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  • मसल्स मजबूत करने से लेकर हार्ट हेल्थ तक लोबिया दाल के फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

    मसल्स मजबूत करने से लेकर हार्ट हेल्थ तक लोबिया दाल के फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान


    नई दिल्ली:आजकल फिटनेस को लेकर लोगों में जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। मसल्स बनाने और शरीर को मजबूत रखने के लिए लोग जिम में घंटों मेहनत करते हैं और कई बार महंगे सप्लीमेंट का भी सहारा लेते हैं। हालांकि शरीर को मजबूत बनाने के लिए सबसे जरूरी चीज संतुलित आहार और पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन का सेवन है। कई लोग नॉनवेज फूड्स से प्रोटीन की कमी पूरी कर लेते हैं लेकिन शाकाहारी लोगों के लिए यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में लोबिया दाल एक बेहतरीन विकल्प के रूप में सामने आती है जो स्वाद के साथ साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है।

    लोबिया दाल को प्लांट बेस्ड प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों की मरम्मत और उनके विकास के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। अगर आप नियमित रूप से लोबिया दाल का सेवन करते हैं तो इससे मसल्स मजबूत बनने में मदद मिल सकती है। लगभग सौ ग्राम उबले हुए लोबिया में करीब आठ से दस ग्राम प्रोटीन पाया जाता है जो शरीर को ऊर्जा देने और मांसपेशियों को ताकत देने में सहायक होता है। यही वजह है कि जिम जाने वाले युवाओं और बढ़ते बच्चों के लिए यह दाल काफी फायदेमंद मानी जाती है।

    लोबिया दाल वजन कम करने में भी मददगार हो सकती है। इसमें डाइटरी फाइबर की मात्रा अधिक होती है जो पाचन प्रक्रिया को धीरे चलने में मदद करती है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराती है। इससे बार बार भूख लगने की समस्या कम हो जाती है और व्यक्ति अतिरिक्त कैलोरी लेने से बच जाता है। इसके साथ ही लोबिया में कैलोरी की मात्रा कम होती है और पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद रहते हैं जिससे यह वजन घटाने वाले लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प बन जाती है।

    पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में भी लोबिया दाल का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसमें मौजूद घुलनशील और अघुलनशील फाइबर पेट से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं। इसका नियमित सेवन कब्ज की समस्या को कम करने और आंतों की सफाई करने में सहायक माना जाता है। फाइबर शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है जिससे शरीर हल्का और ऊर्जावान महसूस करता है।

    लोबिया दाल केवल मसल्स और पाचन के लिए ही नहीं बल्कि दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी मानी जाती है। इसमें पोटैशियम मैग्नीशियम और फ्लेवोनोइड्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा लोबिया बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होती है जिससे हार्ट डिजीज का खतरा भी कम हो सकता है।

    भारत में महिलाओं और बच्चों में आयरन की कमी एक आम समस्या है। लोबिया दाल आयरन और फोलेट का अच्छा स्रोत मानी जाती है जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करती है। इसके नियमित सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बेहतर हो सकता है और थकान तथा कमजोरी की समस्या कम हो सकती है।

    इसके अलावा लोबिया में मौजूद जिंक और विटामिन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाते हैं। इससे शरीर संक्रमण और बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है। इसलिए अगर आप अपनी डाइट में पौष्टिक और संतुलित भोजन शामिल करना चाहते हैं तो लोबिया दाल को नियमित रूप से खाना एक अच्छा और फायदेमंद विकल्प साबित हो सकता है।

  • मांस नहीं, पौधों से बनेगी ताकत: जानिए प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के फायदे और इसे डाइट में शामिल करने के आसान तरीके

    मांस नहीं, पौधों से बनेगी ताकत: जानिए प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के फायदे और इसे डाइट में शामिल करने के आसान तरीके

    नई दिल्ली। शरीर को सुचारू रूप से चलाने मांसपेशियों को मजबूत रखने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी पोषक तत्व है। खासतौर पर जिम में कसरत करने वाले लोगों के लिए प्रोटीन मसल रिकवरी और ग्रोथ का आधार माना जाता है। आम धारणा यह है कि पर्याप्त प्रोटीन सिर्फ अंडा चिकन या मांसाहारी भोजन से ही मिल सकता है लेकिन यह सोच पूरी तरह सही नहीं है।आज के समय में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन न सिर्फ शाकाहारी लोगों के लिए बल्कि हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वालों की पहली पसंद बनता जा रहा है। भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में लोग मांसाहारी प्रोटीन छोड़कर पौधों से मिलने वाले प्रोटीन की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।

    क्यों बेहतर है प्लांट-बेस्ड प्रोटीन?
    पौधों से मिलने वाला प्रोटीन शरीर के लिए ज्यादा सुरक्षित और पचने में आसान माना जाता है। जहां मांसाहारी प्रोटीन के साथ कोलेस्ट्रॉल और सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है वहीं प्लांट-बेस्ड प्रोटीन में कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल नहीं होता। यही वजह है कि यह दिल की सेहत के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स से जहां कैल्शियम मिलता है वहीं बहुत से लोगों को लैक्टोज इन्टॉलरेंस की समस्या भी होती है जिससे गैस पेट दर्द और अपच जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसके विपरीत बादाम तिल और हरी सब्जियां कैल्शियम के बेहतरीन प्लांट-बेस्ड स्रोत हैं।

    फाइबर और एनर्जी का डबल फायदा
    प्लांट-बेस्ड प्रोटीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके साथ शरीर को भरपूर फाइबर भी मिलता है। फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। यही कारण है कि ऐसे लोग जो पौधों से प्रोटीन लेते हैं उनमें मोटापा और हृदय रोग का खतरा कम देखा जाता है।

    किन चीजों से लें प्लांट-बेस्ड प्रोटीन?
    आप अपनी रोज़मर्रा की डाइट में इन चीजों को शामिल कर सकते हैं-

    दालें मूंग मसूर अरहर
    सोया टोफू और सोया चंक्स

    राजमा चना और लोबिया

    सूखे मेवे और सीड्स बादाम कद्दू के बीज सूरजमुखी के बीज

    अंकुरित अनाज और साबुत अनाज

    हरी पत्तेदार सब्जियां

    कितना प्रोटीन है जरूरी?
    आम तौर पर शरीर के वजन के हिसाब से प्रोटीन की जरूरत तय की जाती है। यदि आपका वजन 50 किलोग्राम है तो रोजाना लगभग 50 ग्राम प्रोटीन लेना पर्याप्त माना जाता है। यह मात्रा आसानी से प्लांट-बेस्ड डाइट से पूरी की जा सकती है।

    डाइट में शामिल करने के आसान तरीके
    आप मूंग दाल को अंकुरित कर सलाद बना सकते हैं मूंग दाल या बेसन का चीला खा सकते हैं सब्जियों के साथ टोफू मिलाकर स्वादिष्ट भोजन बना सकते हैं या राजमा-बीन्स की टिक्की और कबाब ट्राय कर सकते हैं।कुल मिलाकर अगर आप बिना मांसाहार के भी मजबूत फिट और एनर्जेटिक रहना चाहते हैं तो प्लांट-बेस्ड प्रोटीन एक स्मार्ट और हेल्दी विकल्प है।