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  • शिवपुरी के सालोदा गांव में मंदिर विवाद से तनाव, भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने और पुजारी को गोली मारने की धमकी का आरोप

    शिवपुरी के सालोदा गांव में मंदिर विवाद से तनाव, भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने और पुजारी को गोली मारने की धमकी का आरोप

    शिवपुरी जिले: की पोहरी तहसील के ग्राम सालोदा में मंदिर और पूजा-अर्चना को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। गांव के ग्रामीणों ने वीरू बाथम और दिनेश जाटव पर शराब पीकर उत्पात मचाने, महिलाओं को परेशान करने, प्राचीन भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने और हनुमान जी की पूजा-अर्चना रोकने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को सामूहिक आवेदन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और गांव के लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

    ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार, ग्राम सालोदा में पहले कथित तौर पर अवैध रूप से देशी और विदेशी शराब की बिक्री की जा रही थी। गांव के लोगों ने इसका विरोध करते हुए शराब की बिक्री बंद कराई थी। आरोप है कि इसके बाद वीरू बाथम पुत्र जालम बाथम और दिनेश जाटव पुत्र रमेश जाटव शराब पीकर गांव में हंगामा करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों लोगों का व्यवहार लगातार परेशानी का कारण बन रहा है।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोग गांव की महिलाओं को रास्ते में परेशान करते हैं। जब कोई ग्रामीण इस व्यवहार का विरोध करता है तो उसके साथ गाली-गलौज और विवाद किया जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक, इस तरह की घटनाओं के कारण गांव में असहज स्थिति बनी हुई है और लोगों में नाराजगी है।

    भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने का आरोप
    ग्रामीणों ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि विरोध करने पर दोनों लोगों ने गांव के प्राचीन भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ दिए। इसके साथ ही मंदिर में स्थापित मूर्ति को उखाड़ने का प्रयास किए जाने की बात भी कही गई है। ग्रामीणों का दावा है कि इस घटना से संबंधित वीडियो उनके पास मौजूद है, जिसे जरूरत पड़ने पर पुलिस के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

    मामले में हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना रोकने का आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के हनुमान मंदिर में पिछले दो दिनों से पूजा नहीं हो पा रही है। इससे धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों ने मंदिर में नियमित पूजा शुरू कराने और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।

    पुजारी को गोली मारने की धमकी देने का आरोप
    शिकायत में सबसे गंभीर आरोप मंदिर के पुजारी को धमकी देने से जुड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित लोग पुजारी के घर पहुंचे और कथित तौर पर चेतावनी दी कि यदि उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की तो उन्हें गोली मारकर जान से खत्म कर दिया जाएगा। ग्रामीणों का दावा है कि इस धमकी से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास उपलब्ध है। उन्होंने इसे पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करने की बात कही है।

    पहले भी थाना पोहरी में दी थी शिकायत
    ग्रामीणों ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर 27 अक्टूबर को थाना पोहरी में लिखित शिकायत दी गई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित लोग खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें लगातार धमका रहे हैं।

    शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि हनुमान जी की मूर्ति तोड़ने की बात कही जा रही है। इसके अलावा ग्रामीणों को झूठे हरिजन एक्ट के मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।

    शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक को सामूहिक आवेदन सौंपने के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोपों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, मंदिर में पूजा-अर्चना दोबारा शुरू कराने और पुजारी सहित गांव के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों की मांग बनी हुई है।

  • बेटी को परेशान करने से रोका तो पिता पर चाकू से हमला, घायल पिता को लेकर आधी रात थाने पहुंची बेटी

    बेटी को परेशान करने से रोका तो पिता पर चाकू से हमला, घायल पिता को लेकर आधी रात थाने पहुंची बेटी


    जबलपुर । जबलपुर में बेटी को कथित रूप से परेशान करने का विरोध करना एक पिता को भारी पड़ गया। आरोप है कि दो युवकों ने रास्ते में रोककर उन पर चाकू से हमला कर दिया। घायल पिता को लेकर उनकी 22 वर्षीय छोटी बेटी शुक्रवार देर रात करीब एक बजे सिविल लाइन थाने पहुंची और पुलिस के सामने अपनी शिकायत रखी। युवती ने आरोप लगाया कि वह इससे पहले भी आरोपियों के खिलाफ चार बार एफआईआर दर्ज करवा चुकी है लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से आरोपियों के हौसले बढ़ते गए और अब उन्होंने उसके पिता पर हमला कर दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक हाउसिंग बोर्ड निवासी हीरालाल साहनी शुक्रवार रात मुकादमगंज से अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। रात करीब 12 बजे रास्ते में हेमंत सिंह राजपूत और अभिनव यादव ने उन्हें रोक लिया। युवती का आरोप है कि दोनों ने उनके पिता पर चाकू से हमला किया और उन्हें घायल कर दिया। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई। छोटी बेटी अपने घायल पिता को लेकर सीधे सिविल लाइन थाने पहुंची और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

    युवती ने पुलिस को बताया कि करीब पांच साल पहले उसकी बड़ी बहन की हेमंत सिंह राजपूत से दोस्ती थी। बाद में जब उसकी बहन ने उससे बातचीत बंद कर दी तो हेमंत कथित तौर पर उसे परेशान करने और धमकाने लगा। युवती का आरोप है कि बहन के इनकार करने के बाद उसके साथ मारपीट भी की गई। इतना ही नहीं परिवार को डराने के लिए घर के सामने बम फेंकने की घटना भी हुई थी।

    पीड़ित परिवार का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और परेशानियों के कारण घर के लोग भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि हेमंत की प्रताड़ना से परेशान होकर उसकी बड़ी बहन ने आत्महत्या की कोशिश की थी और फांसी लगाने तक की नौबत आ गई थी। परिवार के मुताबिक करीब एक सप्ताह पहले उसके भाई मोहित साहनी पर भी हेमंत और उसके साथियों ने हमला कर उसे घायल कर दिया था।

    युवती ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि वह पहले चार बार शिकायत और एफआईआर दर्ज करवा चुकी है लेकिन आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। युवती ने दावा किया कि आरोपी हेमंत की बहन कंचन सिंह राजपूत पुलिस विभाग में टीआई हैं। इसी वजह से सिविल लाइन पुलिस पर दबाव होने और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि ये सभी आरोप युवती की शिकायत पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मामले में सीएसपी सोनू कुर्मी ने बताया कि युवती की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हमला करने वाले आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम भेजी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि युवती ने पहले भी शिकायतें की थीं और उन पर कार्रवाई नहीं हुई तो इस पहलू की भी जांच कराई जाएगी।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अब यह पता लगाया जाएगा कि पिता पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ और पहले दी गई शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई थी। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

  • कचरा फेंकने के विवाद में महिला से मारपीट का आरोप FIR के बाद भी धमकाने का दावा लेकर SP ऑफिस पहुंची पीड़िता

    कचरा फेंकने के विवाद में महिला से मारपीट का आरोप FIR के बाद भी धमकाने का दावा लेकर SP ऑफिस पहुंची पीड़िता


    शिवपुरी । शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र की संजय कॉलोनी में कचरा फेंकने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। 29 वर्षीय मोनिका खटीक ने प्रशांत यादव और उसके भाई निशांत यादव पर मारपीट करने और थाने के अंदर धमकाने का आरोप लगाया है। शुक्रवार 2 अक्टूबर को पीड़िता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और आवेदन देकर आरोपियों से अपनी तथा परिवार की जान को खतरा बताया। महिला ने सुरक्षा देने और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

    मोनिका खटीक संजय कॉलोनी के वार्ड क्रमांक 35 की निवासी है। उसने बताया कि गुरुवार रात करीब 8:30 बजे वह अपने घर से कूड़ा-कचरा लेकर उसे डालने के लिए एकांत स्थान की ओर जा रही थी। इसी दौरान उसके घर से तीन-चार मकान दूर रहने वाले प्रशांत यादव और उसके भाई निशांत यादव ने उसे रास्ते में रोक लिया। मोनिका का आरोप है कि दोनों भाइयों ने उसके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

    महिला के मुताबिक जब उसने गाली देने का विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि दोनों भाइयों ने उसके बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से मारपीट की। मोनिका के चिल्लाने पर उसकी नानी आशा खटीक और मामी मंजू खटीक मौके पर पहुंचीं। दोनों ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।

    थाने में भी धमकाने का लगाया आरोप

    मोनिका के अनुसार वह अपने भाई के साथ देर रात फिजिकल थाने पहुंची थी जहां उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि महिला ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज होने के दौरान आरोपी और उनके कुछ सहयोगी भी थाने पहुंच गए। पीड़िता का दावा है कि वहां उसे डराया धमकाया गया और जान से मारने के साथ झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई।

    पीड़िता ने इस घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है। उसने थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की बात भी कही है। उसका कहना है कि फुटेज से थाने के अंदर हुई घटना के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है। हालांकि थाने में धमकी देने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।

    मोनिका का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि उसे उसके भाई और परिवार के अन्य सदस्यों को भी धमकियां दी जा रही हैं। इससे परिवार के लोग डरे हुए हैं और उन्हें किसी अप्रिय घटना की आशंका है।

    पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए आवेदन में महिला ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उसने यह भी कहा कि भविष्य में उसके या परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ शिकायत की जाती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    फिलहाल मामला महिला की शिकायत और लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। पुलिस जांच के बाद ही मारपीट और थाने में धमकी देने के आरोपों से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पीड़िता ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और परिवार को सुरक्षा देने की अपील की है।

  • तेजू भैया से रंगदारी मांगने की हिम्मत कौन कर गया? थाने में दर्ज कराया केस, मच गया सियासी शोर

    तेजू भैया से रंगदारी मांगने की हिम्मत कौन कर गया? थाने में दर्ज कराया केस, मच गया सियासी शोर


    नई दिल्ली । पटनाः जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप ने अपने ही दल के पूर्व प्रवक्ता रहे संतोष रेणु यादव के खिलाफ सचिवालय थाना में गंभीर आरोपों के साथ मामला दर्ज कराया. तेज प्रताप ने आरोप लगाया है कि उन्हें धमकी दी गई और उनसे रंगदारी की मांग की गई है. इस शिकायत के सामने आते ही राजधानी की राजनीति में आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया. तेज प्रताप की शिकायत के मुताबिक, संतोष रेणु यादव द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था और फोन कॉल के जरिए रंगदारी की मांग की गई. साथ ही उन्हें राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई.
    सचिवालय थाना पुलिस ने इस मामले में आवेदन के आधार पर सनहा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है. दूसरी ओर, संतोष रेणु यादव ने भी पलटवार करते हुए बेऊर थाना में आवेदन देकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई थी. उन्होंने आरोप लगाया है कि राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है. संतोष रेणु यादव का कहना है कि उन्हें झूठे आरोपों में उलझाकर बदनाम किया जा रहा है और उनकी जान को खतरा है. उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है.
    संतोष रेणु यादव क्या बोले?

    संतोष रेणु यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं. माधव सेवा के अध्यक्ष के रूप में लगातार काम कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि तेज प्रताप द्वारा उन्हें बदनाम करने और झूठे केस में फंसाने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि वे कानून में भरोसा रखते हैं और सच सामने आएगा. दोनों पक्षों की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस भी अलर्ट मोड में आ गई है. सिटी एसपी (पश्चिमी) पटना भानु प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों तरफ से लिखित आवेदन मिले हैं. पुलिस ने दोनों मामलों में सनहा दर्ज कर लिया है और सभी आरोपों की निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
    क्या है पूरा मामला
    पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है. सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पार्टी के अंदर ही इतना बड़ा विवाद कैसे खड़ा हो गया. दरअसल, जनशक्ति जनता दल से जुड़े नेता तेज प्रताप ने सचिवालय थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए संतोष रेणु यादव पर धमकी देने और रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है. वहीं, संतोष रेणु यादव ने बेऊर थाना में आवेदन देकर कहा है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है और उनकी जान को खतरा है. दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और अब पूरे मामले पर सबकी नजर पुलिस की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है.
  • तेज प्रताप यादव ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत, रंगदारी और धमकी का आरोप

    तेज प्रताप यादव ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत, रंगदारी और धमकी का आरोप


    नई दिल्ली ।तेज प्रताप यादव की ओर से पुलिस को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि संतोष रेणु यादव लगातार फोन कॉल के जरिए उन पर दबाव बना रहे थे। आरोप है कि उनसे मोटी रकम की रंगदारी मांगी गई और मांग पूरी न होने पर राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। तेज प्रताप ने इसे अपनी सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    सचिवालय थाना पुलिस ने तेज प्रताप यादव के आवेदन के आधार पर सनहा दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कॉल डिटेलमैसेज और अन्य सबूतों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अलर्ट मोड में है।

    संतोष रेणु यादव का पलटवार

    दूसरी ओरआरोपी बनाए गए संतोष रेणु यादव ने भी तेज प्रताप के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने पटना के बेऊर थाना में आवेदन देकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। संतोष रेणु यादव का आरोप है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है और झूठे मामलों में उलझाकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

    संतोष रेणु यादव ने क्या कहा

    मीडिया से बातचीत में संतोष रेणु यादव ने कहा कि वे लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं और माधव सेवा नामक संगठन के अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनका रंगदारी या धमकी से कोई लेना-देना नहीं है। उनका कहना है कि वे कानून में विश्वास रखते हैं और जांच में सच्चाई सामने आएगी।

    पुलिस का आधिकारिक बयान

    इस पूरे मामले पर पटना सिटी एसपी पश्चिमी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुए हैं। पुलिस ने दोनों शिकायतों पर सनहा दर्ज कर ली है और निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

    पार्टी के भीतर विवाद ने बढ़ाई सियासी गर्मी

    इस घटनाक्रम ने राजद के अंदरूनी समीकरणों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी के भीतर आपसी मतभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं। तेज प्रताप यादव जैसे बड़े नेता द्वारा अपनी ही पार्टी के पूर्व प्रवक्ता पर लगाए गए आरोपों ने विपक्ष को भी हमला बोलने का मौका दे दिया है।

    अब सबकी नजर पुलिस जांच पर


    फिलहाल पूरे मामले में सस्पेंस बना हुआ है। एक तरफ तेज प्रताप यादव के गंभीर आरोप हैंतो दूसरी ओर संतोष रेणु यादव खुद को निर्दोष बता रहे हैं। अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और यह मामला आगे किस दिशा में जाता है।तेज प्रताप यादव से कथित रंगदारी मांगने का मामला सिर्फ एक कानूनी विवाद नहींबल्कि बिहार की राजनीति में नया सियासी तूफान बनकर उभरा है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस मुद्दे को और गर्मा सकती हैं।