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  • भोपाल में सक्रिय हैं 6 ईरानी गैंग. चोरी-ठगी से लेकर नकली सोना खपाने तक के कारनामे

    भोपाल में सक्रिय हैं 6 ईरानी गैंग. चोरी-ठगी से लेकर नकली सोना खपाने तक के कारनामे

    भोपाल । भोपाल के ईरानी डेरे में अब तक की पुलिस जांच से यह खुलासा हुआ है कि यहां पर एक नहीं. बल्कि 6 से ज्यादा गैंग सक्रिय हैं। इन गैंग्स के पास अपनी-अपनी अपराधों की शृंखलाएँ हैं. और ये गैंग विभिन्न तरीकों से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। इन गैंग्स का संचालन अलग-अलग लीडर्स करते हैं. लेकिन इन सभी गैंग्स के पीछे एक ही सरगना है राजू ईरानी. जो अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है
    ईरानी डेरे से पुलिस को एक बड़ी मात्रा में चोरी के सामान जैसे मोबाइल. लैपटॉप. सीपीयू. पैनड्राइव आदि मिले हैं. जिनका परीक्षण किया जा रहा है। माना जा रहा है कि ये गैंग चोरी के मोबाइलों का सिक्योरिटी लॉक तोड़ने के लिए इन डिवाइसों का इस्तेमाल करते थे।

    काला ईरानी का प्रॉपर्टी कारोबार

    इसके अलावा. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ‘काला ईरानी’. जो निशातपुरा इलाके में लंबे समय से प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा था. पर भी पुलिस की नजर है। काला ने जनता नगर कॉलोनी में कई प्लॉटों को हेरफेर कर बेचा और करोड़ों की संपत्ति बना ली। पुलिस अब उसकी संपत्ति की बारीकी से जांच कर रही है। काले ईरानी के करीबी रहीम पर भी पुलिस की विशेष नजर है।

    सफर में होना और अपराधों का फैलाव

    ईरानी डेरे के अपराधी. जिनकी संख्या सैकड़ों में है. लंबे समय तक दूसरे शहरों और राज्यों में रहते हैं. ताकि वे विभिन्न आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे सकें। इस समय को गैंग “सफर में होना” कहते हैं। इसमें कबीले के युवा विभिन्न अपराधों को अंजाम देते हैं और पकड़े जाने पर माल को कबीले तक सुरक्षित रूप से पहुंचाने के लिए दो अन्य लोग जिम्मेदार होते हैं। ये लोग बड़ी दूरी तय करने के लिए लग्जरी कार और बाइक का इस्तेमाल करते हैं।

    रिश्तेदारी का नेटवर्क और अपराध का फैलाव

    गैंग के कई सदस्य आपस में रिश्तेदार हैं. और इन रिश्तों के कारण उनका नेटवर्क महाराष्ट्र और राजस्थान तक फैला हुआ है। इस रिश्तेदारी का लाभ उठाते हुए यह गैंग दिल्ली. मुंबई. आंध्र प्रदेश. छत्तीसगढ़. राजस्थान. तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में आपराधिक गतिविधियाँ कर रहा है। ईरानी डेरा भोपाल में चोरों. ठगों और लुटेरों का पनाहगार बन चुका है। इस डेरा में रहने वाले करीब 70 परिवारों में हर परिवार में किसी न किसी का क्रिमिनल रिकॉर्ड है। यह गैंग न केवल मध्य प्रदेश में. बल्कि देश के 12 राज्यों में भी आपराधिक वारदातें अंजाम देता रहा है। वे गिरोह बनाकर दूसरे राज्यों में स्पेशल 26 फिल्म की तर्ज पर नकली सेल टैक्स. कस्टम. सीबीआई और पुलिस अधिकारी बनकर लूट और ठगी की घटनाओं को अंजाम देते हैं।

    पुलिस पर हमला और हिंसा का सामना

    हाल ही में. भोपाल में पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने के लिए दबिश दी. तो स्थानीय महिलाओं ने पुलिस का रास्ता रोका और बाद में पुरुषों के साथ मिलकर पुलिस जवानों से झूमाझटकी की। इस बवाल के बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया और हंगामे को काबू किया। पुलिस ने इस हिंसक घटना में 24 पुरुषों और 10 महिलाओं को गिरफ्तार किया। भोपाल का ईरानी डेरा अब अपराधियों के लिए एक कुख्यात ठिकाना बन चुका है. जहां से पूरे देश में आपराधिक गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं। पुलिस द्वारा की जा रही जांच और दबिश के बावजूद. इस गैंग का सरगना राजू ईरानी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर लगातार उग्र विरोध और हिंसा भी हो रही है. लेकिन यह गैंग अब तक अपनी पकड़ बनाए हुए है।

  • भोपाल से दिल्ली-दुबई तक ठगी का जाल, ईरानी गिरोह पर शिकंजा, कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव

    भोपाल से दिल्ली-दुबई तक ठगी का जाल, ईरानी गिरोह पर शिकंजा, कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव


    भोपाल।मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का कुख्यात ईरानी डेरा एक बार फिर गंभीर आपराधिक गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। निशातपुरा थाना क्षेत्र की अमन कॉलोनी में रविवार को उस समय तनावपूर्ण हालात बन गए जब भोपाल पुलिस ठगी और लूट के एक बड़े मामले में मुख्य आरोपी राजू ईरानी को गिरफ्तार करने पहुंची। पुलिस कार्रवाई की सूचना मिलते ही इलाके में भीड़ जमा हो गई और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए।पुलिस पर अचानक पथराव और हमला किया गया जिसमें कई जवानों को चोटें आईं। हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बलवा शासकीय कार्य में बाधा और पुलिस पर हमले के आरोप में 34 लोगों को हिरासत में लिया है।

    CBI अफसर और पत्रकार बनकर करते थे ठगी

    पुलिस के मुताबिक राजू ईरानी और उसका गिरोह खुद को कभी CBI अधिकारी तो कभी राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों का पत्रकार बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में सर्राफा व्यापारियों कारोबारियों और संपन्न लोगों को निशाना बनाता था।हाल ही में सागर जिले में सामने आए एक मामले में गिरोह के सदस्यों ने CBI अधिकारी बनकर एक सर्राफा व्यापारी से ठगी की थी। इसी केस में राजू ईरानी की तलाश की जा रही थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अमन कॉलोनी में छिपा हुआ है जिसके बाद दबिश दी गई।

    कार्रवाई के दौरान भड़की हिंसा

    रविवार को जब पुलिस टीम अमन कॉलोनी पहुंची तो कुछ ही देर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस के अनुसार भीड़ ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को इलाके में सुरक्षा घेरा बनाना पड़ा। कई वाहनों को नुकसान पहुंचा और पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।स्थिति नियंत्रण में आने के बाद पुलिस ने उपद्रव में शामिल 34 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

    गिरफ्तार आरोपियों में शामिल काला ईरानी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। उसने कबूल किया कि गिरोह भरोसा जीतने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक न्यूज चैनल की माइक आईडी भी बरामद की है जिसका उपयोग खुद को पत्रकार बताने के लिए किया जाता था।पुलिस को संदेह है कि गिरोह लंबे समय से इसी तरीके से ठगी की वारदातों को अंजाम देता आ रहा था और कई राज्यों में इसके पीड़ित मौजूद हैं।

    दिल्ली और दुबई तक फैले तार
    जांच में यह भी सामने आया है कि ईरानी डेरे का नेटवर्क केवल भोपाल तक सीमित नहीं है। इसी वर्ष जुलाई में दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद ईरानी गिरोह के दो कुख्यात सदस्यों को गिरफ्तार किया था जिन पर कई राज्यों में लूट और ठगी के गंभीर मामले दर्ज थे।इसके अलावा दिसंबर में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन क्षेत्र में मोबाइल झपटमारी के मामले में पकड़े गए आरोपी भी इसी इलाके से जुड़े पाए गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि लूटे गए महंगे मोबाइल पहले मुंबई भेजे जाते थे और फिर दुबई तक तस्करी की जाती थी।

    पहले भी हो चुके हैं हमले

    ईरानी डेरे में पुलिस पर हमले का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2020 में सागर जिले की पुलिस टीम पर भी इसी इलाके में पथराव और मिर्च पाउडर फेंके जाने की घटना हुई थी। उस समय कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और स्थिति संभालने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े थे।

    जांच जारी


    भोपाल पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ठगी और लूट से हासिल की गई रकम और सामान किन रास्तों से बाहर भेजा गया और इसमें और कौन-कौन शामिल है।