Tag: Petrol and diesel prices

  • राहत भरी खबर: सस्ता हुआ सोना और चांदी, ईंधन कीमतों में क्या बदलाव?

    राहत भरी खबर: सस्ता हुआ सोना और चांदी, ईंधन कीमतों में क्या बदलाव?


    नई दिल्ली। आज देशभर में सोना-चांदी और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा अपडेट देखने को मिला है। जहां लगातार दूसरे दिन सोने की चमक फीकी पड़ी है, वहीं चांदी भी सस्ती हो गई है। दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल के दामों में शहरों के हिसाब से हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है।

    सोने की कीमतों में गिरावट का दबाव जारी
    वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन कमजोरी देखने को मिली है। हालांकि कुछ शहरों में मामूली बढ़ोतरी भी दर्ज की गई, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में गिरावट का रुझान बना हुआ है।

    दिल्ली में आज 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दाम में हल्की बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन पिछले दो दिनों में कुल मिलाकर सोना सस्ता हुआ है। चांदी के भाव में भी गिरावट दर्ज की गई है। लगातार दो दिनों में चांदी करीब ₹5100 प्रति किलो तक सस्ती हुई है। दिल्ली में आज चांदी ₹2,54,900 प्रति किलो के भाव पर बिक रही है।

    प्रमुख शहरों में सोने के ताजा दाम (10 ग्राम)
    दिल्ली: ₹1,52,600 (24K), ₹1,39,890 (22K), ₹1,14,480 (18K)
    मुंबई: ₹1,52,450, ₹1,39,740, ₹1,14,330
    कोलकाता: ₹1,52,450, ₹1,39,740, ₹1,14,330
    चेन्नई: ₹1,53,370, ₹1,40,590, ₹1,17,290
    बेंगलुरु: ₹1,52,450, ₹1,39,740, ₹1,14,330
    हैदराबाद: ₹1,52,450, ₹1,39,740, ₹1,14,330
    पटना: ₹1,52,500, ₹1,39,790, ₹1,14,380

    पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी
    सुबह 6 बजे तेल कंपनियों ने देशभर में पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें जारी कीं। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपया विनिमय दर में बदलाव का असर घरेलू बाजार पर देखा गया है।

    प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल रेट

    नई दिल्ली: पेट्रोल ₹94.72, डीजल ₹87.62
    मुंबई: पेट्रोल ₹104.21, डीजल ₹92.15
    कोलकाता: पेट्रोल ₹103.94, डीजल ₹90.76
    चेन्नई: पेट्रोल ₹100.75, डीजल ₹92.34
    हैदराबाद: पेट्रोल ₹107.46, डीजल ₹95.70
    पटना: पेट्रोल ₹105.58, डीजल ₹93.80
    लखनऊ: पेट्रोल ₹94.69, डीजल ₹87.80
    जयपुर: पेट्रोल ₹104.72, डीजल ₹90.21

    कीमतें क्यों बदलती हैं?
    विशेषज्ञों के अनुसार पेट्रोल-डीजल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति केंद्र और राज्य सरकारों का टैक्स रिफाइनिंग लागत और मांग-आपूर्ति का संतुलन ग्राहक अपने मोबाइल से भी आसानी से अपने शहर का ईंधन रेट जान सकते हैं। Indian Oil: RSP लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें, आज के बाजार अपडेट में साफ दिख रहा है कि सोना और चांदी पर दबाव बना हुआ है, जबकि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता के साथ हल्का बदलाव देखा गया है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल ही इन कीमतों की दिशा तय करेगी।

  • प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से देश में नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से देश में नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों से देश में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे। भारतीय बाजार में तेल की उपलब्धता पर्याप्त रहेगी, उपभोक्ताओं पर भी तेल कीमतों का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और देश की तेल रिफायनरियां अपना काम सरलता से करती रहेंगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने खाड़ी युद्ध के बीच उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती स्वागत योग्य कदम है।

    उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी के बीच रामनवमी के दिन इस जनहितैषी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी बधाई के पात्र हैं।

  • प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपए प्रति प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपए प्रति लीटर हुआ महंगा, सामान्य ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं लीटर हुआ महंगा, सामान्य ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं

    प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपए प्रति प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपए प्रति लीटर हुआ महंगा, सामान्य ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं लीटर हुआ महंगा, सामान्य ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार को प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.09 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। यह नई कीमत 20 मार्च से ही लागू हो गई है।

    सरकारी तेल कंपनियों ने बढ़ाई प्रीमियम पेट्रोल की कीमत

    हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड सहित सभी सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने अपने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में लगभग 2.09 से 2.35 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बदलाव के साथ पावर पेट्रोल और एक्सपी95 जैसे किफायती ईंधन की कीमत 111.68 रुपये से बढ़कर लगभग 113.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

    सामान्य पेट्रोल और डीजल पर कोई असर नहीं

    हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रह रही हैं, जिससे आम वाहन चालकों को तुरंत राहत मिली है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन फायदों पर पड़ेगा जो हाई-ऑक्टेन या प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं।

    प्रीमियम पेट्रोल की लोकप्रियता और असर

    प्रीमियम पेट्रोल आमतौर पर बेहतर इंजन चलाने, लोडिंग ड्राइविंग और हाई माइलेज के लिए जाना जाता है। कीमत बढ़ने से कार और बाइक मालिक की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। खासकर मेट्रो शहरों और हाई-परफॉर्मेंस वालों का इस्तेमाल करने वाले लोग इसका ज्यादा असर महसूस करेंगे।

    अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और कीमतों में उछाल

    सरकार या तेल कंपनियों ने अभी तक इस बढ़ोतरी की आधिकारिक वजह नहीं बताई है। बेंचमार्क का रुख है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और लॉजिस्टिक्स लागत इसके मुख्य कारण हैं। 19 मार्च को वैश्विक तेल बाजार में 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी से दर्ज की गई थी। ब्रेंट क्रूड का भाव 111.78 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड लगभग 99.57 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

    पश्चिम एशिया में तनाव और ऊर्जा सुरक्षा

    विशेषज्ञों के अनुसार, यह उछाल इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले और इसके जवाब में ईरान द्वारा कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर पर हमले के बाद आया। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।

    भारत जैसे देश, जो अपनी करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल की ज़रूरत आयात से पूरी करते हैं, ऐसे वैश्विक घटनाओं से सीधे प्रभावित होते हैं। बची हुई कंपनियों ने आम पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखी हैं, लेकिन प्रीमियम पेट्रोल में यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव को दर्शाती है।

    भविष्य में संभावित बदलाव

    उद्योग विश्लेषक का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहता है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में घरेलू ईंधन कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।

  • Crude Oil के दाम आसमान पर, लागत बढ़ने से तेल कंपनियों का मुनाफा घटा… बढ़ सकती है पेट्रोल-डीजल की कीमत!

    Crude Oil के दाम आसमान पर, लागत बढ़ने से तेल कंपनियों का मुनाफा घटा… बढ़ सकती है पेट्रोल-डीजल की कीमत!


    नई दिल्ली।
    अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Market) में कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil Prices) आसमान छू रही हैं। खाड़ी क्षेत्र में जंग शुरू होने के बाद से भारतीय रिफाइनरियों (Indian Refineries) के लिए कच्चे तेल की लागत में 93% का भारी उछाल आया है। शुक्रवार को यह कीमत 136.56 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जिससे इंडियन ऑयल, एचपीसीएल, बीपीसीएल और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी घरेलू तेल कंपनियों के मुनाफे में भारी गिरावट आई है। लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम अभी नहीं बढ़ रहे हैं। दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है, मुंबई में भी यही स्थिति। ये कीमतें आगे भी कुछ समय के लिए बनी रह सकती हैं।


    पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर असर

    अमेरिका सहित कई देशों ने कच्चे तेल की कीमतों के अनुरूप खुदरा कीमतें बढ़ा दी हैं। अमेरिका में पेट्रोल 3.7 डॉलर प्रति गैलन है। वहीं भारत में तेल कंपनियों ने अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। पिछले कुछ महीनों में मुनाफा कमाने के बाद, अब इन कंपनियों को अपने मार्जिन में नुकसान उठाना पड़ रहा है।


    राज्य चुनाव बने वजह?

    सरकार की ओर से 31 मार्च तक कीमतों या करों में कोई बदलाव किए जाने की संभावना नहीं है, ताकि बजट लक्ष्यों के अनुरूप राजकोषीय संतुलन बनाए रखा जा सके। इसके अलावा, चार राज्यों और पुडुचेरी में होने वाले चुनावों के मद्देनजर, 29 अप्रैल को अंतिम चरण के मतदान तक भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के आसार कम ही हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में 40% से अधिक और रूसी यूराल क्रूड में 50% से अधिक की वृद्धि हुई है। 26 फरवरी को भारतीय बास्केट की कीमत 70.9 डॉलर प्रति बैरल थी। 12 मार्च को यह बढ़कर 127.2 डॉलर हो गई और शुक्रवार को 7.3% उछलकर 136.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।


    संकट का मुख्य कारण: होर्मुज जलडमरूमध्य

    भारत पिछले कई महीनों से रियायती दर पर रूसी तेल खरीदकर एक लाभदायक स्थिति में था, लेकिन अब उसकी कीमतें भी बढ़ गई हैं। इस वैश्विक कमी का सबसे बड़ा कारण ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक करना है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का 20% हिस्सा संभालता है। भारत के लिए इसका असर और भी गंभीर है, क्योंकि देश की कुल प्रसंस्कृत ऊर्जा का 60% हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से आता है।

    9 मार्च को ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर के तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) द्वारा आपातकालीन भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने के फैसले के बाद कीमतों में थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन जब तक जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं होती, कीमतें अस्थिर रहने की उम्मीद है।


    अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव

    आर्थिक विशेषज्ञों ने इस संकट के कारण भारत और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं। एक्सिस बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री और पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य नीलकंठ मिश्रा के अनुसार, यदि कच्चा तेल एक साल तक 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहता है, तो भारत का आयात बिल तेजी से बढ़ेगा। इससे व्यापार संतुलन को लगभग 80 अरब डॉलर (जीडीपी का 2.1%) का भारी नुकसान हो सकता है।

    रेटिंग एजेंसी इक्रा (ICRA) की रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा आपूर्ति और शिपिंग मार्गों में लंबे समय तक व्यवधान से भारत के वृहद-आर्थिक परिदृश्य पर असर पड़ेगा। कच्चे तेल की औसत कीमत में मात्र 10 डॉलर की वृद्धि से देश का चालू खाता घाटा 30-40 बेसिस पॉइंट बढ़ सकता है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर गीता गोपीनाथ ने बताया कि इसका असर वैश्विक विकास पर पड़ेगा। उन्होंने रविवार को ‘X’ पर लिखा कि अगर 2026 के लिए कच्चे तेल की औसत कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल रहती है, तो वैश्विक विकास दर 0.3-0.4 प्रतिशत अंक गिर सकती है और मुख्य मुद्रास्फीति 60 बेसिस पॉइंट बढ़ सकती है।