Tag: PNB

  • बैंकिंग नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मौका, पंजाब नेशनल बैंक में एलबीओ भर्ती की आवेदन तारीख बढ़ी

    बैंकिंग नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मौका, पंजाब नेशनल बैंक में एलबीओ भर्ती की आवेदन तारीख बढ़ी


    नई दिल्ली ।
    बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पंजाब नेशनल बैंक ने आवेदन का एक और मौका दिया है। बैंक ने लोकल बैंक ऑफिसर यानी एलबीओ के 545 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। पहले इन पदों के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 9 अगस्त निर्धारित की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 16 अगस्त 2026 कर दिया गया है। ऐसे में पात्र उम्मीदवारों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।

    पंजाब नेशनल बैंक की इस भर्ती में देश के अलग-अलग राज्यों में लोकल बैंक ऑफिसर के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। कुल 545 रिक्तियों में आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों को शामिल किया गया है। सबसे अधिक रिक्तियों वाले राज्यों में असम में 85, पश्चिम बंगाल में 80, कर्नाटक में 78, गुजरात में 77 और महाराष्ट्र में 67 पद शामिल हैं।

    इसके अलावा तेलंगाना में 41, तमिलनाडु में 51, जम्मू एवं कश्मीर में 9, लद्दाख में 2, अरुणाचल प्रदेश में 4, मणिपुर में 6, मेघालय में 8, मिजोरम में 5, नगालैंड में 5, सिक्किम में 5 और त्रिपुरा में 18 पद निर्धारित किए गए हैं। आंध्र प्रदेश में 4 पदों पर भर्ती होगी। इस तरह अलग-अलग राज्यों के लिए तय रिक्तियों के आधार पर उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।

    एलबीओ पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होना जरूरी है। इसके साथ ही अभ्यर्थी को उस राज्य की निर्धारित स्थानीय भाषा का पर्याप्त ज्ञान होना चाहिए, जिसके लिए वह आवेदन कर रहा है। स्थानीय भाषा में पढ़ने, लिखने और बोलने की क्षमता भर्ती प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।

    आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 20 वर्ष और अधिकतम उम्र 30 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 1 जुलाई के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा। इसलिए आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों के लिए अपनी पात्रता और आयु सीमा से जुड़े सभी मानकों की जांच करना जरूरी होगा।

    उम्मीदवारों का चयन एक निर्धारित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। इसमें ऑनलाइन लिखित परीक्षा के बाद स्क्रीनिंग, स्थानीय भाषा दक्षता परीक्षा यानी एलएलपीटी और व्यक्तिगत साक्षात्कार शामिल होगा। सभी चरणों में निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को अंतिम चयन के लिए योग्य माना जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को 48,480 रुपये से लेकर 85,920 रुपये तक मासिक वेतनमान मिलेगा। इसके अलावा बैंक के नियमों के अनुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

    आवेदन शुल्क भी उम्मीदवार की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग निर्धारित किया गया है। सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए शुल्क 1,180 रुपये रखा गया है, जबकि एससी और एसटी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 59 रुपये निर्धारित है। शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाना होगा।

    आवेदन प्रक्रिया 20 जुलाई से शुरू हुई थी और अब उम्मीदवार 16 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि बढ़ने से उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है जो किसी कारण से पहले निर्धारित समयसीमा में फॉर्म नहीं भर सके थे। हालांकि आवेदन की अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय पात्र उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन पूरा करना बेहतर रहेगा, ताकि दस्तावेजों, शुल्क भुगतान या आवेदन से जुड़ी किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में पर्याप्त समय मिल सके।

  • नकली सोने पर 43 लाख का गोल्ड लोन! PNB में कथित फर्जीवाड़े का खुलासा, 15 लोगों पर FIR दर्ज

    नकली सोने पर 43 लाख का गोल्ड लोन! PNB में कथित फर्जीवाड़े का खुलासा, 15 लोगों पर FIR दर्ज


    मध्यप्रदेश। जबलपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सदर शाखा से जुड़ा एक बड़ा बैंकिंग फर्जीवाड़ा सामने आया है। बैंक प्रबंधन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो अधिकृत गोल्ड वैल्यूअर्स सहित 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि बैंक में नकली सोना गिरवी रखकर उसे असली बताने की रिपोर्ट तैयार की गई और उसके आधार पर करीब 43 लाख रुपए का गोल्ड लोन स्वीकृत करा लिया गया। मामले के सामने आने के बाद बैंकिंग व्यवस्था और गोल्ड लोन प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    पुलिस के अनुसार यह कथित फर्जीवाड़ा दिसंबर 2023 से अक्टूबर 2024 के बीच किया गया। शिकायत में कहा गया है कि बैंक द्वारा अधिकृत गोल्ड वैल्यूअर ने कुछ ग्राहकों के साथ मिलकर नकली आभूषणों को असली सोना प्रमाणित किया। बैंक ने वैल्यूअर की रिपोर्ट पर भरोसा करते हुए गोल्ड लोन स्वीकृत कर दिया और संबंधित आभूषण बैंक के लॉकर में सुरक्षित रख दिए गए।

    जानकारी के मुताबिक बैंक ने न्यू रामनगर स्थित एक ज्वेलरी कारोबारी को गोल्ड वैल्यूअर के रूप में अधिकृत किया था। आरोप है कि उन्होंने बैंक में आए कई ग्राहकों के नकली सोने को अपनी जांच रिपोर्ट में असली बताया, जिसके आधार पर लोन स्वीकृत हुए। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक अन्य अधिकृत वैल्यूअर ने भी एक मामले में कथित रूप से नकली आभूषणों को असली प्रमाणित किया।

    मामले का खुलासा तब हुआ जब गोल्ड लोन लेने वाले कई खाताधारकों ने निर्धारित अवधि के बाद भी अपनी किस्तें जमा नहीं कीं। बैंक की ओर से नोटिस जारी किए गए, लेकिन अपेक्षित जवाब नहीं मिलने पर अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद लॉकर में रखे गए गिरवी आभूषणों की दोबारा जांच कराई गई। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि जिन आभूषणों के आधार पर लोन स्वीकृत किए गए थे, उनमें से कई नकली थे।

    इसके बाद बैंक प्रबंधन ने पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू की और फरवरी 2026 में पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है।

    कैंट थाना पुलिस के मुताबिक शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब सभी आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा बैंक को हुए नुकसान की वास्तविक राशि कितनी है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस तरह के अन्य मामले भी सामने आए हैं।

    बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि गोल्ड लोन प्रक्रिया में वैल्यूअर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह बैंकिंग व्यवस्था में विश्वास को प्रभावित करने वाला गंभीर मामला माना जाएगा। हालांकि मामले में दर्ज आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

    फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश जारी है। बैंक प्रबंधन भी मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है। पूरे घटनाक्रम पर अब जांच एजेंसियों और बैंक अधिकारियों की नजर बनी हुई है।