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  • नवरात्रि में माता रानी के स्वागत के लिए प्लेलिस्ट में शामिल करें ये 12 भजन, पूजा से लेकर माता की चौकी तक छाएगा भक्तिमय माहौल

    नवरात्रि में माता रानी के स्वागत के लिए प्लेलिस्ट में शामिल करें ये 12 भजन, पूजा से लेकर माता की चौकी तक छाएगा भक्तिमय माहौल


    नई दिल्ली । नवरात्रि का पर्व आते ही घरों और मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। भक्त माता की चौकी सजाते हैं, कलश स्थापना की तैयारी करते हैं और अखंड ज्योत जलाकर मां का स्वागत करते हैं। इस दौरान भक्ति संगीत का भी विशेष महत्व होता है। माता रानी के भजन पूजा के माहौल को भक्तिमय बनाने के साथ श्रद्धालुओं को अपनी आस्था व्यक्त करने का अवसर देते हैं। सुबह की पूजा से लेकर शाम की आरती और भजन संध्या तक, मां के गीत उत्सव की रौनक बढ़ा सकते हैं।

    नवरात्रि के लिए भजनों की प्लेलिस्ट तैयार करते समय ऐसे गीत चुने जा सकते हैं, जिनमें मां की ममता, भक्तों के प्रति विश्वास, देवी की महिमा और उनके दरबार की सुंदरता का वर्णन हो। कुछ भजन भक्त और माता के रिश्ते को भावनात्मक रूप से व्यक्त करते हैं, जबकि कुछ गीत नवरात्रि के आगमन और उत्सव की उमंग से जुड़े हैं। इस अवसर पर पुराने और नए भक्ति गीतों को एक साथ सुनने का विकल्प भी रखा जा सकता है।

    इस सूची में पहला भजन ‘माई है ना’ है। मां को अपना सहारा मानने वाले भक्तों के लिए यह गीत खास भाव रखता है। इसे सुबह की पूजा या दिन की शुरुआत के समय सुना जा सकता है। दूसरा भजन ‘मेरी मां के बराबर कोई नहीं’ है, जिसे पायल देव ने गाया है। यह गीत मां की ममता और उनके प्रति श्रद्धा की भावना को व्यक्त करता है। तीसरा भजन ‘मैं बालक तू माता’ है। इसके बोल भक्त और माता के बीच अटूट संबंध को दर्शाते हैं। इस गीत का आधुनिक संस्करण भी श्रोताओं के बीच लोकप्रिय है।

    चौथा गीत ‘मेरी माई जगदम्बा भवानी’ मां जगदम्बा की स्तुति से जुड़ा है। इसे प्लेलिस्ट में शामिल करके देवी के प्रति आस्था और श्रद्धा के भाव को स्थान दिया जा सकता है। पांचवां भजन ‘शेरावाली मां’ माता की स्तुति और उनके दरबार से जुड़ी भक्ति भावना को सामने लाता है। मां की सजावट, चुनरी और जयकारों के बीच इस तरह के गीत नवरात्रि के उत्सव के अनुकूल रहते हैं। छठा गीत ‘आई है नवरात्रि’ पर्व के आगमन की खुशी और उत्साह से जुड़ा है। इसे सुनकर पूजा की तैयारियों के दौरान उत्सवी माहौल बनाया जा सकता है।

    सातवां भजन ‘माई’ मां के दरबार में हाजिरी लगाने और उनके प्रति समर्पण व्यक्त करने की भावना से जुड़ा है। आठवां गीत ‘तेरे मंदिरों की शान निराली, री शेरावाली मां’ देवी के मंदिरों की सुंदरता, दरबार की रौनक और भक्तों की आस्था को केंद्र में रखता है। नौवां भजन ‘माता मेरी माता’ देवी के विभिन्न रूपों की महिमा का स्मरण कराने वाला गीत है। इन तीनों भजनों को माता की पूजा, भजन संध्या या घर में धार्मिक आयोजन के दौरान सुना जा सकता है।

    दसवां गीत ‘मैया का चोला है रंगला’ मां के श्रृंगार और रंग-बिरंगी चुनरी से जुड़े भावों को प्रस्तुत करता है। माता की चौकी सजाते समय या भजन संध्या में इसे शामिल किया जा सकता है। ग्यारहवां भजन ‘बिगड़ी मेरी बना दे’ मां के सामने अपनी परेशानियां रखने और उनसे सुख, शांति तथा साहस की कामना करने की भावना से जुड़ा है। बारहवां गीत ‘प्यारा सजा है तेरा द्वार’ माता के दरबार को सजाने और उनके स्वागत में भजन गाने की परंपरा से मेल खाता है। इसे कलश स्थापना, शाम की आरती या माता की चौकी से पहले सुना जा सकता है।

    नवरात्रि के नौ दिनों में इन 12 भजनों को अपनी पसंद के अनुसार प्लेलिस्ट में शामिल किया जा सकता है। सुबह की आरती, पूजा की तैयारी, माता की चौकी और शाम के धार्मिक आयोजन के लिए अलग-अलग गीत चुने जा सकते हैं। मां दुर्गा की स्तुति से जुड़े इन भजनों के माध्यम से परिवार के लोग एक साथ भक्ति के पल बिता सकते हैं और पर्व के दौरान श्रद्धा तथा उत्साह से भरा माहौल बना सकते हैं।

  • गणपति उत्सव में छाएगा भक्ति और जोश का रंग, बॉलीवुड के ये 10 गाने प्लेलिस्ट में जोड़कर बनाएं माहौल खास

    गणपति उत्सव में छाएगा भक्ति और जोश का रंग, बॉलीवुड के ये 10 गाने प्लेलिस्ट में जोड़कर बनाएं माहौल खास


    नई दिल्ली । गणपति उत्सव का माहौल भक्ति, उमंग और उत्साह से भरा होता है। बप्पा के स्वागत से लेकर आरती और विसर्जन तक हर पल में संगीत उत्सव की खुशी को और बढ़ा देता है। अगर पूजा-पाठ के साथ बॉलीवुड का रंग भी शामिल करना चाहते हैं, तो गणपति से जुड़े कई ऐसे गाने हैं जो लंबे समय से लोगों की पसंद बने हुए हैं। इन गीतों में भक्ति के साथ जोश, श्रद्धा और उत्सव की ऊर्जा भी महसूस होती है।

    गणपति उत्सव की शुरुआत के लिए ‘देवा श्री गणेशा’ को प्लेलिस्ट में शामिल किया जा सकता है। फिल्म ‘अग्निपथ’ का यह गीत अपनी दमदार धुन और भक्तिमय अंदाज के कारण गणपति समारोह में जोश भरने वाला गाना माना जाता है। आरती या उत्सव के दौरान इसकी ऊर्जा माहौल को खास बना सकती है।

    ‘मोरया रे’ भी गणपति उत्सव के रंग में पूरी तरह फिट बैठता है। फिल्म ‘डॉन’ से जुड़ा यह गीत बप्पा के जयकारों और उत्सव की ऊर्जा को सामने लाता है। गणपति पंडाल में इसे बजाने से माहौल में उत्साह और उमंग का रंग बढ़ सकता है।

    ‘गणपति बप्पा मोरया’ जैसे भक्तिमय गीत गणपति आराधना की भावना को मजबूत करते हैं। बप्पा के जयकारों के बीच ऐसे गीत उत्सव में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बनाए रखते हैं। वहीं ‘श्री गणेशा देवा’ भी गणपति आराधना के लिए एक लोकप्रिय विकल्प है।

    पूजा के दौरान ‘सिंदूर लाल चढ़ायो’ को भी प्लेलिस्ट में जगह दी जा सकती है। गणपति आराधना से जुड़े इस पारंपरिक भक्ति गीत का भाव पूजा के माहौल को भक्तिमय बनाने में मदद करता है।

    फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ का ‘गजानना’ गणपति उत्सव के लिए खास जोश लेकर आता है। इसकी तेज धुन और भव्य अंदाज समारोह के माहौल में उत्साह बढ़ा सकते हैं। घर में होने वाले छोटे आयोजन से लेकर बड़े गणपति समारोह तक यह गीत प्लेलिस्ट का हिस्सा बन सकता है।

    वहीं विसर्जन के समय ‘गणपती अपने गांव चले’ जैसे गीतों का भाव बिल्कुल अलग नजर आता है। बप्पा की विदाई के समय ऐसे गीत उत्सव की खुशी के साथ भावुक माहौल भी पैदा करते हैं।

    ‘हे गणराया’ भी गणपति भक्ति से जुड़ा गीत है। फिल्म ‘एबीसीडी 2’ का यह गाना आस्था और श्रद्धा की भावना को खूबसूरती से सामने लाता है। इसके अलावा ‘बप्पा मोरया रे’ जैसे जोशीले गीत भी गणपति समारोह में उत्साह बढ़ाने के लिए बजाए जा सकते हैं।

    गणपति विसर्जन के दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ की भावना उत्सव को भावुक अंदाज में पूरा करती है। बप्पा को विदाई देते समय अगले वर्ष फिर आने की कामना इस भाव को और खास बना देती है।

    गणपति उत्सव में संगीत सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि माहौल को यादगार बनाने का एक जरिया भी है। आरती के समय भक्तिमय गीत और सेलिब्रेशन के दौरान जोशीले गाने बजाकर भक्ति, उमंग और मस्ती का संतुलित रंग उत्सव में शामिल किया जा सकता है।