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  • MP हाईकोर्ट के जज अवनिंद्र सिंह की अनोखी मिसाल: GPF के पूरे 1.1 करोड़ रुपये PM CARES Fund को देंगे

    MP हाईकोर्ट के जज अवनिंद्र सिंह की अनोखी मिसाल: GPF के पूरे 1.1 करोड़ रुपये PM CARES Fund को देंगे


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह ने अपने रिटायरमेंट के मौके पर ऐसा संकल्प लिया है जिसकी चर्चा हो रही है। 18 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए जस्टिस सिंह ने 17 सितंबर को आयोजित अपने विदाई समारोह में घोषणा की कि उन्हें रिटायरमेंट के बाद जनरल प्रोविडेंट फंड यानी GPF से मिलने वाली पूरी राशि करीब 1.1 करोड़ रुपये वह PM CARES Fund में दान करेंगे। उन्होंने कहा कि यह राशि राष्ट्र निर्माण के काम में उपयोग हो सके इसलिए वह इसे अपने पास रखने के बजाय दान करने का फैसला कर रहे हैं।

    जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह ने विदाई समारोह में अपने जीवन और न्यायिक सेवा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि रिटायरमेंट उनके लिए जीवन का अंत नहीं बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है। उनके मुताबिक व्यक्ति केवल पूजा करके ही ईश्वर की सेवा नहीं करता बल्कि समाज और धरती पर मौजूद जीवन तथा अन्य संसाधनों की देखभाल करके भी अपनी जिम्मेदारी निभा सकता है। इसी सोच के तहत उन्होंने अपनी पत्नी के साथ एक और महत्वपूर्ण संकल्प लिया है।

    जस्टिस सिंह और उनकी पत्नी ने मृत्यु के बाद अपने शरीर को मेडिकल स्टडी और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए दान करने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए दोनों ने मेडिकल कॉलेज में संकल्प लिया है। उनका कहना है कि मृत्यु के बाद भी शरीर का उपयोग अगर चिकित्सा शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए हो सके तो इससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ मिल सकता है। उनके इस निर्णय को विदाई समारोह में मौजूद लोगों ने भी महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा।

    अपने भाषण के दौरान जस्टिस सिंह ने अपने बचपन की यादों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उनकी मां के निधन के बाद उनकी मौसी ने उन्हें अपने बेटे की तरह पाला। उन्होंने अपने पिता अपनी मौसी और मौसी के पति के प्रभाव का भी उल्लेख किया। जस्टिस सिंह ने बताया कि उनकी मौसी हमेशा उन्हें मेहनत और ईमानदार प्रयास के महत्व की सीख देती थीं। उनके अनुसार जीवन में सफलता का कोई आसान रास्ता नहीं होता और मेहनत तथा सच्ची कोशिश के बिना हासिल की गई सफलता लंबे समय तक कायम नहीं रहती।

    जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह का न्यायिक करियर भी लंबा रहा है। उन्होंने 31 मई 1990 को सिविल जज क्लास-2 के तौर पर न्यायिक सेवा में प्रवेश किया था। इसके बाद उन्होंने न्यायिक सेवा में अलग अलग जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2018 में उन्हें छतरपुर में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज के पद पर नियुक्त किया गया। इसके बाद 2022 में उन्होंने धार में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज के तौर पर जिम्मेदारी संभाली।

    इसके बाद 1 मई 2023 को जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज के रूप में शपथ ली। करीब तीन साल तक हाईकोर्ट में न्यायिक जिम्मेदारी निभाने के बाद वह 18 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए। अपने विदाई भाषण के अंत में उन्होंने रिटायरमेंट को किसी यात्रा का अंतिम पड़ाव मानने के बजाय एक नए मंच से समाज के लिए काम करने की शुरुआत बताया।

    करीब 1.1 करोड़ रुपये की GPF राशि दान करने और पत्नी के साथ देहदान का संकल्प लेने की घोषणा ने उनके विदाई समारोह को खास बना दिया। उनका यह फैसला न्यायिक सेवा से विदाई के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को आगे भी जारी रखने की उनकी सोच को सामने रखता है।

  • PM केयर्स फंड के घरेलू चंदे में आई 30 फीसदी की गिरावट….. विदेशी चंदा भी तेजी से घटा

    PM केयर्स फंड के घरेलू चंदे में आई 30 फीसदी की गिरावट….. विदेशी चंदा भी तेजी से घटा


    नई दिल्ली।
    पीएम केयर्स फंड (PM CARES Fund) को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान ‘पीएम केयर्स’ (PM CARES) को मिलने वाले घरेलू चंदे (Domestic donations) में 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। घरेलू चंदा अब महज 479 करोड़ रुपये रह गया। वहीं विदेशी चंदा (Foreign contribution) 18 प्रतिशत गिरावट के साथ 92.8 लाख रुपये हो गया। पूरी डीटेल पीएम केयर्स फंड की ऑडिट रिपोर्ट में यह सामने आई है।

    रिपोर्ट के मुताबिक पीएम केयर्स फंड (प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं आपातकालीन राहत कोष) में 31 मार्च, 2025 को कुल 8,452 करोड़ रुपये थे। एक साल पहले यह राशि 7,173 करोड़ रुपये थी। रिपोर्ट के अनुसार इसमें से 7,846 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा हैं और 605 करोड़ रुपये बचत खाता में रखे गए थे।

    वित्त वर्ष 2023-24 में पीएम केयर्स कोष को 681.8 करोड़ रुपये घरेलू चंदा मिला था, जबकि कुल 1.13 करोड़ रुपये का विदेशी चंदा मिला था। कोष ने 2024-25 के दौरान पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन स्कीम पर 87.8 लाख रुपये खर्च किए हैं, जो इससे एक साल पहले के 15.37 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी कम है। साल 2024-25 के दौरान 87.85 लाख रुपये का भुगतान किया गया, जबकि उससे पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 15.6 करोड़ रुपये का था।


    संकटपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए शुरुआत

    बता दें कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पीएम केयर्स फंड की स्थापना मुख्य रूप से किसी भी प्रकार की आपातकालीन या संकटपूर्ण स्थिति से निपटने और प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से की थी। इसे एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत किया गया था। प्रधानमंत्री इस कोष के अध्यक्ष होते हैं। यह कोष पूरी तरह से स्वैच्छिक चंदे से चलता है और इसे कोई बजटीय सहायता नहीं मिलती है।