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  • ₹70,000 है मंथली सैलरी, 20 साल के लिए मैक्सिमम कितना मिल सकता है Home Loan? समझें EMI का गणित

    ₹70,000 है मंथली सैलरी, 20 साल के लिए मैक्सिमम कितना मिल सकता है Home Loan? समझें EMI का गणित

    नई दिल्ली। अगर आपकी मंथली सैलरी ₹70,000 है और आप अपना घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो सबसे पहला सवाल यही है कि बैंक आपको अधिकतम कितना होम लोन दे सकता है। लोन की राशि सीधे आपकी आय, मौजूदा खर्च, ब्याज दर और लोन अवधि पर निर्भर करती है। 20 साल की अवधि के लिए होम लोन लेते समय EMI कैसे तय होती है और आपकी सैलरी के हिसाब से बैंक कितना लोन अप्रूव कर सकता है, आइए इस EMI के गणित को आसान शब्दों में समझते हैं। इससे आपको प्लानिंग में मदद मिलेगी।
    सबसे सस्ता होम लोन
    कोई भी बैंक जिस सबसे शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन या अन्य लोन उपलब्ध कराते हैं, वही उस बैंक का सबसे सस्ता लोन होता है। उदाहरण के लिए मौजूदा समय में बैंक ऑफ इंडिया या बैंक ऑफ महाराष्ट्र महज 7.10 प्रतिशत की शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन ऑफर कर रहे हैं। बैंक ब्याज दर आपकी इनकम, उम्र, सिबिल स्कोर और लोन रीपेमेंट की अवधि के मुताबिक तय करती है। होम लोन में एक बात समझ लें होम लोन की रीपेमेंट अवधि जितनी कम होगी, ब्याज आप उतना कम चुकाएंगे। लोन की रीपेमेंट अवधि जितनी ज्यादा होगी तो आपको ब्याज उतना ही ज्यादा चुकाना होगा।

    ₹70,000 है मंथली सैलरी पर मैक्सिमम होम लोन
    बैंक ऑफ इंडिया के होम लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर के मुताबिक, अगर आपकी मंथली सैलरी 70,000 रुपये है। आपका पिछला कोई बकाया लोन या ईएमआई नहीं चल रहा है तो 7.10 प्रतिशत की ब्याज दर पर 20 साल की रीपेमेंट अवधि के लिए आपको मैक्सिमम ₹50,40,000 तक होम लोन मिल सकेगा। 20 साल के लिए इसकी ईएमआई ₹39,378 बनेगी। इस आधार पर आप इस होम लोन पर ₹44,10,760 सिर्फ ब्याज के तौर पर चुकाएंगे। यानी आखिर में बैंक को ₹94,50,760 चुकाएंगे। इतनी सैलरी पर अगर आप 15 साल के लिए होम लोन लेते हैं तो आपको मैक्सिमम ₹46,43,818 होम लोन मिलेगा।

  • क्रेडिट कार्ड यूज में सुधार करें, इन 7 ट्रिक्स से बनें फाइनेंशियली स्ट्रॉन्ग

    क्रेडिट कार्ड यूज में सुधार करें, इन 7 ट्रिक्स से बनें फाइनेंशियली स्ट्रॉन्ग


    नई दिल्ली । आज के डिजिटल दौर में क्रेडिट कार्ड रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। शॉपिंग से लेकर ट्रैवल और इमरजेंसी खर्च तक हर जगह कार्ड का इस्तेमाल बढ़ा है। लेकिन जरा-सी लापरवाही इसे भारी कर्ज में बदल सकती है। EMI मिनिमम ड्यू पेमेंट और ऊंची ब्याज दरों के चलते लाखों लोग फाइनेंशियल प्रेशर झेल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर क्रेडिट कार्ड को सही प्लानिंग और अनुशासन के साथ इस्तेमाल किया जाए तो यह कर्ज नहीं बल्कि आर्थिक मजबूती का जरिया बन सकता है।
    क्रेडिट लिमिट का संतुलित इस्तेमाल जरूरी
    फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के अनुसार, क्रेडिट कार्ड की कुल लिमिट का 30 प्रतिशत से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ज्यादा उपयोग से क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो बढ़ता है जिसका सीधा असर CIBIL स्कोर पर पड़ता है। सीमित खर्च आपकी फाइनेंशियल इमेज को मजबूत बनाता है।

    समय पर पूरा बिल चुकाना सबसे अहम
    मिनिमम अमाउंट ड्यू चुकाना आसान जरूर लगता है लेकिन यही सबसे बड़ा फाइनेंशियल जाल है। इससे ब्याज तेजी से बढ़ता है और कर्ज लंबा खिंचता है। हर महीने पूरा बिल समय पर चुकाने से न सिर्फ ब्याज से बचाव होता है बल्कि क्रेडिट स्कोर भी मजबूत होता है।

    कार्ड की संख्या और EMI पर रखें नियंत्रण
    एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखने से खर्च पर नियंत्रण मुश्किल हो जाता है। जरूरत के मुताबिक एक या दो कार्ड ही पर्याप्त हैं। वहीं नो-कॉस्ट EMI ऑफर्स आकर्षक लगते हैं लेकिन हर खरीदारी को EMI में बदलना भविष्य की इनकम पर बोझ डाल देता है।

    कैश निकासी और क्रेडिट रिपोर्ट पर नजर

    क्रेडिट कार्ड से कैश निकालने पर भारी ब्याज और अतिरिक्त चार्ज लगते हैं इसलिए इससे बचना चाहिए। साथ ही साल में कम से कम एक बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जरूर जांचें ताकि किसी गलती या धोखाधड़ी का समय रहते पता चल सके।

    पुराना कार्ड बंद करने से पहले सोचें

    लंबे समय से चल रहा क्रेडिट कार्ड आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को मजबूत बनाता है। बिना वजह पुराना कार्ड बंद करने से स्कोर गिर सकता है।

    सही इस्तेमाल से बनेगा फाइनेंशियल फ्यूचर

    विशेषज्ञों का मानना है कि सही प्लानिंग अनुशासन और समय पर भुगतान से क्रेडिट कार्ड कर्ज का कारण नहीं, बल्कि फाइनेंशियल ग्रोथ का मजबूत टूल बन सकता है। इन 7 स्मार्ट ट्रिक्स को अपनाकर न सिर्फ कर्ज से बचा जा सकता है बल्कि 800+ क्रेडिट स्कोर का लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।