Tag: PF News

  • प्राइवेट कर्मचारियों को कब और कैसे मिलती है पेंशन? 10 साल की सर्विस और 58 साल की उम्र का पूरा गणित समझिए

    प्राइवेट कर्मचारियों को कब और कैसे मिलती है पेंशन? 10 साल की सर्विस और 58 साल की उम्र का पूरा गणित समझिए


    नई दिल्ली । निजी क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद पेंशन एक बड़ा सहारा होती है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के तहत चलाई जा रही कर्मचारी पेंशन योजना इसी उद्देश्य से बनाई गई है लेकिन इसके नियम और गणित अक्सर लोगों को उलझा देते हैं। कई कर्मचारी यह नहीं समझ पाते कि पेंशन कब मिलेगी कितनी मिलेगी और इसके लिए कौनकौन सी शर्तें जरूरी हैं। अगर आप भी प्राइवेट नौकरी करते हैं तो ईपीएफ और ईपीएस के इस सिस्टम को समझना बेहद जरूरी है। सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि आपकी सैलरी से कटने वाला पीएफ दो हिस्सों में बंटता है। पहला है ईपीएफ जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान जमा होता है और इस पर ब्याज मिलता है।
    दूसरा है ईपीएस जिसमें केवल नियोक्ता के योगदान का 8.33 प्रतिशत हिस्सा जाता है। यही ईपीएस फंड आगे चलकर आपकी मासिक पेंशन का आधार बनता है। प्राइवेट कर्मचारियों को पेंशन पाने के लिए दो सबसे अहम शर्तें पूरी करनी होती हैं। पहली शर्त है कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य सेवा। इसका मतलब यह है कि आपने कुल मिलाकर 10 साल तक ईपीएस में योगदान किया हो। अगर आप बीच-बीच में नौकरी बदलते हैं तो अपना पीएफ अकाउंट ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है ताकि आपकी सर्विस की अवधि जुड़ती रहे। दूसरी शर्त है उम्र। ईपीएस नियमों के अनुसार नियमित पेंशन 58 साल की उम्र पूरी होने के बाद ही शुरू होती है।

    हालांकि ईपीएफओ कुछ मामलों में समय से पहले पेंशन का विकल्प भी देता है। यदि आपकी उम्र 50 साल हो चुकी है और आपने 10 साल की पेंशन योग्य सेवा पूरी कर ली है तो आप अर्ली पेंशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। लेकिन इसमें एक नुकसान भी है आपकी पेंशन की राशि हर साल के लिए 4 प्रतिशत कम कर दी जाती है। यानी 58 साल से पहले जितने साल पेंशन लेंगे उतनी कटौती होगी। अगर कोई कर्मचारी 10 साल की सेवा पूरी करने से पहले नौकरी छोड़ देता है तो उसे मासिक पेंशन नहीं मिलती। ऐसे मामलों में वह ईपीएस का पैसा एकमुश्त निकाल सकता है। वहीं अगर 10 साल की सेवा पूरी हो चुकी है लेकिन उम्र 58 साल नहीं हुई है तो कर्मचारी स्कीम सर्टिफिकेट ले सकता है। यह सर्टिफिकेट भविष्य में पेंशन पाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

    पेंशन की गणना एक तय फॉर्मूले से होती है। इसका सामान्य फॉर्मूला है मासिक पेंशन = पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा ÷ 70 यहां पेंशन योग्य वेतन आमतौर पर अंतिम वर्षों का औसत वेतन माना जाता है जिस पर ईपीएस का योगदान हुआ हो। कुल मिलाकर प्राइवेट कर्मचारियों के लिए पेंशन का गणित 10 साल की सेवा और 58 साल की उम्र के इर्द-गिर्द घूमता है। अगर आप समय रहते नियम समझ लें और पीएफ ट्रांसफर जैसी प्रक्रियाएं सही से पूरी करें तो रिटायरमेंट के बाद एक सुनिश्चित मासिक आय का लाभ उठा सकते हैं।