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  • MP: पीथमपुर में हजार्गो इंडस्ट्रीज में लगी भीषण आग… आसपास की दो फैक्ट्रियां भी चपेट में आई

    MP: पीथमपुर में हजार्गो इंडस्ट्रीज में लगी भीषण आग… आसपास की दो फैक्ट्रियां भी चपेट में आई


    धार।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के एक इंडस्ट्रियल एरिया (Industrial Area) में मंगलवार रात आग की भीषण घटना सामने आई है। जिस कंपनी से आग शुरू हुई उसमें खतरनाक औद्योगिक कचरा रखा था। साथ ही उसमें ई-कचरा की रीसाइक्लिंग (Recycling) भी होती है। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। जिला प्रशासन आग बुझाने की कोशिश कर रहा है।

    मंगलवार रात पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया (Pithampur Industrial Area) में स्थित हजार्गो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में भीषण आग लग गई। आग तेजी से आसपास की दो फैक्ट्रियों में भी फैल गई। आग के फैलाव को देखते हुए आसपास की यूनिट्स को तुरंत खाली कराना गया। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। जिला प्रशासन पानी और रेत का इस्तेमाल करके आग बुझाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, दूर से ही रुक-रुककर धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।

    धार के पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने कहा कि यह कंपनी खतरनाक और गैर-खतरनाक औद्योगिक कचरे के निपटान के साथ ई-कचरा रीसाइक्लिंग में विशेषज्ञता रखती है। उन्होंने कहा कि साइट पर बड़ी मात्रा में जमा केमिकल्स के कारण आग लगी। प्रशासन कंपनी के प्रबंधन से संपर्क करने का प्रयास कर रहा है, ताकि यह पुष्टि की जा सके कि घटना के समय परिसर के भीतर कोई कर्मचारी मौजूद था या नहीं।

    एसपी ने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। आसपास के चॉल इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है। पुलिस ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घटनास्थल के पास के रास्तों को बंद कर दिया है।

    उन्होंने कहा कि पीथमपुर थाने के सेक्टर 3 में ‘हजार्गो’ नाम की एक इंडस्ट्रियल वेस्ट डिस्पोजल कंपनी है। आग दूसरी कंपनी तक भी फैल गई है। फिलहाल यह आग इन्हीं दो कंपनियों तक सीमित है। दमकल की गाड़ियां लगातार आग बुझाने की कोशिश कर रही हैं। हम आग को और ज्यादा फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। हमने आसपास के चॉल इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया है। अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

    उन्होंने आगे कहा कि आग बुझने के बाद विशेषज्ञों की टीम आग लगने के कारणों की जांच करेगी। हमने फिलहाल घटनास्थल के पास के रास्तों को बंद कर दिया है। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की टीमें तैनात कर दी गई हैं और ट्रैफिक के लिए वैकल्पिक रास्ते बनाए गए हैं।

  • 315 एमवीए ट्रांसफॉर्मर से बदली औद्योगिक तस्वीर, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने सराहा प्रोजेक्ट

    315 एमवीए ट्रांसफॉर्मर से बदली औद्योगिक तस्वीर, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने सराहा प्रोजेक्ट


    इंदौर। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी जीका के एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी एमपी ट्रांसको की जिका द्वितीय योजना के तहत संचालित बिजली परियोजनाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। दो सदस्यीय दल में मूल्यांकनकर्ता हिसाए ताकाहाशी और जीका के भारत प्रतिनिधि कुणाल गुप्ता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजनाओं के निर्माण कार्य गुणवत्ता उपयोगिता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन की बारीकी से समीक्षा की।

    निरीक्षण के दौरान टीम ने पीथमपुर स्थित 400 केवी सबस्टेशन का दौरा किया जहां जीका की सहायता से 315 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है। अधिकारियों ने ट्रांसफॉर्मर की तकनीकी विशेषताओं और इसके संचालन से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसके साथ ही 132 केवी मंगल्या से दक्षिण जोन इंदौर ट्रांसमिशन लाइन का भी मूल्यांकन किया गया। यह लाइन राज्य के पहले 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन महालक्ष्मी के लिए लाइन इन लाइन आउट व्यवस्था के तहत विकसित की गई है जिससे बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    एमपी ट्रांसको के अधिकारियों ने बताया कि नए ट्रांसफॉर्मर और ट्रांसमिशन लाइन के चालू होने से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और स्थिरता में बड़ा सुधार हुआ है। पहले जहां उद्योगों को वोल्टेज में उतार चढ़ाव और अनियमित सप्लाई की समस्या का सामना करना पड़ता था वहीं अब उन्हें चौबीसों घंटे निर्बाध और उच्च गुणवत्ता वाली बिजली मिल रही है। इससे उत्पादन प्रक्रिया अधिक सुचारु हुई है और लागत में भी कमी आई है।

    मूल्यांकनकर्ता हिसाए ताकाहाशी ने केवल आधिकारिक प्रस्तुतियों तक सीमित न रहते हुए जमीनी हकीकत जानने का निर्णय लिया। उन्होंने पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न इकाइयों में काम कर रहे लोगों और उद्योग संचालकों से सीधे बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल ने बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता विश्वसनीयता और परियोजना के वास्तविक प्रभाव को लेकर फीडबैक लिया ताकि मूल्यांकन व्यावहारिक आधार पर किया जा सके।

    पीथमपुर धार क्षेत्र में चार संयंत्र संचालित करने वाली अग्रणी पैकेजिंग कंपनी एसआरएफ लिमिटेड ने भी अपने अनुभव साझा किए। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि नए पावर ट्रांसफॉर्मर के संचालन के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह स्थिर हो गई है और उत्पादन में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आ रही है। कंपनी के विधिक प्रमुख ने कहा कि बेहतर बिजली उपलब्धता के कारण अब वे 132 केवी स्तर पर अपना लोड लगभग 15 एमवीए तक बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं जिससे दो नई उत्पादन इकाइयों को समर्थन मिल सकेगा।

    इस निरीक्षण ने यह स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विकसित बिजली अवसंरचना परियोजनाएं न केवल तकनीकी रूप से सुदृढ़ हैं बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति दे रही हैं। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थिर और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति ने निवेश और उत्पादन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है जिससे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को बल मिला है।