Tag: PM Modi Statement

  • पहलगाम हमले पर भारत के साथ खड़ा वियतनाम, पीएम मोदी ने जताया आभार..

    पहलगाम हमले पर भारत के साथ खड़ा वियतनाम, पीएम मोदी ने जताया आभार..

    नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय बातचीत के दौरान भारत और वियतनाम के बीच संबंधों को नई दिशा देने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करने और कठिन समय में भारत के साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए वियतनाम का धन्यवाद किया।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुटता बेहद आवश्यक है और इस चुनौतीपूर्ण समय में वियतनाम का समर्थन भारत के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप को स्वीकार नहीं करता और इसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत है।

    बातचीत के दौरान दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और वियतनाम के रिश्ते केवल कूटनीतिक या आर्थिक नहीं हैं, बल्कि यह साझा सभ्यताओं और आध्यात्मिक परंपराओं से भी जुड़े हुए हैं। बोधगया जैसे स्थानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया।

    प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले वर्षों में दोनों देशों के बीच संबंधों में लगातार मजबूती आई है। व्यापार, तकनीक और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है और अब यह साझेदारी एक नए स्तर पर पहुंच रही है। दोनों देश अब अपने संबंधों को और व्यापक और रणनीतिक रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

    इस दौरान यह भी सहमति बनी कि भारत और वियतनाम आने वाले समय में सुरक्षा, आर्थिक विकास और आपूर्ति श्रृंखला जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेंगे। दोनों देशों का लक्ष्य है कि वे एक-दूसरे की विकास यात्रा में मजबूत साझेदार बनें और वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना करें।

    प्रधानमंत्री ने वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान समय में भारत और वियतनाम दोनों तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं। ऐसे में आपसी सहयोग न केवल दोनों देशों के विकास को गति देगा बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक सकारात्मक संदेश देगा।

    उन्होंने बुद्ध के उपदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति दूसरों के लिए प्रकाश फैलाता है, तो उसका लाभ स्वयं को भी मिलता है। इसी भावना के साथ दोनों देश एक-दूसरे के विकास और लक्ष्यों का समर्थन करते हुए आगे बढ़ेंगे।

    इस पूरे संवाद से यह स्पष्ट संकेत मिला कि भारत और वियतनाम के बीच संबंध अब एक नए और मजबूत चरण में प्रवेश कर चुके हैं, जहां सहयोग केवल औपचारिकता नहीं बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

  • पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी: देश ने याद किए पीड़ित, पीएम मोदी ने दिया सख्त संदेश

    पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी: देश ने याद किए पीड़ित, पीएम मोदी ने दिया सख्त संदेश


    नई दिल्ली ।  पहलगाम आतंकी हमले को एक वर्ष पूरा होने पर देशभर में पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दर्दनाक घटना ने जम्मू कश्मीर के शांत माने जाने वाले पर्यटन स्थल को अचानक हिंसा और दहशत के केंद्र में बदल दिया था। बरसी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पीड़ितों को याद करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के मजबूत रुख को दोहराया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह घटना केवल एक आतंकी हमला नहीं थी, बल्कि देश की आत्मा पर लगा ऐसा घाव है जिसे समय भी आसानी से भर नहीं सकता।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के सामने झुकने वाला नहीं है और देश की एकता तथा संकल्प शक्ति ऐसे समय में और मजबूत होती है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। यह संदेश ऐसे समय आया जब देश इस घटना की पहली बरसी पर उन सभी लोगों को याद कर रहा था जिन्होंने अपनी जान गंवाई थी।

    यह हमला 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम क्षेत्र में हुआ था, जब बड़ी संख्या में पर्यटक वहां मौजूद थे। अचानक हुए इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक शामिल थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और घाटी में पर्यटन गतिविधियों पर भी इसका गहरा असर पड़ा था। उस समय की भयावह स्थिति और उसके बाद का माहौल लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहा।

    सुरक्षा एजेंसियों की जांच में इस हमले के पीछे एक आतंकी संगठन से जुड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आई थी, जो सीमा पार स्थित संरचनाओं से जुड़ा बताया गया। जांच में यह भी संकेत मिले कि यह हमला पूर्व नियोजित था और इसका उद्देश्य क्षेत्र में भय और अस्थिरता पैदा करना था। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर कदम उठाए गए।

    हमले के बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने एक विशेष अभियान चलाया था, जिसके तहत सीमा पार स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई को रणनीतिक और सीमित उद्देश्य वाला बताया गया था, जिसका लक्ष्य केवल आतंकी ढांचे को कमजोर करना था। इस कदम ने यह संदेश दिया कि देश अब किसी भी आतंकी घटना का जवाब अधिक संगठित और निर्णायक तरीके से देगा।

    पहलगाम की इस घटना की बरसी पर देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने मौन रखकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। यह दिन केवल एक स्मरण नहीं रहा, बल्कि उस संकल्प का प्रतीक भी बना जिसमें आतंकवाद के खिलाफ निरंतर संघर्ष और सतर्कता की आवश्यकता को दोहराया गया। स्थानीय लोगों के लिए यह दिन आज भी उस भयावह अनुभव की याद दिलाता है जिसने उनके जीवन को गहराई से प्रभावित किया था।

    यह बरसी इस बात की भी याद दिलाती है कि सुरक्षा और शांति केवल एक घटना के बाद की प्रतिक्रिया नहीं हो सकती, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है जिसमें समाज, सरकार और सुरक्षा व्यवस्था सभी की साझा भूमिका होती है। पहलगाम की घटना ने देश को यह संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लंबी है और इसमें एकजुटता सबसे बड़ी ताकत है।

  • धरती की समृद्धि का उत्सव! पीएम मोदी ने विश्व वन्यजीव दिवस पर रखा पर्यावरण संरक्षण पर जोर

    धरती की समृद्धि का उत्सव! पीएम मोदी ने विश्व वन्यजीव दिवस पर रखा पर्यावरण संरक्षण पर जोर


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए संदेश में कहा कि विश्व वन्यजीव दिवस हमारे ग्रह को समृद्ध करने वाली अद्भुत जैव विविधता का उत्सव मनाने का अवसर है। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के प्रति समर्पित व्यक्तियों के योगदान की सराहना की और कहा कि हमें वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि हमारा वन्य जीवन फलता-फूलता रहे।

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला: संरक्षण हमारा संवैधानिक दायित्व
    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं। जैव विविधता का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की सुरक्षा का आधार है। उन्होंने भारत में वन और वन्यजीव संरक्षण की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में रामसर आर्द्रभूमियों की संख्या लगभग 100 तक पहुंच गई है। बिरला ने वन्यजीवों की रक्षा को कानूनी और नैतिक दायित्व बताते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प साझा किया।

    जम्मू-कश्मीर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा: सतत विकास और तालमेल
    जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि विश्व वन्यजीव दिवस पर हमें वन्य जीवन बचाने, इकोसिस्टम की रक्षा करने और इंसानी तरक्की तथा प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

    केंद्रीय मंत्रियों के संदेश
    केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि विश्व वन्यजीव दिवस मनाते हुए हमें अपनी जैव विविधता को खतरों से बचाने और पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए।

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जंगलों से लेकर समुद्रों तक, हर प्रजाति प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण है। वन्यजीवों की रक्षा करना केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा फर्ज है।

    विश्व वन्यजीव दिवस केवल जश्न का दिन नहीं, बल्कि जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का अवसर है। भारत में नेतृत्वकर्ता और नागरिक मिलकर वन्य जीवन, पारिस्थितिकी तंत्र और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने का संकल्प ले रहे हैं। यह दिन हर व्यक्ति को याद दिलाता है कि पृथ्वी की समृद्धि और संतुलन बनाए रखना हमारा साझा दायित्व है।