Tag: pistol

  • भोपाल में चलती बाइक पर दोस्त की गोली मारकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार; पिस्टल देने वालों की तलाश तेज

    भोपाल में चलती बाइक पर दोस्त की गोली मारकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार; पिस्टल देने वालों की तलाश तेज

    भोपाल: के निशातपुरा थाना क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में चलती बाइक पर गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी अलीम उर्फ अल्लू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अपने दोस्त तासी उर्फ इकलास की देशी पिस्टल से गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने उसे घटना के करीब 12 घंटे के भीतर जिला रायसेन से गिरफ्तार किया।

    पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई देशी पिस्टल भी बरामद कर जब्त कर ली है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या के पीछे पुरानी रंजिश को वजह बताया है। मामले में पुलिस आरोपी से घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है।

    पूछताछ में अलीम ने बताया कि करीब एक साल पहले मृतक तासी उर्फ इकलास का उसके दोस्त ताहिर उर्फ अय्यू से विवाद हुआ था। उस समय अलीम ने अपने दोस्त ताहिर की मदद की थी। इसी विवाद के बाद तासी आरोपी अलीम से भी रंजिश रखने लगा था। आरोपी के अनुसार, मृतक की ओर से उसे धमकी भी दी जाती थी।

    करीब 15 दिन पहले दोनों के बीच एक बार फिर विवाद हुआ था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि लगातार बनी रंजिश के चलते उसने तासी की हत्या करने की योजना बनाई। इसके बाद वह गंजबासौदा में रहने वाले अपने रिश्तेदार आसिफ के पास पहुंचा।

    आरोपी के अनुसार, वहीं से उसे देशी पिस्टल मिली। हथियार हासिल करने के बाद वह भोपाल आया और तासी की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी के बताए स्थान और उसकी निशानदेही के आधार पर घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल बरामद कर ली है।

    घटना 20 सितंबर रविवार की बताई गई है। तासी अपने एक दोस्त के साथ सुबह मछली पकड़ने के लिए निकला था। इसी दौरान अलीम भी उनके साथ लिफ्ट लेकर बाइक पर पीछे बैठ गया। चलती बाइक के दौरान आरोपी ने तासी को गोली मार दी।

    गोली लगने के बाद तासी की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी की तलाश तेज कर दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसे रायसेन जिले से पकड़ लिया। गिरफ्तारी के साथ ही हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है।

    मामले में अब पुलिस का फोकस हथियार उपलब्ध कराने वाले लोगों तक पहुंचने पर है। पुलिस के अनुसार, घटना में हथियार उपलब्ध कराने वाले साहन और आसिफ की तलाश की जा रही है। दोनों की भूमिका को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस आरोपी से हत्या की योजना, हथियार हासिल करने की प्रक्रिया और वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों के बारे में पूछताछ कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या से पहले आरोपी ने किस तरह तैयारी की और वारदात को अंजाम देने के बाद वह रायसेन कैसे पहुंचा।

    पुलिस की शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश हत्या की प्रमुख वजह के तौर पर सामने आई है। हालांकि, मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है। हथियार उपलब्ध कराने के आरोपों की पुष्टि और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका सामने आने के बाद जांच की तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है।

  • देवास में पुलिस को देखकर नदी में फेंकी अवैध पिस्टल, कांटाफोड़ और सतवास पुलिस ने पानी में उतरकर हथियार किया बरामद

    देवास में पुलिस को देखकर नदी में फेंकी अवैध पिस्टल, कांटाफोड़ और सतवास पुलिस ने पानी में उतरकर हथियार किया बरामद


    मध्य प्रदेश:
    के देवास जिले में अवैध हथियार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पुलिस से बचने और सबूत छिपाने के इरादे से अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी थी। हालांकि पुलिस ने पीछा जारी रखा और दोनों को पकड़ने के बाद नदी में उतरकर हथियार भी बरामद कर लिया।

    मामला सतवास थाना क्षेत्र में पीपलकोटा के पास का बताया गया है। कांटाफोड़ थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति अवैध हथियार लेकर कांटाफोड़ से खातेगांव की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू की और उनका पीछा किया।

    पुलिस की गतिविधि की जानकारी मिलने के बाद दोनों आरोपियों ने बच निकलने की कोशिश की। पीछा किए जाने के दौरान वे सतवास क्षेत्र की ओर बढ़े। इस बीच कांटाफोड़ पुलिस ने सतवास थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद सतवास पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू कर दी।

    सतवास पुलिस ने पीपलकोटा के पास घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पकड़े जाने से पहले अपने पास मौजूद अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी थी। उन्हें उम्मीद थी कि नदी में हथियार डालने के बाद पुलिस के हाथ कोई महत्वपूर्ण सबूत नहीं लगेगा।

    लेकिन पुलिस ने आरोपियों की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। हथियार की तलाश के लिए कांटाफोड़ और सतवास पुलिस के जवान नदी में उतरे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने पानी के भीतर से अवैध देशी पिस्टल बरामद कर ली। हथियार मिलने के बाद पुलिस की कार्रवाई मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई और बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए।

    इस कार्रवाई में कांटाफोड़ और सतवास थाना पुलिस की संयुक्त भूमिका रही। पुलिस ने पहले आरोपियों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की और इसके बाद नदी में फेंके गए हथियार को तलाशकर बरामद किया। इससे मामले में अवैध हथियार से जुड़ा महत्वपूर्ण साक्ष्य भी पुलिस के कब्जे में आ गया।

    पकड़े गए दोनों आरोपियों के संबंध में सामने आई जानकारी के मुताबिक, एक आरोपी देवास जिले के कवलासा क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि दूसरा सीहोर जिले के जामुनियाकला का निवासी बताया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ सतवास थाने में प्राथमिकी दर्ज की है।

    मामले में पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। अब पुलिस मामले में अवैध हथियार की उपलब्धता और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

    घटना ने यह भी दिखाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी द्वारा सबूत छिपाने की कोशिश हमेशा सफल नहीं होती। नदी में हथियार फेंके जाने के बावजूद पुलिस ने मौके पर तलाशी अभियान चलाकर पिस्टल बरामद कर ली। इससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि उनके पास अवैध हथियार कहां से आया था और उसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।

  • मुरैना में वकील मृत्युंजय सुसाइड केस में नया मोड़,मां ने एसपी से मांगी न्यायिक कार्रवाई, महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी FIR दर्ज होने की मांग

    मुरैना में वकील मृत्युंजय सुसाइड केस में नया मोड़,मां ने एसपी से मांगी न्यायिक कार्रवाई, महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी FIR दर्ज होने की मांग




    मुरैना।
    वकील मृत्युंजय चौहान के सुसाइड केस में नया मोड़ आया है। बुधवार को मृतक वकील की मां, शिवकुमारी जादौन, मुरैना एसपी समीर सौरभ से मिलने पहुंचीं और भावुक होकर बोलीं कि उनके बेटे के साथ जो अत्याचार हुआ, उसकी न्यायिक कार्रवाई सिर्फ ग्वालियर में नहीं, बल्कि मुरैना में भी हो। उन्होंने कहा, “मुझे भी यहीं मार डालो, मेरा बेटा तो चला ही गया।

    मृत्युंजय की मां ने आरोप लगाया कि मुरैना पुलिस अब तक किसी ठोस कार्रवाई में नहीं जुटी है।

    12 दिसंबर को मुरैना सिविल लाइन की महिला एसआई प्रीति जादौन और कॉन्स्टेबल अराफात खान ने मृत्युंजय के साथ मारपीट की थी। इसी के चलते मृत्युंजय ने 15 दिसंबर को ग्वालियर में अपने किराए के मकान में फांसी लगाई। उन्होंने मांग की कि आरोपी महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी एफआईआर दर्ज की जाए, अवैध पिस्टल जब्त की जाए और दोनों को जिले से बाहर अटैच किया जाए क्योंकि वे परिवार को धमका रहे हैं।

    ग्वालियर पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन से पुष्टि हुई कि घटना वाले दिन आरोपी और वकील साथ थे।

    जांच में यह भी खुलासा हुआ कि महिला एसआई ने शादी का दबाव बनाया, पूर्व पत्नी से तलाक, जमीन-जायदाद और जेवरात हड़पने की कोशिश की। इस मामले में ग्वालियर पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 और 3(5) के तहत महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    एसपी ने कहा कि जांच जारी है और जैसे ही ग्वालियर पुलिस का एफआईआर प्रतिवेदन मिलेगा, दोनों आरोपियों को पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया जाएगा। शिवकुमारी जादौन की यह मांग न्यायपालिका और पुलिस पर दबाव डालती है कि किसी भी तरह की अवहेलना या विलंब न्याय में बाधक न बने।

    इस पूरे मामले ने मुरैना और ग्वालियर में पुलिस और न्याय व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक वकील के परिवार ने स्पष्ट किया कि केवल ग्वालियर में कार्रवाई से संतोष नहीं होगा, बल्कि मुरैना में भी एफआईआर दर्ज होना जरूरी है ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।