Tag: pilot

  • फ्लाईदुबई फ्लाइट में 174 यात्रियों को बचाने वाले घायल पायलट स्मित मच्छार से पीएम मोदी ने की बात

    फ्लाईदुबई फ्लाइट में 174 यात्रियों को बचाने वाले घायल पायलट स्मित मच्छार से पीएम मोदी ने की बात

    नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहना की है। प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित से बातचीत कर मुश्किल समय में उनके साहस की तारीफ की और उन्हें हीरो बताया। पीएम मोदी ने कहा कि गंभीर परिस्थिति में स्मित ने जिस तरह हिम्मत दिखाई, वह काबिले-तारीफ है। प्रधानमंत्री ने घायल भारतीय पायलट के परिवार से भी बातचीत की। फ्लाइट में हुई इस घटना के दौरान स्मित ने घायल होने के बावजूद हालात संभालने की कोशिश की और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद का रास्ता बनाया।

    इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक पायलट ने अपने ही साथी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। हमला गंभीर था और इसके बाद विमान के हालात बिगड़ने लगे। फ्लाइट अचानक नीचे जाने लगी। घायल होने के बावजूद स्मित ने स्थिति को संभालने की कोशिश जारी रखी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद मांगी। इसके बाद एक यात्री कॉकपिट के अंदर पहुंचा और स्थिति को संभालने में मदद की। वहीं, दूसरे यात्रियों और क्रू मेंबर ने आरोपी पायलट को काबू करने की कोशिश की।

    हमले के बाद विमान को संभालने में यात्रियों और क्रू की भूमिका सामने आई। कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद इजरायली यात्री यानिव हयून अंदर पहुंचे। हयून पेशे से प्लंबर हैं। उन्होंने कॉकपिट में पहुंचकर देखा कि आरोपी पायलट विमान के कंट्रोल से छेड़छाड़ कर रहा था। इसके बाद हयून ने तुरंत विमान के कंट्रोल को पीछे की तरफ खींचा। इसी दौरान एक अन्य यात्री और क्रू मेंबर ने आरोपी पायलट को काबू कर लिया। स्थिति को नियंत्रित करने के बाद रिजर्व पायलट कॉकपिट में पहुंचे और विमान का कंट्रोल संभाल लिया।

    यानिव हयून की भूमिका भी इस घटनाक्रम में सामने आई। घटना के बाद एयरपोर्ट पर उनकी मुलाकात हुई। बताया गया कि हयून के कपड़ों पर घायल भारतीय पायलट का काफी खून लगा हुआ था। उन्होंने कॉकपिट में पहुंचने के बाद आरोपी पायलट को विमान के कंट्रोल से छेड़छाड़ करते देखा था और तत्काल कंट्रोल को पीछे की ओर खींचा था। इसके बाद दूसरे यात्री और क्रू मेंबर ने आरोपी पायलट को काबू किया, जबकि रिजर्व पायलट ने विमान को स्थिर करने की जिम्मेदारी संभाली। इस पूरे घटनाक्रम में घायल कैप्टन स्मित मच्छार ने भी कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद का रास्ता बनाया था।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से बातचीत के दौरान उनकी हिम्मत की सराहना की। उन्होंने मुश्किल हालात में दिखाई गई बहादुरी के लिए भारतीय पायलट को हीरो बताया। पीएम मोदी ने स्मित के परिवार से भी बातचीत की। फ्लाइट में मौजूद 174 यात्रियों की जान बचाने की कोशिश के दौरान कैप्टन स्मित घायल हुए थे। घटना के दौरान यात्रियों और क्रू ने आरोपी पायलट को काबू करने में मदद की, जबकि रिजर्व पायलट ने बाद में विमान का नियंत्रण संभाला। इस तरह घायल भारतीय पायलट द्वारा मदद का रास्ता खोलने और यात्रियों तथा क्रू की मदद से विमान को संभालने का घटनाक्रम सामने आया।

  • एयर इंडिया फुकेत-दिल्ली उड़ान में पायलट का ड्रग टेस्ट नॉन-नेगेटिव, एएआईबी ने ऊंचाई घटने की घटना को बताया गंभीर चिंता

    एयर इंडिया फुकेत-दिल्ली उड़ान में पायलट का ड्रग टेस्ट नॉन-नेगेटिव, एएआईबी ने ऊंचाई घटने की घटना को बताया गंभीर चिंता

    नई दिल्ली । एयर इंडिया की फुकेत से दिल्ली आ रही उड़ान से जुड़ी एक घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आई है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने अपनी रिपोर्ट में पायलट-इन-कमांड के साइकोएक्टिव या नशीले पदार्थों की जांच में नॉन-नेगेटिव परिणाम आने और उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई कम होने को गंभीर चिंता का विषय बताया है। जांच एजेंसी ने इस मामले में नागर विमानन महानिदेशालय से प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की है।

    रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद दिल्ली पहुंचने पर विमान के दोनों क्रू सदस्यों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई थी। दोनों के ब्रेथलाइजर टेस्ट के परिणाम संतोषजनक पाए गए। हालांकि, साइकोएक्टिव या नशीले पदार्थों की पहचान के लिए किए गए परीक्षण में पायलट-इन-कमांड का शुरुआती सैंपल नॉन-नेगेटिव मिला, जबकि को-पायलट का परिणाम नेगेटिव रहा।

    इसके बाद पुष्टि के लिए दोनों फ्लाइट क्रू सदस्यों के रक्त नमूने पैथोलॉजिकल लैब भेजे गए। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि पायलट-इन-कमांड का कन्फर्मेशन टेस्ट भी नॉन-नेगेटिव आया, जबकि को-पायलट के दोनों परीक्षणों में परिणाम नेगेटिव रहे। एएआईबी ने इस तथ्य को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में विशेष रूप से दर्ज किया है।

    जांच एजेंसी ने कहा है कि मामले के तकनीकी और अन्य पहलुओं की विस्तृत जांच अभी जारी है। इसी वजह से रिपोर्ट में सामने आए शुरुआती तथ्यों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना गया है। एएआईबी ने डीजीसीए से मामले में आवश्यक प्राथमिक कार्रवाई करने को कहा है।

    एयर इंडिया ने भी घटना की जांच में सहयोग करने की बात कही है। एयरलाइन ने कहा कि सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा, फिटनेस अथवा नियमों के अनुपालन में किसी भी तरह की चूक को स्वीकार नहीं किया जाएगा। एयर इंडिया ने घटना के बाद अपने सभी पायलटों की स्वैच्छिक जांच शुरू करने की जानकारी भी दी है।

    रिपोर्ट के मुताबिक फुकेत में उड़ान से पहले विमान की जांच की गई थी। इस निरीक्षण के दौरान कोई नई तकनीकी गड़बड़ी सामने नहीं आई थी। विमान में केवल एक ऐसा आइटम दर्ज था, जिसे पहले से ही मिनिमम इक्विपमेंट लिस्ट के तहत नोट किया गया था। उड़ान दल ने विमान के चारों ओर किए गए वॉक-अराउंड निरीक्षण के दौरान भी किसी अतिरिक्त खराबी की सूचना नहीं दी।

    यह उड़ान एआई-2379 के रूप में संचालित हो रही एयरबस ए320 थी। 4 अगस्त को ओडिशा के ऊपर लगभग 36,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान के दौरान विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम काम करना बंद कर गए। इसके बाद विमान की ऊंचाई में उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किया गया।

    रिपोर्ट के अनुसार विमान ने शुरुआत में 372 फीट की अतिरिक्त ऊंचाई हासिल की, लेकिन इसके बाद अपनी निर्धारित ऊंचाई से 292 फीट नीचे चला गया। इस घटना के दौरान विमान में कुल 145 लोग मौजूद थे। इनमें 137 यात्री, छह केबिन क्रू सदस्य और दो पायलट शामिल थे।

    घटना के बाद कम से कम 20 यात्रियों और चार क्रू सदस्यों के घायल होने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है। विमान को मुख्य रूप से ओवरहेड स्टोरेज डिब्बों और सीलिंग पैनलों के हिस्से में नुकसान पहुंचा। एएआईबी की विस्तृत जांच में अब तकनीकी खराबी, संचालन संबंधी परिस्थितियों और क्रू से जुड़े पहलुओं की आगे जांच की जा रही है।

  • विमानन सुरक्षा पर मंडराया नशीले पदार्थों का खतरा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के क्रू मेंबर्स की डोप टेस्टिंग बढ़ाने की मांग

    विमानन सुरक्षा पर मंडराया नशीले पदार्थों का खतरा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के क्रू मेंबर्स की डोप टेस्टिंग बढ़ाने की मांग

    नई दिल्ली । फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान में हुई हालिया घटना के बाद देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा और जांच मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विमान के पायलट के नशीले पदार्थों के शुरुआती डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद विमानन नियामक ने सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं।

    विमानन विशेषज्ञों के अनुसार थाईलैंड और नीदरलैंड जैसे देशों में कुछ पदार्थों की कानूनी सुलभता एयरलाइंस कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। शराब की उपस्थिति जांचने के लिए नियमित ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट उपलब्ध हैं, लेकिन अन्य साइकोएक्टिव पदार्थों का परीक्षण अपेक्षाकृत जटिल प्रक्रिया माना जाता है।

    अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के दिशा-निर्देशों के मुताबिक किसी भी नशीले पदार्थ के प्रभाव में विमान का संचालन यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है। ऐसे पदार्थों का असर शरीर में लंबे समय तक बना रहता है जिससे चालक दल की निर्णय क्षमता प्रभावित हो सकती है।

    वर्तमान में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के नियमों के तहत सभी अनुसूचित वाणिज्यिक एयरलाइंस को अपने कम से कम 10 प्रतिशत क्रू मेंबर्स और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स का वार्षिक रूप से रैंडम डोप टेस्ट कराना अनिवार्य है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के प्रमुख हवाई अड्डों पर अब इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

    विमानन अधिकारियों का मानना है कि केवल स्व-घोषणा या नशामुक्ति अभियानों के भरोसे इस समस्या से नहीं निपटा जा सकता। इसके लिए रैंडम डोप जांच की आवृत्ति बढ़ाने और नियमों को अधिक कठोर बनाने की आवश्यकता जताई जा रही है ताकि उड़ानों के दौरान यात्रियों की सुरक्षा पूरी तरह से सुनिश्चित की जा सके।

    नियामक संस्थाएं अब चिकित्सा अधिकारियों के साथ मिलकर परीक्षण प्रक्रियाओं को और अधिक सटीक बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। संदिग्ध मामलों में कानूनी कार्रवाई और लाइसेंस निलंबन जैसे कड़े प्रावधान लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है।

  • पायलट ने शराब के नशे में उड़ाया विमान… कनाड़ा ने Air India को 26 जनवरी तक एक्शन लेने को कहा

    पायलट ने शराब के नशे में उड़ाया विमान… कनाड़ा ने Air India को 26 जनवरी तक एक्शन लेने को कहा


    वैंकूवर।
    कनाडा (Canada) ने एयर इंडिया (Air India) को सूचित किया है कि 23 दिसंबर 2025 को उसकी एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान (International flight) के संचालन से ठीक पहले एयरलाइन का एक पायलट शराब के नशे में पाया गया। यह कनाडाई कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है। कनाडा के परिवहन नियामक ट्रांसपोर्ट कानाडा ने इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने और 26 जनवरी 2026 तक उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा है।

    यह सूचना पायलट के ब्रीथ एनालाइजर (BA) टेस्ट में फेल पाए जाने के एक दिन बाद भेजी गई। ट्रांसपोर्ट कनाडा ने एयर इंडिया से अपने सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) के तहत सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।


    आरसीएमपी की पुष्टि और संभावित कार्रवाई

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट कनाडा द्वारा 24 दिसंबर को एयर इंडिया को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने एयरलाइन को बताया कि संबंधित कप्तान 23 दिसंबर को उड़ान संख्या AI 186 की ड्यूटी के लिए शराब के नशे में पहुंचा था और उड़ान संचालन के लिए अयोग्य पाया गया। वैंकूवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर RCMP द्वारा कराए गए दो ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में इसकी पुष्टि हुई, जिसके बाद पायलट को विमान से उतारकर ड्यूटी से हटा दिया गया।

    पत्र के अनुसार, यह घटना कनाडा के एविएशन रेगुलेशंस के साथ-साथ एयर इंडिया के फॉरेन एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (FAOC 1946) की शर्तों का भी उल्लंघन है। FAOC की एक शर्त है कि विदेशी एयर ऑपरेटर सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करेगा। ट्रांसपोर्ट कनाडा ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में RCMP और स्वयं उसका विभाग कानूनी कार्रवाई कर सकता है।


    DGCA को सूचना, विवरण मांगा

    मामले की गंभीरता को देखते हुए एयर इंडिया ने कनाडाई अधिकारियों से ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट का पूरा विवरण, जिसमें अल्कोहल का स्तर भी शामिल है, मांगा है। साथ ही, एयरलाइन ने भारत के विमानन नियामक DGCA को भी इस घटना की जानकारी दे दी है। ऑपरेशन सिंदूर के चलते पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के बंद होने के बाद एयर इंडिया की उत्तरी अमेरिका से भारत आने वाली अल्ट्रा-लॉन्ग-हॉल उड़ानों को बीच में ईंधन भरने के लिए ठहराव करना पड़ रहा है। AI 186 को वैंकूवर से वियना तक दो सेट पायलटों (प्रत्येक सेट में एक कप्तान और एक सह-पायलट) द्वारा संचालित किया जाना था। वियना से दिल्ली के लिए तीसरा सेट उड़ान संचालित करता।

    संबंधित पायलट का वियना में लेओवर था और वह कथित तौर पर वैंकूवर ड्यूटी-फ्री से शराब खरीद रहा था। चूंकि वह कनाडा से बोर्ड कर ऑस्ट्रिया में उतरने वाला था, इसलिए दोनों विदेशी स्टेशनों पर सामान्यतः ब्रीथ एनालाइजर जांच नहीं होती। हालांकि, ड्यूटी-फ्री स्टाफ को उसकी सांस से शराब की गंध आई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी फुटेज के जरिए पुलिस ने उसे एयर इंडिया की उड़ान तक ट्रेस किया।


    ‘12 घंटे पहले शराब निषिद्ध’

    वरिष्ठ पायलटों का कहना है कि उड़ान से कम से कम 12 घंटे पहले शराब पीना सख्त वर्जित है। यदि कोई पायलट इस नियम का पालन नहीं कर पाता, तो उसे चिकित्सा कारणों से उड़ान संचालन से इनकार कर देना चाहिए। ऐसा करने से उसकी नौकरी, लाइसेंस और करियर सुरक्षित रह सकता है।

    एयर इंडिया ने बुधवार को जारी बयान में कहा- 23 दिसंबर 2025 को वैंकूवर से दिल्ली जाने वाली उड़ान AI 186 में अंतिम क्षणों में देरी हुई, क्योंकि एक कॉकपिट क्रू सदस्य को उड़ान से पहले उतार दिया गया। कनाडाई अधिकारियों ने पायलट की ड्यूटी के लिए फिटनेस पर चिंता जताई, जिसके बाद उन्हें आगे की पूछताछ के लिए ले जाया गया।