Tag: plan

  • स्प्रिंग वेकेशन अलर्ट! मार्च के पहले हफ्ते में एक्सप्लोर करें ये 3 शानदार जगहें

    स्प्रिंग वेकेशन अलर्ट! मार्च के पहले हफ्ते में एक्सप्लोर करें ये 3 शानदार जगहें


    नई दिल्ली। अगर आप उत्तर भारत के हिल स्टेशन्स घूम-घूमकर थोड़ा अलग एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो कर्नाटक का कूर्ग आपके लिए शानदार विकल्प है। घने कॉफी बागान, धुंध से ढकी वादियां, झरनों की आवाज और हरियाली-यहां पहुंचते ही मन रिलैक्स मोड में चला जाता है।

    मार्च में यहां का मौसम बेहद सुहावना रहता है, जो ट्रेकिंग और नेचर वॉक के लिए एकदम सही है। नेचर लवर्स और कपल्स दोनों के लिए यह जगह किसी ड्रीम डेस्टिनेशन से कम नहीं। शहर की भागदौड़ से दूर कुछ दिन शांति में बिताने हैं, तो कूर्ग जरूर प्लान करें।

    ऋषिकेश: सुकून भी, एडवेंचर भी

    अगर आपका दिल आध्यात्म और एडवेंचर दोनों चाहता है, तो ऋषिकेश से बेहतर जगह कम ही मिलेगी। मार्च-अप्रैल में यहां का मौसम बेहद सुहावना होता है। सुबह-सुबह गंगा किनारे बैठना या आरती का नजारा देखना-दिल को गजब की शांति देता है। वहीं एडवेंचर लवर्स के लिए रिवर राफ्टिंग और बंजी जंपिंग जैसे ऑप्शन भी मौजूद हैं। यहां आप योग और मेडिटेशन के जरिए खुद से जुड़ सकते हैं। सच कहें तो ऋषिकेश ऐसा डेस्टिनेशन है, जहां सोल और एड्रेनालिन दोनों को सुकून मिलता है।

    सिक्किम: फूलों की खुशबू और पहाड़ों का जादू
    अगर आप इस बार कुछ अलग और यादगार ट्रिप चाहते हैं, तो सिक्किम का प्लान बनाइए। मार्च में यहां वसंत ऋतु की शुरुआत होती है और घाटियां रंग-बिरंगे फूलों से सज जाती हैं।

    भारत का ‘स्कॉटलैंड’ कूर्ग,
    अगर आप उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत हिल स्टेशन्स कई बार घूम चुके हैं और कुछ नया एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो मार्च में कूर्ग (जिसे कोडगु भी कहा जाता है) का प्लान शानदार रहेगा। कर्नाटक में स्थित कूर्ग को ‘भारत का स्कॉटलैंड’ यूं ही नहीं कहा जाता-यहां के घने कॉफी बागान, धुंध से ढकी वादियां, खूबसूरत झरने और सुकून भरा माहौल किसी विदेशी हिल स्टेशन जैसा अहसास कराते हैं। अगर आप नेचर लवर हैं और भीड़-भाड़ से दूर शांति में वक्त बिताना चाहते हैं, तो यकीन मानिए कूर्ग आपको पहली ही नजर में पसंद आ जाएगा।

    बर्फ से ढके पहाड़, शांत बौद्ध मठ और साफ-सुथरा वातावरणहर चीज मन मोह लेती है। गंगटोक जैसे शहर में आप मॉडर्न कैफे कल्चर के साथ पहाड़ों का सुकून भी एंजॉय कर सकते हैं। एडवेंचर के शौकीनों के लिए यहां ट्रेकिंग और नाथुला पास की सैर खास अनुभव देती है। एक बार आए, तो बार-बार आने का मन करेगा।

  • वॉशिंगटन में ईरान पर बन रहा खतरनाक प्लान, जानिए रजा पहलवी का ट्वीट

    वॉशिंगटन में ईरान पर बन रहा खतरनाक प्लान, जानिए रजा पहलवी का ट्वीट


    वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान ने यदि प्रदर्शनकारियों पर सख्ती की तो हम सैन्य हस्तक्षेप करेंगे।
    उन्होंने मंगलवार को ईरानी लोगों से अपील की और कहा कि वे प्रदर्शन करना जारी रखें। ईरान की सरकार के आगे झुकने की कोई जरूरत नहीं है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के लोगों को अपने संस्थानों पर कब्जा जमा लेना चाहिए। ट्रंप ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को मारने वालों को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। डोनाल्ड ट्रंप लगातार इस तरह ईरान के लोगों को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं। एक तरफ वह प्रदर्शनकारियों से हर हाल में डटे रहने को कह रहे हैं तो वहीं सख्ती करने पर ईरान में हमले की धमकी भी दे रहे हैं।

    ऐसे ही सुर ईरान के विपक्षी नेता और दशकों से देश से बाहर बसे क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के बोल भी डोनाल्ड ट्रंप जैसे ही हैं। एक तरफ ट्रंप ने अपील की है, ‘देशभक्त ईरानी आंदोलन करते रहें। आप अपने संस्थानों को कब्जे में लें। हत्यारों के नाम नोट कर लें। उन्हें बड़ी कीमत चुकानी होगी। मैंने ईरान के अधिकारियों से तब तक सारी मीटिंग कैंसिल कर दी हैं, जब तक कि बेगुनाह आंदोलनकारियों के कत्ल नहीं रुक जाते।’ वहीं दूसरी तरफ रजा पहलवी भी इसी अंदाज में ईरान के लोगों को उकसा रहे हैं।
    रजा पहलवी का ट्वीट- दुनिया सुन रही है आपकी आवाज
    रजा पहलवी ने ट्वीट किया, ‘मेरे साथियों। दुनिया आपकी आवाज सुन रही है और आपके साहस को देख रही है। आपने राष्ट्रपति ट्रंप की बात सुनी ही होगी। उनका कहना है कि मदद रास्ते में है।

    आप संघर्ष जारी रखिए, जैसा आप करते आए हैं। आप इस शासन को यह भ्रम पैदा ना कर दें कि ईरान में जिंदगी सामान्य है और पटरी पर है। यह नरसंहार की स्थिति है और ऐसा करने वालों को सजा दी जाएगी। इसके अलावा मेरा ईरान की सेना के लिए भी संदेश है। आप ईरान की राष्ट्रीय सेना हैं। आप इस्लामिक रिपब्लिक की आर्मी नहीं हैं। आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने देश के लोगों को बचाएं। आपके पास ज्यादा समय नहीं है और हम आपके साथ जल्दी ही जुड़ने वाले हैं।’
    आखिर वॉशिंगटन में ईरान पर बन रहा क्या प्लान
    इस तरह ट्रंप से लेकर रजा पहलवी तक दोनों की भाषा एक ही है।
    जानकारों का मानना है कि अमेरिका की ओर से ऐसा प्रचारित करने का प्रयास किया जा रहा है कि ईरान में बेगुनाह लोगों को मारा जा रहा है। ऐसे में उनकी रक्षा के लिए हम दखल रहे हैं। यही वजह है कि डोनाल्ड ट्रंप और रजा पहलवी एक ही भाषा बोल रहे हैं। बता दें कि रजा पहलवी दशकों से अमेरिकी समर्थन से ही ईरान से बाहर रह रहे हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका को यह सही वक्त लग रहा है कि ईरान के अयातुल्लाह अली खामेनेई शासन को हटाकर रजा पहलवी को गद्दी पर बिठाया जा सकता है। यही अमेरिका की रणनीति है और इसी लिहाज से बयान भी दिए जा रहे हैं ताकि माहौल तैयार हो सके।