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  • पारिवारिक विवाद ने लिया हिंसक रूप, पीलीभीत में पति पर तेजाब फेंकने की घटना से मचा हड़कंप

    पारिवारिक विवाद ने लिया हिंसक रूप, पीलीभीत में पति पर तेजाब फेंकने की घटना से मचा हड़कंप

    नई दिल्ली। पीलीभीत जिले में एक पारिवारिक विवाद ने अचानक भयावह रूप ले लिया, जब एक व्यक्ति पर तेजाब फेंकने का गंभीर आरोप सामने आया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है।

    जानकारी के अनुसार, यह मामला कोतवाली क्षेत्र का है, जहां खैरुल्लाह शाह मोहल्ले में रहने वाले हेमंत वर्मा और उनकी पत्नी शिल्पी रस्तोगी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों का रिश्ता पिछले कई वर्षों से तनावपूर्ण था और मामला कानूनी स्तर तक पहुंच चुका था। परिवार में चल रहे इस विवाद का असर उनके निजी जीवन पर लगातार दिखाई दे रहा था।

    घटना उस समय हुई जब महिला अपने मायके से वापस आई थी। बताया जाता है कि उसी दौरान पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे बढ़ती चली गई। बहस इतनी तेज हो गई कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और इसी दौरान तेजाब फेंके जाने की घटना सामने आई। अचानक हुई इस वारदात ने घर और आसपास के लोगों को भी चौंका दिया।

    घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग और परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और घायल व्यक्ति को जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को गंभीर बताया है और आगे के इलाज पर नजर बनाए हुए हैं। तेजाब से शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं, जिससे उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

    सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना के पीछे असली वजह क्या थी और विवाद किस हद तक पहुंच चुका था।

    यह पूरा मामला एक बार फिर पारिवारिक विवादों के खतरनाक रूप को सामने लाता है, जहां छोटी-छोटी कहासुनी भी गंभीर वारदात में बदल सकती है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है, ताकि सच्चाई स्पष्ट हो सके और जिम्मेदारी तय की जा सके।

  • बिजली बिल वसूली के दौरान शहडोल में MPEB कर्मचारियों पर हमला मामला

    बिजली बिल वसूली के दौरान शहडोल में MPEB कर्मचारियों पर हमला मामला


    शहडोल । मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में बिजली बिल वसूली के लिए गई MPEB यानी मध्य प्रदेश विद्युत बोर्ड की टीम पर हमला होने का मामला सामने आया है घटना ने प्रशासन और जनता दोनों को सकते में डाल दिया है जिले के अमलाई थाना क्षेत्र के गिरवा गांव में जूनियर इंजीनियर विकास गोंडुड़े अपनी टीम के साथ बकाया बिजली बिल वसूलने के लिए पहुंचे थे

    बताया जा रहा है कि इसी दौरान ग्राम गिरवा के पास कार सवार पवन यादव और नितिन रजक ने रास्ता रोक लिया और लाठी डंडों से लैस होकर कर्मचारियों को धमकाने लगे आरोप है कि उन्होंने गाली गलौज के साथ साथ कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी भी दी इस दौरान विभागीय गाड़ी सड़क किनारे खड़ी थी जिसे उन्होंने तेज रफ्तार कार से कुचलने का प्रयास भी किया

    घटना के समय वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी कार्रवाई को वीडियो में कैद कर लिया और यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है वीडियो में दिख रहा है कि कैसे लाठी डंडों से लैस युवकों ने कर्मचारियों को घेरे में ले लिया और धमकाया

    मामले की जानकारी मिलते ही अमलाई पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है वहीं दूसरी ओर कार चालक की शिकायत पर विभागीय कर्मचारियों पर भी मामला दर्ज हुआ है फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और घटनास्थल पर जांच कर सबूत जुटा रही है

    स्थानीय लोग इस घटना से सहमति नहीं जता रहे हैं उनका कहना है कि सरकारी कर्मचारियों पर इस तरह का हमला चिंता का विषय है और ऐसे हालात में विद्युत विभाग के कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन सुरक्षित तरीके से नहीं कर पाएंगे इस घटना ने शहडोल में बिजली वसूली की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं

    कुल मिलाकर शहडोल में MPEB टीम पर हमला न केवल गंभीर हिंसा का मामला है बल्कि यह यह दर्शाता है कि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई करना क्यों जरूरी है पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस घटना में कौन कौन दोषी हैं और क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी

  • झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से किसान की मौत, गलत इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ी हालत, आरोपी फरार

    झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से किसान की मौत, गलत इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ी हालत, आरोपी फरार

    भिण्ड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के मिहोना कस्बे में झोलाछाप डॉक्टर की गंभीर लापरवाही से एक किसान की जान चली गई। सर्दी-खांसी के सामान्य इलाज के लिए क्लिनिक पहुंचे 40 वर्षीय किसान को डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने से उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से आरोपी झोलाछाप डॉक्टर फरार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मृतक किसान की पहचान जगनपुरा गांव निवासी अखिलेंद्र सिंह राजावत 40 के रूप में हुई है। अखिलेंद्र को सर्दी खांसी और जुकाम की शिकायत थी जिसके चलते वह 13 दिसंबर 2025 की दोपहर इलाज के लिए मिहोना कस्बे के कश्मीर क्षेत्र में संचालित झोलाछाप डॉक्टर विजय बंगाली की क्लिनिक पर गया था। परिजनों को उम्मीद थी कि सामान्य इलाज के बाद वह जल्द ठीक हो जाएगा लेकिन यह फैसला उसके लिए जानलेवा साबित हुआ।

    इलाज के दौरान जैसे ही डॉक्टर ने अखिलेंद्र को इंजेक्शन लगाया उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इंजेक्शन लगते ही किसान को बेचैनी होने लगी और वह तड़पने लगा। परिजन और आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते या उसे किसी बड़े अस्पताल ले जाने का प्रयास करते इससे पहले ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच में डॉक्टर की लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी झोलाछाप डॉक्टर विजय बंगाली के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि बिना वैध डिग्री और पंजीकरण के इलाज करना कानूनन अपराध है और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद से ही आरोपी डॉक्टर क्लिनिक बंद कर फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। वहीं इस घटना के बाद इलाके में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे फर्जी डॉक्टर खुलेआम क्लिनिक चला रहे हैं, जिन पर प्रशासन की सख्त निगरानी जरूरी है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात कही गई है।

  • इंदौर में कॉल सेंटर कर्मचारी पर धर्म परिवर्तन का दबाव, युवती ने बीच सड़क जूतों से की पिटाई

    इंदौर में कॉल सेंटर कर्मचारी पर धर्म परिवर्तन का दबाव, युवती ने बीच सड़क जूतों से की पिटाई


    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक कॉल सेंटर में कार्यरत युवती पर लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी युवक का नाम अब्दुल कलाम है, जो कॉल सेंटर में एमओ मैनेजमेंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत था। युवती ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपी काम के दौरान उसे बार-बार धर्म परिवर्तन करने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। इस दबाव से परेशान होकर युवती ने कॉल सेंटर की नौकरी छोड़ दी, लेकिन आरोपी का पीछा तब भी नहीं रुका।

    युवती ने बताया कि कंपनी के दो माह के नोटिस पीरियड के दौरान, जब वह रोजाना काम पर जा रही थी, तब भी आरोपी उसे रास्ते में रोककर परेशान करता रहा। लगातार उत्पीड़न से तंग आकर एक दिन युवती का गुस्सा फूट पड़ा। रास्ते में ही उसने आरोपी की जूतों से पिटाई कर दी। इसके बाद, पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत लसूड़िया थाना पुलिस में दर्ज कराई।

    पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है। यह घटना एक बार फिर कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी गंभीर सवालों को उजागर करती है। क्या हमारे कार्यस्थलों पर महिलाओं को सुरक्षित महसूस होता है क्या हम उनके धार्मिक विश्वासों और स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं? इन सवालों का जवाब अब समाज और जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा ।