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  • US : ट्रंप का शवोन के CEO पर तीखा हमला….. तेल कंपनी से की पेट्रोल-डीजल के रेट घटाने की मांग

    US : ट्रंप का शवोन के CEO पर तीखा हमला….. तेल कंपनी से की पेट्रोल-डीजल के रेट घटाने की मांग


    वॉशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने तेल कंपनी शवोन (Oil company Chevron) के चेयरमैन और सीईओ माइक वर्थ (Mike Wirth) पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि वर्थ ने कंपनी की सफलता का श्रेय अपनी नीतियों को दिया, लेकिन यह भूल गए कि उनकी सरकार की नीतियों के बिना अमेरिकी तेल उद्योग और देश दोनों मुश्किल में पड़ जाते। साथ ही उन्होंने तेल कंपनियों से उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें तुरंत कम करने की मांग भी की।


    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर क्या कहा?

    ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि माइक वर्थ ने एक इंटरव्यू में शवोन की सफलता के कई कारण गिनाए, लेकिन उन्होंने ट्रंप प्रशासन की भूमिका का जिक्र नहीं किया। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सरकार की दूरदर्शिता, मजबूती और स्थिर नीतियों की वजह से ही अमेरिकी तेल उद्योग आज मजबूत स्थिति में है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार नहीं होती, तो तेल उद्योग लगभग खत्म हो चुका होता।


    वेनेजुएला का भी किया जिक्र

    ट्रंप ने कहा कि उनके कार्यकाल में वेनेजुएला पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों ने अमेरिकी रणनीति को मजबूती दी। उनके मुताबिक, शवोन को पहले वेनेजुएला से बाहर होना पड़ा था, लेकिन अब कंपनी पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में वहां लौट रही है और बड़ा मुनाफा कमाने की उम्मीद कर रही है।


    तेल कंपनियों को दी सीधी चेतावनी

    ट्रंप ने सिर्फ शवोन ही नहीं, बल्कि अन्य तेल कंपनियों को भी खुदरा ईंधन कीमतें तुरंत कम करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आम उपभोक्ताओं को राहत मिलनी चाहिए और कंपनियों को पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने चाहिए।


    शवोन CEO ने क्या कहा था?

    इससे पहले शवोन के सीईओ माइक वर्थ ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा था कि ईरान से जुड़े युद्ध और पश्चिम एशिया के तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार अब भी अस्थिर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में जारी संकट के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है, जबकि लाल सागर में जारी व्यवधान के कारण भी वैश्विक आपूर्ति पर असर पड़ा है।


    ईंधन कीमतों पर बढ़ा दबाव

    रिपोर्टों के अनुसार, ईरान से जुड़े संघर्ष के बाद अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। अमेरिकी ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) के आंकड़ों के मुताबिक, देश में पेट्रोल की औसत कीमत 4.10 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है, जो संघर्ष शुरू होने के समय की तुलना में एक डॉलर से अधिक ज्यादा है।


    ट्रंप पर भी बढ़ रहा राजनीतिक दबाव

    ईंधन की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर ट्रंप विपक्ष के निशाने पर हैं। अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले बढ़ती लागत उनके लिए राजनीतिक चुनौती बनती दिख रही है। हालांकि ट्रंप का दावा है कि यदि ईरान के साथ संघर्ष समाप्त हो जाता है, तो ईंधन की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी। वहीं, कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि युद्ध के आर्थिक प्रभाव लंबे समय तक बने रह सकते हैं और कीमतों में तत्काल बड़ी गिरावट की संभावना सीमित है।

  • मई की शुरुआत में झटका और राहत साथ-साथ: LPG महंगा, पेट्रोल-डीजल स्थिर, सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव

    मई की शुरुआत में झटका और राहत साथ-साथ: LPG महंगा, पेट्रोल-डीजल स्थिर, सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव


    नई दिल्ली। मई 2026 की शुरुआत आम जनता और कारोबारियों के लिए मिली-जुली खबर लेकर आई है। जहां एक ओर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी ने झटका दिया है। साथ ही, सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट और चांदी में लगातार तीसरे दिन कमजोरी देखने को मिली है।
    देश की राजधानी New Delhi में पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद तेल कंपनियों ने आम जनता को राहत देते हुए ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। Mumbai, Kolkata और Chennai जैसे प्रमुख महानगरों में भी दाम जस के तस बने हुए हैं।
    हालांकि, कमर्शियल उपयोग करने वालों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹993 की भारी बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में इसकी कीमत ₹3,071.50 तक पहुंच गई है। होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है। राहत की बात यह है कि घरेलू 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम घरों पर फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ा है।
    सर्राफा बाजार की बात करें तो सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,50,820 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,38,260 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। पिछले कुछ दिनों में सोने की कीमतों में नरमी का रुख बना हुआ है। वहीं चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली है और यह ₹2,49,900 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।
    विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव, खासकर Iran और United States के बीच हालात, बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। इसका असर कच्चे तेल से लेकर सोना-चांदी तक सभी कमोडिटी पर देखने को मिल रहा है।
    वैश्विक निवेश बैंक Goldman Sachs का अनुमान है कि आने वाले महीनों में सोने की कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। केंद्रीय बैंकों की बढ़ती खरीद और अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती के चलते साल के अंत तक सोना ₹1.63 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। हालांकि, अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई गई है।
    कुल मिलाकर, जहां ईंधन की स्थिर कीमतों ने आम जनता को राहत दी है, वहीं कमर्शियल एलपीजी की बढ़ी कीमतों से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। सोना-चांदी में जारी उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत दे रहा है।