Tag: POCSO Act

  • उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, हाईकोर्ट का सजा निलंबन आदेश रद्द, जेल में रहना तय

    उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, हाईकोर्ट का सजा निलंबन आदेश रद्द, जेल में रहना तय


    नई दिल्ली। उन्नाव रेप केस में दोषी करार दिए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सेंगर की सजा को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था। इस फैसले के बाद अब उनकी सजा बरकरार रहेगी और उन्हें जेल में ही रहना होगा।

    सुप्रीम कोर्ट में यह मामला CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने आया, जहां मामले से जुड़े कई कानूनी पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई हुई। अदालत ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट द्वारा सजा निलंबन का आदेश सही नहीं था, इसलिए उसे निरस्त किया जाता है।

    सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि इस मामले में CBI की अपील अभी दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है। वहीं वरिष्ठ वकील एन. हरिहरन ने दलील दी कि पीड़िता नाबालिग नहीं थी और AIIMS बोर्ड की रिपोर्ट भी आरोपी के पक्ष में संकेत देती है, लेकिन इसके बावजूद सजा जारी है।

    इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वर्तमान में मुख्य मुद्दा सजा निलंबन से जुड़ा है, जबकि मामले में कई गंभीर कानूनी बिंदु हैं जिन पर विस्तार से विचार आवश्यक है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने मेरिट (मामले की गहराई) पर कोई अंतिम राय नहीं दी है।

    सुनवाई के दौरान यह भी चर्चा हुई कि क्या विधायक को POCSO कानून के तहत ‘पब्लिक सर्वेंट’ माना जा सकता है। जस्टिस बागची ने कहा कि यह मामला बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा है, इसलिए कानून की व्याख्या अत्यंत सावधानी से होनी चाहिए।

    सुप्रीम कोर्ट ने अंत में हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि वह मुख्य अपील पर जल्द से जल्द सुनवाई करे। यदि जल्दी सुनवाई संभव न हो, तो सजा निलंबन की अर्जी पर नया निर्णय लिया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि हाईकोर्ट इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना स्वतंत्र रूप से निर्णय ले।

    इस फैसले के बाद कुलदीप सिंह सेंगर की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं और फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना होगा।

  • पड़ोस बना काल: नर्मदापुरम में मासूम बच्ची से पड़ोसी ने पार की मर्यादा, FIR दर्ज होते ही आरोपी फरार

    पड़ोस बना काल: नर्मदापुरम में मासूम बच्ची से पड़ोसी ने पार की मर्यादा, FIR दर्ज होते ही आरोपी फरार



    नई दिल्ली । नर्मदापुरम जिले के केसला थाना क्षेत्र में एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक 50 वर्षीय व्यक्ति ने मानवता को ताक पर रखकर 11 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की कोशिश की। यह घटना 8 मई की शाम की है, जिसने पूरे इलाके में आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर दिया है।

    पड़ोसी की शर्मनाक करतूत: घर में अकेला पाकर की छेड़छाड़
    घटना उस वक्त हुई जब बच्ची की मां किसी जरूरी काम से सुखतवा गई हुई थी। घर में 11 साल की मासूम अपनी 5 साल की छोटी बहन के साथ अकेली थी। सूने घर और बच्चियों को अकेला देख पड़ोस में रहने वाले बुद्धू चाचा उर्फ नर्मदा प्रसाद की नीयत डोल गई।

    आरोपी चुपके से घर में दाखिल हुआ और मासूम बच्ची को बुरी नीयत से दबोच लिया। आरोपी ने बच्ची के साथ ‘बैड टच’ और छेड़छाड़ शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से बच्ची बुरी तरह घबरा गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और शोर मचाना शुरू कर दिया। मासूम की चीखें सुनकर आरोपी पकड़े जाने के डर से मौके से फरार हो गया।

    मां के लौटते ही खुला राज, पुलिस ने कसा शिकंजा
    शाम करीब 6 बजे जब मां घर लौटी, तो उसने अपनी बेटी को डरा-सहमा और रोता हुआ पाया। पूछने पर मासूम ने ‘बुद्धू चाचा’ की सारी सच्चाई बयां कर दी। अपनी कलेजे के टुकड़े के साथ हुई इस हरकत को सुनकर मां तुरंत उसे लेकर केसला थाने पहुंची।

    पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति:
    केस दर्ज: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और छेड़छाड़ की अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

    आरोपी की पहचान: आरोपी नर्मदा प्रसाद सीपीई (CPE) में एक प्राइवेट कर्मचारी के रूप में कार्यरत है। फरार आरोपी: वारदात को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी फरार है। पुलिस की टीमें लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। केसला थाना प्रभारी मदन लाल पवार ने आश्वासन दिया है कि आरोपी की तलाश के लिए टीमें पिछले दो दिनों से सक्रिय हैं और जल्द ही उसे सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

  • भोपाल में मासूम से हैवानियत: 5 साल की बच्ची से रेप, 75 साल का पड़ोसी वकील गिरफ्तार, नाना बनकर किया भरोसे का कत्ल

    भोपाल में मासूम से हैवानियत: 5 साल की बच्ची से रेप, 75 साल का पड़ोसी वकील गिरफ्तार, नाना बनकर किया भरोसे का कत्ल



    भोपाल। भोपाल में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां 5 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घिनौने अपराध को अंजाम देने वाला कोई अजनबी नहीं, बल्कि पड़ोस में रहने वाला 75 वर्षीय वकील निकला, जिसे बच्ची ‘नाना’ कहकर बुलाती थी।

    जानकारी के मुताबिक, पीड़िता के पिता डिफेंस ऑफिसर हैं और परिवार हबीबगंज इलाके में रहता है। आरोपी अपनी बेटी और नातिन के साथ रहता था। पीड़िता अक्सर उसकी नातिन के साथ खेलने जाती थी। इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।

    घटना 3 मई की है
    घटना 3 मई की है, जब बच्ची खेलने के लिए आरोपी के घर गई थी। इसी दौरान आरोपी उसे बहाने से एक कमरे में ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। मासूम को उस समय कुछ समझ नहीं आया, लेकिन घर लौटने के बाद उसने अपनी मां से प्राइवेट पार्ट में दर्द की शिकायत की।

    डॉक्टर ने दुष्कर्म की आशंका जताई
    मां ने जब जांच की तो खरोंच के निशान मिले, जिसके बाद बच्ची को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया गया। डॉक्टर ने दुष्कर्म की आशंका जताई, जिसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पूछताछ के दौरान बच्ची ने बताया कि ‘नाना’ ने उसके साथ गलत हरकत की।

    छेड़छाड़ की बात कबूल कर ली।
    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और रेप का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में उसने छेड़छाड़ की बात कबूल कर ली। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

    यह घटना एक बार फिर समाज को झकझोरती है कि बच्चों की सुरक्षा सिर्फ बाहर नहीं, बल्कि अपने आसपास के लोगों से भी खतरे में हो सकती है। ऐसे में अभिभावकों को और सतर्क रहने की जरूरत है।

  • बैतूल में नाबालिग किशोरी का अपहरण और सौदा, तीन गिरफ्तार, एक फरार

    बैतूल में नाबालिग किशोरी का अपहरण और सौदा, तीन गिरफ्तार, एक फरार


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक नाबालिग किशोरी के अपहरण और उसे अवैध रूप से बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने सक्रिय कार्रवाई करते हुए किशोरी को सुरक्षित बरामद किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।

    जानकारी के अनुसार, मामला थाना मोहदा क्षेत्र का है। पीड़ित परिवार के पिपरिया निवासी फरियादी ने 6 नवंबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री 4 नवंबर की शाम घर से लापता हो गई थी। इसके बाद परिवार ने पुलिस से तत्काल मदद मांगी। पुलिस ने रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद जांच शुरू की और नाबालिग की खोज में जुट गई।

    जांच में सामने आया कि नाबालिग को कुछ आरोपियों ने अपहरण कर उसे डेढ़ लाख रुपये में बेचने का प्रयास किया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामला को गंभीरता से लिया और भारतीय दंड संहिता के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया।

    पुलिस ने स्थानीय और आस-पास के इलाकों में छापेमारी कर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की। खोजबीन के दौरान नाबालिग किशोरी को सुरक्षित बरामद किया गया और उसे परिवार के पास लौटा दिया गया। इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

    थाना मोहदा पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस के सामने रखी है। पुलिस इस मामले में पूरे जिले में सतर्कता बढ़ा चुकी है और फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए अभियान चला रही है।

    इस घटना ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने कहा है कि नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिले में लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है और सभी माता-पिता से अपील की गई है कि अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई न होने पर नाबालिगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसलिए परिवार और समाज को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    बैतूल पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लोगों को भरोसा दिलाया है कि सभी आरोपी कानून के अनुसार सख्त सजा पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पॉक्सो अधिनियम के तहत नाबालिगों के साथ होने वाले अपराधों में कोई ढील नहीं दी जाएगी और जल्द ही फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    इस सनसनीखेज घटना ने बच्चों की सुरक्षा, अभिभावकों की सतर्कता और पुलिस की तत्परता के महत्व को फिर से सामने रखा है। पुलिस और प्रशासन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से न केवल पीड़ित परिवार, बल्कि पूरे समाज को सचेत रहने की जरूरत है।

  • दतिया में मासूमियत का कत्ल: प्रेम में मिला धोखा तो 14 वर्षीय किशोरी ने चुन ली मौत, प्रेमी पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज

    दतिया में मासूमियत का कत्ल: प्रेम में मिला धोखा तो 14 वर्षीय किशोरी ने चुन ली मौत, प्रेमी पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है जहाँ एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी की खुदकुशी के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बड़ोनी थाना क्षेत्र के जौन्हार गांव में हुई इस त्रासदी ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया बल्कि समाज में फैल रहे डिजिटल प्रेम और उसके घातक परिणामों को भी उजागर किया है। शनिवार रात पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद मृतका के प्रेमी युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    शादी से इनकार बना मौत की वजह

    पुलिस जांच और कॉल डिटेल्स से जो सच निकलकर सामने आया है वह बेहद विचलित करने वाला है। जानकारी के अनुसार जौन्हार निवासी इस नाबालिग किशोरी का जिगना क्षेत्र के रहने वाले नीरज पाल नामक युवक से पिछले करीब दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। किशोरी उस पर अटूट विश्वास करती थी और उससे विवाह करना चाहती थी। लेकिन जब किशोरी ने शादी का प्रस्ताव रखा तो नीरज पाल ने अपनी असलियत दिखाते हुए उसे ठुकरा दिया। आरोपी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उसकी सगाई कहीं और हो चुकी है और वह उससे शादी नहीं कर सकता। धोखे और उपेक्षा के इसी सदमे को मासूम किशोरी बर्दाश्त नहीं कर पाई।

    मोबाइल कॉल डिटेल और FSL रिपोर्ट ने खोले राज

    यह घटना 26 दिसंबर की है जब किशोरी अपने ही घर के कमरे में पंखे के फंदे से लटकी पाई गई थी। शुरुआत में यह केवल आत्महत्या का मामला लग रहा था लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक जांच ने कहानी बदल दी। पुलिस ने मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जिससे नीरज पाल के साथ उसके लंबे संबंधों की पुष्टि हुई। सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट से मिला। एफएसएल रिपोर्ट में पीड़िता की वैजाइनल स्लाइड में पुरुष डीएनए मिलने की पुष्टि हुई जिससे यह साबित हो गया कि आत्महत्या से पहले किशोरी के साथ शारीरिक संबंध बनाए गए थे।

    कानूनी शिकंजे में आरोपी नीरज पाल

    इन पुख्ता वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बड़ोनी थाना पुलिस ने नीरज पाल को इस मौत का जिम्मेदार माना है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने न केवल एक नाबालिग का शारीरिक शोषण किया बल्कि उसे मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया कि उसने मौत को गले लगाना बेहतर समझा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं सहित पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश तेज कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए अपराधी कितना भी बचने की कोशिश करे वह बच नहीं सकता।

  • भोपाल में मासूमियत शर्मसार: 8 साल की बच्ची को टॉफी का लालच देकर पड़ोसी ने किया रेप, भीड़ ने रंगे हाथ दबोचा

    भोपाल में मासूमियत शर्मसार: 8 साल की बच्ची को टॉफी का लालच देकर पड़ोसी ने किया रेप, भीड़ ने रंगे हाथ दबोचा



    भोपाल।  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक 41 वर्षीय अधेड़ ने पड़ोसी होने का भरोसा तोड़ते हुए 8 साल की मासूम छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया। 
    वारदात: टॉफी का लालच और हैवानियत
    घटना शुक्रवार दोपहर की है, जब दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली मासूम अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले धर्मेंद्र (41) की नीयत बिगड़ गई। उसने मासूम को टॉफी दिलाने का झांसा दिया और फुसलाकर अपने घर के भीतर ले गया। घर का दरवाजा बंद कर आरोपी ने बच्ची के साथ दरिंदगी शुरू कर दी।

    चीख ने खोली पोल: ग्रामीणों ने किया घेराव
    दरिंदगी के दौरान जब मासूम की चीखें घर से बाहर सुनाई दीं, तो आसपास के लोग अनहोनी की आशंका में तुरंत मौके पर पहुँचे। लोगों ने जब घर के भीतर का नजारा देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

    रंगे हाथ गिरफ्तारी: गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी धर्मेंद्र को रंगे हाथ दबोच लिया।

    जनता का इंसाफ: पुलिस के पहुँचने से पहले आक्रोशित भीड़ ने आरोपी की जमकर धुनाई कर दी। सूचना मिलते ही ईंटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और लहूलुहान हालत में आरोपी को हिरासत में लिया।

    पुलिस की कार्रवाई: मेडिकल में हुई पुष्टि
    पुलिस ने तत्काल मासूम को मेडिकल जांच के लिए भेजा, जहाँ डॉक्टरों ने रेप की पुष्टि की है।

    सख्त धाराएं: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत संगीन मामला दर्ज किया है।

    कोर्ट में पेशी: शुक्रवार दोपहर को ही आरोपी धर्मेंद्र को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।

    अपडेट: नाबालिग छात्रा केस में आरोपी माज खान का चौंकाने वाला खुलासा
    इधर, भोपाल के एक अन्य हाई-प्रोफाइल रेप केस (11वीं की छात्रा) में गिरफ्तार आरोपी माज खान ने पुलिस की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। माज ने कबूल किया है कि मुख्य आरोपी ओसाफ अली खान ने ‘थार’ गाड़ी के अंदर नाबालिग से रेप किया था।

    माज ने बताया कि यह सब एक सोची-समझी प्लानिंग का हिस्सा था। जब ओसाफ कार के अंदर था, तब माज बाहर खड़ा होकर कार के शीशे से अंदर झांक रहा था और उसने अपने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो शूट किया। पुलिस अब इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों को और मजबूती से जुटा रही है।

  • इंदौर: शादी का झांसा देकर युवती से कई बार दुष्कर्म, आरोपी रितिक कुशवाह गिरफ्तार; पॉक्सो एक्ट में भी केस दर्ज

    इंदौर: शादी का झांसा देकर युवती से कई बार दुष्कर्म, आरोपी रितिक कुशवाह गिरफ्तार; पॉक्सो एक्ट में भी केस दर्ज


    इंदौर । मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र से सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने दोस्ती का फायदा उठाते हुए एक युवती को शादी का झांसा दिया और उसके साथ कई बार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

    तेजाजी नगर थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम के अनुसार पीड़िता शनिवार को अपनी मां के साथ थाने पहुंची थी और आपबीती सुनाई। शिकायत के मुताबिक आरोपी रितिक कुशवाह की पहचान युवती से साल 2022 में हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने युवती को प्रेम जाल में फंसाकर शादी करने का वादा किया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उस समय भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे जब वह नाबालिग थी इसी आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म की धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो ) एक्ट भी जोड़ा है।

    घटनाक्रम के विवरण के अनुसार आरोपी रितिक ने जुलाई 2025 में पीड़िता को अपने दोस्त रमन के कमरे पर ले जाकर पहली बार दुष्कर्म किया। इसके बाद नवंबर माह में उसने लिबोंदी क्षेत्र में अपने एक अन्य दोस्त के घर पर भी युवती के साथ गलत काम किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर करीब 6 बार उसके साथ बलात्कार किया। जब भी युवती ने शादी का दबाव बनाया आरोपी टालमटोल करने लगा और अंततः मुकर गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रितिक कुशवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अपराध में उसके दोस्तों की क्या भूमिका थी। इंदौर पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।

  • मैहर में मानवता शर्मसार: घूमने निकली 14 वर्षीय किशोरी से तीन दरिंदों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, जंगल में बनाया बंधक

    मैहर में मानवता शर्मसार: घूमने निकली 14 वर्षीय किशोरी से तीन दरिंदों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, जंगल में बनाया बंधक

    मैहर । मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है जहाँ एक 14 वर्षीय किशोरी सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई है। अमरपाटन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में तीन अज्ञात बदमाशों ने किशोरी को बंधक बनाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।दोस्तों के साथ गई थी घूमने जानकारी के अनुसार, कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली किशोरी शनिवार को अपने दो दोस्तों के साथ घर से घूमने के लिए निकली थी। इसी दौरान रास्ते में तीन अज्ञात युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने डरा-धमकाकर किशोरी के दोस्तों को वहां से भगा दिया या उन्हें किनारे कर किशोरी को जबरन बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपी उसे पास के एक घने जंगल की ओर ले गए।

    जंगल में दरिंदगी और जख्मी हालत में वापसी पीड़िता के अनुसार, सुनसान जंगल का फायदा उठाकर तीनों अज्ञात युवकों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। दरिंदगी की इस घटना के बाद आरोपी पीड़िता को गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद दहशत और सदमे में डूबी किशोरी किसी तरह अगले दिन यानी रविवार को लहूलुहान और जख्मी हालत में अपने घर पहुंची। अपनी बेटी की हालत देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई जिसके बाद किशोरी ने आपबीती सुनाई। पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल जांच परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना अमरपाटन थाना पुलिस को दी।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट POCSO Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पीड़िता को तत्काल उपचार और मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि संदिग्धों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और घटना स्थल के आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दरिंदों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कठोरतम सजा दी जाए।
  • CBI की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को अस्थायी रूप से स्थगित किया

    CBI की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को अस्थायी रूप से स्थगित किया


    नई दिल्ली।उन्नाव रेप केस में दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सोमवार को शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दीजिसमें सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित किया गया था। केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े अहम कानूनी सवालों पर अंतिम निर्णय होने तक हाईकोर्ट के आदेश को लागू नहीं किया जाएगा।इस फैसले की घोषणा चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कीजिसमें न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह शामिल थे। अदालत ने कहा कि यह मामला साधारण नहीं है और इसमें पीड़िता की उम्रअपराध की गंभीरता और आरोपी की स्थिति जैसे पहलुओं पर गंभीर विचार आवश्यक हैं।

    दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश

    दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 दिसंबर को सेंगर की उम्रकैद सजा निलंबित कर दी थी। अदालत ने कहा कि सेंगर पहले ही करीब सात साल पांच महीने की सजा काट चुका है। हालांकिहाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सेंगर जेल से बाहर नहीं आ सका क्योंकि वह पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में अलग से उम्रकैद की सजा भुगत रहा है।

    CBI की चुनौती

    CBI ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि अपराध के समय सेंगर लोक सेवक थे। एजेंसी का कहना है कि 2017 में घटना के समय सेंगर भारतीय जनता पार्टी के विधायक थे और उन्हें लोक सेवक की श्रेणी से बाहर मानना कानून की गलत व्याख्या होगी।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुनवाई के दौरान जोर देकर कहा कि यह मामला नाबालिग पीड़िता से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि घटना के समय पीड़िता की उम्र मात्र 15 साल 10 महीने थी। इस आधार पर यह अपराध भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पॉक्सो अधिनियम के तहत आता हैजिसमें सख्त सजा का प्रावधान है।

    सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

    शीर्ष अदालत ने कहा कि लोक सेवक की परिभाषा सहित कई कानूनी सवाल हैंजिन पर विस्तार से विचार किया जाएगा। हालांकिमौजूदा परिस्थितियों में हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाना जरूरी था। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य तौर पर अदालतें किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप से बचती हैंलेकिन इस मामले की गंभीरता अलग है।

    विरोध और जन प्रतिक्रिया

    दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद से ही पीड़िताउसके परिवार और कई सामाजिक संगठनों ने विरोध दर्ज कराया। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर प्रदर्शन हुएजिसमें सजा निलंबन को पीड़िता के साथ अन्याय बताया गया। सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप अब पीड़िता के पक्ष में एक अहम कदम माना जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय न केवल कानून की गंभीरता को दर्शाता हैबल्कि नाबालिग पीड़िताओं के मामले में न्याय सुनिश्चित करने का संदेश भी देता है। इस फैसले के बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सेंगर की सजा निलंबन पर निर्णय स्थगित रहेगाऔर अंतिम फैसला आने तक वह पहले की तरह जेल में रहेंगे।
  • र।जकोट 6 सल की बच्ची से निर्भय जैसी दरिंदगीरेप में नकम होने पर प्रइवेट पर्ट में रॉड डली 35 वर्षीय आरोपी गिरफ्तर

    र।जकोट 6 सल की बच्ची से निर्भय जैसी दरिंदगीरेप में नकम होने पर प्रइवेट पर्ट में रॉड डली 35 वर्षीय आरोपी गिरफ्तर



    राजकोट । गुजरात के राजकोट जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला राजकोट के अटकोट गाँव का है जहाँ एक 6 साल की मासूम बच्ची के साथ निर्भया कांड जैसी क्रूरता को अंजाम दिया गया। इस अमानवीय कृत्य को सुनकर हर किसी की रूह कांप उठी है।

    अटकोट गाँव में दरिंदगी की हद

    मिली जानकारी के अनुसार यह वीभत्स घटना अटकोट गाँव में घटी जहाँ एक मजदूर की 6 साल की बेटी अपने घर के पास खेतों में खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी ने मासूमियत का फायदा उठाया और उसे बहला-फुसलाकर एक सुनसान इलाके में ले गया। वहाँ उस दरिंदे ने बच्ची के साथ घिनौना अपराध करने की कोशिश की। जाँच में पता चला है कि आरोपी ने पहले बच्ची का गला घोंटकर उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया।
    जब बच्ची ने अपनी जान बचाने के लिए चीख-पुकार मचाई तो हैवानियत पर उतारू आरोपी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए बच्ची के गुप्त अंग प्राइवेट पार्ट में एक रॉड जैसा हथियार डाल दिया। इस जघन्य हमले से मासूम बच्ची बुरी तरह जख्मी हो गई और लहूलुहान होकर अर्द्ध बेहोशी की हालत में वहीं पड़ी रह गई। आरोपी उसे उसी दर्दनाक स्थिति में छोड़कर मौके से फरार हो गया।

    गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज जारी

    जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी तो उसके परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। बच्ची को ढूँढ़ते हुए वे उस सुनसान जगह पहुँचे जहाँ उन्होंने अपनी बेटी को खून से लथपथ और गंभीर हालत में पाया। यह भयावह दृश्य देखकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। तत्काल बच्ची को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत राजकोट के सरकारी बच्चों के अस्पताल में रेफर कर दिया। इस समय बच्ची का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है और डॉक्टर्स उसकी जान बचाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।

    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को दबोचा

    मामले की गंभीरता और जघन्यता को देखते हुए राजकोट पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।विशेष टीमों का गठन राजकोट पुलिस ने मामले की गहन जाँच के लिए विशेष टीमों का गठन किया।सघन पूछताछ और स्कैनिंग पुलिस ने घटना के संबंध में लगभग 100 संदिग्धों से पूछताछ की। साथ ही आस-पास के गाँवों के सभी सीसीटीवी फुटेज को स्कैन किया गया
    और मोबाइल डेटा की भी बारीकी से जाँच की गई।पहचान में सफलता विशेषज्ञों की मदद से जख्मी बच्ची से आरोपी की पहचान करने के लिए कहा गया और उसने उस दरिंदे को पहचान लिया।लंबी और व्यापक तलाश के बाद पुलिस ने आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान रामसिंह तेरसिंग के रूप में हुई है जो मध्य प्रदेश के अलीराजपुर का रहने वाला है।

    तीन बेटियों का बाप निकला दरिंदा

    गिरफ्तार आरोपी रामसिंह तेरसिंग की उम्र करीब 35 साल बताई जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी रामसिंह खुद तीन बेटियों का पिता है। रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस पूछताछ में रामसिंह ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। पुलिस ने इस जघन्य कृत्य के लिए आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
    पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे इस घटना ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान क्या है और ऐसी मानसिकता वाले अपराधियों के लिए कानून में कितनी सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए।