मिलती है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

    मौजूदा वेतन व्यवस्था को देखें तो 6वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.86 था जबकि 7वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 2.57 किया गया था। इसी बदलाव के बाद न्यूनतम मूल वेतन 7 हजार रुपए से बढ़कर 18 हजार रुपए हो गया था। अब 8वें वेतन आयोग के सामने इससे कहीं ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी गई है। कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को ध्यान में रखते हुए नए वेतन ढांचे में कर्मचारियों को पर्याप्त राहत दी जाए।

    सर्वे ऑफ इंडिया की मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन ने 3.61 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव रखा है। यदि इस प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है तो 18 हजार रुपए की मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग 64 हजार 980 रुपए यानी करीब 65 हजार रुपए हो सकती है। इसका मतलब है कि मौजूदा न्यूनतम बेसिक वेतन की तुलना में कर्मचारियों को काफी बड़ा उछाल मिल सकता है। हालांकि यह केवल प्रस्ताव के आधार पर निकाला गया अनुमान है और इसे अंतिम वेतन नहीं माना जा सकता।

    वहीं नेशनल काउंसिल जेसीएम स्टाफ साइड और भारत पेंशनर्स समाज की ओर से 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग की गई है। इस हिसाब से 18 हजार रुपए की बेसिक सैलरी लगभग 69 हजार रुपए तक पहुंच सकती है। अगर यह प्रस्ताव स्वीकार होता है तो कर्मचारियों के साथ पेंशनभोगियों को भी बड़ा फायदा मिलने की संभावना बन सकती है क्योंकि पेंशन और कई सेवानिवृत्ति लाभ मूल वेतन से जुड़े होते हैं।

    सबसे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ की ओर से की गई है। संगठन ने 4 फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया है। यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो 18 हजार रुपए का न्यूनतम मूल वेतन बढ़कर करीब 72 हजार रुपए हो सकता है। यानी 3.61 और 4 के फिटमेंट फैक्टर वाले प्रस्तावों के बीच न्यूनतम बेसिक सैलरी में लगभग 7 हजार 20 रुपए का अंतर बन सकता है।

    हालांकि कर्मचारियों को यह समझना जरूरी है कि 65 हजार 69 हजार और 72 हजार रुपए के आंकड़े अभी केवल अलग अलग संगठनों की मांगों के आधार पर लगाए गए अनुमान हैं। 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिश आने से पहले यह तय नहीं माना जा सकता कि कर्मचारियों का वास्तविक न्यूनतम वेतन कितना होगा। अंतिम वेतन वृद्धि केवल फिटमेंट फैक्टर से तय नहीं होगी बल्कि नए वेतन मैट्रिक्स महंगाई भत्ते अन्य भत्तों और आयोग की व्यापक सिफारिशों का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान होगा।

    फिलहाल 8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों की मांगों और सुझावों पर विचार का दौर जारी है। आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं और उसे अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अभी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। आयोग की सिफारिशें सामने आने और सरकार की मंजूरी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में वास्तव में कितना इजाफा होता है।

  • केंद्र सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 2 प्रतिशत डीए बढ़ोतरी को दी मंजूरी..

    केंद्र सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 2 प्रतिशत डीए बढ़ोतरी को दी मंजूरी..

    नई दिल्ली:केंद्र सरकार ने देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देते हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब डीए 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है। लंबे समय से इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह निर्णय आर्थिक राहत लेकर आया है और उनकी मासिक आय में सीधा असर डालेगा।

    सरकारी निर्णय के अनुसार यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को इस तारीख से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मिलेगा और इसके साथ ही उन्हें पिछले महीनों का एरियर भी दिया जाएगा। जनवरी, फरवरी और मार्च के बकाया भुगतान का लाभ सीधे उनके वेतन के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे एकमुश्त अतिरिक्त राशि उनके खाते में पहुंचेगी।

    महंगाई भत्ता सरकारी वेतन संरचना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जिसे बढ़ती कीमतों के प्रभाव को संतुलित करने के लिए समय समय पर संशोधित किया जाता है। इसका निर्धारण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर किया जाता है, जो बाजार में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में होने वाले बदलाव को दर्शाता है। इसी आधार पर सरकार समय समय पर इसमें संशोधन करती है ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति प्रभावित न हो।

    इस बार डीए बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारियों को सामान्य से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। आमतौर पर यह संशोधन समय पर कर दिया जाता है, लेकिन इस बार प्रक्रिया में देरी देखने को मिली। इसके बावजूद अब मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच संतोष और राहत का माहौल है।

    हालांकि कर्मचारी संगठनों की ओर से इस बार 3 से 4 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन सरकार ने 2 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी है। इसके बावजूद डीए का 60 प्रतिशत स्तर पार करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह वेतन संरचना में एक बड़ा संकेत देता है और भविष्य में सैलरी स्ट्रक्चर पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।

    इस बढ़ोतरी का सीधा असर कर्मचारियों और पेंशनर्स की मासिक आय पर पड़ेगा। एरियर मिलने से उन्हें एक साथ अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी, जिससे घरेलू बजट को मजबूती मिलेगी। महंगाई के मौजूदा दौर में यह निर्णय उनके खर्चों को संतुलित करने में मदद करेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बढ़ोतरी से बाजार में खपत बढ़ सकती है, क्योंकि लोगों के पास खर्च करने योग्य आय में इजाफा होता है। इसका अप्रत्यक्ष असर अर्थव्यवस्था की गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है।

  • यूपी में सरकारी कर्मचारियों को होली का तोहफा, CM योगी ने फरवरी का वेतन पहले देने का किया ऐलान

    यूपी में सरकारी कर्मचारियों को होली का तोहफा, CM योगी ने फरवरी का वेतन पहले देने का किया ऐलान


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली के पावन अवसर को देखते हुए प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों संविदाकर्मियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि फरवरी माह का वेतन और पेंशन होली से पहले यानी 28 फरवरी तक अनिवार्य रूप से भुगतान कर दिया जाए।

    इस आदेश का दायरा केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। इसमें आउटसोर्सिंग कर्मी संविदाकर्मी और सफाईकर्मी भी शामिल हैं। वित्त विभाग ने इस संबंध में औपचारिक शासनादेश जारी कर दिया है जिसमें साफ कहा गया है कि किसी भी कर्मचारी के वेतन या पेंशन में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि भुगतान प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होगी। समय पर वेतन वितरण सुनिश्चित करने के लिए आगामी शनिवार को भी कार्यदिवस घोषित किया गया है। यह कदम प्रदेश सरकार की ओर से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को त्योहार से पहले वित्तीय सुरक्षा देने की पहल है।

    जानकारी के अनुसार यह व्यवस्था लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधे लाभान्वित करेगी। वेतन और पेंशन समय पर मिलने से न केवल कर्मचारियों में उत्साह बढ़ेगा बल्कि होली के त्योहार की तैयारियों में भी मदद मिलेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन की स्थिति में तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम राज्य सरकार की कर्मचारी-केंद्रित नीतियों का हिस्सा है जिसमें सरकारी कर्मचारियों की वित्तीय स्थिरता और मनोबल बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इससे प्रदेश में सरकारी सेवाओं के सुचारू संचालन को भी बल मिलेगा।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का यह प्रयास है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को त्योहार के अवसर पर अतिरिक्त सुविधा मिले और वे अपने परिवार के साथ उत्साहपूर्वक होली मना सकें। इस पहल को लेकर कर्मचारियों में प्रसन्नता का माहौल देखा जा रहा है।

  • एम.पी. ट्रांसको की नई डिजिटल पहल: पेंशनर्स को वेबसाइट पर उपलब्ध होगी पेंशन स्लिप

    एम.पी. ट्रांसको की नई डिजिटल पहल: पेंशनर्स को वेबसाइट पर उपलब्ध होगी पेंशन स्लिप

    मध्यप्रदेश। पावर ट्रांसमिशन कंपनीएम.पी. ट्रांसको ने अपने पेंशनर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक और महत्वपूर्ण डिजिटल पहल की है। कंपनी की आईटी सेल एवं पेंशन विभाग की संयुक्त टीम के प्रयासों से अब एम.पी. ट्रांसको के तकरीबन 4500 पेंशनर्स, चाहे वो किसी भी बैंक से पेंशन प्राप्त करते हों, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपनी पेंशन स्लिप ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।

    एम.पी. ट्रांसको के मुख्य वित्तीय अधिकारी श्री मुकुल मेहरोत्रा ने बताया कि अब तक केवल यूनियन बैंक से पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनर्स को ही वेबसाइट पर पेंशन स्लिप उपलब्ध कराने की सुविधा थी। लेकिन अब भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों से पेंशन लेने वाले पेंशनर्स के लिए भी यह व्यवस्था सफलतापूर्वक विकसित कर ली गई है।

    ऐसे प्राप्त करें स्लिप

    कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध पेंशन पोर्टल में पेंशन स्लिप प्राप्त करें नामक विकल्प जोड़ा गया है। इसके माध्यम से पेंशनर अपने न्यूमेरिक पीपीओ नंबरबैंक खाता संख्या तथा माह का चयन कर आसानी से पेंशन स्लिप ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में दिसंबर 2025 से संबंधित पेंशन स्लिप उपलब्ध कराई गई हैं, शीध्र ही वर्ष 2025 से पूर्व अवधि की पेंशन स्लिप भी वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दी जायेगी।