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  • PM आवास की कुटीर का सरिया तोड़ने से रोका तो दंपति पर हमला, पति का सिर फोड़ा

    PM आवास की कुटीर का सरिया तोड़ने से रोका तो दंपति पर हमला, पति का सिर फोड़ा


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के कनाखेड़ी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी कुटीर को लेकर विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। कुटीर की छत से सरिया तोड़ने का विरोध करना एक दंपति को भारी पड़ गया। आरोप है कि गांव के दो भाइयों ने मिलकर पति-पत्नी पर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला कर दिया। हमले में पति के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि बीच-बचाव करने पहुंची पत्नी को भी बेरहमी से पीटा गया। दोनों घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, कनाखेड़ी गांव निवासी 34 वर्षीय इंदर सिंह चिडार शनिवार शाम करीब सात बजे अपने घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान गांव का गोलू चिडार वहां पहुंचा। इंदर सिंह ने उससे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी अपनी कुटीर की छत से सरिया तोड़ने को लेकर सवाल किया। आरोप है कि यह बात सुनते ही गोलू चिडार गुस्से में आ गया और गाली-गलौज करने लगा।

    पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने आरोपी को गालियां देने से रोका तो उसने पास में पड़ा डंडा उठाकर सीधे उनके सिर पर हमला कर दिया। डंडे का वार इतना तेज था कि इंदर सिंह के सिर से खून बहने लगा। इसके बाद आरोपी ने लाठियों से भी उनकी पिटाई की, जिससे उनके हाथ-पैर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं।

    मारपीट की आवाज सुनकर इंदर सिंह की पत्नी अमृता चिडार अपने पति को बचाने के लिए मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि तभी गोलू चिडार के भाई आशु ने भी हमला कर दिया। उसने अमृता के साथ लात-घूंसों से मारपीट की और धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। इस दौरान महिला को भी हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग निकले।

    घायल दंपति को परिजन तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां दोनों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार इंदर सिंह के सिर में गंभीर चोट आई है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

    घटना की सूचना मिलने पर पोहरी थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपी गोलू चिडार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से जुड़े सभी तथ्यों और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजना के तहत बने मकान को लेकर शुरू हुआ यह विवाद हिंसा में बदलने से इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

  • पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार का खुलासा, दमोह में पंचायत सचिव रंगे हाथ पकड़ा गया

    पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार का खुलासा, दमोह में पंचायत सचिव रंगे हाथ पकड़ा गया


    नई दिल्ली।  दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक की तेजगढ़ ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। पंचायत सचिव जुगराज सिंह लोधी को सागर लोकायुक्त पुलिस ने 6000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई सोमवार दोपहर पंचायत भवन में की गई। लोकायुक्त टीम ने सचिव को रिश्वत लेते पकड़ने के बाद पंचायत चौकीदार गुड्डा रैकवार को भी आरोपी बनाया है। बताया जा रहा है कि रिश्वत की रकम सचिव ने लेने के बाद चौकीदार को थमा दी थी।

    हाथ धुलवाए तो निकला लाल रंग
    लोकायुक्त अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों के हाथ धुलवाए, जिसमें उनके हाथों से लाल रंग निकल आया। इससे यह साफ हो गया कि दोनों ने रिश्वत के नोटों को छुआ था।
    यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस द्वारा पूर्व योजना के तहत की गई थी।

    पीएम आवास की दूसरी किस्त रोककर बनाया दबाव
    तेजगढ़ निवासी महेंद्र कोष्ठी ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाख 20 हजार रुपये स्वीकृत हुए थे।
    महेंद्र के अनुसार, दूसरी किस्त जारी करने के बदले पंचायत सचिव ने 15 हजार रुपये की मांग की थी। जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया तो उनकी किस्त रोक दी गई।

    पहले 4 हजार दिए, फिर लोकायुक्त को दी सूचना
    पीड़ित ने बताया कि सचिव ने बाद में रकम घटाकर 6000 रुपये कर दी थी। महेंद्र पहले ही 4000 रुपये दे चुके थे और बाकी रकम देते समय उन्होंने लोकायुक्त पुलिस को सूचना दे दी।
    16 अप्रैल को सागर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज होने के बाद टीम ने जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

    भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज
    लोकायुक्त निरीक्षक मंजू किरण तिर्की ने बताया कि पंचायत सचिव जुगराज सिंह और चौकीदार गुड्डा रैकवार दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

    सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार की यह घटना एक बार फिर व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। गरीबों के लिए बनी योजनाओं में रिश्वतखोरी आम लोगों की परेशानियां बढ़ा रही है। लोकायुक्त की कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
  • ग्वालियर: PM आवास की पानी टंकी में मरी छिपकलियां, 1300 परिवारों में दहशत

    ग्वालियर: PM आवास की पानी टंकी में मरी छिपकलियां, 1300 परिवारों में दहशत


    ग्वालियर । ग्वालियर के मानपुर क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने फ्लैटों की पानी टंकी में मरी हुई पांच छिपकलियां मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। इस टंकी से लगभग 1300 फ्लैटों में रहने वाले 5 हजार लोगों को पानी की आपूर्ति होती है।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि फेस वन के ब्लॉक ई 52 की टंकी में पानी की क्वॉलिटी पर पहले से ही शक था। पानी में गंदगी और बदबू महसूस होने के बाद कुछ लोगों ने टंकी की जांच की। ढक्कन खोलने पर टंकी में मरी हुई छिपकलियां पाई गईं। रहवासियों ने इन्हें बाहर निकाला और पूरे घटना का वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    कॉलोनी निवासी अनिक राभास नीलकमल मुदगल ने बताया कि टंकी में मरी छिपकलियों को उन्होंने बाहर निकाला और घटना का वीडियो भी बनाया। उनका कहना है कि कॉलोनी में सफाई और रखरखाव की स्थिति बहुत खराब है। नगर निगम की ओर से पर्याप्त सफाई कर्मी नहीं हैं और महीनों से कचरा नहीं उठाया गया।

    रहवासी राजेंद्र शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अच्छे घर बने हैं, लेकिन नगर निगम की लापरवाही के कारण उनका सही उपयोग नहीं हो पा रहा। विकास तोमर ने बताया कि पिछले महीने नगर निगम और कलेक्टर को शिकायत देने के बाद सिर्फ दो टंकियों की सफाई हुई, जबकि 45 से अधिक टैंक अभी भी गंदे पड़े हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश घरों में आरओ या फिल्टर सिस्टम नहीं है और सीधे टंकी का पानी पीने और खाना बनाने में इस्तेमाल हो रहा है। इस घटना के बाद कई परिवारों ने टंकी का पानी पीना बंद कर दिया और बाहर से आरओ या कैन का पानी मंगाने लगे हैं।

    फ्लैटों में रहने वालों का आरोप है कि पिछले दो साल से पानी टंकी की नियमित सफाई नहीं हुई। ढक्कन भी ठीक से बंद नहीं है, जिससे कीड़े मकोड़े या अन्य जीव अंदर गिर सकते हैं। कॉलोनी के प्रतिनिधियों ने नगर निगम अधिकारियों से मुलाकात कर समस्या बताई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिया ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इंदौर में हुई घटना के बाद ग्वालियर में भी टंकियों की सफाई और ढकने की व्यवस्था कराई गई थी।