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  • फेस्टिव सीजन में नहीं होगी LPG की किल्लत …. मोदी सरकार ने Plan-B पर शुरू किया काम

    फेस्टिव सीजन में नहीं होगी LPG की किल्लत …. मोदी सरकार ने Plan-B पर शुरू किया काम


    नई दिल्ली।
    अमेरिका और ईरान (America and Iran) के बीच अभी भी सबकुछ ठीक नहीं हो पाया है, मिडिल ईस्ट टेंशन (Middle East Tensions) के बीच होर्मुज (Hormuz) ही नहीं, बाब-अल-मंदेब समेत अन्य समुद्री रूट्स में बाधाएं जारी हैं. भारत (India) के लिए ये सब इसलिए खास है, क्योंकि देश में फेस्टिव सीजन (Festive season) शुरू होने वाला है. यानी LPG की खपत बढ़ना तय है, लेकिन इस तेज त्योहारी मांग को पूरा करने में खाड़ी देशों से सप्लाई में रुकावट का बुरा असर पड़ सकता है. ऐसे में अभी से सरकार ने अपने प्लान-बी (Modi Govt Plan-B) पर काम करना शुरू कर दिया है, ताकि आम जनता को त्योहारों पर एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से न जूझना पड़े. इसके लिए सरकारी स्वामित्व वाली रिफाइनरियां एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर फोकस कर रही हैं.


    घरेलू मांग पूरा करने के लिए तैयारी

    ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, त्योहारी मौसम में एलपीजी की घरेलू मांग बढ़ने के कारण सरकारी स्वामित्व वाली रिफाइनरियां लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) का उत्पादन बढ़ाने लगी हैं. इसके पीछे वजह ये है कि वेस्ट एशिया टेंशन के बीच फारस की खाड़ी से एलपीजी आपूर्ति में व्यवधान जारी है, जिससे देश की कुकिंग गैस सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा हो रहा है. सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के चलते त्योहारों से पहले ही उत्पादन में इजाफा किया जाने लगा है।


    20% बढ़ा देश में LPG का उत्पादन

    त्योहारी सीजन और सप्लाई में रुकावट के बीच सरकार का प्लान काम करता नजर आने लगा है. सरकारी स्वामित्व वाली रिफाइनरियों का घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़कर लगभग 44,000 टन प्रतिदिन हो गया है, जो बीते अगस्त महीने के औसत उत्पादन से लगभग 20% ज्यादा है. LPG Production में घरेलू स्तर पर ये बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जबकि भारत नवंबर में दिवाली तक चलने वाली उच्च खपत की अवधि के लिए तैयार हो रहा है, जबकि सर्दियों की मांग से इसे और बढ़ावा मिल सकता है।


    सरकार लगातार उठा रही कदम

    भले ही अमेरिका और ईरान के बीच हमलों का सिलसिला थमा हुआ है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोनों के बीच तनातनी बिल्कुल खत्म नहीं है. ऐसे में लंबे समय से बाधित तेल-गैस आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण इस समुद्री रूट की वजह से भारत में एलपीजी शॉर्टेज (LPG Shortage In India) को पूरा करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है. इसे लेकर अब केंद्र ने राज्यों और प्रमुख उद्योगों के लिए एलपीजी आवंटन तय कर दिया है।

    बता दें कि घरेलू रिफाइनरियों ने युद्ध के दौरान के अपने हाई एलपीजी प्रोडक्शन को कम कर दिया था, क्योंकि गर्मियों के दौरान अमेरिका और अफ्रीका से वैकल्पिक आपूर्ति होने लगी थी. लेकिन त्योहारों के लिए ये काफी नहीं है, ऐसे में घरेलू एलपीजी उत्पादन में फिर से बढ़ोतरी शुरू की गई है. इसके साथ ही सरकार ने मार्च में LPG Supply Crisis के दौरान लागू न्यूनतम रिफिल वेटिंग टाइम को 45 दिनों से घटाकर अब 25 दिन कर दिया है।


    भारत दूसरा बड़ा LPG आयातक

    भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है और ऐतिहासिक रूप से फारस की खाड़ी से आपूर्ति पर बहुत अधिक निर्भर रहा है. इस निर्भरता के कारण देश में इस क्षेत्र में जारी संघर्ष और व्यापारिक उथल-पुथल से पैदा होने वाली रुकावटों का बड़ा असर देखने को मिलता है।

    फिलहाल देश में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों (LPG Cylinder Price) की बात करें, तो दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये और कोलकाता में 968 रुपये है. बात नोएडा की करें, तो यहां पर घरेलू एलपीजी सिलेंडर 939.50 रुपये पर मिल रहा है, जबकि हैदराबाद में इसका दाम सबसे अधिक 994 रुपये है. वहीं कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर यानी 19 किलोग्राम के LPG Cylinder का रेट देखें, तो दिल्ली 2,747.50 रुपये, जबकि मुंबई में ये 2,701 रुपये का है।

  • Middle East Crisis में भारत के प्लान-बी का कमाल….. ग्लोबल संकट के बीच Import-Export में वृद्धि

    Middle East Crisis में भारत के प्लान-बी का कमाल….. ग्लोबल संकट के बीच Import-Export में वृद्धि


    नई दिल्ली।
    अमेरिका-ईरान तनाव (US-Iran Tensions), होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) बंद और इससे क्रूड की कीमतों (Crude Prices) में लगी आग के चलते ग्लोबल टेंशन चरम पर है. दुनिया के तमाम देशों में इससे उपजे तेल-गैस संकट (Oil and Gas Crisis) से हाहाकार मचा है और महंगाई की मार आम आदमी पर पड़ रही है. भारत भी इससे अछूता नहीं है, शुक्रवार को ही देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई. हालांकि, ये अन्य देशों के मुकाबले काफी कम है और करीब चार साल बाद इसमें इजाफा हुआ है।

    लेकिन बड़े ग्लोबल संकटों के बावजूद भारत सही ट्रैक पर आगे बढ़ रहा है. इसका एक ताजा उदाहरण देश के निर्यात के आंकड़े हैं. तमाम चुनौतियों के बाद भी भारतीय सामानों का एक्सपोर्ट अप्रैल महीने में बढ़कर 43.56 अरब डॉलर रहा है, जबकि आयात में भी तेज उछाल देखने को मिला है. कुल निर्यात की बात करें, तो ये 80.80 अरब डॉलर रहा है।

    इन चीजों का खूब हुआ निर्यात
    कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार ये आंकड़े जारी करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश का निर्यात बढ़ रहा है. अप्रैल में ये 13.78 फीसदी की उछाल के साथ बढ़कर 43.56 अरब डॉलर हो गया. इसके अलावा अप्रैल में भारतीय आयात भी सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़कर 71.94 अरब डॉलर हो गया।

    इस दौरान कई क्षेत्रों में निर्यात में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई. अनाजों के निर्यात में सबसे अधिक 210.19% का उछाल आया, इसके बाद मीट, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों में 48.03% और इलेक्ट्रॉनिक सामानों में 40.31% की तेजी आई. पेट्रोलियम प्रोडक्ट, हस्तशिल्प, मरीन प्रोडक्ट, इंजीनियरिंग सामान, दवाएं और कॉफी में भी ग्रोथ देखने को मिली है.


    होर्मुज संकट का यहां पड़ा असर

    अप्रैल महीने में भारत का व्यापार घाटा 28.38 अरब डॉलर रहा. होर्मुज संकट के असर की बात करें, तो राजेश अग्रवाल ने बताया कि पिछले महीने पश्चिम एशिया को भारत का निर्यात 28% घटकर 4.16 अरब डॉलर रह गया, जबकि अप्रैल 2025 में यह 5.78 अरब डॉलर था. इस क्षेत्र से आयात अप्रैल में 31.64% घटा और 10.47 अरब डॉलर रह गया।


    दुनिया में हाय-तौबा, भारत ने ऐसा संभाला

    आयात-निर्यात के इन ताजा आंकड़ों को देखकर साफ हो जाता है कि ट्रंप का टैरिफ अटैक हो या फिर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध से पैदा हुआ तेल-गैस संकट. मोदी सरकार का प्लान-बी (Modi Govt Plan-B) काम कर रहा है और इसका असर भी देखने को मिल रहा है।

    अमेरिका-ईरान युद्ध से मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच पाकिस्तान से लेकर साउथ कोरिया तक में हायतौबा मची नजर आई. लेकिन देश के आयात-निर्यात को सुचारू रखने के लिए सरकार कई बड़े कदम उठाए, इनमें आयात डेस्टिनेशंस की संख्या बढ़ाने के साथ ही ग्लोबल टेंशन के बीच भारतीय निर्यात के लिए नए बाजारों तक पहुंच शामिल है. बीते कुछ समय में भारत ने न्यूजीलैंड, यूरोपीय यूनियन समेत कई देशों से बड़े FTA साइन किए हैं।